खुले नाले पर ढाकन न होने से नाले में गिर रहें मवेशी, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी मोड़क क्षेत्र के पीपल्दा पंचायत के ईशवरपुरा गांव में बनें नाले पर ढाकन न होने से आएं दिन ग्रामीणों के मवेशी हों रहें गिरकर चोटी , मंगलवार को एक गाय नाले में गिर गईं और नाले में हीं फंस गई,नाले कि चौड़ाई कम होने और गहराई अधिक होने से गाय नाले में करीब आधे घंटे से ज्यादा देर तक फंसीं रहीं , जिसके बाद ग्रामीणों ने नाले कों तोड़कर कड़ी मशक्कत कर रस्सियों कि मदद से बाहर निकाला, ग्रामीण बसंती लाल अहीर बालमुकुंद अहीर रामस्वरूप अहीर मोडूलाल अहीर हंसराज अहीर शुभम बना मनोज कुमार शभोराम मोडू लाल कन्हैयालाल आदि ने बताया कि अब तक इस नाले में 10-11 मवेशी गिरकर चुकें हैं जिनमें 3 मवेशी कि मौत हो चुकी , बावजूद इसके पंचायत ने नाले पर ढाकन नहीं करवाया जिससे पशुपालकों को जान माल से आर्थिक नुकसान हों रहा है,,मनोज अहीर ने बताया कि कहीं बाहर पंचायत और सरपंच कों नाले पर ढाकन करवाने के लिए गुंजाइश कर चुकें बावजूद इसके ना तो सरपंच ने ध्यान दिया ना हीं पंचायत ने, जिससे पशुपालकों और ग्रामीणों कि जान को ख़तरा बना हुआं , ख़ुद ग्रामीण हीं मवेशियों को बचाने के रस्सियों कि मदद से नाले में गिरने वाले मवेशियों को बचाने में लगें हैं, खुला नाला बना हादसों का कारण,रात के समय राहगीरों और पशुओं के लिए यह नाला बड़ा खतरा साबित हो सकता है, ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस बार जब भी किसी पशु कि नाले में गिरने से मौत होंगी तों पंचायत से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा,वरना पंचायत खुलें नाले के ऊपर ढाकन करवाएं, पंचायत कि उदासीनता ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है, ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार ने कहा कि अभी पंचायत में कोई बजट नहीं है जिससे काम हों सकें।
खुले नाले पर ढाकन न होने से नाले में गिर रहें मवेशी, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी मोड़क क्षेत्र के पीपल्दा पंचायत के ईशवरपुरा गांव में बनें नाले पर ढाकन न होने से आएं दिन ग्रामीणों के मवेशी हों रहें गिरकर चोटी , मंगलवार को एक गाय नाले में गिर गईं और नाले में हीं फंस गई,नाले कि चौड़ाई कम होने और गहराई अधिक होने से गाय नाले में करीब आधे घंटे से ज्यादा देर तक
फंसीं रहीं , जिसके बाद ग्रामीणों ने नाले कों तोड़कर कड़ी मशक्कत कर रस्सियों कि मदद से बाहर निकाला, ग्रामीण बसंती लाल अहीर बालमुकुंद अहीर रामस्वरूप अहीर मोडूलाल अहीर हंसराज अहीर शुभम बना मनोज कुमार शभोराम मोडू लाल कन्हैयालाल आदि ने बताया कि अब तक इस नाले में 10-11 मवेशी गिरकर चुकें हैं जिनमें 3 मवेशी कि मौत हो चुकी , बावजूद इसके पंचायत ने नाले पर ढाकन नहीं करवाया जिससे पशुपालकों को जान माल
से आर्थिक नुकसान हों रहा है,,मनोज अहीर ने बताया कि कहीं बाहर पंचायत और सरपंच कों नाले पर ढाकन करवाने के लिए गुंजाइश कर चुकें बावजूद इसके ना तो सरपंच ने ध्यान दिया ना हीं पंचायत ने, जिससे पशुपालकों और ग्रामीणों कि जान को ख़तरा बना हुआं , ख़ुद ग्रामीण हीं मवेशियों को बचाने के रस्सियों कि मदद से नाले में गिरने वाले मवेशियों को बचाने में लगें हैं, खुला नाला बना हादसों का कारण,रात के समय राहगीरों
और पशुओं के लिए यह नाला बड़ा खतरा साबित हो सकता है, ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस बार जब भी किसी पशु कि नाले में गिरने से मौत होंगी तों पंचायत से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा,वरना पंचायत खुलें नाले के ऊपर ढाकन करवाएं, पंचायत कि उदासीनता ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है, ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार ने कहा कि अभी पंचायत में कोई बजट नहीं है जिससे काम हों सकें।
