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मैनपुरी के CO की उतर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती ! मैनपुरी के CO की उतर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती !
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मैनपुरी के CO की उतर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती ! मैनपुरी के CO की उतर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती !
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- 12 सितंबर को लगेगा राष्ट्रीय लोक अदालत प्रधान जिला जज ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी 12 सितंबर को लगेगा राष्ट्रीय लोक अदालत राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर व्यवहार न्यायालय गढ़वा परिसर से जागरूकता रथ रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। जिले के सभी 20 प्रखण्ड में घूमेगा ये जागरूकता रथ1
- रंका। लगातार बारिश में बही घांसी टोला की पुलिया, स्कूली बच्चों समेत ग्रामीणों का आवागमन ठप, रोगों का बढ़ी परेशानी रंका। रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के घांसी टोला जाने वाली पुलिया लगातार हो रही बारिश के कारण बह गई है। पुलिया के बह जाने से घांसी टोला के ग्रामीणों के साथ-साथ विद्यालय जाने वाले बच्चों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बारिश के कारण पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय सहित अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में शुक्रवार को दिन के करीब तीन बजे घांसी टोला निवासी संजू प्रजापति ने बताया कि उक्त पुलिया ग्रामीणों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से घांसी टोला के बच्चे विद्यालय पढ़ने के लिए जाते हैं तथा ग्रामीण अपने जरूरी कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय से जुड़ते हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पुलिया के नीचे पानी का तेज बहाव होने से पुलिया बह गई। इसके बाद ग्रामीणों और बच्चों के लिए रास्ता मुश्किल हो गया है। संजू प्रजापति ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान यही पुलिया बह गई थी। उस समय ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान के माध्यम से किसी तरह पुलिया का निर्माण कर आवागमन बहाल किया था। लेकिन एक बार फिर बारिश में पुलिया बह जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में पुलिया बहने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। पुलिया बह जाने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है। पानी का बहाव तेज होने के कारण इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पुलिया का स्थायी और मजबूत निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और ग्रामीणों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क सुचारु हो सके।1
- कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर श्री राधाकृष्ण मंदिर गया पूरा मंदिर भाभी तरीके से सजाया गया है रेणुकूट में इकलौता श्री राधा कृष्ण मंदिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काफी दूर-दूर से लोग राधा कृष्ण का दर्शन करने के लिए आते हैं अंतरजनपदीय लोग भी यहां की झांकी और श्री कृष्ण का श्रृंगार देखने के लिए आते हैं अत्यधिक भीड़ होने के कारण यहां पर अराजक तत्वों द्वारा किए गए को कृत्य कार्य को रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहता है लेकिन फिर भी कीमती सामान पर पर्स जेवर चैन आदि चोरी की घटनाएं प्राय हो ही जाती है इस बार प्रशासन ने संकल्प लिया है कि इस बार चोरी की घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगाया जाएगा आपका भी परिवार की अगर लोक श्री राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं तो परिवार को आप समझाएं कीमती सामान जेवर गहना यह पहन करके ना आए क्योंकि कभी भी कोई अपनी घटना हो सकती है जो आपके लिए दुख का कारण बनेगी उसके बाद आप भगवान श्री कृष्ण को पहुंचेंगे इसलिए हमको पहले ही सुरक्षित रहना है पहले ही गाइडलाइंस का पालन करना है और आनंदपूर्वक झांकी के दर्शन करना है आप भी वीडियो के माध्यम से देखें और आप भी वीडियो को शेयर जरूर करें जिससे यह लोगों तक अपील हमारी पहुंच जाए जय श्री राधा कृष्ण1
- सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में* *शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई* * *शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। *धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा* सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। *हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार* स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं? *आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?* स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।1
- नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात1
