ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम गिदवाहा में रविवार दोपहर एक 27 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गिदवाहा निवासी नंदलाल की पत्नी प्रीति रविवार दोपहर घर पर अकेली थी, तभी उसने घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। कुछ देर बाद जब परिजन घर पहुंचे तो वह बेसुध हालत में पाई गई। अस्पताल पहुंचे महिला का पति नंदलाल अपने साथ कीटनाशक की खाली बोतल भी लेकर आया था और उसने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को बोतल दिखाकर बताया कि उसकी पत्नी ने इसी का सेवन किया है। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर महिला की हालत पर निगरानी रखना शुरू कर दिया। विवाहिता द्वारा कीटनाशक का सेवन करने के पीछे के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पारिवारिक कलह इस घटना का कारण हो सकता है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना मड़ावरा पुलिस को दे दी गई है। इस बावत चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की सूचना नियमानुसार पुलिस को भेजी जाती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामलों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है, जिसपर अंकुश लगाया जाना चाहिए।
ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम गिदवाहा में रविवार दोपहर एक 27 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गिदवाहा निवासी नंदलाल की पत्नी प्रीति रविवार दोपहर घर पर अकेली थी, तभी उसने घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। कुछ देर बाद जब परिजन घर पहुंचे तो
वह बेसुध हालत में पाई गई। अस्पताल पहुंचे महिला का पति नंदलाल अपने साथ कीटनाशक की खाली बोतल भी लेकर आया था और उसने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को बोतल दिखाकर बताया कि उसकी पत्नी ने इसी का सेवन किया है। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर महिला की हालत पर निगरानी रखना शुरू कर दिया। विवाहिता द्वारा कीटनाशक का सेवन करने के पीछे के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन
सूत्रों के अनुसार पारिवारिक कलह इस घटना का कारण हो सकता है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना मड़ावरा पुलिस को दे दी गई है। इस बावत चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की सूचना नियमानुसार पुलिस को भेजी जाती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामलों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है, जिसपर अंकुश लगाया जाना चाहिए।
- ललितपुर के मड़ावरा क्षेत्र में थाना मदनपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रज्जू (20 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय गनेश के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के सागर जिला अंतर्गत थाना रहली के ग्राम नवलपुर कछरा का निवासी है। यह कार्रवाई ललितपुर के पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी मड़ावरा आलोक कुमार अग्रहरि के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी रज्जू थाना मदनपुर में दर्ज मु.अ.सं. 23/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 137(2), 64(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत वांछित था। थाना प्रभारी राजपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया और नियमानुसार न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय में पेश किया है।1
- छतरपुर के घुवारा में अच्छी बारिश और उत्तम कृषि उत्पादन की कामना को लेकर जनपद पंचायत परिसर स्थित देवी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक कुंवर प्रद्युम्न सिंह जी लोधी द्वारा किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान परिसर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान राम का गुणगान किया। पाठ के समापन के बाद मंगल भवन में प्रसाद वितरण और सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने, फसलें लहलहाने और किसानों की समृद्धि के संकल्प के साथ यह आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहा, जिसमें जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- ललितपुर जनपद के मड़ावरा तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इमरजेंसी वार्ड में रविवार शाम को एक काला नाग घुसने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि रविवार का दिन और शाम होने की वजह से अस्पताल में मरीजों की ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी, अन्यथा कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी। वार्ड के भीतर यह नाग एक छिपकली को निगले हुआ था, जिसके चलते उसका शरीर भारी हो गया था और वह चिकने टाइल्स के फर्श पर तेजी से भाग नहीं पा रहा था। इसी दौरान वार्ड में मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ गई और मरीजों व कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबा सुनकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचा और मरीजों व स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए उसने उक्त नाग को बाहर करने की काफी कोशिश की। हालांकि, इस कोशिश में घायल हो चुके नाग को आखिरकार मारना पड़ा। मारा गया सर्प जहरीला था अथवा संरक्षित प्रजाति का, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में इमरजेंसी वार्ड से सटा हुआ एक खुला स्पेस है जहां वृक्षारोपण कराया गया है, जहां चहारदीवारी के उस पार से यह काला नाग शिकार की तलाश में वार्ड के भीतर घुस गया होगा।1
- ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम गिदवाहा में रविवार दोपहर एक 27 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गिदवाहा निवासी नंदलाल की पत्नी प्रीति रविवार दोपहर घर पर अकेली थी, तभी उसने घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। कुछ देर बाद जब परिजन घर पहुंचे तो वह बेसुध हालत में पाई गई। अस्पताल पहुंचे महिला का पति नंदलाल अपने साथ कीटनाशक की खाली बोतल भी लेकर आया था और उसने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को बोतल दिखाकर बताया कि उसकी पत्नी ने इसी का सेवन किया है। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर महिला की हालत पर निगरानी रखना शुरू कर दिया। विवाहिता द्वारा कीटनाशक का सेवन करने के पीछे के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पारिवारिक कलह इस घटना का कारण हो सकता है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना मड़ावरा पुलिस को दे दी गई है। इस बावत चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की सूचना नियमानुसार पुलिस को भेजी जाती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामलों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है, जिसपर अंकुश लगाया जाना चाहिए।3