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90 वर्ष से अधिक उम्र के योगाचार्य विष्णु आर्य, अपनी अद्भुत ऊर्जा और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, आज भी लोगों को योग सिखा रहे हैं। वे पिछले 70 वर्षों से योग साधना में लगे हैं और योग, आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाते हैं। सागर में उनके 'योग निकेतन' में आज भी सैकड़ों लोग योग सीखने आते हैं। जिले के वरिष्ठ योगाचार्य विष्णु आर्य, जो मध्य प्रदेश योग परिषद और मध्य प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, 93 साल की उम्र में भी योग सेवा में पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं। उन्होंने आर्मी स्कूल और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में भी योग प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। हाल ही में दिसंबर 2025 में उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई थी, जिसके कारण वे लगभग ढाई महीने तक बेड रेस्ट पर रहे थे। यह उल्लेखनीय है कि बिना किसी ऑपरेशन के उनकी हड्डी जुड़ गई। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित उपचार और योग अनुशासन के बल पर वे पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से योग साधना और प्रशिक्षण में सक्रिय हो गए हैं। वे वाकर के सहारे संस्थान पहुंचते हैं, योग सिखाते हैं और स्वयं भी योगाभ्यास करते हैं। इन दिनों वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत सागर स्थित योग निकेतन प्रशिक्षण संस्थान में लोगों को नियमित योगाभ्यास करा रहे हैं। योगाचार्य विष्णु आर्य ने वर्ष 1968 में सागर में योग निकेतन की स्थापना की थी, जो बिहार के मुंगेर में स्थित योग केंद्र शिवानंद मठ की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। तब से यहां लगातार योग साधना और प्रशिक्षण जारी है। उनका दावा है कि योग डायबिटीज, अस्थमा, सर्वाइकल, सायटिका और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं में लोगों को राहत देता है। कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से लोग उनसे स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। विष्णु आर्य के योग का सफर वर्ष 1954 में आर्य समाज के संतों के संपर्क में आने के बाद शुरू हुआ, जब योग के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। इसके बाद, 1968 में रायगढ़ में आयोजित विश्व योग सम्मेलन में उन्होंने स्वामी सत्यानंद सरस्वती से योग दीक्षा प्राप्त की और उनके साथ देशभर में घूमकर लोगों को योग सिखाया। उनका मानना है कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला और विज्ञान है। वे कहते हैं कि बढ़ता मानसिक तनाव, नशे की प्रवृत्ति और बदलती जीवनशैली लोगों को बीमार बना रही है, जबकि योग मानसिक और शारीरिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। योग के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें मध्य प्रदेश सरकार के रामजी महाजन पुरस्कार से नवाजा गया है, और राज्य सरकार द्वारा घोषित स्वामी विवेकानंद योग पुरस्कार के लिए भी उन्हें चयनित किया गया है। पिछले वर्ष केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से संबद्ध संगठन योगासन भारत द्वारा गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल महोत्सव के दौरान उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। योगाचार्य विष्णु आर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री की पहल से योग को वैश्विक पहचान मिली है और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनियाभर में लोग योग अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। योग के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया है। वे स्वयं भी अपनी उम्र का सैकड़ा पूरा करने की इच्छा रखते हैं।

6 hrs ago
user_SUNEEL SINGH
SUNEEL SINGH
Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago
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90 वर्ष से अधिक उम्र के योगाचार्य विष्णु आर्य, अपनी अद्भुत ऊर्जा और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, आज भी लोगों को योग सिखा रहे हैं। वे पिछले 70 वर्षों से योग साधना में लगे हैं और योग, आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाते हैं। सागर में उनके 'योग निकेतन' में आज भी सैकड़ों लोग योग सीखने आते हैं। जिले के वरिष्ठ योगाचार्य विष्णु आर्य, जो मध्य प्रदेश योग परिषद और मध्य प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, 93 साल की उम्र में भी योग सेवा में पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं। उन्होंने आर्मी स्कूल और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में भी योग प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। हाल ही में दिसंबर 2025 में उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई थी, जिसके कारण वे लगभग ढाई महीने तक बेड रेस्ट पर रहे थे। यह उल्लेखनीय है कि बिना किसी ऑपरेशन के उनकी हड्डी जुड़ गई। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित उपचार और योग अनुशासन के बल पर वे पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से योग साधना और प्रशिक्षण में सक्रिय हो गए हैं। वे वाकर के सहारे संस्थान पहुंचते हैं, योग

