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ग्राम नेवारखेड़ा में स्थित जियो टॉवर से बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
Ashish parihar Parihar
ग्राम नेवारखेड़ा में स्थित जियो टॉवर से बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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- ग्राम नेवारखेड़ा में स्थित जियो टॉवर से बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा प्रदान किया है। इस पूरे घटनाक्रम और परिवार को मिली मदद की विस्तृत जानकारी के लिए दर्शकों को 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर वीडियो अवश्य देखने के लिए कहा गया है।1
- उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) के पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 08 जून 2026 को कांकेर पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण रहा। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कांकेर जिले के दो जांबाज पुलिस अधिकारियों को देश के प्रतिष्ठित वीरता अलंकरण “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया है। यह सम्मान नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व और असाधारण वीरता के लिए दिया गया। सम्मानित होने वाले वीर पुलिस अधिकारियों के नाम श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख हैं। दोनों अधिकारियों ने बस्तर संभाग के अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण और विषम परिस्थितियों में भी उनके साहस, रणनीतिक कौशल और नेतृत्व क्षमता ने सुरक्षा बलों को बड़ी सफलताएँ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शौर्य चक्र सम्मान राष्ट्र की सुरक्षा, जनसुरक्षा और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्वीकृति है। पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर, श्री निखिल राखेचा (भा.पु.से.) ने इस विशिष्ट उपलब्धि पर दोनों अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शौर्य चक्र जैसे सर्वोच्च वीरता सम्मान का प्राप्त होना संपूर्ण कांकेर जिला, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री लक्ष्मण केवट और श्री रामेश्वर देशमुख का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पुलिस बल की उत्कृष्ट परंपराओं का प्रतीक है और उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। कांकेर पुलिस परिवार ने दोनों वीर अधिकारियों को इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।3
- गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में निवास करने वाले सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजली सुविधा की अपनी लंबित माँग को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। अड़गड़ी गांव में एकत्रित हुए इन ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नाम अपने खून से मार्मिक पत्र लिखे हैं। इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने भाग लिया, जिसके तहत 500 से अधिक पत्र तैयार किए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2006 से अब तक हजारों आवेदन, ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी यह मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान भी यह मामला उठाया गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे केंद्र स्तर पर लंबित बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। अपनी इस पुरानी पीड़ा को सीधे केंद्र सरकार तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने अब अपने रक्त से पत्र लिखने का यह रास्ता अपनाया है।3
- नितिन गडकरी जी ने भारत की सड़कों को अमेरिका जैसा बनाने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी देश के कई गांवों और शहरों की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि पूरे भारत का नक्शा उकेरा गया हो। विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जनता प्रतिदिन खराब सड़कों, लगातार होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य परेशानियों का सामना करने को मजबूर है। जनता सवाल उठा रही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर सड़कें टिकाऊ क्यों नहीं बन पा रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर जनता जवाब की मांग कर रही है, क्योंकि अच्छी और सुरक्षित सड़कें मात्र एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और वास्तविक विकास की पहचान होती हैं।1
- गरियाबंद के उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में रहने वाले हजारों ग्रामीणों ने बिजली सेवा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ विकास प्राधिकरण के नाम खून से 500 से अधिक मार्मिक पत्र लिखे हैं। अड़गडी ग्राम में एकत्र हुए इन ग्रामीणों ने, जिनमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं, नीडल से अपना खून निकालकर कोरे कागजों पर अपनी व्यथा दर्ज की। दरअसल, यह पूरा मामला इलाके में बिजली सेवा की मांग से जुड़ा है, जिसके लिए ग्रामीण साल 2006 से लगातार हजारों पत्र लिख चुके हैं और धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान जब इस पर सुनवाई हुई, तो जिला प्रशासन ने बताया कि यह मामला केंद्र सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग को केंद्र तक पहुंचाने के लिए यह अनूठी और मार्मिक अपील का रास्ता चुना है। वहीं, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह इलाका टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को देखते हुए वहां सिर्फ सोलर पैनल से ही रोशनी की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ गांवों में पहले से सोलर प्लेट लगे हुए हैं, जिन्हें अपग्रेड करने की आवश्यकता है। जैन के अनुसार, इलाके में बिजली लाने से वन्य प्राणियों में डिस्टरबेंस पैदा होगा, जिससे आने वाले समय में वन्यजीव और मानव के बीच द्वंद्व बढ़ने की आशंका है।3
- कंकर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक युवक घायल हो गया। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।1
- धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक अंतर्गत जोरातराई गांव में स्थित एक किराना दुकान में दिए की लौ से भीषण आग लग गई। इस आग को बुझाने के प्रयास में दुकान संचालक सुखचंद्र पद्माकर, उनकी पत्नी संगीता पद्माकर और कृष्णा परदे गंभीर रूप से झुलस गए। आग की चपेट में आने से तीनों के हाथ-पैरों में चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल नगरी ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए, उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस घटना में दुकान का सामान भी पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।3