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झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित सुरसांग पंचायत का आदिवासी बहुल घोड़ा पहार गांव आज भी सड़क, पेयजल और प्रशासनिक सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। करीब 30 घरों की आबादी वाला यह गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जो विकास के सरकारी दावों की पोल खोलता है। गांव में पेयजल का एकमात्र स्रोत एक कुआं है, जिसका पानी हर मौसम में दूषित रहता है। ग्रामीणों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है और पानी भरने के लिए महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। सुरसांग मुख्य मार्ग से गांव तक की लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क कच्ची और जर्जर है, जो बरसात में पहाड़ी पानी से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, और मोटरसाइकिल से आना-जाना लगभग असंभव है। सड़क की बदहाली के कारण आपात स्थिति में, जैसे कि किसी के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसी स्थिति में मरीजों को बहंगी (काँवर) पर लादकर लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है, उनका कहना है कि विकास केवल कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा, गांव की कई बेसहारा महिलाएं अपने पतियों के मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने के कारण विधवा पेंशन योजना से वंचित हैं, बार-बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें गांव में जलमीनार के निर्माण, एक किलोमीटर सड़क का कालीकरण (पक्कीकरण) करने तथा मृत्यु प्रमाण पत्र और विधवा पेंशन से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, क्योंकि घोड़ा पहार गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है।

6 hrs ago
user_Shivam Singh
Shivam Singh
Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
6 hrs ago
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झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित सुरसांग पंचायत का आदिवासी बहुल घोड़ा पहार गांव आज भी सड़क, पेयजल और प्रशासनिक सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। करीब 30 घरों की आबादी वाला यह गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जो विकास के सरकारी दावों की पोल खोलता है। गांव में पेयजल का एकमात्र स्रोत एक कुआं है, जिसका पानी हर मौसम में दूषित रहता है। ग्रामीणों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है और पानी भरने के लिए महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। सुरसांग मुख्य मार्ग से गांव तक की लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क कच्ची और जर्जर है, जो बरसात में पहाड़ी पानी से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, और मोटरसाइकिल से आना-जाना लगभग असंभव है। सड़क की बदहाली के कारण आपात स्थिति में, जैसे कि किसी के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने

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पर, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसी स्थिति में मरीजों को बहंगी (काँवर) पर लादकर लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है, उनका कहना है कि विकास केवल कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा, गांव की कई बेसहारा महिलाएं अपने पतियों के मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने के कारण विधवा पेंशन योजना से वंचित हैं, बार-बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें गांव में जलमीनार के निर्माण, एक किलोमीटर सड़क का कालीकरण (पक्कीकरण) करने तथा मृत्यु प्रमाण पत्र और विधवा पेंशन से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, क्योंकि घोड़ा पहार गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है।