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सिखाते हैं और स्वयं भी योगाभ्यास करते हैं। इन दिनों वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत सागर स्थित योग निकेतन प्रशिक्षण संस्थान में लोगों को नियमित योगाभ्यास करा रहे हैं। योगाचार्य विष्णु आर्य ने वर्ष 1968 में सागर में योग निकेतन की स्थापना की थी, जो बिहार के मुंगेर में स्थित योग केंद्र शिवानंद मठ की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। तब से यहां लगातार योग साधना और प्रशिक्षण जारी है। उनका दावा है कि योग डायबिटीज, अस्थमा, सर्वाइकल, सायटिका और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं में लोगों को राहत देता है। कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से लोग उनसे स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। विष्णु आर्य के योग का सफर वर्ष 1954 में आर्य समाज के संतों के संपर्क में आने के बाद शुरू हुआ, जब योग के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। इसके बाद, 1968 में रायगढ़ में आयोजित विश्व योग सम्मेलन में उन्होंने स्वामी सत्यानंद सरस्वती से योग दीक्षा प्राप्त की और उनके साथ देशभर में घूमकर लोगों को योग सिखाया। उनका मानना है कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला और विज्ञान है। वे कहते हैं कि बढ़ता मानसिक तनाव,

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नशे की प्रवृत्ति और बदलती जीवनशैली लोगों को बीमार बना रही है, जबकि योग मानसिक और शारीरिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। योग के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें मध्य प्रदेश सरकार के रामजी महाजन पुरस्कार से नवाजा गया है, और राज्य सरकार द्वारा घोषित स्वामी विवेकानंद योग पुरस्कार के लिए भी उन्हें चयनित किया गया है। पिछले वर्ष केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से संबद्ध संगठन योगासन भारत द्वारा गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल महोत्सव के दौरान उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। योगाचार्य विष्णु आर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री की पहल से योग को वैश्विक पहचान मिली है और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनियाभर में लोग योग अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। योग के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया है। वे स्वयं भी अपनी उम्र का सैकड़ा पूरा करने की इच्छा रखते हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सागर की ऐतिहासिक और खूबसूरत लाखा बंजारा झील के किनारे आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह, उमंग और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी (NCC) ग्रुप मुख्यालय सागर द्वारा किया गया, जिसे 33 एमपी एनसीसी बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर. एस. राजीव (सेना मेडल) के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए एनसीसी परिवार के प्रयासों की जमकर सराहना की। कर्नल तिवारी ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि जीवन में अनुशासन भी लाता है। इस सामूहिक योग शिविर में एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (ANOs), स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ और लगभग 250 एनसीसी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के निर्देशन में निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न आसन और प्राणायाम किए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा द्वारा किए गए एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिसने अपनी बेहतरीन महारत, लचीलेपन और संतुलन से वहां मौजूद सभी कैडेट्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस समर्पण और कड़े अनुशासन ने युवा कैडेट्स को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया। यह कार्यक्रम युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, कड़े अनुशासन और मजबूत चरित्र निर्माण के प्रति एनसीसी की निरंतर प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी रहा।
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    सागर की ऐतिहासिक और खूबसूरत लाखा बंजारा झील के किनारे आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह, उमंग और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी (NCC) ग्रुप मुख्यालय सागर द्वारा किया गया, जिसे 33 एमपी एनसीसी बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर. एस. राजीव (सेना मेडल) के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए एनसीसी परिवार के प्रयासों की जमकर सराहना की। कर्नल तिवारी ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि जीवन में अनुशासन भी लाता है। इस सामूहिक योग शिविर में एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (ANOs), स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ और लगभग 250 एनसीसी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के निर्देशन में निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न आसन और प्राणायाम किए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा द्वारा किए गए एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिसने अपनी बेहतरीन महारत, लचीलेपन और संतुलन से वहां मौजूद सभी कैडेट्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस समर्पण और कड़े अनुशासन ने युवा कैडेट्स को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस सफल आयोजन ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया। यह कार्यक्रम युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, कड़े अनुशासन और मजबूत चरित्र निर्माण के प्रति एनसीसी की निरंतर प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी रहा।
    user_Sanjay Kumar Pandey
    Sanjay Kumar Pandey
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कलेक्टर प्रतिभा पाल, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री और अन्य अधिकारियों के साथ सागर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया खुरई रोड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई।
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    सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कलेक्टर प्रतिभा पाल, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री और अन्य अधिकारियों के साथ सागर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया खुरई रोड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बीना स्थित अथक पथ संग्रहालय ने अपने आठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस दौरान संग्रहालय ने महाराणा प्रताप की जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस को अत्यंत श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया, जिसका समापन वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ हुआ। आयोजन के तीनों दिन हजारों की संख्या में लोगों ने संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेजों और ऐतिहासिक सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसके संरक्षण प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती के साथ हुई, जहाँ धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस की पहचान बताते हुए उनकी वीरता और अद्भुत नेतृत्व क्षमता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने अपने बुंदेली गायन से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, जिसका संचालन राम शर्मा ने किया। अगले दिन, 18 जून को महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रोफेसर शुभ्रा शुक्ला और रितिका तिवारी ने महारानी लक्ष्मीबाई के अदम्य शौर्य और बलिदान को याद करते हुए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रसिद्ध रचना "खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी" का संपूर्ण पाठ किया गया। दोनों दिनों में महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई के दुर्लभ चित्रों और पत्रों के साथ-साथ देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र व दुर्लभ दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन का समापन 19 जून को प्रातः हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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    मध्य प्रदेश के बीना स्थित अथक पथ संग्रहालय ने अपने आठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस दौरान संग्रहालय ने महाराणा प्रताप की जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस को अत्यंत श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया, जिसका समापन वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ हुआ। आयोजन के तीनों दिन हजारों की संख्या में लोगों ने संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेजों और ऐतिहासिक सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसके संरक्षण प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती के साथ हुई, जहाँ धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस की पहचान बताते हुए उनकी वीरता और अद्भुत नेतृत्व क्षमता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने अपने बुंदेली गायन से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, जिसका संचालन राम शर्मा ने किया। अगले दिन, 18 जून को महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रोफेसर शुभ्रा शुक्ला और रितिका तिवारी ने महारानी लक्ष्मीबाई के अदम्य शौर्य और बलिदान को याद करते हुए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रसिद्ध रचना "खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी" का संपूर्ण पाठ किया गया। दोनों दिनों में महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई के दुर्लभ चित्रों और पत्रों के साथ-साथ देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र व दुर्लभ दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।

तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन का समापन 19 जून को प्रातः हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • खुरई में दहेज के लालच ने शादी जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया, जहां खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदल गईं और बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। लड़की पक्ष का आरोप है कि वरमाला की रस्म के बाद अचानक 2 लाख रुपए नकद और एक पल्सर बाइक की मांग की गई, जिसके चलते विवाद इतना बढ़ गया। यह मामला 19 जून को खुरई के पठारी रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास का है। रामदास बंसल की बेटी निशा बंसल की शादी के लिए बेगमगंज तहसील के गोपालपुर से बारात आई थी, जिसमें दूल्हा सुरेंद्र बंसल और उनके पिता ज्ञान सिंह बंसल सहित बाराती शामिल थे। वरमाला की रस्म खुशी-खुशी पूरी होने के बाद अचानक दूल्हा पक्ष ने यह बड़ी मांग रखी। जब वधू पक्ष ने इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की, तो स्थिति बिगड़ गई। लड़की पक्ष का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर बारात में आए लोगों ने हंगामा करते हुए उनके साथ मारपीट भी की। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच दूल्हा सुरेंद्र बंसल अपनी बारात लेकर वापस लौट गया। पीड़ित परिवार ने रात में ही पुलिस से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सुबह आने को कहकर लौटा दिया गया, जिससे कार्रवाई में कथित तौर पर देरी हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब शादी टूटने के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। यह पूरा मामला दहेज की मांग, मारपीट और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है, और सभी की निगाहें इस पर हैं कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।
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    खुरई में दहेज के लालच ने शादी जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया, जहां खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदल गईं और बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। लड़की पक्ष का आरोप है कि वरमाला की रस्म के बाद अचानक 2 लाख रुपए नकद और एक पल्सर बाइक की मांग की गई, जिसके चलते विवाद इतना बढ़ गया।

