भरतपुर जिले के रूपवास उपखंड में प्रशासन ने ग्राम पंचायत चैंकोरा के भिडयानी गांव में एक आम रास्ते पर हुए अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान एक महिला के वर्षों पुराने कच्चे-पक्के कब्जे को हटाया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश रास्ते पर अतिक्रमण अभी भी वैसे ही बने हुए हैं। कब्जा हटाई गई महिला ने आरोप लगाया है कि रूपवास प्रशासन ने उसे बिना किसी नोटिस या सूचना के, कुछ दबंगों से मिलीभगत करके उसका कब्जा हटाया है। महिला के अनुसार, उसके कब्जे के पीछे की जमीन कुछ दबंगों ने प्लाटिंग के लिए खरीदी है और उन्हीं की शिकायत तथा मिलीभगत के कारण यह कार्रवाई हुई, जबकि आम रास्ते पर अन्य लोगों के कब्जे को छुआ तक नहीं गया। महिला का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई सरासर गलत और न्यायसंगत नहीं है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, चिल्ड्रन विद्यालय के पास से भिडयानी तक जाने वाला रास्ता खसरा नंबर 46 नक्शे में 11 गट्ठा यानी 70 फीट चौड़ा है, लेकिन मौके पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 20 फीट है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने इस रास्ते पर प्लाटिंग करके इसे 20 फीट का ही छोड़ा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर 70 फीट चौड़े रास्ते से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो भिडयानी में बना राजकीय विद्यालय भी इसकी चपेट में आ जाएगा, क्योंकि वह भी इस गैर-मुमकिन रास्ते पर बना हुआ है। राजस्व विभाग पर आरोप है कि एक ही ग्राम पंचायत में उसके दो नियम हैं, जहां वह गरीब लोगों के कब्जे हटाकर दबंगों को रास्ता दिलवा रहा है, वहीं चैंकोरा में बलदाऊजी मंदिर और शहीद स्मारक के पास शिवायचक भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। गैर-मुमकिन खान, पहाड़, रास्ते और चारागाह जैसी सरकारी भूमियों पर भी भारी अतिक्रमण है, जिनके लिए शिकायतें होने के बावजूद कोई 'पीले पंजे' की कार्रवाई नहीं होती।
भरतपुर जिले के रूपवास उपखंड में प्रशासन ने ग्राम पंचायत चैंकोरा के भिडयानी गांव में एक आम रास्ते पर हुए अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान एक महिला के वर्षों पुराने कच्चे-पक्के कब्जे को हटाया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश रास्ते पर अतिक्रमण अभी भी वैसे ही बने हुए हैं। कब्जा हटाई गई महिला ने आरोप लगाया है कि रूपवास प्रशासन ने उसे बिना किसी नोटिस या सूचना के, कुछ दबंगों से मिलीभगत करके उसका कब्जा हटाया है। महिला के अनुसार, उसके कब्जे के पीछे की जमीन कुछ दबंगों ने प्लाटिंग के लिए खरीदी है और उन्हीं की शिकायत तथा मिलीभगत के कारण यह कार्रवाई हुई, जबकि आम रास्ते पर अन्य लोगों के कब्जे को छुआ तक नहीं गया। महिला का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई सरासर गलत और न्यायसंगत नहीं है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, चिल्ड्रन विद्यालय के पास से भिडयानी तक जाने वाला रास्ता खसरा नंबर 46 नक्शे में 11 गट्ठा यानी 70 फीट चौड़ा है, लेकिन मौके पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 20 फीट है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने इस रास्ते पर प्लाटिंग करके इसे 20 फीट का ही छोड़ा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर 70 फीट चौड़े रास्ते से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो भिडयानी में बना राजकीय विद्यालय भी इसकी चपेट में आ जाएगा, क्योंकि वह भी इस गैर-मुमकिन रास्ते पर बना हुआ है। राजस्व विभाग पर आरोप है कि एक ही ग्राम पंचायत में उसके दो नियम हैं, जहां वह गरीब लोगों के कब्जे हटाकर दबंगों को रास्ता दिलवा रहा है, वहीं चैंकोरा में बलदाऊजी मंदिर और शहीद स्मारक के पास शिवायचक भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। गैर-मुमकिन खान, पहाड़, रास्ते और चारागाह जैसी सरकारी भूमियों पर भी भारी अतिक्रमण है, जिनके लिए शिकायतें होने के बावजूद कोई 'पीले पंजे' की कार्रवाई नहीं होती।
- Post by Vishal Kumar1
- पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड क्षेत्र के चिरपटिया गांव में एक सूने आवासीय मकान में चोरी की वारदात हुई है। सूचना मिलने पर मारवाड़ जंक्शन सिटी थाना पुलिस के सीआई राजेंद्र खदाव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। अज्ञात चोरों ने मकान के दो कमरों के ताले तोड़े। एक कमरे में सामान बिखरा हुआ मिला, जबकि दूसरे कमरे में रखे पलंग की दराज भी खुली पाई गई। चोरी के दौरान क्या-क्या सामान चोरी हुआ है, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। यह मकान जीवराज राजपुरोहित पुत्र ओठ सिंह राजपुरोहित का बताया जा रहा है, जिनका परिवार वर्तमान में अहमदाबाद में रहता है और घटना के समय मकान सूना था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। परिवार के अहमदाबाद से लौटने के बाद ही चोरी गए सामान का सही आकलन हो पाएगा और उनके द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- आगरा के शहीद नगर स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार में शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठ लड़ी का भावपूर्ण समापन हो गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत (श्रद्धालुओं) ने भाग लिया। संगत ने कीर्तन, गुरुविचार और अरदास के माध्यम से गुरु साहिब के त्याग, बलिदान और मानवता के संदेश को स्मरण किया। इस आयोजन ने गुरु महाराज के उपदेशों को याद करते हुए समुदाय को एक साथ आने का अवसर प्रदान किया।1
- पाली के मारवाड़ स्थित खारड़ी गांव में महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। महाराणा ग्रुप और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजबंधुओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का शुभारंभ अध्यक्ष रविंद्र सिंह चौहटन के निर्देशन में हुआ। इस दौरान महाराणा प्रताप के जयघोषों से पूरा गांव गूंज उठा। प्रतिभागियों ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के आदर्शों, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। वक्ताओं ने युवाओं से महाराणा प्रताप के त्याग, स्वाभिमान और वीरता को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। यह रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होकर जाडन तक शांतिपूर्वक संपन्न हुई। ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर रैली का स्वागत किया और आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर महाराणा ग्रुप के पदाधिकारियों और समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे।1
- आगरा के थाना बाह क्षेत्र स्थित बटेश्वर में यमुना नदी पर बना पांटून पुल टूट गया। इस हादसे में पुल का एक पीपा क्षतिग्रस्त होकर नदी में डूब गया, जिसके कारण पुल पर चल रही एक हाइड्रा मशीन भी नदी में गिरकर डूब गई। हालांकि, मशीन के चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना तब हुई जब दो हाइड्रा मशीनों की मदद से एक स्टीमर को नदी के दूसरी तरफ ले जाया जा रहा था। स्टीमर बीच पुल पर पहुंचा ही था कि अचानक पीपा पुल टूट गया और हाइड्रा मशीन नदी में समा गई। पुल टूटने के कारण कई गांवों का आपस में संपर्क प्रभावित हो गया है।1
- आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के अंगूठी गांव में प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के दौरान तालाब की जमीन पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। प्रशासनिक टीम ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य तालाब की मूल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि की स्थिति को बहाल करना था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। कार्रवाई से पहले ही इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय और एनजीटी के स्पष्ट आदेशों के तहत की गई है। कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद तालाब की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से किसी विरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है, जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं।1
- पनवाड़ी कस्बे के मुहाल तालाब काजीपुर में मंगलवार की अर्द्धरात्रि को एक दर्दनाक अग्निकांड में एक गरीब परिवार की वर्षों की जमा-पूंजी और घर का सारा सामान पलभर में राख हो गया। कथित तौर पर तेज वोल्टेज के कारण लगी इस भीषण आग में घर में रखा फ्रिज, एक पल्सर बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित गृहस्वामी रामगोपाल रैकवार, जो मुख्य बाजार में चाट का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि रात करीब 12 बजे बिजली गुल होने के लगभग एक घंटे बाद अचानक बिजली आई। उनका आरोप है कि बिजली की सप्लाई का वोल्टेज अत्यधिक तेज था, जिसके कारण घर के बिजली बोर्ड में जोरदार चिंगारी उठी और तुरंत आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पहले पास में रखे फ्रिज को अपनी चपेट में लिया और फिर घर में खड़ी पल्सर बाइक व स्कूटी तक फैल गई। आग की लपटें उठते ही परिवार के लोग घबराकर बाहर निकले और शोर मचाया, जिनकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और समरसेबिल के जरिए पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार ने लाखों के भारी आर्थिक नुकसान की बात कहते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। इस अग्निकांड के बाद मोहल्ले में बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।3