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  • सोमवार को सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, बसिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिसई की अध्यक्षता में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले घर-घर मतदाता गणना अभियान के लिए तैयार करना था, जिसमें उन्हें प्रत्येक मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र देने और भरवाने की पूरी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बीएलओ की सहायता के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए 2 और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता से गणना प्रपत्र भरकर वापस लेते समय किसी भी प्रकार के दस्तावेज की माँग नहीं करेंगे। प्रशिक्षण में बीएलओ को गणना प्रपत्र भरने और उसे बीएलओ ऐप में अपलोड करने संबंधी विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण सत्र में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सुधीर प्रकाश (बसिया), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी रमेश कुमार यादव (सिसई), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सोमराई किंडो (सिसई), निर्वाचन शाखा से सुमित केशरी (सिसई), अनुमंडल कार्यालय बसिया की निर्वाचन शाखा से सौरभ गुप्ता, निर्वाचन पर्यवेक्षक (सिसई), और सिसई प्रखंड के सभी बीएलओ उपस्थित थे।
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    सोमवार को सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, बसिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिसई की अध्यक्षता में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले घर-घर मतदाता गणना अभियान के लिए तैयार करना था, जिसमें उन्हें प्रत्येक मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र देने और भरवाने की पूरी जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान बीएलओ की सहायता के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए 2 और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता से गणना प्रपत्र भरकर वापस लेते समय किसी भी प्रकार के दस्तावेज की माँग नहीं करेंगे। प्रशिक्षण में बीएलओ को गणना प्रपत्र भरने और उसे बीएलओ ऐप में अपलोड करने संबंधी विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण सत्र में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सुधीर प्रकाश (बसिया), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी रमेश कुमार यादव (सिसई), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सोमराई किंडो (सिसई), निर्वाचन शाखा से सुमित केशरी (सिसई), अनुमंडल कार्यालय बसिया की निर्वाचन शाखा से सौरभ गुप्ता, निर्वाचन पर्यवेक्षक (सिसई), और सिसई प्रखंड के सभी बीएलओ उपस्थित थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए अब पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। 'नेचुरल वेदा' द्वारा मुफ्त फैट लॉस का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं लगेगा।
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    जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए अब पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। 'नेचुरल वेदा' द्वारा मुफ्त फैट लॉस का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं लगेगा।
    user_A E vlog
    A E vlog
    Pharmacist सिसई, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कातिंग गांव में सोमवार को जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने लगभग 24 लाख रुपये की लागत वाली पीसीसी सड़क का विधिवत शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत मुख्य सड़क से गोरटो तक करीब 500 मीटर लंबा मार्ग निर्मित होगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
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    गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कातिंग गांव में सोमवार को जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने लगभग 24 लाख रुपये की लागत वाली पीसीसी सड़क का विधिवत शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत मुख्य सड़क से गोरटो तक करीब 500 मीटर लंबा मार्ग निर्मित होगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी (NCORD), सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मंडल कारा की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। अवैध खनन और खनिज परिवहन के विषय पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में नियमित छापामारी अभियान चलाकर अवैध बालू उत्खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के अंतर्गत कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों (एक इकाई) की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में बालू उपलब्धता की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन में लगे वाहनों के चालान, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने तथा खनिजों को तिरपाल से ढँककर परिवहन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी वृहत खनिज (बॉक्साइट) और लघु खनिज (पत्थर) क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों व चालू पट्टाक्षेत्र से बाहर होने वाले अवैध खनन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने जिले में व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थलों पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के बाहर से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का आह्वान किया। कारा सुरक्षा की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को तुरंत हैंडओवर करने तथा विस्तारित कारा खंड में बंदियों को स्थानांतरित करने से पहले सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रिक फेंसिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवनिर्मित बंदी बैरकों में अधूरी निकासी व्यवस्था को पूर्ण करने, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक भवन की छत पर क्षतिग्रस्त प्लास्टर की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंडल कारा का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय भी लिया गया। सड़क सुरक्षा की समीक्षा के तहत, उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जन जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल पहुँचाने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंडाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनएच-78 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाई मास्क लाइट लगाने, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ‘बिना हेलमेट तेल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। परिवहन विभाग को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट चेकिंग प्वाइंट विकसित करने तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हिट एंड रन मामलों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं राहत प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारीगण, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस विभाग के पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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    गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी (NCORD), सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मंडल कारा की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

अवैध खनन और खनिज परिवहन के विषय पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में नियमित छापामारी अभियान चलाकर अवैध बालू उत्खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के अंतर्गत कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों (एक इकाई) की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में बालू उपलब्धता की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन में लगे वाहनों के चालान, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने तथा खनिजों को तिरपाल से ढँककर परिवहन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी वृहत खनिज (बॉक्साइट) और लघु खनिज (पत्थर) क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों व चालू पट्टाक्षेत्र से बाहर होने वाले अवैध खनन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने जिले में व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थलों पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के बाहर से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का आह्वान किया। कारा सुरक्षा की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को तुरंत हैंडओवर करने तथा विस्तारित कारा खंड में बंदियों को स्थानांतरित करने से पहले सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रिक फेंसिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवनिर्मित बंदी बैरकों में अधूरी निकासी व्यवस्था को पूर्ण करने, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक भवन की छत पर क्षतिग्रस्त प्लास्टर की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंडल कारा का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय भी लिया गया।