- मदनपुरा गांव में पैंथर के साथ नजर आया शावक, बकरी का किया शिकार फाणदा गांव में पैंथर की लगातार गतिविधियां चेचट क्षेत्र में भी पैंथर की दस्तक, गाय का किया शिकार चेचट। चेचट क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से पैंथर की लगातार गतिविधियां सामने आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। फाणदा सेंचुरी क्षेत्र में एक पैंथर के मूवमेंट की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पैंथर ने एक गाय का शिकार भी किया है। पैंथर की गतिविधियां गांधी सागर के जंगल की ओर से होने की बात सामने आ रही है।इसी तरह मदनपुरा क्षेत्र में भी एक अन्य पैंथर दिखाई देने की सूचना है। ग्रामीणों के अनुसार इस पैंथर ने बकरी का शिकार किया है। खास बात यह है कि पैंथर के साथ एक छोटा शावक भी नजर आया है, जिससे क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।पैंथर के लगातार मूवमेंट को देखते हुए नाका प्रभारी जुबेर खान लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने पैंथर की गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों को दी है और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग की ओर से भी पैंथर की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पैंथर की मौजूदगी की सूचना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और पैंथर के मूवमेंट को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है.1
- 3 बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत का माहौल झालावाड़। जिले के पिड़ावा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह करीब 3 बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत का माहौल है। सभी घरों से बाहर है, स्कूलों की भी छुट्टियां कर दी गई है, जिला मुख्यलय से टीम बुलाई गई है, इसके बाद ही उसकी त्रीवता का पता चल सकेगा। घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार ओर पुलिस समेत अन्य कार्मिक गांव में तैनात है मामले की जांच में लगे है। दरअसल आज सुबह सबसे पहले पिड़ावा उपखण्ड के ग्राम पंचायत नोलाई पंचायत क्षेत्र के नोलाई, बरखेड़ी, खजुरी और नापाखेड़ी, आवर गांवों में अचानक झटके महसूस किए जाने की बात सामने आई है। सुबह पहला झटका 7 बजकर 15 मिनट पर लगा, इसके बाद 8 बजकर 20 मिनट ओर दूसरा जबकि 9 बजकर 50 मिनट पर तीसरा झटका महसूस किया गया। हालाकि इसके बाद कोई झटका नही आया। ग्रामीण बताते है कि झटके के दौरान अचानक धरती हिलने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। झटकों के बाद कुछ मकानों में दरारें आने की भी सूचना है। घटना के बाद गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। स्कूल में बच्चे पढ़ रहे थे, स्कूल से बाहर निकाल कर खुले मैदान पर बैठा दिए, बाद में छुट्टी भी कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्र के लोग फिलाल बाहर निकाल कर खुले में आ गए हैं। सुबह से ही दो-तीन बार क्षेत्र में झटके महसूस किए गए, पूरे मामले को लेकर अब प्रशांसन की तरफ से मौके पर तहसीलदार धनराज गोचर भी मौके पर पहुंचे हैं।पिड़ावा तहसीलदार धनराज गोचर ने बताया कि 9:50 पर ग्रामीण तीसरा झटका लगने की बात कह रहे हैं, इस दौरान घरों के बर्तन भी गिर गए और कुछ जगह दरारें भी आई बताई है,सभी ग्रामीण घरों से बाहर निकल गए हैं, यह इलाका गागरिन डैम के नजदीक आता है। सुरक्षा के तौर पर सभी स्कूलों में छुट्टियां करवा दी गई है। इस मामले की जानकारी उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा को देने के बाद उन्होंने बताया कि झालावाड़ से भूकम्प की जांच के लिए एक टीम रवाना हो गई है, इसके बाद ही आगे की जानकारी भूकंप को लेकर स्पष्ट हो पाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से पिड़ावा थानाधिकारी रामपाल यादव भी मौके पर पहुंचे यहां जानकारी ले रहे हैं। हालांकि यह भूकंप के झटके थे या कोई अन्य झटके जांच के बाद ही सामने आएगा। इसको लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।1
- झालावाड़ के पिड़ावा क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 बताई जा रही है। झटके महसूस होते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।जानकारी के अनुसार, नोलाई पंचायत क्षेत्र के नोलाई, बोरखेड़ी पंचायत सहित आसपास के 3 गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।1
- चांद की अजब गजब परछाई बोलिया1
- ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल पर ताला लगाया मामला राजस्थान के मिश्रोली श्रेत्र का.. राजस्थान....झालावाड.. मिश्रोली के गांव सरकन्या मे सरकारी स्कूल पर ग्रामिणो ने ताला लगाया.. महिला शिक्षिका के व्यवहार से नाराज बताए जा रहे है.. मिश्रोली पुलिस व ब्लाक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुचे..समझाइश के बाद खोला ताला1
- सोयाबीन का तेल कैसे निकल ता है ओर आपके रसोई तक कैसे पहुंचा ता है देखिए ये वीडियो1
- बड़ोदिया कलां में लगा पीपल्दा और बड़ोदिया कलां का संयुक्त रूप से सांसद जन सेवा शिविर , चेचट क्षेत्र के बड़ोदिया कलां में मंगलवार को ग्राम पंचायत बड़ोदिया कलां व पीपल्दा पंचायत का संयुक्त रूप से सांसद जन सेवा शिविर आयोजित हुआं , शिविर का शुभारंभ सुबह 10 बजें हुआं जों सायं कों 5 बजें तक चला जिसमें तमाम विभागीय अधिकारी कर्मचारी ने आमजन कि समस्याओं को सुनकर दूर किया शिविर में केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ बताकर उनसे जोड़ा गया, साथ हीं शिविर में आधार कार्ड जन आधार कार्ड,राशन कार्ड चिकित्सा कार्ड और जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र आदि का सत्यापन व गलतियां सुधार कार्य हुएं, और नवीन पंजीकरण खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना और श्रमिक कार्ड जैसे नवीन पंजीकरण किए गए, साथ हीं स्वास्थ्य सेवा में लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं दवाइयां उपलब्ध करवाई गई, शिविर में राजस्व अभिलेख प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सत्यापन, किसान फार्म आईडी , से लेकर तमाम प्रकार के कार्य किए गए, बड़ी संख्या में आमजन अपनी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे जहां मौजूद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने समस्या को सुनकर दूर किया और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया, शिविर में मौजूद रहें, तहसीलदार कैलाश मीणा ग्राम विकास अधिकारी दुर्गेश मीणा व त्रिलोचन कुमार शिविर प्रभारी भानू प्रताप केम्प कार्यालय शिविर प्रभारी रामविलास मीणा हल्का पटवारी हरिश चौधरी और जनप्रतिनिधि व कर्मचारी अधिकार मौजूद रहें।4
- खुले नाले पर ढाकन न होने से नाले में गिर रहें मवेशी, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी मोड़क क्षेत्र के पीपल्दा पंचायत के ईशवरपुरा गांव में बनें नाले पर ढाकन न होने से आएं दिन ग्रामीणों के मवेशी हों रहें गिरकर चोटी , मंगलवार को एक गाय नाले में गिर गईं और नाले में हीं फंस गई,नाले कि चौड़ाई कम होने और गहराई अधिक होने से गाय नाले में करीब आधे घंटे से ज्यादा देर तक फंसीं रहीं , जिसके बाद ग्रामीणों ने नाले कों तोड़कर कड़ी मशक्कत कर रस्सियों कि मदद से बाहर निकाला, ग्रामीण बसंती लाल अहीर बालमुकुंद अहीर रामस्वरूप अहीर मोडूलाल अहीर हंसराज अहीर शुभम बना मनोज कुमार शभोराम मोडू लाल कन्हैयालाल आदि ने बताया कि अब तक इस नाले में 10-11 मवेशी गिरकर चुकें हैं जिनमें 3 मवेशी कि मौत हो चुकी , बावजूद इसके पंचायत ने नाले पर ढाकन नहीं करवाया जिससे पशुपालकों को जान माल से आर्थिक नुकसान हों रहा है,,मनोज अहीर ने बताया कि कहीं बाहर पंचायत और सरपंच कों नाले पर ढाकन करवाने के लिए गुंजाइश कर चुकें बावजूद इसके ना तो सरपंच ने ध्यान दिया ना हीं पंचायत ने, जिससे पशुपालकों और ग्रामीणों कि जान को ख़तरा बना हुआं , ख़ुद ग्रामीण हीं मवेशियों को बचाने के रस्सियों कि मदद से नाले में गिरने वाले मवेशियों को बचाने में लगें हैं, खुला नाला बना हादसों का कारण,रात के समय राहगीरों और पशुओं के लिए यह नाला बड़ा खतरा साबित हो सकता है, ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस बार जब भी किसी पशु कि नाले में गिरने से मौत होंगी तों पंचायत से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा,वरना पंचायत खुलें नाले के ऊपर ढाकन करवाएं, पंचायत कि उदासीनता ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है, ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार ने कहा कि अभी पंचायत में कोई बजट नहीं है जिससे काम हों सकें।4