पानी की तलाश में लाखों खर्च, फिर भी नहीं मिला जल; कीचड़ से आम रास्ता बंद बहरोड़। क्षेत्र के गांव गण्डाला के भूरी परस मौहल्ले के पास पेयजल नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अपने स्तर बोरिंग कर मौहल्ले में पेयजल सप्लाई करने करने का निर्णय लिया। युवा टीम ने मौहल्ले वासियों से चन्दा इकठ्ठा कर बोरिंग करने का कार्य शुरू कर दिया। पहले पंजाब वाली मशीन से लगभग 370 फिट गहरा बोरवेल खुदाई किया गया। उसके बाद नीचे पहाड़ आ गया। पहाड़ को कटवाने के लिए भीलवाड़ा मशीन लगाई गई। भीलवाड़ा मशीन ने काम शुरू किया और वाटर टैंक से पानी डाल-डालकर लगभग 370 फिट पहाड़ को काट दिया। लेकिन पानी नहीं मिला, जिससे काम को रोक दिया गया। पानी की तलाश में लाखों खर्च करने के बावजूद बोरिंग में पानी नहीं मिला, जिससे ग्रामीणों को निराशा ही हाथ लगी। लोगों का कहना था कि इकठ्ठा किया गया पैसा और मेहनत बोरिंग के गड्डे में ही समा गया। आम रास्ता हुआ अवरूद्ध बोरिंग का कीचड़ आम रास्ते में फैल जाने से आवागमन पूरी तरह बन्द हो गया। लगभग आधा दर्जन घरों का रास्ता तो पूरी तरह बन्द हो गया। उनको बाहर जाना है तो कीचड़ के अन्दर घुसना ही होगा। जिससे उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अन्य राहगीरों को दूसरे रास्तों से चक्कर लगाकर गन्तव्य स्थान पर जाना पड़ रहा है।
पानी की तलाश में लाखों खर्च, फिर भी नहीं मिला जल; कीचड़ से आम रास्ता बंद बहरोड़। क्षेत्र के गांव गण्डाला के भूरी परस मौहल्ले के पास पेयजल नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अपने स्तर बोरिंग कर मौहल्ले में पेयजल सप्लाई करने करने का निर्णय लिया। युवा टीम ने मौहल्ले वासियों से चन्दा इकठ्ठा कर बोरिंग करने का कार्य शुरू कर दिया। पहले पंजाब वाली मशीन से लगभग 370 फिट गहरा बोरवेल खुदाई किया गया। उसके बाद नीचे पहाड़ आ गया। पहाड़ को कटवाने के लिए भीलवाड़ा मशीन लगाई गई। भीलवाड़ा मशीन ने काम शुरू किया और वाटर टैंक से पानी डाल-डालकर लगभग 370 फिट पहाड़ को काट दिया। लेकिन पानी नहीं मिला,
जिससे काम को रोक दिया गया। पानी की तलाश में लाखों खर्च करने के बावजूद बोरिंग में पानी नहीं मिला, जिससे ग्रामीणों को निराशा ही हाथ लगी। लोगों का कहना था कि इकठ्ठा किया गया पैसा और मेहनत बोरिंग के गड्डे में ही समा गया। आम रास्ता हुआ अवरूद्ध बोरिंग का कीचड़ आम रास्ते में फैल जाने से आवागमन पूरी तरह बन्द हो गया। लगभग आधा दर्जन घरों का रास्ता तो पूरी तरह बन्द हो गया। उनको बाहर जाना है तो कीचड़ के अन्दर घुसना ही होगा। जिससे उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अन्य राहगीरों को दूसरे रास्तों से चक्कर लगाकर गन्तव्य स्थान पर जाना पड़ रहा है।
- अलवर के नीमराना स्थित रोडवाल टोल प्लाजा पर स्थानीय ग्रामीणों और टोल प्रबंधन के बीच टोल में छूट को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार को प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद टोल संचालक से हाथापाई हुई और उसके कपड़े फट गए। दो दिन में समाधान न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।4
- वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान मुंडावर/जसाई (खैरथल-तिजारा): समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित संगठन युवा भगत सिंह सेना द्वारा आयोजित 20वें विशाल रक्तदान शिविर में सेवा का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष और जसाई सरपंच वीरेंद्र उर्फ वीरू शर्मा के जन्मदिवस पर आयोजित इस शिविर में न केवल जनसैलाब उमड़ा, बल्कि खुद वीरेंद्र पंडित ने 54वीं बार रक्तदान कर युवाओं के सामने एक नई मिसाल पेश की। दंपत्ति ने पेश की सेवा की मिसाल शिविर की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह रही कि प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र पंडित के साथ उनकी धर्मपत्नी आरती शर्मा ने भी रक्तदान किया। उन्होंने इस माध्यम से समाज की महिलाओं को सामाजिक कार्यों और जीवन रक्षक अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। "रक्तदान महादान: आपके कुछ मिनट, किसी की पूरी जिंदगी" इस अवसर पर वीरू सरपंच ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। शिविर में कुल 63 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के काम आएगा। मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: भगत सत्यवान श्योराण (जीतपुरा धाम) महन्त मुकेश भगत दारासिंह ठेकेदार (काकर दोपा) इसके अलावा दुष्यंत यादव, युवराज यादव, मोनू यादव, केसरी सिंह, नरेन्द्र यादव, सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्र डबास, विक्की चौधरी, राहुल चौधरी और जोगेन्द्र औला सहित अनेक गणमान्य लोग और युवा शक्ति उपस्थित रही। गोलाहेड़ा धाम पर रहा उत्साह का माहौल जोतराम बाबा के पावन स्थान, गोलाहेड़ा धाम पर सुबह से ही रक्तदाताओं का तांता लगा रहा। 'समस्त युवा शक्ति' के सहयोग से आयोजित इस 20वें शिविर ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्र का युवा समाज सेवा के लिए पूरी तरह जागरूक है। राठ ब्लड सेंटर, बहरोड़ की टीम ने रक्त संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया।4
- महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने जल अभिषेक अनुष्ठान किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- जिला में धूमधाम से मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, शिव स्तुति की रही गूंज ऐतिहासिक नगरी नारनौल सहित जिला महेंद्रगढ़ में आज शिवमय और भक्ति के रंग में सराबोर रहा। श्री सोमनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भव्य आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आगाज सुबह श्री गोपाल गौशाला स्थित श्री श्याम मंदिर से एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। उसके बाद मोडावाला मंदिर में जलाभिषेक हुआ। इस मौके पर नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर लाइव टेलीकास्ट के जरिए सोमनाथ के तट से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को संदेश दिया। वहीं इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र से संबोधित किया। सबसे पहले सुबह उपायुक्त अनुपमा अंजली ने स्वयं पवित्र कलश उठाकर इस यात्रा का नेतृत्व किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दीपक भी मौजूद रहे। शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई यह कलश यात्रा जब मोडावाला मंदिर पहुंची, तो समूचा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस मौके पर नागरिकों ने सूचना, जनसंपर्क, भाषा तथा संस्कृति विभाग द्वारा लगाई गई विशेष प्रदर्शनी को देखा। इस प्रदर्शनी में सोमनाथ के ऋग्वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक के एक हजार वर्षों के संघर्ष और पुनरुत्थान की जीवंत गाथा को दिखाया गया। प्रदर्शनी में पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सतयुग के स्वर्ण मंदिर से लेकर कलयुग के वर्तमान पाषाण मंदिर तक के सफर को बखूबी दर्शाया गया। कैलाश महामेरु प्रासाद शैली की वास्तुकला और सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्पों को दर्शाते चित्रों ने दर्शकों में राष्ट्र गौरव की भावना का संचार किया। इस मौके पर सोमनाथ पर्व से संबंधित बेहतरीन रंगोली भी तैयार की गई।1
- महेंद्रगढ़ स्थित कमला धर्मशाला में किन्नर समाज की बधाई को लेकर 36 बिरादरीकी एक अहम बैठक आयोजित की गई1
- अलवर के किशनगढ़ बास क्षेत्र में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली।1
- युवा भगत सिंह सेना के 20वें रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, प्रदेशाध्यक्ष ने किया 54वीं बार रक्तदान, 20वें विशाल रक्तदान शिविर में महिलाओं की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह, मानव सेवा का दिया प्रेरणादायक संदेश जसाई। समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित संगठन युवा भगत सिंह सेना द्वारा रविवार को 20वें विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र उर्फ वीरू शर्मा के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं, ग्रामीणों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर के दौरान कुल 63 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम निदेशक विरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाना और युवाओं में सेवा भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है, आपके कुछ मिनट किसी की पूरी जिंदगी बचा सकते हैं।” शिविर की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि युवा भगत सिंह सेना राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष विरेन्द्र पंडित ने स्वयं 54वीं बार रक्तदान कर युवाओं को मानव सेवा का संदेश दिया। वहीं उनकी धर्मपत्नी आरती शर्मा ने भी रक्तदान कर महिलाओं को सामाजिक कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगत सत्यवान श्योराण, महन्त मुकेश भगत और दारासिंह मौजूद रहे। इसके अलावा दुष्यंत यादव, युवराज यादव, मोनू यादव, केसरी सिंह, नरेन्द्र यादव, सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्र डबास, विक्की चौधरी, राहुल चौधरी, दारासिंह ठेकेदार काकर दोपा और जोगेन्द्र औला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान युवाओं में रक्तदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि युवा भगत सिंह सेना भविष्य में भी इसी प्रकार के जनसेवा और मानव कल्याण से जुड़े अभियान लगातार चलाती रहेगी।1
- महेंद्रगढ़ के नारनौल में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और मोड़ा वाले मंदिर में जलाभिषेक किया।1
- अलवर जिले के मुंडावर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल शोभायात्रा निकाली, जो 2100 दीपों की महाआरती के साथ संपन्न हुई। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देना था।1