सीतामढ़ी में फाइलेरिया मुक्ति के लिए मेगा अभियान: 3,174 केंद्रों पर 11 फरवरी को लगेगा विशेष शिविर *--10 फरवरी से शुरू होगा एमडीए अभियान, 43 लाख से अधिक आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य।* *--स्कूलों में अंतिम तीन दिन लगेंगे बूथ, प्रधानाध्यापकों और पंचायती राज अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 09 फरवरी 2026 सीतामढ़ी। जिला स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग ने जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने के लिए कमर कस ली है। आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की सफलता को लेकर रविवार को वीबीडीएस कार्यालय में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) और जिला स्वास्थ्य समिति के साझा सहयोग से एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान डीभीबीडीसीओ डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि अभियान के तहत जिले की करीब 43,30,028 की विशाल आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।14 दिनों का घर-घर अभियान और स्कूलों में विशेष बूथ अभियान की रणनीति को साझा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि आगामी 11 फरवरी को जिले के सभी 3,174 आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इन केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों की सीधी देखरेख में आम जन को दवा का सेवन कराया जाएगा। इसके साथ ही अगले 14 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर दस्तक देंगी ताकि कोई भी व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। अभियान के अंतिम तीन दिनों में जिले के 1,784 स्कूलों में विशेष बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ छात्र-छात्राओं को उनकी निगरानी में दवा खिलाई जाएगी।प्रशिक्षण और निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम:इस व्यापक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला स्तर पर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को पहले ही विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका है, ताकि सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। दवा खिलाने के लिए कुल 1,672 दल बनाए गए हैं, जिसमें 3,344 दवा प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। पूरे कार्य की मॉनिटरिंग के लिए 166 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों के लिए भी दवा अनिवार्य: कार्यशाला में डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया के लक्षण संक्रमण के कई वर्षों बाद उभरते हैं, इसलिए स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों को भी यह दवा लेना अनिवार्य है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका मुख्य उद्देश्य शरीर में छिपे संक्रमण को शुरुआती दौर में ही नष्ट करना है। हालांकि, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस दवा का सेवन नहीं करना है। इस मौके पर पिरामल के डीएम प्रभाकर कुमार, पी एल रोहित कुमार, सीएफएआर प्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
सीतामढ़ी में फाइलेरिया मुक्ति के लिए मेगा अभियान: 3,174 केंद्रों पर 11 फरवरी को लगेगा विशेष शिविर *--10 फरवरी से शुरू होगा एमडीए अभियान, 43 लाख से अधिक आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य।* *--स्कूलों में अंतिम तीन दिन लगेंगे बूथ, प्रधानाध्यापकों और पंचायती राज अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 09 फरवरी 2026 सीतामढ़ी। जिला स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग ने जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने के लिए कमर कस ली है। आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की सफलता को लेकर रविवार को वीबीडीएस कार्यालय में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) और जिला स्वास्थ्य समिति के साझा सहयोग से एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान डीभीबीडीसीओ डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि अभियान के तहत जिले की करीब 43,30,028 की विशाल आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।14 दिनों का घर-घर अभियान और स्कूलों में विशेष बूथ अभियान की रणनीति को साझा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि आगामी 11 फरवरी को जिले के सभी 3,174 आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इन केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों की सीधी देखरेख में आम जन को दवा का सेवन कराया जाएगा। इसके साथ ही अगले 14 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर दस्तक देंगी ताकि कोई भी व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। अभियान के अंतिम तीन दिनों में जिले के 1,784 स्कूलों में विशेष बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ छात्र-छात्राओं को उनकी निगरानी में दवा खिलाई जाएगी।प्रशिक्षण और निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम:इस व्यापक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला स्तर पर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को पहले ही विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका है, ताकि सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। दवा खिलाने के लिए कुल 1,672 दल बनाए गए हैं, जिसमें 3,344 दवा प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। पूरे कार्य की मॉनिटरिंग के लिए 166 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों के लिए भी दवा अनिवार्य: कार्यशाला में डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया के लक्षण संक्रमण के कई वर्षों बाद उभरते हैं, इसलिए स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों को भी यह दवा लेना अनिवार्य है। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका मुख्य उद्देश्य शरीर में छिपे संक्रमण को शुरुआती दौर में ही नष्ट करना है। हालांकि, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस दवा का सेवन नहीं करना है। इस मौके पर पिरामल के डीएम प्रभाकर कुमार, पी एल रोहित कुमार, सीएफएआर प्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
- *व्यवहार न्यायालय परिसर में बम होने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई।* (रंजन कुमार पांडे जिला ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा औरंगाबाद बिहार) औरंगाबाद 09 फरवरी 2026 औरंगाबाद:-व्यवहार न्यायालय परिसर में बम होने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई।सुरक्षा के मद्देनज़र कोर्ट परिसर को खाली कराया गया।मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता पहुंचा, जांच के बाद प्रधान जिला जज ने मीडिया को पूरी जानकारी दी।व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में बम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सूचना के बाद एहतियातन न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों को बाहर निकाल दिया गया।नगर थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ता द्वारा पूरे परिसर की सघन जांच की गई।पुलिस जांच के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी।न्यायालय परिसर की सुरक्षा सर्वोपरि है।सूचना मिलते ही एहतियातन कोर्ट खाली कराया गया और पुलिस द्वारा पूरी जांच कराई गई।पुलिस और जिला प्रशासन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।प्रधान जिला जज के बयान के बाद कोर्ट परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।1
