सोयाबीन पर पीला मोजेक का ग्रहण, दवा छिड़काव के बाद भी बढ़ता जा रहा पीलापन सोयाबीन पर पीला मोजेक का ग्रहण, दवा छिड़काव के बाद भी बढ़ता जा रहा पीलापन बारिश से मिली राहत के बाद बीमारी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, आसपास के खेतों में भी फैल रहा असर बर्बाद फसल का तत्काल सर्वे कराने और किसानों को राहत देने की मांग बकानी । क्षेत्र के आसपास गांवो मेँ लंबे समय तक बारिश की खेंच के कारण पहले ही कई किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ी थी। अब अच्छी बारिश से फसलों को राहत मिली तो अंचल के कई गांवों में सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग का प्रकोप चिंता बढ़ा रहा है। खेतों में शुरुआत में एक-दो पौधे पीले पड़ रहे हैं, लेकिन किसानों के कुछ समझने से पहले ही बीमारी आसपास के पौधों और खेतों तक फैलती दिखाई दे रही है। किसानो ने बताया कि उनके खेत में सोयाबीन की फसल पीलापन रोग की चपेट में आ गई है। कीटनाशक दुकानदारों की सलाह पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पीलापन बढ़ता जा रहा है। किसान विक्रम सिंह ने बताया कि एक खेत में बीमारी लगने के बाद यह तेजी से आसपास फैल रही है और गांव में सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि बीमारी के कारण उत्पादन प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान बढ़ने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे शुरू कराने तथा प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
सोयाबीन पर पीला मोजेक का ग्रहण, दवा छिड़काव के बाद भी बढ़ता जा रहा पीलापन सोयाबीन पर पीला मोजेक का ग्रहण, दवा छिड़काव के बाद भी बढ़ता जा रहा पीलापन बारिश से मिली राहत के बाद बीमारी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, आसपास के खेतों में भी फैल रहा असर बर्बाद फसल का तत्काल सर्वे कराने और किसानों को राहत देने की मांग बकानी । क्षेत्र के आसपास गांवो मेँ लंबे समय तक बारिश की खेंच के कारण पहले ही कई किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ी थी। अब अच्छी बारिश से फसलों को राहत मिली तो अंचल के कई गांवों में सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग का प्रकोप चिंता बढ़ा रहा है। खेतों में शुरुआत में एक-दो पौधे पीले पड़ रहे हैं, लेकिन किसानों के कुछ समझने से पहले ही बीमारी आसपास के पौधों और खेतों तक फैलती दिखाई दे रही है। किसानो ने बताया कि उनके खेत में सोयाबीन की फसल पीलापन रोग की चपेट में आ गई है। कीटनाशक दुकानदारों की सलाह पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पीलापन बढ़ता जा रहा है। किसान विक्रम सिंह ने बताया कि एक खेत में बीमारी लगने के बाद यह तेजी से आसपास फैल रही है और गांव में सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि बीमारी के कारण उत्पादन प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान बढ़ने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे शुरू कराने तथा प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
- 3 बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत का माहौल झालावाड़। जिले के पिड़ावा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह करीब 3 बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत का माहौल है। सभी घरों से बाहर है, स्कूलों की भी छुट्टियां कर दी गई है, जिला मुख्यलय से टीम बुलाई गई है, इसके बाद ही उसकी त्रीवता का पता चल सकेगा। घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार ओर पुलिस समेत अन्य कार्मिक गांव में तैनात है मामले की जांच में लगे है। दरअसल आज सुबह सबसे पहले पिड़ावा उपखण्ड के ग्राम पंचायत नोलाई पंचायत क्षेत्र के नोलाई, बरखेड़ी, खजुरी और नापाखेड़ी, आवर गांवों में अचानक झटके महसूस किए जाने की बात सामने आई है। सुबह पहला झटका 7 बजकर 15 मिनट पर लगा, इसके बाद 8 बजकर 20 मिनट ओर दूसरा जबकि 9 