गुरुवार को आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व बड़े ही धूमधाम, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर अपने घरों, ईदगाहों और मस्जिदों की ओर जाते दिखे। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहा और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी। आजमनगर प्रखंड की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी, कई जगहों पर तो लोगों ने मस्जिद और ईदगाह के बाहर भी नमाज अदा की। नमाज के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल रहा, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी विशेष उत्साह के साथ एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा, और थाना अध्यक्ष नीरज कुमार पुलिस बल के साथ ईदगाहों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस्लाम धर्म में बकरीद का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, पैगम्बर हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का निश्चय किया था, लेकिन अल्लाह उनकी आस्था से प्रसन्न हुए और बेटे की जगह बकरे की कुर्बानी कबूल की। तभी से बकरीद पर कुर्बानी की यह परंपरा चली आ रही है।
गुरुवार को आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व बड़े ही धूमधाम, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर अपने घरों, ईदगाहों और मस्जिदों की ओर जाते दिखे। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहा और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी। आजमनगर प्रखंड की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी, कई जगहों पर तो लोगों ने मस्जिद और ईदगाह के बाहर भी नमाज अदा की। नमाज के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल रहा, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी विशेष उत्साह के साथ एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा, और थाना अध्यक्ष नीरज कुमार पुलिस बल के साथ ईदगाहों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस्लाम धर्म में बकरीद का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, पैगम्बर हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का निश्चय किया था, लेकिन अल्लाह उनकी आस्था से प्रसन्न हुए और बेटे की जगह बकरे की कुर्बानी कबूल की। तभी से बकरीद पर कुर्बानी की यह परंपरा चली आ रही है।
- गुरुवार को आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व बड़े ही धूमधाम, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर अपने घरों, ईदगाहों और मस्जिदों की ओर जाते दिखे। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहा और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी। आजमनगर प्रखंड की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी, कई जगहों पर तो लोगों ने मस्जिद और ईदगाह के बाहर भी नमाज अदा की। नमाज के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल रहा, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी विशेष उत्साह के साथ एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा, और थाना अध्यक्ष नीरज कुमार पुलिस बल के साथ ईदगाहों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस्लाम धर्म में बकरीद का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, पैगम्बर हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का निश्चय किया था, लेकिन अल्लाह उनकी आस्था से प्रसन्न हुए और बेटे की जगह बकरे की कुर्बानी कबूल की। तभी से बकरीद पर कुर्बानी की यह परंपरा चली आ रही है।1
- राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें राज्य के 19 जिलों से खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। यह प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को शतरंज की बिसात पर संवारने का अवसर प्रदान करेगी।1
- मोहम्मद इब्राहिम एक कारवाँ हैं। उनसे संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 6207319994 पर कॉल किया जा सकता है।1
- जन सुराज पार्टी ने अपना चुनावी मोर्चा खोल दिया है। बताया गया है कि पार्टी पंचायती चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकती है।1
- एक व्यक्ति ने अपने नेता को संबोधित करते हुए 'मदरचोद' शब्द का प्रयोग किया। इस बयान में नेता के प्रति घोर अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।1
- एक तेंदुए के गाँव में घुसने से ग्रामीणों में व्यापक दहशत फैल गई है। इस वन्यजीव ने बाद में हमला किया, जिससे कई लोग जख्मी हो गए। इस घटना से ग्रामीण इलाके में साफ तौर पर दहशत का माहौल बन गया है। इस चिंताजनक स्थिति के जवाब में, ग्रामीणों ने उल्लेखनीय सतर्कता और एकजुटता का प्रदर्शन किया। तेंदुए के घुसपैठ और हमले की जानकारी वन विभाग और थाना अध्यक्ष को तुरंत फोन पर दी गई। इसके अतिरिक्त, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने इस संकट को हल करने में सक्रिय भूमिका निभाई है, और स्थिति का संज्ञान लेने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करने की अपेक्षा है, जिसमें तेंदुए का बचाव और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था लागू करना शामिल है। समुदाय इस खतरे से निपटते हुए सामूहिक संज्ञान और वन्यजीव सुरक्षा पर जोर दे रहा है।1
- आंधी-तूफान के कारण बाधित हुई बिजली आपूर्ति को विभागीय कर्मियों ने दुरुस्त कर बहाल कर दिया है। विभागीय कर्मचारियों ने लाइनों को ठीक किया, जिसके बाद बिजली की सुविधा फिर से सुचारु हो गई।1
- धोकरदह गांव में एक गरीब परिवार पर प्राकृतिक आपदा का कहर टूट पड़ा है, जहाँ तेज आंधी-तूफान ने उनके आशियाने को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस शक्तिशाली तूफान के कारण घर तीतर-बीतर हो गया और परिवार बेघर हो गया।1