*भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण* बहराइच । राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है। भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः- प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है। इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट - उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
*भूगर्भजल विभाग प्रदेश की भूजल सम्पदा का कर रहा है संरक्षण* बहराइच । राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया। प्रदेश के भूगर्भ जल विभाग के मुख्य कार्य व दायित्वों के अन्तर्गत प्रदेश की भूजल सम्पदा का सर्वेक्षण, आकलन, प्रबंधन व नियोजन तथा उससे जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन, भूगर्भ जल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण, संचयन तथा रिचार्ज योजनाओं का तकनीकी समन्वय व अनुश्रवण करना है। भूजल संसाधन का विकास, आकलन एवं सुदृढ़ीकरणः- प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 826 विकासखण्ड दिनांक 31-03-2025 के आंकड़ो पर आधारित नवीनतम भूजल संसाधनों के आंकलन के अनुसार 44 विकास खण्ड अतिदोहित श्रेणी, 48 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी, 171 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी तथा 563 विकास खण्ड को सुरक्षित श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2024-25 में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर मापन कार्य के अन्तर्गत प्री-मानसून तथा पोस्ट-मानसून का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्यों के क्रम में 184 नं0 अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना एवं 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्रियाशील पीजोमीटर के स्थान पर नये पीजोमीटर की स्थापना के निर्धारित लक्ष्य 233 नं० का कार्य के सापेक्ष 233 नं0 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 200 नं० पीजोमीटर के रख-रखाव/अनुरक्षण के सापेक्ष शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 15 से 22 जुलाई के मध्य ‘‘भूजल सप्ताह’’ का सफल आयोजन करायज्ञ जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कुल 75 जनपदों में भूजल जन-जागरुकता के अन्तर्गत 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2025 के मध्य ष्भूजल सप्ताहष् का सफल आयोजन कराते हुए जन जागरूकता लाई गई है। इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट - उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संसाधन के प्रबन्धन की परियोजना हेतु दिनांक 20 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्रालय, इजराइल के मध्य ‘‘प्लान ऑफ को-आपरेशन’’ हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अन्तर्गत बुन्देलखण्ड में जल प्रबन्धन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किये जाने हेतु इण्डिया-इजराइल बुन्देलखण्ड वाटर प्रोजेक्ट योजना लागू की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत उन्नत कृषि उपायों, इन्टीग्रेटेड ड्रिप इरीगेशन के द्वारा क्षेत्र में जल संवर्धन के कार्य किया जा रहा है। योजना में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र के 26 ग्रार्मा को सम्मिलित करते हुए हाइड्रोजियोलाजिकल परिस्थितियों के आधार पर डिमान्ड साइड मैनेजमेंट के कार्यों को मुख्य रूप से इजराइल सरकार द्वारा सुझाई गयी नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के प्रथम चरण में चयनित इजराइली कम्पनी द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित की गयी, जिस पर अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। साथ ही इजराइली फर्म द्वारा जनपद-झांसी के विकास खण्ड-बडागांव के अन्तर्गत ग्राम-गंगावली में मिनी पायलेट प्रोजेक्ट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर च्थ्।क् से अनुमोदन के उपरान्त नियमानुसार ई-निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर अनुबन्ध गठन किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना प्रदेश में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 88 अतिदोहित/क्रिटिकल विकास खण्डों में वाटर सिक्योरिटी प्लान का विकास तथा 88 मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 04 नं० मध्यम गहरे पीजोमीटर की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के इन 88 विकास खण्डों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना किये जाने हेतु कुल 56000 वर्ग मीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिस हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
- बहराइच | पुलिस अधीक्षक बहराइच द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के सम्बन्ध में चलाये जा रहे सघन चेकिंग अभियान के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी व क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा प्रद्युमन सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियो की रोकथाम जुर्म जरायम को रोकने हेतु थानाध्यक्ष आनन्द कुमार चौरसिया के कुशल नेतृत्व में गठित टीम द्वारा दिनांक 09.03.2026 को थाना क्षेत्र भारत नेपाल बार्डर पर पिलर सं0 पिलर सं0 663/01 वहद ग्राम बलईगांव के पास चेकिंग के दौरान 02 अभियुक्त 1. अमन सिंह उर्फ मानू पुत्र दीपू सिंह निवासी मो0 काजीपुरा उत्तरी थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 26 वर्ष 2. अर्श खान उर्फ अयान पुत्र मोहम्मद वसीम निवासी मो0 नाजिरपुरा थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 21 वर्ष को 14 ग्राम स्मैक, 16 ग्राम स्मैक (कुल 30 ग्राम स्मैक) व एक अदद पैशन प्रो0 मोटर साईकिल UP 40 AB 0279 के साथ गिरफ्तार कर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 