यह मामला 19 जून को खुरई के पठारी रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास का है। रामदास बंसल की बेटी निशा बंसल की शादी के लिए बेगमगंज तहसील के गोपालपुर से बारात आई थी, जिसमें दूल्हा सुरेंद्र बंसल और उनके पिता ज्ञान सिंह बंसल सहित बाराती शामिल थे। वरमाला की रस्म खुशी-खुशी पूरी होने के बाद अचानक दूल्हा पक्ष ने यह बड़ी मांग रखी। जब वधू पक्ष ने इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की, तो स्थिति बिगड़ गई।

लड़की पक्ष का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर बारात में आए लोगों ने हंगामा करते हुए उनके साथ मारपीट भी की। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच दूल्हा सुरेंद्र बंसल अपनी बारात लेकर वापस लौट गया। पीड़ित परिवार ने रात में ही पुलिस से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सुबह आने को कहकर लौटा दिया गया, जिससे कार्रवाई में कथित तौर पर देरी हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

अब शादी टूटने के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। यह पूरा मामला दहेज की मांग, मारपीट और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है, और सभी की निगाहें इस पर हैं कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सागर की खूबसूरत लाखा बंजारा झील पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बेहद उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन NCC ग्रुप सागर ने किया था, जिसे 33 MP NCC बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल RS राजीव (सेना मेडल) की देखरेख में संपन्न कराया। कार्यक्रम में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए NCC परिवार के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सीनियर अधिकारी, एसोसिएट NCC अधिकारी, स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ़ और 250 NCC कैडेट्स ने योग दिवस के इस जश्न में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा ने विशेष रूप से एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन किया, अपनी महारत और अनुशासन से सभी उपस्थित प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस उत्सव ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व पर ज़ोर दिया, साथ ही युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और चरित्र निर्माण के प्रति NCC की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।
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    सागर की खूबसूरत लाखा बंजारा झील पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बेहद उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन NCC ग्रुप सागर ने किया था, जिसे 33 MP NCC बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल RS राजीव (सेना मेडल) की देखरेख में संपन्न कराया।

कार्यक्रम में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए NCC परिवार के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सीनियर अधिकारी, एसोसिएट NCC अधिकारी, स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ़ और 250 NCC कैडेट्स ने योग दिवस के इस जश्न में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा ने विशेष रूप से एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन किया, अपनी महारत और अनुशासन से सभी उपस्थित प्रतिभागियों को प्रेरित किया।

इस उत्सव ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व पर ज़ोर दिया, साथ ही युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और चरित्र निर्माण के प्रति NCC की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।
    user_कृष्णकांत नगाइच
    कृष्णकांत नगाइच
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिलवानी विधानसभा अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है, जहाँ घोटालों की भरमार है। विधायक ने यह भी दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों के संरक्षण में यहाँ गुंडागर्दी लगातार बढ़ रही है। ये सभी बातें उन्होंने केके के साथ हुई एक एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान कही हैं।
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    सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिलवानी विधानसभा अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है, जहाँ घोटालों की भरमार है। विधायक ने यह भी दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों के संरक्षण में यहाँ गुंडागर्दी लगातार बढ़ रही है। ये सभी बातें उन्होंने केके के साथ हुई एक एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान कही हैं।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सागर में कलेक्टर महोदया के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को शहरी क्षेत्र में 28 स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कुल 08 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से चार स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौके पर ही रद्द कर दिए गए। जाँच के दौरान, एक मैजिक वाहन क्रमांक MP15T2667 और एक ओमनी वैन क्रमांक MP15A3471 में क्षमता से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, दो ऑटो रिक्शा क्रमांक MP15R1393 और MP15R3208 में भी निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार पाए गए और उनके आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। चार स्कूल बसें, जिनमें MP10P0501, CG07C7394, MP15ZN3299, और MP15ZC4932 शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अग्निशमन यंत्रों के बिना संचालित हो रही थीं, और एक बस का इमरजेंसी विन्डो का गेट भी जाम पाया गया। इन सभी 08 वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, जबकि चारों स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56(4) के तहत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। फिटनेस निरस्त होने तक इनके पंजीयन और परमिट भी निलंबित रहेंगे। यह कार्रवाई सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास की गई, जहाँ कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी जाँच के दायरे में लाया गया। इससे पूर्व, 03 जून 2026 को अपर कलेक्टर, सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन और स्कूल बस संचालकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां सभी को प्रदान की गई थीं। स्कूल प्रबंधन के लिए आठ प्रमुख मापदंड तय किए गए थे, जिनमें बच्चों के आने-जाने के ब्यौरे का रखरखाव, सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सेट रखना, एलपीजी से संचालित वाहनों के प्रयोग की निगरानी (सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक विस्फोटक होने के कारण), निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन सुनिश्चित करना, स्कूल परिसर में सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर बच्चों को उतारना-चढ़ाना, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड किट, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की सुनिश्चितता, जीपीएस की नियमित निगरानी, और ‘शाला परिवहन समन्वय समिति’ का गठन करना शामिल था। स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई कि वे ऐसे वाहनों को संस्थान में प्रवेश न दें जो गैस किट से संचालित हैं, अनफिट हैं, सुरक्षा उपायों की कमी रखते हैं, या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं। यदि जाँच के दौरान ऐसी कमियों वाले वाहन पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन करें। इसमें वाहनों में स्पीड गवर्नर, वाहन की सही स्थिति, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस और निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, स्कूली वाहनों में बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जाँच के दौरान इन कमियों वाले वाहन संचालित होते पाए गए, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    सागर में कलेक्टर महोदया के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को शहरी क्षेत्र में 28 स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कुल 08 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से चार स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौके पर ही रद्द कर दिए गए।

