अमेरिकी-इज़राइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुँचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बँधना’ माना जाए। भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है? एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुँह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है। इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं है। भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीक़ा ढूँढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय ज़रूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। देश के लिए ये समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।
अमेरिकी-इज़राइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुँचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बँधना’ माना जाए। भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है? एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुँह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है। इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं है। भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीक़ा ढूँढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय ज़रूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। देश के लिए ये समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।
- पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी पर बढ़ी चिंता हाल के दिनों में अफवाहों और संभावित किल्लत की आशंका के चलते कई जगहों पर लोग घबराकर बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदते नजर आ रहे हैं। इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या आम नागरिकों द्वारा पेट्रोल पंप से हजारों लीटर ईंधन खरीदकर टैंकों या कंटेनरों में भरकर रखना कानूनी है। विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल और डीजल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ हैं। पेट्रोलियम नियमों के तहत आम नागरिकों को सीमित मात्रा में ही ईंधन कंटेनर में ले जाने की अनुमति होती है। बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल का भंडारण करने के लिए विशेष लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होता है। बिना अनुमति हजारों लीटर ईंधन जमा करना न सिर्फ नियमों के खिलाफ हो सकता है, बल्कि इससे आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल जमा करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। किसी भी छोटी चिंगारी या लापरवाही से भीषण आग लग सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि घबराहट में ईंधन की अनावश्यक जमाखोरी न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।1
- यही इस घटनाक्रम में हुआ पुलिस वाले ने सफेद टी-शर्ट वाले पर हाथ उठा दिया.. उसे क्या पता था वह भी पुलिस वाला है.. उसने वापस हाथ उठा दिया और फिर जो हुआ वह इस वीडियो में दिख रहा है, अगर सफेद टी-शर्ट वाला पुलिस नहीं होता तो बदले में हाथ नहीं उठाता.. और पुलिस किसी पर भी हाथ उठा सकती है.. चाहे जैसी गाली दे सकती है बंद करने की घोषणा कर सकती है, यही तो हथियार है जिससे आम आदमी पुलिस से डरता है, पुलिस को यह अधिकार किसने दिया..? इसीलिए तो बार-बार कहा जाता है.. पुलिस एक्ट में संशोधन होना चाहिए.., कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस को मिले अधिकार का दुरुपयोग होने लगा है, इसलिए पुलिस एक्ट में संशोधन की जरूरत बहुत जरूरी हो गई है..! अन्यथा सामाजिक हिंसा का सामना पुलिस को भी करना पड़ेगा, यह घटना इसका संकेत है..! क्या राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजस्थान के गृहमंत्री तक यह विषय पहुंचेगा और जांच करके किसी की जवाब देही सुनिश्चित होगी..?人1
- इंस्पेक्टर विक्रम सिंह रथ में बैठाकर CP-JCP को पुलिस लाइन लेकर पहुंचे रंग और गुलाल में सराबोर दिखे लखनऊ पुलिस के अधिकारी और जवान ढोल-नगाड़ों के बीच पुलिस लाइन में मनाई गई होली लखनऊ पुलिस ने भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया रंगों का त्योहार होली के रंग में रंगी लखनऊ पुलिस, पुलिस लाइन में दिखा उत्सव का माहौल अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर दी होली की शुभकामनाएं रथ यात्रा के साथ पुलिस लाइन पहुंचा होली का उत्सव लखनऊ पुलिस का अनोखा अंदाज, रथ में पहुंचे CP और JCP1
- लखनऊ के मुंशी पुलिया चौराहे पर दो कारों में टक्कर, कोई हताहत नहीं राजधानी लखनऊ के मुंशी पुलिया चौराहा पर दो कारें आपस में टकरा गईं। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दोनों गाड़ियों को हल्का नुकसान हुआ है।1
- लखनऊ थाना चौक अंतर्गत नक्खास चौकी क्षेत्र में विकास क्लॉथ सेंटर के पास बिजली के खंभे पर लगे तारों में अचानक आग लग गई। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- CP और जेसीपी को रथ मे बैठा कर होली खेलने के लिए इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह पुलिस लाइन लेकर गए जहां धूम धाम से सभी पुलिस के भाईयों ने होली खेला1
- अमेरिकी-इज़राइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुँचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बँधना’ माना जाए। भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है? एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुँह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है। इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं है। भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीक़ा ढूँढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय ज़रूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। देश के लिए ये समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।1
- राजधानी लखनऊ में होली के त्योहार पर सख्त ड्यूटी निभाने के बाद पुलिसकर्मियों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ होली का जश्न मनाया। शहर के हज़रतगंज क्षेत्र में आयोजित होली मिलन समारोह में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर खुशी जताई और रंग-गुलाल के साथ त्योहार का आनंद लिया। समारोह में कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने जवानों के साथ मिलकर होली खेली और आपसी एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान हज़रतगंज से रिज़र्व पुलिस लाइन तक पुलिस की शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें ढोल-नगाड़ों और रंगों के बीच होली का उल्लास देखने को मिला। शोभायात्रा में शामिल पुलिसकर्मी पारंपरिक सफेद कुर्ता-पायजामा और पगड़ी पहनकर होली का जश्न मनाते नजर आए। इस मौके पर अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान शहर की सुरक्षा में तैनात रहने के बाद पुलिस परिवार के साथ इस तरह के आयोजन आपसी भाईचारे और टीम भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही सभी को शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने का संदेश भी दिया गया।1
- महंत रामभद्राचार्य ,महंत राजू दास इजरायल अमेरिका ईरान ओम प्रकाश राजभर संजय निषाद संजय सिंह अनुप्रिया पटेल हिंदू मुसलमान जी न्यूज़ एंकर राजनीति से जुड़ी खबर #suyashkumar #suyash #india #viral #video #india #reels #newsfeed1