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धोकरदह गांव में एक गरीब परिवार पर प्राकृतिक आपदा का कहर टूट पड़ा है, जहाँ तेज आंधी-तूफान ने उनके आशियाने को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस शक्तिशाली तूफान के कारण घर तीतर-बीतर हो गया और परिवार बेघर हो गया।
Mukesh Kumar
धोकरदह गांव में एक गरीब परिवार पर प्राकृतिक आपदा का कहर टूट पड़ा है, जहाँ तेज आंधी-तूफान ने उनके आशियाने को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस शक्तिशाली तूफान के कारण घर तीतर-बीतर हो गया और परिवार बेघर हो गया।
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- बकरीद के अवसर पर, कटिहार के ललियाही ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़े, जिससे वहाँ जनसैलाब जैसा दृश्य देखने को मिला। इस मौके पर, संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दिया।1
- Post by BHAI MANU JI1
- जन सुराज पार्टी ने अपना चुनावी मोर्चा खोल दिया है। बताया गया है कि पार्टी पंचायती चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकती है।1
- एक तेंदुए के गाँव में घुसने से ग्रामीणों में व्यापक दहशत फैल गई है। इस वन्यजीव ने बाद में हमला किया, जिससे कई लोग जख्मी हो गए। इस घटना से ग्रामीण इलाके में साफ तौर पर दहशत का माहौल बन गया है। इस चिंताजनक स्थिति के जवाब में, ग्रामीणों ने उल्लेखनीय सतर्कता और एकजुटता का प्रदर्शन किया। तेंदुए के घुसपैठ और हमले की जानकारी वन विभाग और थाना अध्यक्ष को तुरंत फोन पर दी गई। इसके अतिरिक्त, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने इस संकट को हल करने में सक्रिय भूमिका निभाई है, और स्थिति का संज्ञान लेने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करने की अपेक्षा है, जिसमें तेंदुए का बचाव और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था लागू करना शामिल है। समुदाय इस खतरे से निपटते हुए सामूहिक संज्ञान और वन्यजीव सुरक्षा पर जोर दे रहा है।1
- कदवा प्रखंड मुख्यालय के सभागार में आयोजित बाढ़ अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक अपेक्षित उपस्थिति न होने के कारण विफल हो गई। प्रखंड प्रमुख मंटू रविदास तो इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन उनके साथ कुछ ही विभाग के पदाधिकारी नजर आए, जबकि अधिकांश जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। इस क्षेत्र में बरसात के बाद बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसके समय पर निपटारे और आमजनों को संकट से बचाने के लिए ऐसी बैठकें अनिवार्य मानी जाती हैं ताकि समय रहते पूरी तैयारी की जा सके। बैठक की यह विफलता क्षेत्र में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंता पैदा करती है।1
- गुरुवार को आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व बड़े ही धूमधाम, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर अपने घरों, ईदगाहों और मस्जिदों की ओर जाते दिखे। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहा और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी। आजमनगर प्रखंड की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी, कई जगहों पर तो लोगों ने मस्जिद और ईदगाह के बाहर भी नमाज अदा की। नमाज के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल रहा, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी विशेष उत्साह के साथ एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा, और थाना अध्यक्ष नीरज कुमार पुलिस बल के साथ ईदगाहों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस्लाम धर्म में बकरीद का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, पैगम्बर हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का निश्चय किया था, लेकिन अल्लाह उनकी आस्था से प्रसन्न हुए और बेटे की जगह बकरे की कुर्बानी कबूल की। तभी से बकरीद पर कुर्बानी की यह परंपरा चली आ रही है।1
- कटिहार जिले के हसनगंज में ईद-उल-अजहा का त्योहार पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ सभी ने मिलकर अमन-चैन और शांति के लिए विशेष दुआएं मांगीं।1
- एक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जहाँ दो शिक्षकों पर इसके विरोध का आरोप लगा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रभारी बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) खुद इसकी जाँच के लिए विद्यालय पहुँच गए हैं।1
- शाम को कान्हा जी और राधा रानी की आरती की गई। इस भक्तिमय अवसर पर 'राधे कृष्णा' और 'राधे राधे' का जाप किया गया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।1