खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर सोन नदी, तटवर्ती बस्तियों में पहुंचे डीएम-एसपी सोनभद्र चोपन में नदी किनारे बस्तियों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा एवं सतर्कता व्यवस्थाओं का लिया जायजा संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग व चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश, तटवर्ती क्षेत्रों की होगी सतत निगरानी नदी तट व तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें नागरिक जिलाधिकारी लगातार हो रही भारी वर्षा से सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने चोपन में सोन नदी के किनारे स्थित बस्तियों का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बढ़ते जलस्तर, तटवर्ती बस्तियों की स्थिति एवं संभावित संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए तथा नागरिकों को समय-समय पर बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जाए। जिलाधिकारी ने नदी तट के संवेदनशील एवं आवागमन वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जाए। साथ ही आवश्यकता की स्थिति में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं तत्पर रखे जाने के निर्देश दिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। नदी तट, तेज बहाव एवं जलप्रवाह वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा बच्चों एवं पशुओं को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा सोन नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व श्री वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, सीओ सदर रणधीर मिश्रा, ईओ नगर पंचायत चोपन सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहे।
खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर सोन नदी, तटवर्ती बस्तियों में पहुंचे डीएम-एसपी सोनभद्र चोपन में नदी किनारे बस्तियों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा एवं सतर्कता व्यवस्थाओं का लिया जायजा संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग व चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश, तटवर्ती क्षेत्रों की होगी सतत निगरानी नदी तट व तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें नागरिक जिलाधिकारी लगातार हो रही भारी वर्षा से सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने चोपन में सोन नदी के किनारे स्थित बस्तियों का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बढ़ते जलस्तर, तटवर्ती बस्तियों की स्थिति एवं संभावित संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए तथा नागरिकों को समय-समय पर बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जाए। जिलाधिकारी ने नदी तट के संवेदनशील
एवं आवागमन वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जाए। साथ ही आवश्यकता की स्थिति में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं तत्पर रखे जाने के निर्देश दिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। नदी तट, तेज बहाव एवं जलप्रवाह वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा बच्चों एवं पशुओं को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा सोन नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व श्री वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार पासवान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, सीओ सदर रणधीर मिश्रा, ईओ नगर पंचायत चोपन सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहे।
- सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलर बन रहे जानलेवा, राहगीरों की जान जोखिम में* *शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप भारी वाहनों का जमावड़ा, कई हादसों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई* * *शक्तिनगर/सोनभद्र।* शक्तिनगर परिक्षेत्र में वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े भारी वाहनों के कारण राहगीरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रेलर और अन्य भारी वाहन खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कुछ हादसों में लोगों की मौके पर ही जान तक जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विस्थापित परिवार, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बाइक सवार और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की पटरियों पर भारी संख्या में ट्रेलर खड़े रहने से सड़क का उपयोगी हिस्सा संकरा हो जाता है। सामने से आने वाले वाहनों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को कई बार भारी वाहनों के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। *धूल के गुबार से भी बढ़ रहा हादसे का खतरा* सड़क किनारे भारी वाहनों की आवाजाही और खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में धूल-डस्ट की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय बाइक सवारों का कहना है कि जब ट्रेलर या अन्य भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीछे से या सामने से आने वाले वाहन का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी-कभार एनसीएल की ओर से पानी का छिड़काव तथा स्वीपिंग मशीन के माध्यम से सफाई कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर धूल और डस्ट की समस्या बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि नियमित और प्रभावी तरीके से धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। *हादसों के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार* स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बोदरा बाबा के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई हादसे इतने गंभीर रहे कि दुर्घटना स्थल पर ही लोगों की मौत तक हो गई। इसके बावजूद सड़क की पटरियों पर ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों के खड़े होने पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं? *आम आदमी पर कार्रवाई तो भारी वाहनों पर क्यों नहीं?* स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि आम नागरिक द्वारा सड़क पर जाम या अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, लेकिन सड़क की पटरियों पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लोगों का कहना है कि कानून और यातायात व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। यदि सड़क पर खड़े वाहन यातायात में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं तो संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।स्थायी समाधान की मांग स्थानीय नागरिकों, राहगीरों और विस्थापितों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि शक्तिनगर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर बोदरा बाबा के समीप सड़क की पटरियों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए। सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, सफाई और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।1
- नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात नितेश मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान! क्या कहा, ध्यान से सुनिए पूरी बात1
- सिंगरौली: सिंगरौली नगर निगम के द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाही के दौरान यातायात पुलिस द्वारा समझाइस देते हुए1
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- स्कार्पियो चालक की दबंगई आई सामने। डीजल के पैसे मांगने पर पेट्रोल पंपकर्मी को घसीटा। हापुड़ ब्रेकिंग स्कार्पियो चालक की दबंगई आई सामने। डीजल के पैसे मांगने पर पेट्रोल पंपकर्मी को घसीटा। घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने। पुलिस मुकदमा दर्ज कर स्कार्पियो चालक की तलाश में जुटी। पिलखुवा कोतवाली के छिजारसी कट की घटना1
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर जलमग्न, दीवारें तारों से बंधी; छोटे बच्चों संग मरीज पानी में आने-जाने को मजबूर चंदौली। चकिया ब्लॉक के शिकारगंज स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) का परिसर इन दिनों पूरी तरह पानी से भर गया है। तीन-चार दिनों से हो रही लगातार बारिश और खेतों से आने वाले पानी के कारण अस्पताल के अंदर गहरा जलजमाव हो गया है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि मरीज और उनके परिजन छोटे बच्चों को गोद में लेकर पानी में चलते हुए केंद्र पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी क्षतिग्रस्त है। इसे तारों से बांधकर रखा गया था, लेकिन टूटने के बाद अभी तक मरम्मत नहीं की गई। यह स्थिति क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत जल निकासी और दीवारों की मरम्मत कराने की मांग की है।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र 🙏 रेडिया में आस्था का सैलाब, निकली भव्य कलश यात्रा पटवध-रेडिया से चोपन छठ घाट तक श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा, पवित्र जल लेकर लौटे श्रद्धालु। राधा-कृष्ण, महादेव, नंदी, गणेश, ब्रह्मा एवं विष्णु जी की मूर्ति स्थापना को लेकर भक्तों में उत्साह, गाजे-बाजे और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। #Sonbhadra #Chopan #Patwadh #Redia #KalashYatra #धार्मिक_आस्था #BreakingNews1
- नगर निगम द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाही आज जिला मुख्यालय बस स्टैण्ड परिसर वैढ़न शारदा लाज सब्जी मंडी काली मंदिर मार्ग में।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है. दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करने की एक महिला पत्रकार को ऐसी सज़ा - की उसके शरीर पर घाव ही घाव हैं बेहद शर्मनाक है यह सब -#4pm की महिला पत्रकार शाहीन से दिल्ली पुलिस द्वारा दिया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.1