चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया
कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस
को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना में 10वीं कक्षा के एक छात्र लवकुश (16 वर्ष) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना कोचिंग संस्थान के बाहर हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। मृतक छात्र लवकुश प्रतापपुर गांव का निवासी था, जबकि आरोपी छात्र भी फतेहपुर गांव का रहने वाला है और उसी कोचिंग संस्थान में 10वीं कक्षा में पढ़ता है। बताया गया है कि गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे कोचिंग संस्थान के बाहर दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान आरोपी छात्र ने लवकुश पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी छात्र ने यह कबूल किया है कि मृतक उसे पिछले तीन-चार दिनों से लगातार गाली दे रहा था, जिससे नाराज होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सदर देवेंद्र कुमार और कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है और उसका कहना है कि विधिक कार्रवाई तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक एवं आक्रोश का माहौल है।1
- चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ 10वीं कक्षा के एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतक छात्र लवकुश (16 वर्ष) प्रतापपुर गांव का रहने वाला था और 10वीं कक्षा में पढ़ता था। आरोपी छात्र भी उसी कोचिंग संस्थान में 10वीं का छात्र है और वह फतेहपुर गांव का निवासी बताया गया है। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे कोचिंग संस्थान के बाहर दोनों छात्रों में विवाद हो गया। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान आरोपी छात्र ने लवकुश पर चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सदर देवेंद्र कुमार और कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी छात्र ने स्वीकार किया है कि मृतक पिछले तीन-चार दिनों से उसे लगातार गाली दे रहा था, इसी बात से नाराज़ होकर उसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं से जाँच कर रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक छात्र के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी में जन स्वास्थ्य परामर्श सहायता एवं चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ राधेश्याम भारती द्वारा किया गया।1
- कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में आज सुबह एक ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जहां पूरी दुकान जलकर राख हो गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में फायर ब्रिगेड की लेट-लतीफी के प्रति भारी आक्रोश देखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह करीब 7 बजे कुदरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित दुकान में शॉर्ट सर्किट से हुआ। आग इतनी तेजी से भड़की कि उसने आस-पास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसमान में धुएं का गुबार छा गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। दुकान संचालक और स्थानीय नागरिकों ने अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचने पर उसमें ऑपरेटर भी मौजूद नहीं था, जिसके बाद नागरिकों ने खुद आग बुझाने की कमान संभाली और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा। मोहनियां एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी ने जनता के भारी विरोध और नाराजगी के बीच स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया कि क्षेत्र में बेहतर अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। इस अग्निकांड ने एक बार फिर स्थानीय आपदा प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की तैयारियों की पोल खोल दी है, जो प्रशासनिक शिथिलता को उजागर करता है। फिलहाल पीड़ित दुकानदार को सरकारी मुआवजे की मांग की जा रही है और नुकसान का आकलन चल रहा है।4
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के खैरही और भदोही में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनकी इस परेशानी पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, हालांकि Neha का प्रधान सुन रहा है। लोगों ने बताया कि उन्होंने पानी की इतनी भीषण किल्लत पहले कभी नहीं देखी थी। उनके अनुसार, जब से वर्तमान प्रधानी का कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से पानी की समस्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है।1
- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण भारत का खाड़ी देशों से निर्यात संपर्क टूट गया है। हालांकि, इसके बावजूद अमेरिका से गैस की खरीद में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। मई महीने में अमेरिका भारत को एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) गैस का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।1
- मिलावटखोरों के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े अभियान के तहत, दो प्रमुख मसाला फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया है। इस दौरान, फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में मसालों के सैंपल जब्त किए गए, जिन्हें आगे की जाँच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। यह कार्रवाई मिलावट के गोरखधंधे पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे महा-अभियान का हिस्सा है।1
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में हो रहे गंगा कटान के मुद्दे पर पत्रकार अजय सिंह ने किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव से बातचीत की। यह बातचीत गंगा नदी के कटाव से प्रभावित स्थानीय किसानों की समस्याओं पर केंद्रित रही।1
- पंचायत चुनाव से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों पर होना गलत है। ऐसे व्यक्ति जिनके नाम दो वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, वे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे और चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।1