- बलरामपुर में महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ कांग्रेस का ‘हल्ला बोल सिर पर सफेद टोपी और हाथ में पोस्टर लेकर सत्याग्रह पर बैठे कार्यकर्ता बलरामपुर में महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ कांग्रेस का ‘हल्ला बोल सिर पर सफेद टोपी और हाथ में पोस्टर लेकर सत्याग्रह पर बैठे कार्यकर्ता बलरामपुर जिला मे देश और राज्य में लगातार बढ़ती महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राजीव गांधी चौक (बस स्टैंड) पर कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोल धरना-प्रदर्शन किया चीनी और शक्कर समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजों के आसमान छूते दामों के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ता अनोखे अंदाज में सड़कों पर उतरे विरोध दर्ज कराने के लिए सभी कार्यकर्ता सिर पर सफेद टोपी पहनकर और हाथों में तख्तियां (पोस्टर) लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह पर बैठ गए धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे नेताओं का कहना है कि खाने-पीने और दैनिक इस्तेमाल की चीजों के दाम जिस तरह रोज बढ़ रहे हैं, उससे आम जनता का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। एक तरफ महंगाई की मार है, तो दूसरी तरफ बाजार में कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और कालाबाजारी पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेसी नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बढ़ती कीमतों पर अंकुश नहीं लगाया गया और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस पार्टी जनता की लड़ाई लड़ने के लिए इस आंदोलन को और तेज करेगी। वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी इस प्रदर्शन में बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष हरिहर यादव, बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष समीर सिंह देव, जिला उपाध्यक्ष छोटू बंगाली, राजपुर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज तिवारी, आदिवासी अध्यक्ष कृपा शंकर, प्रदेश सचिव लालसाय मिंज, चांदो ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुला खान, राजपुर मंडल अध्यक्ष सुनील भगत, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष बिगन दास, और सरपंच संस्कृति सक्सेल प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अलावा सुनील गुप्ता, सुंदर मणी मिंज, प्रेम सागर सिंह, बैजू सिंह, राममुरत सिंह, ब्रिजेनिया खलखो, रीना कुजूर, विनोद मेहता, बिछन राम, दिनेश कुजूर, दिनेश, सुरेश सिंह, बबिता मिंज, बिक्रम सिंह, प्रशांत बाला और बबलू रजक समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- गढ़वा का MN खान ने कहा कि CBI जांच होगा तो फंसेंगे मंत्री? गढ़वा में MN खान के बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। उन्होंने दावा किया कि CBI जांच हुई तो मंत्री भी फंस सकते हैं। आखिर इस बयान के पीछे क्या राज है और किस ओर इशारा कर रहे हैं MN खान?1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है. दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.1
- महंगाई-कालाबाजारी के खिलाफ बलरामपुर में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’, सफेद टोपी पहन सड़क पर उतरे कार्यकर्ता बलरामपुर। देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई और कथित कालाबाजारी के विरोध में बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव गांधी चौक (बस स्टैंड) पहुंचे और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ ‘हल्ला बोल’ धरना-प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अंदाज भी चर्चा में रहा। कार्यकर्ता सिर पर सफेद टोपी पहनकर और हाथों में महंगाई के विरोध में लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम पर कांग्रेस का हमला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चीनी-शक्कर समेत जरूरी सामान के बढ़ते दामों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक ओर आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बाजार में कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर महंगाई और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया। ‘कीमतों पर लगाम नहीं लगी तो आंदोलन होगा तेज’ धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई गई, तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस आम जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर हर स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरिहर यादव, बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष समीर सिंह देव, जिला उपाध्यक्ष छोटू बंगाली, राजपुर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज तिवारी, आदिवासी अध्यक्ष कृपा शंकर, प्रदेश सचिव लालसाय मिंज, चांदो ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुला खान, राजपुर मंडल अध्यक्ष सुनील भगत, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष बिगन दास और सरपंच संस्कृति सक्सेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा सुनील गुप्ता, सुंदर मणी मिंज, प्रेम सागर सिंह, बैजू सिंह, राममुरत सिंह, ब्रिजेनिया खलखो, रीना कुजूर, विनोद मेहता, बिछन राम, दिनेश कुजूर, दिनेश, सुरेश सिंह, बबिता मिंज, बिक्रम सिंह, प्रशांत बाला और बबलू रजक समेत कई स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस के इस प्रदर्शन के जरिए महंगाई और कालाबाजारी का मुद्दा एक बार फिर बलरामपुर की सियासत के केंद्र में आ गया है।1