उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) के पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 08 जून 2026 को कांकेर पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण रहा। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कांकेर जिले के दो जांबाज पुलिस अधिकारियों को देश के प्रतिष्ठित वीरता अलंकरण “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया है। यह सम्मान नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व और असाधारण वीरता के लिए दिया गया। सम्मानित होने वाले वीर पुलिस अधिकारियों के नाम श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख हैं। दोनों अधिकारियों ने बस्तर संभाग के अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण और विषम परिस्थितियों में भी उनके साहस, रणनीतिक कौशल और नेतृत्व क्षमता ने सुरक्षा बलों को बड़ी सफलताएँ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शौर्य चक्र सम्मान राष्ट्र की सुरक्षा, जनसुरक्षा और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्वीकृति है। पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर, श्री निखिल राखेचा (भा.पु.से.) ने इस विशिष्ट उपलब्धि पर दोनों अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शौर्य चक्र जैसे सर्वोच्च वीरता सम्मान का प्राप्त होना संपूर्ण कांकेर जिला, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पुलिस बल की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक है और उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। कांकेर पुलिस परिवार ने दोनों वीर अधिकारियों को इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) के पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 08 जून 2026 को कांकेर पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण रहा। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कांकेर जिले के दो जांबाज पुलिस अधिकारियों को देश के प्रतिष्ठित वीरता अलंकरण “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया है। यह सम्मान नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व और असाधारण वीरता के लिए दिया गया। सम्मानित होने वाले वीर पुलिस अधिकारियों के नाम श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख हैं। दोनों अधिकारियों ने बस्तर संभाग के
अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण और विषम परिस्थितियों में भी उनके साहस, रणनीतिक कौशल और नेतृत्व क्षमता ने सुरक्षा बलों को बड़ी सफलताएँ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शौर्य चक्र सम्मान राष्ट्र की सुरक्षा, जनसुरक्षा और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्वीकृति है। पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर, श्री निखिल राखेचा (भा.पु.से.) ने इस विशिष्ट उपलब्धि पर दोनों अधिकारियों
को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शौर्य चक्र जैसे सर्वोच्च वीरता सम्मान का प्राप्त होना संपूर्ण कांकेर जिला, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पुलिस बल की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक है और उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। कांकेर पुलिस परिवार ने दोनों वीर अधिकारियों को इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
- ग्राम नेवारखेड़ा में स्थित जियो टॉवर से बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा प्रदान किया है। इस पूरे घटनाक्रम और परिवार को मिली मदद की विस्तृत जानकारी के लिए दर्शकों को 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर वीडियो अवश्य देखने के लिए कहा गया है।1
- धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सांकरा में सुशासन तिहार के अंतिम दिन उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह कार्यक्रम 23 ग्राम पंचायतों के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के करीब 40 गांवों के ग्रामीणों ने इसमें शामिल होकर मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी का आरोप लगाते हुए अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इस दौरान, रिसगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश बघेल से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया था। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उनकी उठाई गई मांगों पर उनसे बातचीत की।3
- नितिन गडकरी जी ने भारत की सड़कों को अमेरिका जैसा बनाने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी देश के कई गांवों और शहरों की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि पूरे भारत का नक्शा उकेरा गया हो। विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जनता प्रतिदिन खराब सड़कों, लगातार होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य परेशानियों का सामना करने को मजबूर है। जनता सवाल उठा रही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर सड़कें टिकाऊ क्यों नहीं बन पा रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर जनता जवाब की मांग कर रही है, क्योंकि अच्छी और सुरक्षित सड़कें मात्र एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और वास्तविक विकास की पहचान होती हैं।1
- राजनांदगांव में मुस्लिम समाज ने मोहर्रम के दौरान 'शेर' बनने की परंपरा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में समाज के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा।1
- दुर्ग पुलिस अवैध गांजा परिवहन पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मोहन नगर थाना और ACCU की संयुक्त टीम ने कैलाश नगर, दुर्ग के रेलवे क्षेत्र मालधक्का के पास, पीडब्ल्यूआई कार्यालय के निकट एक आरोपी को अवैध रूप से गांजा का परिवहन और विक्रय करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कुल 2.506 किलोग्राम गांजा और ₹8,000 नकद जब्त किए गए, जिसका कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹1,50,000 है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश साहू (उम्र 20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वार्ड क्रमांक 18, श्मशान घाट के पास, शक्ति नगर, दुर्ग का निवासी है। तलाशी के दौरान, आरोपी के पास से एक सफेद थैले में झिल्ली के अंदर 2.324 किलोग्राम गांजा और एक अन्य सफेद झिल्ली में एयरटाइट पॉलीथीन में रखी 50 गांजा पुड़िया, जिनका कुल वजन 0.182 किलोग्राम था, बरामद की गईं। इस अवैध कारोबार का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ अर्जित करना था। आरोपी नितेश साहू के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई में थाना मोहन नगर के एएसआई राजेंद्र तिवारी, आरक्षक जितेश यादव तथा ACCU के प्रधान आरक्षक कौशलेंद्र और आरक्षक नासिर की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने जनता से अपील की है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल अपने निकटतम थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने और अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग किया जा सके।3
- गरियाबंद के उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में रहने वाले हजारों ग्रामीणों ने बिजली सेवा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ विकास प्राधिकरण के नाम खून से 500 से अधिक मार्मिक पत्र लिखे हैं। अड़गडी ग्राम में एकत्र हुए इन ग्रामीणों ने, जिनमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं, नीडल से अपना खून निकालकर कोरे कागजों पर अपनी व्यथा दर्ज की। दरअसल, यह पूरा मामला इलाके में बिजली सेवा की मांग से जुड़ा है, जिसके लिए ग्रामीण साल 2006 से लगातार हजारों पत्र लिख चुके हैं और धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान जब इस पर सुनवाई हुई, तो जिला प्रशासन ने बताया कि यह मामला केंद्र सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग को केंद्र तक पहुंचाने के लिए यह अनूठी और मार्मिक अपील का रास्ता चुना है। वहीं, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह इलाका टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को देखते हुए वहां सिर्फ सोलर पैनल से ही रोशनी की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ गांवों में पहले से सोलर प्लेट लगे हुए हैं, जिन्हें अपग्रेड करने की आवश्यकता है। जैन के अनुसार, इलाके में बिजली लाने से वन्य प्राणियों में डिस्टरबेंस पैदा होगा, जिससे आने वाले समय में वन्यजीव और मानव के बीच द्वंद्व बढ़ने की आशंका है।3
- कंकर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक युवक घायल हो गया। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।1