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सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में* *शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई* * *शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। *धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा* सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। *हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार* स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं? *आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?* स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

9 hrs ago
user_Chandrika prasad ji
Chandrika prasad ji
Photographer दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में* *शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई* * *शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। *धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा* सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। *हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार* स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं? *आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?* स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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  • कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर श्री राधाकृष्ण मंदिर गया पूरा मंदिर भाभी तरीके से सजाया गया है रेणुकूट में इकलौता श्री राधा कृष्ण मंदिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काफी दूर-दूर से लोग राधा कृष्ण का दर्शन करने के लिए आते हैं अंतरजनपदीय लोग भी यहां की झांकी और श्री कृष्ण का श्रृंगार देखने के लिए आते हैं अत्यधिक भीड़ होने के कारण यहां पर अराजक तत्वों द्वारा किए गए को कृत्य कार्य को रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहता है लेकिन फिर भी कीमती सामान पर पर्स जेवर चैन आदि चोरी की घटनाएं प्राय हो ही जाती है इस बार प्रशासन ने संकल्प लिया है कि इस बार चोरी की घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगाया जाएगा आपका भी परिवार की अगर लोक श्री राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं तो परिवार को आप समझाएं कीमती सामान जेवर गहना यह पहन करके ना आए क्योंकि कभी भी कोई अपनी घटना हो सकती है जो आपके लिए दुख का कारण बनेगी उसके बाद आप भगवान श्री कृष्ण को पहुंचेंगे इसलिए हमको पहले ही सुरक्षित रहना है पहले ही गाइडलाइंस का पालन करना है और आनंदपूर्वक झांकी के दर्शन करना है आप भी वीडियो के माध्यम से देखें और आप भी वीडियो को शेयर जरूर करें जिससे यह लोगों तक अपील हमारी पहुंच जाए जय श्री राधा कृष्ण
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    कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर श्री राधाकृष्ण मंदिर गया पूरा मंदिर भाभी तरीके से सजाया गया है रेणुकूट में इकलौता श्री राधा कृष्ण मंदिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काफी दूर-दूर से लोग राधा कृष्ण का दर्शन करने के लिए आते हैं अंतरजनपदीय लोग भी यहां की झांकी और श्री कृष्ण का श्रृंगार देखने के लिए आते हैं अत्यधिक भीड़ होने के कारण यहां पर अराजक तत्वों द्वारा किए गए को कृत्य कार्य को रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहता है लेकिन फिर भी कीमती सामान पर पर्स जेवर चैन आदि चोरी की घटनाएं प्राय हो ही जाती है इस बार प्रशासन ने संकल्प लिया है कि इस बार चोरी की घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगाया जाएगा आपका भी परिवार की अगर लोक श्री राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं तो परिवार को आप समझाएं कीमती सामान जेवर गहना यह पहन करके ना आए क्योंकि कभी भी कोई अपनी घटना हो सकती है जो आपके लिए दुख का कारण बनेगी उसके बाद आप भगवान श्री कृष्ण को पहुंचेंगे इसलिए हमको पहले ही सुरक्षित रहना है पहले ही गाइडलाइंस का पालन करना है और आनंदपूर्वक झांकी के दर्शन करना है आप भी वीडियो के माध्यम से देखें और आप भी वीडियो को शेयर जरूर करें जिससे यह लोगों तक अपील हमारी पहुंच जाए जय श्री राधा कृष्ण
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    6 hrs ago
  • सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में* *शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई* * *शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। *धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा* सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। *हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार* स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं? *आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?* स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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    सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में*

*शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई*
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*शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
*धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा*
सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
*हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार*
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है।
लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं?
*आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?*
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
    user_Chandrika prasad ji
    Chandrika prasad ji
    Photographer दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात
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    नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात
नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    11 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र 🙏 रेडिया में आस्था का सैलाब 🙏 चोपन छठ घाट से पवित्र जल लेकर निकली भव्य कलश यात्रा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चियां और पुरुष श्रद्धालु हुए शामिल। गाजे-बाजे और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रेडिया में राधा-कृष्ण, महादेव, नंदी, गणेश, ब्रह्मा और विष्णु जी की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। 🚔 सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी रहा अलर्ट। #Sonbhadra #Rediya #KalashYatra #Chopan #धार्मिकआस्था
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र
🙏 रेडिया में आस्था का सैलाब 🙏
चोपन छठ घाट से पवित्र जल लेकर निकली भव्य कलश यात्रा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चियां और पुरुष श्रद्धालु हुए शामिल।
गाजे-बाजे और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रेडिया में राधा-कृष्ण, महादेव, नंदी, गणेश, ब्रह्मा और विष्णु जी की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।
🚔 सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी रहा अलर्ट।
#Sonbhadra #Rediya #KalashYatra #Chopan #धार्मिकआस्था
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    24 min ago
  • झूठ झूठ। ठीक है सर। मिथ्या बोल के। जो मिथ्या बोल के करता है मुतमाइन सबको वो
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    झूठ झूठ। ठीक है सर। मिथ्या बोल के। जो मिथ्या बोल के करता है मुतमाइन सबको वो
    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    28 min ago
  • खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर सोन नदी, तटवर्ती बस्तियों में पहुंचे डीएम-एसपी सोनभद्र चोपन में नदी किनारे बस्तियों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा एवं सतर्कता व्यवस्थाओं का लिया जायजा संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग व चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश, तटवर्ती क्षेत्रों की होगी सतत निगरानी नदी तट व तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें नागरिक जिलाधिकारी लगातार हो रही भारी वर्षा से सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने चोपन में सोन नदी के किनारे स्थित बस्तियों का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बढ़ते जलस्तर, तटवर्ती बस्तियों की स्थिति एवं संभावित संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए तथा नागरिकों को समय-समय पर बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जाए। जिलाधिकारी ने नदी तट के संवेदनशील एवं आवागमन वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जाए। साथ ही आवश्यकता की स्थिति में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं तत्पर रखे जाने के निर्देश दिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। नदी तट, तेज बहाव एवं जलप्रवाह वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा बच्चों एवं पशुओं को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा सोन नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व श्री वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, सीओ सदर रणधीर मिश्रा, ईओ नगर पंचायत चोपन सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहे।
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    खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर सोन नदी, तटवर्ती बस्तियों में पहुंचे डीएम-एसपी
सोनभद्र चोपन में नदी किनारे बस्तियों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा एवं सतर्कता व्यवस्थाओं का लिया जायजा
संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग व चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश, तटवर्ती क्षेत्रों की होगी सतत निगरानी
नदी तट व तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें नागरिक जिलाधिकारी
लगातार हो रही भारी वर्षा से सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने चोपन में सोन नदी के किनारे स्थित बस्तियों का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बढ़ते जलस्तर, तटवर्ती बस्तियों की स्थिति एवं संभावित संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए तथा नागरिकों को समय-समय पर बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जाए।
जिलाधिकारी ने नदी तट के संवेदनशील एवं आवागमन वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जाए। साथ ही आवश्यकता की स्थिति में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं तत्पर रखे जाने के निर्देश दिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। नदी तट, तेज बहाव एवं जलप्रवाह वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा बच्चों एवं पशुओं को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
जिला प्रशासन द्वारा सोन नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ निरंतर निगरानी रखी जा रही है।  इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व श्री वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण,  सीओ सदर रणधीर मिश्रा, ईओ नगर पंचायत चोपन सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • महंगाई और संघर्ष के बीच आस्था की मिसाल: ओबरा की चूड़ी गली में युवाओं के संकल्प से जगमगाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ओबरा (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद अंतर्गत औद्योगिक नगर ओबरा के चूड़ी गली क्षेत्र में भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकजुटता की एक अत्यंत प्रेरणादायक तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ श्री श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में विगत दस वर्षों से आयोजित हो रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं की सांस्कृतिक चेतना और अथक परिश्रम का प्रतीक बन चुका है। इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसकी संपूर्ण बागडोर औसतन 25 वर्ष की आयु वर्ग के उन युवाओं और बालकों के हाथों में है, जो स्वयं अपने जीवन और परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए दैनिक संघर्ष से गुजर रहे हैं। अपनी आजीविका और कड़ी मेहनत से सालभर की गई छोटी-छोटी बचतों का एक बड़ा हिस्सा ये युवा बाल गोपाल के उत्सव को भव्य रूप देने के लिए सहर्ष समर्पित कर देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का मार्गदर्शन और समाज का नैतिक संबल इन युवाओं की ऊर्जा को द्विगुणित करता है। पत्रकारिता की दृष्टि से यदि इसके अतीत पर दृष्टि डालें, तो लगभग एक दशक पूर्व यह यात्रा अत्यंत अभावों के बीच प्रारंभ हुई थी। बिना किसी बड़े बजट के, लकड़ियों को जोड़-तोड़कर बनाए गए अस्थाई पंडाल, पुराने वस्त्रों के आवरण और सामान्य प्रकाश व्यवस्था के बीच एक छोटी सी प्रतिमा स्थापित कर इस उत्सव का संकल्प लिया गया था। परंतु वर्ष दर वर्ष युवाओं के बढ़ते निष्ठा भाव, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता के बल पर आज यह आयोजन पूरे नगर के आकर्षण का केंद्र बन गया है। वर्तमान दौर में जहाँ सोशल मीडिया के गलियारों में युवाओं की सहभागिता को लेकर तरह-तरह के नकारात्मक दृष्टिकोण पेश किए जाते हैं, वहीं चूड़ी गली के इन युवाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि यदि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा मिले तो समाज में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। आर्थिक तंगहाली और जीवन की आपाधापी के बीच यह आयोजन सिखाता है कि संघर्षों से हताश होने के बजाय अपनी परंपराओं से जुड़कर हंसते-मुस्कुराते जीना ही वास्तविक जीवन शैली है। जन्मोत्सव की पूर्वसंध्या पर समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल-नगाड़ों की गूंज और भगवा ध्वज के साथ बाल गोपाल की प्रतिमा की भव्य अगवानी की गई। धार्मिक विधान के अनुसार मध्यरात्रि जन्मोत्सव, पूजन-अर्चन और तत्पश्चात विशाल जागरण एवं दर्शन-पूजन की व्यवस्था की गई है। इस पुनीत सामाजिक व धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में श्री श्याम सेवा समिति के समर्पित सदस्य सूरज कुमार, सत्यम गुप्ता, महामंत्री शरद साहनी, सूर्या सिंह बागी, रोहित कुमार, गोल्डी, भोला जायसवाल, राज सोनकर और आयुष जायसवाल सहित अन्य युवाओं का निरंतर योगदान और श्रम अनुकरणीय है। समिति ने समस्त नगरवासियों से इस पावन उत्सव में सम्मिलित होकर युवाओं के प्रयास को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया है।
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    महंगाई और संघर्ष के बीच आस्था की मिसाल: ओबरा की चूड़ी गली में युवाओं के संकल्प से जगमगाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
ओबरा (सोनभद्र)।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद अंतर्गत औद्योगिक नगर ओबरा के चूड़ी गली क्षेत्र में भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकजुटता की एक अत्यंत प्रेरणादायक तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ श्री श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में विगत दस वर्षों से आयोजित हो रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं की सांस्कृतिक चेतना और अथक परिश्रम का प्रतीक बन चुका है।
इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसकी संपूर्ण बागडोर औसतन 25 वर्ष की आयु वर्ग के उन युवाओं और बालकों के हाथों में है, जो स्वयं अपने जीवन और परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए दैनिक संघर्ष से गुजर रहे हैं। अपनी आजीविका और कड़ी मेहनत से सालभर की गई छोटी-छोटी बचतों का एक बड़ा हिस्सा ये युवा बाल गोपाल के उत्सव को भव्य रूप देने के लिए सहर्ष समर्पित कर देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का मार्गदर्शन और समाज का नैतिक संबल इन युवाओं की ऊर्जा को द्विगुणित करता है।
पत्रकारिता की दृष्टि से यदि इसके अतीत पर दृष्टि डालें, तो लगभग एक दशक पूर्व यह यात्रा अत्यंत अभावों के बीच प्रारंभ हुई थी। बिना किसी बड़े बजट के, लकड़ियों को जोड़-तोड़कर बनाए गए अस्थाई पंडाल, पुराने वस्त्रों के आवरण और सामान्य प्रकाश व्यवस्था के बीच एक छोटी सी प्रतिमा स्थापित कर इस उत्सव का संकल्प लिया गया था। परंतु वर्ष दर वर्ष युवाओं के बढ़ते निष्ठा भाव, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता के बल पर आज यह आयोजन पूरे नगर के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
वर्तमान दौर में जहाँ सोशल मीडिया के गलियारों में युवाओं की सहभागिता को लेकर तरह-तरह के नकारात्मक दृष्टिकोण पेश किए जाते हैं, वहीं चूड़ी गली के इन युवाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि यदि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा मिले तो समाज में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। आर्थिक तंगहाली और जीवन की आपाधापी के बीच यह आयोजन सिखाता है कि संघर्षों से हताश होने के बजाय अपनी परंपराओं से जुड़कर हंसते-मुस्कुराते जीना ही वास्तविक जीवन शैली है।
जन्मोत्सव की पूर्वसंध्या पर समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल-नगाड़ों की गूंज और भगवा ध्वज के साथ बाल गोपाल की प्रतिमा की भव्य अगवानी की गई। धार्मिक विधान के अनुसार मध्यरात्रि जन्मोत्सव, पूजन-अर्चन और तत्पश्चात विशाल जागरण एवं दर्शन-पूजन की व्यवस्था की गई है।
इस पुनीत सामाजिक व धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में श्री श्याम सेवा समिति के समर्पित सदस्य सूरज कुमार, सत्यम गुप्ता, महामंत्री शरद साहनी, सूर्या सिंह बागी, रोहित कुमार, गोल्डी, भोला जायसवाल, राज सोनकर और आयुष जायसवाल सहित अन्य युवाओं का निरंतर योगदान और श्रम अनुकरणीय है। समिति ने समस्त नगरवासियों से इस पावन उत्सव में सम्मिलित होकर युवाओं के प्रयास को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया है।
    user_Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Student union ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है. दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.
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    दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    15 hrs ago
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