सागर में कलेक्टर महोदया के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को शहरी क्षेत्र में 28 स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कुल 08 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से चार स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौके पर ही रद्द कर दिए गए। जाँच के दौरान, एक मैजिक वाहन क्रमांक MP15T2667 और एक ओमनी वैन क्रमांक MP15A3471 में क्षमता से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, दो ऑटो रिक्शा क्रमांक MP15R1393 और MP15R3208 में भी निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार पाए गए और उनके आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। चार स्कूल बसें, जिनमें MP10P0501, CG07C7394, MP15ZN3299, और MP15ZC4932 शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अग्निशमन यंत्रों के बिना संचालित हो रही थीं, और एक बस का इमरजेंसी विन्डो का गेट भी जाम पाया गया। इन सभी 08 वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, जबकि चारों स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56(4) के तहत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। फिटनेस निरस्त होने तक इनके पंजीयन और परमिट भी निलंबित रहेंगे। यह कार्रवाई सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास की गई, जहाँ कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी जाँच के दायरे में लाया गया। इससे पूर्व, 03 जून 2026 को अपर कलेक्टर, सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन और स्कूल बस संचालकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां सभी को प्रदान की गई थीं। स्कूल प्रबंधन के लिए आठ प्रमुख मापदंड तय किए गए थे, जिनमें बच्चों के आने-जाने के ब्यौरे का रखरखाव, सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सेट रखना, एलपीजी से संचालित वाहनों के प्रयोग की निगरानी (सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक विस्फोटक होने के कारण), निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन सुनिश्चित करना, स्कूल परिसर में सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर बच्चों को उतारना-चढ़ाना, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड किट, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की सुनिश्चितता, जीपीएस की नियमित निगरानी, और ‘शाला परिवहन समन्वय समिति’ का गठन करना शामिल था। स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई कि वे ऐसे वाहनों को संस्थान में प्रवेश न दें जो गैस किट से संचालित हैं, अनफिट हैं, सुरक्षा उपायों की कमी रखते हैं, या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं। यदि जाँच के दौरान ऐसी कमियों वाले वाहन पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन करें। इसमें वाहनों में स्पीड गवर्नर, वाहन की सही स्थिति, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस और निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, स्कूली वाहनों में बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जाँच के दौरान इन कमियों वाले वाहन संचालित होते पाए गए, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सागर में कलेक्टर महोदया के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को शहरी क्षेत्र में 28 स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कुल 08 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से चार स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौके पर ही रद्द कर दिए गए। जाँच के दौरान, एक मैजिक वाहन क्रमांक MP15T2667 और एक ओमनी वैन क्रमांक MP15A3471 में क्षमता से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, दो ऑटो रिक्शा क्रमांक MP15R1393 और MP15R3208 में भी निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार पाए गए और उनके आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। चार स्कूल बसें, जिनमें MP10P0501, CG07C7394, MP15ZN3299, और MP15ZC4932 शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अग्निशमन यंत्रों के बिना संचालित हो रही थीं, और एक बस का इमरजेंसी विन्डो का गेट भी जाम पाया गया। इन सभी 08 वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, जबकि चारों स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56(4) के तहत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। फिटनेस निरस्त होने तक इनके पंजीयन और परमिट भी निलंबित रहेंगे। यह कार्रवाई सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास की गई, जहाँ कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी जाँच के दायरे में लाया गया। इससे पूर्व, 03 जून 2026 को अपर कलेक्टर, सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन और स्कूल बस संचालकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां सभी को प्रदान की गई थीं। स्कूल प्रबंधन के लिए आठ प्रमुख मापदंड तय किए गए थे, जिनमें बच्चों के आने-जाने के ब्यौरे का रखरखाव, सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सेट रखना, एलपीजी से संचालित वाहनों के प्रयोग की निगरानी (सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक विस्फोटक होने के कारण), निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन सुनिश्चित करना, स्कूल परिसर में सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर बच्चों को उतारना-चढ़ाना, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड किट, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की सुनिश्चितता, जीपीएस की नियमित निगरानी, और ‘शाला परिवहन समन्वय समिति’ का गठन करना शामिल था। स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई कि वे ऐसे वाहनों को संस्थान में प्रवेश न दें जो गैस किट से संचालित हैं, अनफिट हैं, सुरक्षा उपायों की कमी रखते हैं, या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं। यदि जाँच के दौरान ऐसी कमियों वाले वाहन पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन करें। इसमें वाहनों में स्पीड गवर्नर, वाहन की सही स्थिति, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस और निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, स्कूली वाहनों में बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जाँच के दौरान इन कमियों वाले वाहन संचालित होते पाए गए, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सागर की ऐतिहासिक और खूबसूरत लाखा बंजारा झील के किनारे आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह, उमंग और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी (NCC) ग्रुप मुख्यालय सागर द्वारा किया गया, जिसे 33 एमपी एनसीसी बटालियन, सागर ने अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर. एस. राजीव (सेना मेडल) के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यवाहक ग्रुप कमांडर कर्नल रोहित तिवारी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए एनसीसी परिवार के प्रयासों की जमकर सराहना की। कर्नल तिवारी ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि जीवन में अनुशासन भी लाता है। इस सामूहिक योग शिविर में एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (ANOs), स्थायी इंस्ट्रक्टर स्टाफ और लगभग 250 एनसीसी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग इंस्ट्रक्टर श्रीमती शिवानी दीक्षित, सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा के निर्देशन में निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न आसन और प्राणायाम किए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुश्री वैशाली मिश्रा और सुश्री मानसी मिश्रा द्वारा किए गए एडवांस्ड योग आसनों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिसने अपनी बेहतरीन महारत, लचीलेपन और संतुलन से वहां मौजूद सभी कैडेट्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस समर्पण और कड़े अनुशासन ने युवा कैडेट्स को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में योग के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया। यह कार्यक्रम युवा कैडेट्स के सर्वांगीण विकास, कड़े अनुशासन और मजबूत चरित्र निर्माण के प्रति एनसीसी की निरंतर प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी रहा।3
- सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कलेक्टर प्रतिभा पाल, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री और अन्य अधिकारियों के साथ सागर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया खुरई रोड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई।1
- तो ल प्लाजा हरियाली टोल प्लाजा1
- वन से सामने आई एक वीडियो में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संबंधित विभाग की चौकन्नीता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जहाँ नेता एक वृक्ष लगाकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, वहीं वे एक बार में पाँच वृक्ष कटवा रहे हैं। इस विरोधाभासी रवैये को देखते हुए यह प्रश्न उठता है कि आखिर पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रखा जा सकेगा।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ललितपुर दौरे के दौरान 1765 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ एक राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की ईमानदार और सज्जन छवि की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार के कुछ लोगों के आचरण के कारण उनकी छवि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से ही मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वह परिवारवाद और गलत गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं तो सरकार पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी होगी। इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इस संदेश को महज एक सामान्य नसीहत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की काफी चर्चा रही; कई ने इसे मंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से दिया गया स्पष्ट संदेश माना, जबकि कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब ललितपुर जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और प्रभाव को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ललितपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार चार बार सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान ललितपुर और बुंदेलखंड के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि "सपा के लिए सैफई ही परिवार था, लेकिन हमारे लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता परिवार है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय माफिया और अपराधियों का बोलबाला था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए विकास को प्राथमिकता दी है। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने ललितपुर में मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं रहा, बल्कि विकास की एक नई कहानी लिख रहा है।1
- सागर में कलेक्टर महोदया के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को शहरी क्षेत्र में 28 स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस विशेष अभियान के तहत कुल 08 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से चार स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौके पर ही रद्द कर दिए गए। जाँच के दौरान, एक मैजिक वाहन क्रमांक MP15T2667 और एक ओमनी वैन क्रमांक MP15A3471 में क्षमता से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, दो ऑटो रिक्शा क्रमांक MP15R1393 और MP15R3208 में भी निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार पाए गए और उनके आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। चार स्कूल बसें, जिनमें MP10P0501, CG07C7394, MP15ZN3299, और MP15ZC4932 शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अग्निशमन यंत्रों के बिना संचालित हो रही थीं, और एक बस का इमरजेंसी विन्डो का गेट भी जाम पाया गया। इन सभी 08 वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है, जबकि चारों स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56(4) के तहत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। फिटनेस निरस्त होने तक इनके पंजीयन और परमिट भी निलंबित रहेंगे। यह कार्रवाई सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास की गई, जहाँ कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी जाँच के दायरे में लाया गया। इससे पूर्व, 03 जून 2026 को अपर कलेक्टर, सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन और स्कूल बस संचालकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट और अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां सभी को प्रदान की गई थीं। स्कूल प्रबंधन के लिए आठ प्रमुख मापदंड तय किए गए थे, जिनमें बच्चों के आने-जाने के ब्यौरे का रखरखाव, सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों का सेट रखना, एलपीजी से संचालित वाहनों के प्रयोग की निगरानी (सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक विस्फोटक होने के कारण), निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन सुनिश्चित करना, स्कूल परिसर में सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर बच्चों को उतारना-चढ़ाना, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड किट, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की सुनिश्चितता, जीपीएस की नियमित निगरानी, और ‘शाला परिवहन समन्वय समिति’ का गठन करना शामिल था। स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई कि वे ऐसे वाहनों को संस्थान में प्रवेश न दें जो गैस किट से संचालित हैं, अनफिट हैं, सुरक्षा उपायों की कमी रखते हैं, या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं। यदि जाँच के दौरान ऐसी कमियों वाले वाहन पाए जाते हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन करें। इसमें वाहनों में स्पीड गवर्नर, वाहन की सही स्थिति, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस और निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, स्कूली वाहनों में बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जाँच के दौरान इन कमियों वाले वाहन संचालित होते पाए गए, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मयंक साहू हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनु सोनी को पुलिस ने देर रात बमोरी फोर लाइन से पीछा कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मनु सोनी के अन्य साथी मयंक सोनी और कुछ अज्ञात लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में मनु सोनी फ्लाईओवर से कूद गया, जिससे उसे चोटें आईं और वह घायल हो गया। घायल आरोपी मनु सोनी को पुलिस ने तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।2