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- चकिया (पूर्वी चंपारण): चकिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनी छपरा में सोमवार की शाम एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 के समीप उमेश राय के लीची बागान में एक व्यक्ति का शव पेड़ से फंदे के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पुलिस द्वारा आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। मृतक की पहचान धीरेंद्र शर्मा, उम्र लगभग 42 वर्ष, पिता सुरेश चंद्र शर्मा, निवासी मंगलापुरी मंडी, थाना शाहपुर, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अग्रेतर कार्रवाई में जुटी हुई है। इसकी जानकारी चकिया थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार ने दी1
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- Post by SAHEBCHAUDHRY Ji1
- Shaheen Academy Champaran में मैराथन का भव्य आयोजन, बालिका व बालक वर्ग के विजेता हुए सम्मानित।शहीन अकैडमी चंपारण के तत्वावधान में आज एक भव्य मैराथन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बालिका वर्ग के लिए 5 किलोमीटर और बालक वर्ग के लिए 10 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। बालिकाओं की दौड़ सुर्पनीय से शुरू होकर शहीन अकैडमी चंपारण में समाप्त हुई, जबकि बालकों की दौड़ गांधी चौक, ढाका से शुरू होकर अकैडमी परिसर में संपन्न हुई। दौड़ के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में दोनों वर्गों में प्रथम से पाँचवें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम उत्साह और अनुशासन के साथ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। #ShaheenAcademy #ShaheenAcademyChamparan #Marathon #FitIndia #YouthPower #SportsEvent #HealthyIndia #RunForFitness #ChamparanNews #DhakaBihar #LocalNews #SportsNews #Athletics #YouthInSports #PositiveIndia1
- होली से पहले मटन चोर एक्टिव! स्कॉर्पियो से बकरी-बोका चोरी, कीचड़ में फंसी गाड़ी1
- *10 फरवरी से जिले में चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान, स्वस्थ लोगों से भी फाइलेरिया रोधी दवाएं खाने की अपील: जिलाधिकारी।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 9 फरवरी 2026 मुजफ्फरपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जाने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है। जिले में यह अभियान आगामी 10 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी 2026 तक कुल 17 दिनों तक संचालित किया जाएगा। ये बातें जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सोमवार को सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीएफएआर) और जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान के तहत जिले की लगभग 60 लाख 700 की लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 2409 टीमें गठित की गई हैं जिनमें 3571 आशा कार्यकर्ता और 1294 आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं स्वयंसेवक शामिल हैं। इन टीमों की निगरानी के लिए 227 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। 11 फरवरी को राज्य व्यापी मेगा कैंप के तहत जिले में भी मेगा कैंप लगेगा। इसमें डीए टीम द्वारा माइक्रोप्लान के अनुसार उस क्षेत्र के आंगनबाड़ी सेंटर पर बूथ लगाया जाएगा। इस कैंप में जीविका के एसएचजी मेंबर बूथ पर अपने परिवार और आस पास के लोगों के साथ आएंगी और फाइलेरिया रोधी दवाएं खाएंगी। प्रत्येक बूथ पर 4 सौ लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। दो चरणों में खिलाई जाएगी दवा।मीडिया कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान दवा खिलाने की प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 10 फरवरी से 24 फरवरी तक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी जबकि दूसरे चरण में 25 से 27 फरवरी तक स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कटरा प्रखंड को छोड़कर यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा।अभियान के तहत तीन प्रकार की दवाएं दी जाएंगी जिनमें अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवरमेक्टिन शामिल हैं। एल्बेंडाजोल की एक गोली 2 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों को दी जाएगी। डीईसी की खुराक उम्र के अनुसार तय की गई है जिसमें 2 से 5 वर्ष के लिए एक गोली, 6 से 14 वर्ष के लिए दो गोली और 15 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए तीन गोलियां निर्धारित हैं। वहीं आइवरमेक्टिन की खुराक व्यक्ति की ऊंचाई के आधार पर एक से चार गोली तक दी जाएगी जिसके मापन के लिए टीमों को डोज पोल उपलब्ध कराए गए हैं।खाली पेट दवा नहीं खाने की अपील।जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि दवा को कभी भी खाली पेट नहीं लेना है। इसके साथ ही 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और एक सप्ताह के भीतर प्रसव कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा लेने के बाद यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है,ये शुभ संकेत हैं। ये मामूली से दिखने वाले प्रतिकूल प्रभाव स्वतः ठीक हो जाते हैं। प्रतिकूल प्रभाव या आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है और सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को प्रशिक्षित किया गया है। शहरी क्षेत्र के लिए विशेष रैपिड रिस्पांस टीम सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में तैनात रहेगी। मरीजों की प्रेरणा से बढ़ेगी दवा की स्वीकार्यता जिले में अभियान को एक मानवीय चेहरा देने के लिए 'सीएचओ लीड पीएसपी को भी जोड़ा गया है। फाइलेरिया की पीड़ा झेल रही विनोद महतो जैसे जागरूक फाइलेरिया रोगी अब समुदाय में स्वयंसेवक की भूमिका निभा रहे हैं। कार्यशाला में यह बात उभर कर आई कि जब एक मरीज खुद अपनी आपबीती सुनाकर दवा खाने की सलाह देता है, तो आम जनमानस में दवा के प्रति हिचकिचाहट कम होती है। कार्यशाला के दौरान एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन मरीजों की सक्रियता से अभियान को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी। मौके पर उप विकास आयुक्त अनुपम श्रेष्ठ, सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार, एसीएमओ डॉ ज्ञानेंदु शेखर,डब्ल्यूएचओ की रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू,जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार,जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ,डीआईओ डॉ संजीव पांडे,सीडीओ डॉ सीके दास,एनसीडीओ डॉ नवीन कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार,पीरामल से पीएम रिचा सिंह, डीएल इफ्तिखार अहमद खान,सभी भीडीसीओ सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद थे।.1