बजकर 50 मिनट पर तीसरा झटका महसूस किया गया। हालाकि इसके बाद कोई झटका नही आया। ग्रामीण बताते है कि झटके के दौरान अचानक धरती हिलने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। झटकों के बाद कुछ मकानों में दरारें आने की भी सूचना है। घटना के बाद गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। स्कूल में बच्चे पढ़ रहे थे, स्कूल से बाहर निकाल कर खुले मैदान पर बैठा दिए, बाद में छुट्टी भी कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्र के लोग फिलाल बाहर निकाल कर खुले में आ गए हैं। सुबह से ही दो-तीन बार क्षेत्र में झटके महसूस किए गए, पूरे मामले को लेकर अब प्रशांसन की तरफ से मौके पर तहसीलदार धनराज गोचर भी मौके पर पहुंचे हैं।पिड़ावा तहसीलदार धनराज गोचर ने बताया कि 9:50 पर ग्रामीण तीसरा झटका लगने की बात कह रहे हैं, इस दौरान घरों के बर्तन भी गिर गए और कुछ जगह दरारें भी आई बताई है,सभी ग्रामीण घरों से बाहर निकल गए हैं, यह इलाका गागरिन डैम के नजदीक आता है। सुरक्षा के तौर पर सभी स्कूलों में छुट्टियां करवा दी गई है। इस मामले की जानकारी उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा को देने के बाद उन्होंने बताया कि झालावाड़ से भूकम्प की जांच के लिए एक टीम रवाना हो गई है, इसके बाद ही आगे की जानकारी भूकंप को लेकर स्पष्ट हो पाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से पिड़ावा थानाधिकारी रामपाल यादव भी मौके पर पहुंचे यहां जानकारी ले रहे हैं। हालांकि यह भूकंप के झटके थे या कोई अन्य झटके जांच के बाद ही सामने आएगा। इसको लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।1
- दूध की हड़ताल सुसनेर सोयत नगर में सुबह से ही हड़ताल शुरू 100₹लीटर दूध की मांग दूध संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल नहीं बचेंगे दूध नहीं बचेंगे दूध नहीं बचेंगे दूध₹12 प्रति फैटओर ₹100 लीटर दूध पत्रकार मनोज कुमार माली जिला आगर मालवा से सुसनेर नगर के आसपास के सभी ग्रामीणों ने मिलकर आज आवेदन के रूप में प्रशासन का अवगत कराया और साथ ही जब तक दूध ₹100 लीटर और प्रतिपेट ₹12 लीटर में नहीं होता है तबतक हमारी हड़ताल रहेगी दूध डेयरी एवं किसान जो भी दूध बेचता हुआ पाया गया उसके ऊपर 11 000 दूध डेरी वालों पर ₹21000 का जुर्माना समिति के सदस्य लोगों ने तय किया हुआ है1
- सोयत कला- दूध विक्रेताओं का ऐलान महंगाई बड़ी तो दूध की कीमत भी बढ़ना चाहिए तहसीलदार को सौपा ज्ञापन1
- सराय परिसर की शासकीय भूमि से अवैध निर्माण तत्काल हटाएं : कलेक्टर आगर-मालवा, 15 सितम्बर। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने मंगलवार को जनसुनवाई में 63 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। छावनी आगर निवासी सुधा मेठी ने सराय परिसर में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर स्थायी निर्माण किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इससे उनकी किराये की दुकान को भी नुकसान हो रहा है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका सीएमओ को शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर अवैध निर्माण तत्काल हटाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मंगल कॉलोनी उज्जैन की विद्या पानीवाल ने सड़क दुर्घटना में पति की मृत्यु के बाद स्वीकृत 2 लाख रुपए की सहायता राशि दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक को हितग्राही को राशि का भुगतान कर अवगत कराने के निर्देश दिए। वहीं लाखाखेड़ी की फरीदा बी ने आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती में बीपीएल कार्ड के अंक नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने आपत्ति दर्ज कराकर उसका निराकरण करने और बीपीएल अंक जोड़कर पुनः मेरिट सूची बनाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बिजली बिल, पेंशन, भूमि विवाद, मुआवजा, रास्ता, अनुकंपा नियुक्ति एवं आदेशों के पालन सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने अधिकारियों को आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम आगर मिलिंद ढोके सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सुसनेर में कांग्रेस ने निकाली नामांकन रैली, शक्ति प्रदर्शन के साथ SDM कार्यालय में विष्णु पाटीदार व नईम मेव ने भरा फार्म सुसनेर नप अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर मंगलवार को सुसनेर में कांग्रेस ने अपना दम दिखाया। दोपहर साढ़े 12 बजे डाक बंगला रोड से कांग्रेस ने नामांकन रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी के नेता शामिल हुए।1
- झालावाड़ के पिड़ावा क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 बताई जा रही है। झटके महसूस होते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।जानकारी के अनुसार, नोलाई पंचायत क्षेत्र के नोलाई, बोरखेड़ी पंचायत सहित आसपास के 3 गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।1
- नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया झालावाड़। नगरीय निकाय चुनाव में जिले के परिणामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा को 13 सीटों पर संतोष करना पड़ा। दो निर्दलीय और एक सीट पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की। जिले के अन्य निकायों में खानपुर में कांग्रेस 18, भाजपा 7; पिड़ावा में कांग्रेस 8, भाजपा 6, आप 5 और निर्दलीय 1; झालरापाटन में भाजपा 22, कांग्रेस 8 और आप 5; भवानीमंडी में कांग्रेस 26, भाजपा 13 और निर्दलीय 1; मनोहरथाना में भाजपा 11, कांग्रेस 6 और निर्दलीय 3; अकलेरा में भाजपा 25, कांग्रेस 8 और निर्दलीय 2 तथा डग में कांग्रेस 14 और भाजपा 6 सीटों पर विजयी रही। परिणामों ने जिले की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बना दिए हैं। खासकर झालावाड़ नगर परिषद में भाजपा की हार को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इधर जीत के बाद कार्यकताओं ने खुशी जाहिर की और एक दूसरे को बधाई दी व मुह मीठा करवाया।2
- खुले नाले पर ढाकन न होने से नाले में गिर रहें मवेशी, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी मोड़क क्षेत्र के पीपल्दा पंचायत के ईशवरपुरा गांव में बनें नाले पर ढाकन न होने से आएं दिन ग्रामीणों के मवेशी हों रहें गिरकर चोटी , मंगलवार को एक गाय नाले में गिर गईं और नाले में हीं फंस गई,नाले कि चौड़ाई कम होने और गहराई अधिक होने से गाय नाले में करीब आधे घंटे से ज्यादा देर तक फंसीं रहीं , जिसके बाद ग्रामीणों ने नाले कों तोड़कर कड़ी मशक्कत कर रस्सियों कि मदद से बाहर निकाला, ग्रामीण बसंती लाल अहीर बालमुकुंद अहीर रामस्वरूप अहीर मोडूलाल अहीर हंसराज अहीर शुभम बना मनोज कुमार शभोराम मोडू लाल कन्हैयालाल आदि ने बताया कि अब तक इस नाले में 10-11 मवेशी गिरकर चुकें हैं जिनमें 3 मवेशी कि मौत हो चुकी , बावजूद इसके पंचायत ने नाले पर ढाकन नहीं करवाया जिससे पशुपालकों को जान माल से आर्थिक नुकसान हों रहा है,,मनोज अहीर ने बताया कि कहीं बाहर पंचायत और सरपंच कों नाले पर ढाकन करवाने के लिए गुंजाइश कर चुकें बावजूद इसके ना तो सरपंच ने ध्यान दिया ना हीं पंचायत ने, जिससे पशुपालकों और ग्रामीणों कि जान को ख़तरा बना हुआं , ख़ुद ग्रामीण हीं मवेशियों को बचाने के रस्सियों कि मदद से नाले में गिरने वाले मवेशियों को बचाने में लगें हैं, खुला नाला बना हादसों का कारण,रात के समय राहगीरों और पशुओं के लिए यह नाला बड़ा खतरा साबित हो सकता है, ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस बार जब भी किसी पशु कि नाले में गिरने से मौत होंगी तों पंचायत से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा,वरना पंचायत खुलें नाले के ऊपर ढाकन करवाएं, पंचायत कि उदासीनता ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है, ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार ने कहा कि अभी पंचायत में कोई बजट नहीं है जिससे काम हों सकें।4