जाँच के दौरान, एक मैजिक वाहन क्रमांक MP15T2667 और एक ओमनी वैन क्रमांक MP15A3471 में क्षमता से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, दो ऑटो रिक्शा क्रमांक MP15R1393 और MP15R3208 में भी निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार पाए गए और उनके आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। चार स्कूल बसें, जिनमें MP10P0501, CG07C7394, MP15ZN3299, और MP15ZC4932 शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अग्निशमन यंत्रों के बिना संचालित हो रही थीं, और एक बस का इमरजेंसी विन्डो का गेट भी जाम पाया गया। इन सभी 08 वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, जबकि चारों स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56(4) के तहत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। फिटनेस निरस्त होने तक इनके पंजीयन और परमिट भी निलंबित रहेंगे। यह कार्रवाई सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास की गई, जहाँ कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी जाँच के दायरे में लाया गया।

इससे पूर्व, 03 जून 2026 को अपर कलेक्टर, सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन और स्कूल बस संचालकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां सभी को प्रदान की गई थीं। स्कूल प्रबंधन के लिए आठ प्रमुख मापदंड तय किए गए थे, जिनमें बच्चों के आने-जाने के ब्यौरे का रखरखाव, सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सेट रखना, एलपीजी से संचालित वाहनों के प्रयोग की निगरानी (सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक विस्फोटक होने के कारण), निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन सुनिश्चित करना, स्कूल परिसर में सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर बच्चों को उतारना-चढ़ाना, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड किट, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की सुनिश्चितता, जीपीएस की नियमित निगरानी, और ‘शाला परिवहन समन्वय समिति’ का गठन करना शामिल था। स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई कि वे ऐसे वाहनों को संस्थान में प्रवेश न दें जो गैस किट से संचालित हैं, अनफिट हैं, सुरक्षा उपायों की कमी रखते हैं, या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं। यदि जाँच के दौरान ऐसी कमियों वाले वाहन पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन करें। इसमें वाहनों में स्पीड गवर्नर, वाहन की सही स्थिति, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस और निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, स्कूली वाहनों में बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जाँच के दौरान इन कमियों वाले वाहन संचालित होते पाए गए, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मयंक साहू हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनु सोनी को पुलिस ने देर रात बमोरी फोर लाइन से पीछा कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मनु सोनी के अन्य साथी मयंक सोनी और कुछ अज्ञात लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में मनु सोनी फ्लाईओवर से कूद गया, जिससे उसे चोटें आईं और वह घायल हो गया। घायल आरोपी मनु सोनी को पुलिस ने तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।
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    सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मयंक साहू हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनु सोनी को पुलिस ने देर रात बमोरी फोर लाइन से पीछा कर गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मनु सोनी के अन्य साथी मयंक सोनी और कुछ अज्ञात लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में मनु सोनी फ्लाईओवर से कूद गया, जिससे उसे चोटें आईं और वह घायल हो गया।

घायल आरोपी मनु सोनी को पुलिस ने तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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