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पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- शहडोल बुढार मार्ग पर हुआ एक्सीडेंट गई एक जान फिर से 09-05-26 की घटना1
- ओवरलोड रेत वाहनों से टूटी ग्रामीण सड़कें, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन शहडोल। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कें ओवरलोड रेत हाईवा वाहनों से जर्जर हो गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ से लगातार अवैध एवं ओवरलोड रेत परिवहन होने से सड़कें टूट चुकी हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। समस्या को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा एवं ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ओवरलोड वाहनों पर रोक, अवैध रेत उत्खनन बंद कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।1
- शहडोल के अमेज़न डिलीवरी बॉयज़ ने अपनी परेशानियों को उजागर किया है। उनका कहना है कि उन्हें न तो पेट्रोल भत्ता मिलता है और न ही ई-पीएफ का लाभ, जबकि वे वेंडर के माध्यम से कंपनी के लिए काम करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बुढ़ार थाना प्रभारी पर एक ग्रामीण का गला दबाने और पत्रकारों से अभद्रता करने का आरोप लगा है। यह घटना एक सड़क दुर्घटना स्थल पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद के दौरान हुई।1
- शहडोल के कोतवाली थाना क्षेत्र में यातायात थाने के पास घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर एक बस की अवैध कटाई का वीडियो वायरल हुआ है। घरेलू गैस की किल्लत के बावजूद इस व्यावसायिक कार्य में उसके उपयोग से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- KAI MAHINO SE NALI SAF NAHI HUI 6 SE 7 MAHNE SE NALI SAAF NAHI HUI ISKE WAJAH SE PURE ILAKE ME MACCHAR KI SAMASYA OR BADBU KI SAMASYA HO RAHI HAI DHANPURI NAGARPALIKA WARD NO.3 SIDING ROAD KI NALI2
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला , भीषण गर्मी में किसानों के साथ घोर अन्याय, रसमोहिनी टिकुरी गेहूं खरीदी केंद्र, 2) यह है मुख्य प्रबंधक 3) जरा सा डंठल होने पर लौटा दिया जाता गेहूं, *भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला* *शहडोल (मध्य प्रदेश): एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें पारदर्शी सुविधाएं देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रसमोहिनी लैंप्स के प्रभारी प्रबंधक जितेंद्र बरगाही पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय किसानों ने मोर्चा खोलते हुए लैंप्स प्रबंधन पर शोषण और अवैध उगाही का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है।* *👉लूट का 'सिस्टम': हर कदम पर वसूली* *किसानों का आरोप है कि गेहूं खरीदी केंद्र पर बिना पैसे दिए एक दाना भी नहीं तौला जा रहा है। भ्रष्टाचार का यह जाल कई स्तरों पर फैला हुआ है:* *👉क्वालिटी के नाम पर 'खेल':* *अच्छी गुणवत्ता के गेहूं को भी जानबूझकर 'खराब' बता दिया जाता है। किसानों को डराया जाता है कि उनका माल रिजेक्ट हो जाएगा, फिर उसे पास करने के बदले प्रति क्विंटल मोटी रकम वसूली जा रही है।* *👉अवैध शुल्क की लंबी सूची:* *शासन की ओर से जो सुविधाएं नि:शुल्क हैं, प्रभारी प्रबंधक ने उन पर अपना 'टैक्स' लगा रखा है:* *👉तौलाई शुल्क: वजन करने के नाम पर अवैध वसूली।* *👉सिलाई शुल्क: बोरियों की सिलाई के लिए अलग से पैसे।* *👉नपाई शुल्क: मापदंडों के नाम पर किसानों की जेब पर डाका।* *👉शासन की नीतियों को चुनौती:* *मुख्यमंत्री और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, यहाँ खुलेआम 'कमीशन खोरी' का खेल चल रहा है, जो सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है।* *👉किसानों की मांग: जांच और कार्यवाही-* *पीड़ित किसानों और स्थानीय समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और भ्रष्टाचार विरोधी इकाइयों से गुहार लगाई है। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:* *👉स्वतंत्र जांच: जिला प्रशासन की टीम मौके पर जाकर सीधे किसानों से गोपनीय तरीके से पूछताछ करे।* *👉EOW और लोकायुक्त की दखल: किसानों ने मांग की है कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और लोकायुक्त इस व्यापक भ्रष्टाचार की जांच करें और प्रभारी प्रबंधक की संपत्ति की भी जांच हो।* *👉कठोर दंडात्मक कार्यवाही: यदि दोष सिद्ध होता है, तो जितेंद्र बरगाही जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।* *👉"किसान का दर्द:"* *"हम दिन-रात मेहनत करके फसल पैदा करते हैं, लेकिन खरीदी केंद्र पर पहुँचते ही हमें लुटेरों का सामना करना पड़ता है। अगर हम पैसे नहीं देते, तो घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है और गेहूं में कमियां निकाली जाती हैं।" — एक पीड़ित किसान* *👉क्या जिला प्रशासन और शहडोल कलेक्टर इस मामले में संज्ञान लेंगे? रसमोहिनी लैंप्स में मचा यह भ्रष्टाचार का तांडव रुकना अनिवार्य है, ताकि सरकार की 'निशुल्क सुविधा' का लाभ असली हकदार यानी किसान को मिल सके, न कि भ्रष्ट अधिकारियों की तिजोरियों को।* *👉ब्यूरो रिपोर्ट: स्थानीय मीडिया एवं किसान हितैषी समूह।*1