83/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कर अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उल्लेखनीय है कि उ0नि0 अनिल यादव मय हमराह हे0का0 विक्रान्त बालियान व एसएसबी बल के साथ देखभाल क्षेत्र, चेकिंग वाहन /संदिग्ध व्यक्ति रोकथाम जुर्म जरायम रोकथाम तस्करी हेतु क्षेत्र मे मामूर था दौरान चेकिंग अभियुक्त 1. अमन सिंह उर्फ मानू पुत्र दीपू सिंह निवासी मो0 काजीपुरा उत्तरी थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 26 वर्ष 2. अर्श खान उर्फ अयान पुत्र मोहम्मद वसीम निवासी मो0 नाजिरपुरा थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 21 वर्ष को 14 ग्राम स्मैक, 16 ग्राम स्मैक (कुल 30 ग्राम स्मैक) व व एक अदद पैशन प्रो0 मोटर साईकिल UP 40 AB 0279 के के साथ गिरफ्तार किया गया गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर मुकदमा पंजीकृत कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया । गिरफ्तारी टीमः- 1. थानाध्यक्ष श्री आनन्द कुमार चौरसिया 2. उ0नि0 श्री अनिल यादव 3. हे0का0 विक्रान्त बालियान एवं एसएसबी बल2
- विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण निर्माण करने पर 14 लोगों को नोटिस जारी अवैध प्लेटों के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी बहराइच। शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अब कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले अवैध प्लटरों के खिलाफ विधि कार्यवाही अमल में लाई जाएगी साथ ही उन्होंने बताया कि विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे 14 लोगों को नोटिस जारी की गई है और यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।1
- Post by सकील अहमद1
- सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।3
- मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है। महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।” वीडियो भी चर्चा में इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पर सवाल मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए। जनता के सवाल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं— क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?1
- Post by कृष्ण कुमार आजाद1
- मानपुरवा के पास कुत्ते को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सीतापुर-बहराइच हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। मानपुरवा के पास सवारियों से भरा एक ई-टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और एक गंभीर हादसा टल गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों और चालक के अनुसार, टेंपो तेज रफ्तार में बहराइच की ओर जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ी, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्षमता से अधिक सवारियों से लदा टेंपो सड़क पर ही पलट गया। हादसे में टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बाल-बाल बचे यात्री: टेंपो में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल यात्रियों को पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सिस्टम पर सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है? इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ रहे डग्गामार और अनियंत्रित ई-टेंपो के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग का खेल: हाईवे पर क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते ये टेंपो मौत को दावत दे रहे हैं। परिवहन विभाग की चुप्पी: आखिर डंडाधारी पुलिस और परिवहन विभाग की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या विभाग को इन अवैध रूप से दौड़ रहे वाहनों की जानकारी नहीं है? अनियंत्रित रफ्तार: बैट्री चालित इन वाहनों की गति और हाईवे पर इनके बेखौफ संचालन ने आम लोगों की जान को जोखिम में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन आखिर इन ई-टेंपो की मनमानी पर लगाम लगाने में असमर्थ क्यों है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही अपनी नींद से जागेगा?2
- महसी (बहराइच)। तहसील महसी के अंतर्गत राजी चौराहे पर 'न्यूट्रीवर्ड हेल्थ एंड एग्रीकल्चर चैंपियन क्लब फाउंडेशन' के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बरेली से आए मुख्य अतिथि और संस्था के डबल डायमंड डायरेक्टर विजय गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। बेहतर खान-पान और आयुर्वेद पर जोर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विजय गंगवार ने आधुनिक जीवनशैली और दूषित खान-पान से होने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आयुर्वेदिक उत्पादों के जरिए शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने उत्पादों की उपयोगिता बताते हुए कहा: एलोवेरा रस: यह शरीर के भीतर जमा विषैले पदार्थों (टॉक्सिंस) को बाहर निकालकर बॉडी को डिटॉक्स करता है। त्रिफला रस: गैस, कब्ज और पाचन संबंधी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने में सहायक है। उन्नत खेती के लिए 'साडावीर' का मंत्र स्वास्थ्य के साथ-साथ किसानों की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने पर भी विशेष चर्चा हुई। विजय गंगवार ने बताया कि खेती में रसायनों का प्रयोग कम कर संस्था के 'साडावीर' जैसे उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। यह मिट्टी की नमी बनाए रखता है, फसलों को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है और कल्लों (Growth) की संख्या बढ़ाकर पैदावार में वृद्धि करता है। केमिकल मुक्त भविष्य की ओर संस्था का दावा है कि उनके सभी उत्पाद पूरी तरह से केमिकल रहित और सुरक्षित हैं। उद्घाटन समारोह में तुलसी राम, शैलेंद्र कुमार तिवारी, अंकित शुक्ला और छोटकउ अवस्थी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।2