सड़क सुरक्षा की समीक्षा के तहत, उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जन जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल पहुँचाने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंडाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनएच-78 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाई मास्क लाइट लगाने, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ‘बिना हेलमेट तेल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। परिवहन विभाग को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट चेकिंग प्वाइंट विकसित करने तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हिट एंड रन मामलों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं राहत प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारीगण, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस विभाग के पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    13 hrs ago
  • बुढ़िया करम पर्व की पूर्व संध्या पर गुमला जिले के डुमरी स्थित सरना धूमकुड़िया भवन परिसर में एक भव्य बुजुर्ग मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पचास से अधिक बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने भाग लेकर समाज की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं को मजबूत करने का सशक्त संदेश दिया। समारोह के दौरान, समाज के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों अकलू भगत, जगरनाथ भगत, रविशंकर भगत, सुमित्रा कुमारी और अन्नपूर्णा देवी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं ने समुदाय के लोगों से अपने विकास के प्रति सजग रहने और अपनी संस्कृति, परंपरा तथा विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने सरना धर्मस्थलों के संरक्षण, सामाजिक विकास, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डुमरी की महिलाओं द्वारा बुजुर्गों के चरण धोकर सम्मानपूर्वक स्वागत करने के साथ हुआ। इसके उपरांत, बुजुर्गों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन की कामना के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस समारोह को सफल बनाने में बेला देवी, मुखिया संजय उरांव, बीरेंद्र भगत, सुखमनी देवी, जसिंता देवी, बिमला कुजूर, फूलकुमारी देवी, गंगोत्री देवी, अजय भगत, मनोज उरांव, देवेश उरांव और लौंगी देवी सहित अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्यक्रम समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक प्रभावी संदेश देने में सफल रहा।
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    बुढ़िया करम पर्व की पूर्व संध्या पर गुमला जिले के डुमरी स्थित सरना धूमकुड़िया भवन परिसर में एक भव्य बुजुर्ग मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पचास से अधिक बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने भाग लेकर समाज की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं को मजबूत करने का सशक्त संदेश दिया।

समारोह के दौरान, समाज के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों अकलू भगत, जगरनाथ भगत, रविशंकर भगत, सुमित्रा कुमारी और अन्नपूर्णा देवी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं ने समुदाय के लोगों से अपने विकास के प्रति सजग रहने और अपनी संस्कृति, परंपरा तथा विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने सरना धर्मस्थलों के संरक्षण, सामाजिक विकास, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डुमरी की महिलाओं द्वारा बुजुर्गों के चरण धोकर सम्मानपूर्वक स्वागत करने के साथ हुआ। इसके उपरांत, बुजुर्गों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन की कामना के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

इस समारोह को सफल बनाने में बेला देवी, मुखिया संजय उरांव, बीरेंद्र भगत, सुखमनी देवी, जसिंता देवी, बिमला कुजूर, फूलकुमारी देवी, गंगोत्री देवी, अजय भगत, मनोज उरांव, देवेश उरांव और लौंगी देवी सहित अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्यक्रम समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक प्रभावी संदेश देने में सफल रहा।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के पारही डांडी टोली और अलौदी गांव में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच शव जलाने और अंधविश्वास को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया। प्रशासन को इस मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी तत्काल श्मशान स्थल पर पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद, थाना प्रभारी ने स्वयं शव को कंधा देकर पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया, जिससे उन्होंने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।
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    लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के पारही डांडी टोली और अलौदी गांव में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच शव जलाने और अंधविश्वास को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया। प्रशासन को इस मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी तत्काल श्मशान स्थल पर पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद, थाना प्रभारी ने स्वयं शव को कंधा देकर पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया, जिससे उन्होंने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • कतर के रास लाफान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परिसर में हुए एक विस्फोट में भारतीयों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ईरानी हमले के बाद बंद हुए संयंत्र के संचालन को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, कतर ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के बावजूद संयंत्र की निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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    कतर के रास लाफान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परिसर में हुए एक विस्फोट में भारतीयों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ईरानी हमले के बाद बंद हुए संयंत्र के संचालन को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, कतर ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के बावजूद संयंत्र की निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
    user_Er KHAN Sir
    Er KHAN Sir
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड बाईपास अंडर पास के समीप एक तेज रफ्तार दूध गाड़ी ने स्कूटी सवार को सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण स्कूटी सवार जमीन पर गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटनास्थल से गुजर रहे आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्कूटी सवार को सहारा देकर उठाया। उन्होंने दूध गाड़ी के चालक और स्कूटी सवार दोनों को सावधानीपूर्वक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस दौरान आजसू युवा जिला अध्यक्ष मनीष सिंह, अजीत सह, गोलू श्रीवास्तव, अशोक सिंह, राजेश गोप, और सोनू साहु सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।
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    गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड बाईपास अंडर पास के समीप एक तेज रफ्तार दूध गाड़ी ने स्कूटी सवार को सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण स्कूटी सवार जमीन पर गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

घटनास्थल से गुजर रहे आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्कूटी सवार को सहारा देकर उठाया। उन्होंने दूध गाड़ी के चालक और स्कूटी सवार दोनों को सावधानीपूर्वक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस दौरान आजसू युवा जिला अध्यक्ष मनीष सिंह, अजीत सह, गोलू श्रीवास्तव, अशोक सिंह, राजेश गोप, और सोनू साहु सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
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