गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी (NCORD), सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मंडल कारा की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। अवैध खनन और खनिज परिवहन के विषय पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में नियमित छापामारी अभियान चलाकर अवैध बालू उत्खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के अंतर्गत कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों (एक इकाई) की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में बालू उपलब्धता की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन में लगे वाहनों के चालान, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने तथा खनिजों को तिरपाल से ढँककर परिवहन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी वृहत खनिज (बॉक्साइट) और लघु खनिज (पत्थर) क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों व चालू पट्टाक्षेत्र से बाहर होने वाले अवैध खनन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने जिले में व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थलों पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के बाहर से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का आह्वान किया। कारा सुरक्षा की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को तुरंत हैंडओवर करने तथा विस्तारित कारा खंड में बंदियों को स्थानांतरित करने से पहले सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रिक फेंसिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवनिर्मित बंदी बैरकों में अधूरी निकासी व्यवस्था को पूर्ण करने, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक भवन की छत पर क्षतिग्रस्त प्लास्टर की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंडल कारा का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय भी लिया गया। सड़क सुरक्षा की समीक्षा के तहत, उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जन जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल पहुँचाने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंडाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनएच-78 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाई मास्क लाइट लगाने, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ‘बिना हेलमेट तेल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। परिवहन विभाग को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट चेकिंग प्वाइंट विकसित करने तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हिट एंड रन मामलों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं राहत प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारीगण, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस विभाग के पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी (NCORD), सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मंडल कारा की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। अवैध खनन और खनिज परिवहन के विषय पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में नियमित छापामारी अभियान चलाकर अवैध बालू उत्खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के अंतर्गत कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों (एक इकाई) की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में बालू उपलब्धता की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन में लगे वाहनों के चालान, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने तथा खनिजों को तिरपाल से ढँककर परिवहन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी वृहत खनिज (बॉक्साइट) और लघु खनिज (पत्थर) क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों व चालू पट्टाक्षेत्र से बाहर होने वाले अवैध खनन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने जिले में व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और शैक्षणिक
संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थलों पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के बाहर से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का आह्वान किया। कारा सुरक्षा की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को तुरंत हैंडओवर करने तथा विस्तारित कारा खंड में बंदियों को स्थानांतरित करने से पहले सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रिक फेंसिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवनिर्मित बंदी बैरकों में अधूरी निकासी व्यवस्था को पूर्ण करने, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक भवन की छत पर क्षतिग्रस्त प्लास्टर की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंडल कारा का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय भी लिया गया। सड़क सुरक्षा की समीक्षा के तहत, उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जन जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल पहुँचाने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंडाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनएच-78 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाई मास्क लाइट लगाने, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ‘बिना हेलमेट तेल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। परिवहन विभाग को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट चेकिंग प्वाइंट विकसित करने तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हिट एंड रन मामलों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं राहत प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारीगण, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस विभाग के पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड बाईपास अंडर पास के समीप एक तेज रफ्तार दूध गाड़ी ने स्कूटी सवार को सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण स्कूटी सवार जमीन पर गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटनास्थल से गुजर रहे आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्कूटी सवार को सहारा देकर उठाया। उन्होंने दूध गाड़ी के चालक और स्कूटी सवार दोनों को सावधानीपूर्वक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस दौरान आजसू युवा जिला अध्यक्ष मनीष सिंह, अजीत सह, गोलू श्रीवास्तव, अशोक सिंह, राजेश गोप, और सोनू साहु सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।1
- गुमला जिले के प्रखंडों में बारिश और बिजली गिरने से भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है। लोगों को इन प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत उगरा पंचायत के मेढो ग्राम में मनरेगा योजना के तहत मिट्टी मोरम पथ निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया है। यह मामला वर्ष 2022-23 में स्वीकृत एक लंबित मनरेगा योजना से जुड़ा है। बताया जाता है कि योजना लंबित होने के कारण प्रखंड विकास पदाधिकारी के निर्देश पर इस पथ निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। पथ निर्माण के दौरान, कुछ ग्रामीणों ने विभिन्न आरोप लगाते हुए काम बंद करवा दिया। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में प्रमुख यह है कि मिट्टी मोरम पथ निर्माण का कार्य मशीनों से कराया जा रहा है, जो अब जांच का विषय बन गया है।1
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, सिमडेगा जिले के केरसई स्थित राजकीय उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, योग के महत्व को समझा और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापक जेवियर टेटे द्वारा प्रतिभागियों का स्वागत करने के साथ हुआ। उन्होंने योग को स्वस्थ शरीर, शांत मन और अनुशासित जीवन का आधार बताया। योग शिविर की शुरुआत शिक्षक प्रकाश आर्य ने ओंकार नाद के साथ की। शारीरिक शिक्षिका संगीता कुजूर ने प्रतिभागियों को कपालभाति, भ्रामरी, ध्यान, ताड़ासन, हलासन, सुखासन, शलभासन और तितली आसन सहित कई योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इस अवसर पर अंचल पदाधिकारी देवकांत सिंह, पीएलवी उपेंद्र कुमार, विष्णु प्रसाद, प्रणव कुमार, रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- लातेहार विधायक प्रकाश राम ने जिले के नगर क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, विशेषकर चंदनडीह गांव में। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि उनकी सबसे बड़ी समस्या आवास की है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2011 में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान उनके घरों को तोड़ दिया गया था, जिसके बाद से वे आवास की कमी से जूझ रहे हैं। इस पर विधायक प्रकाश राम ने तत्काल लातेहार अंचल अधिकारी से बात की और ग्रामीणों की परेशानियों से उन्हें अवगत कराया, साथ ही समाधान की दिशा में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। विधायक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे हमेशा ग्रामीणों के हित में तत्पर रहते हैं और चंदनडीह के लोगों की हरसंभव मदद के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी समस्याओं से लगातार अवगत कराते रहने की अपील भी की, यह कहते हुए कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संवाद ही बेहतर विकास का आधार है। इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार, अनिल सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष बंसी यादव, राकेश दुबे, पिंटू रजक, गौरव दास, विकास कुमार, आनंदी सिंह, प्रमोद कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता तथा संतोष गोस्वामी, मोहन पासवान, भोला बैठा, जोगिंदर भुईयां, सुंदर भुईयां, रीना देवी, रीता देवी, विमली देवी, कांति देवी, कालोन टोप्पो, अजय यादव, संदीप कुमार, नंदलाल उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- झारखंड के सरयू प्रखंड अंतर्गत पुरनी डबरी ग्राम में लगभग 20 घरों की 150 लोगों की आबादी केवल एक चापानल पर आश्रित है। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह 11:00 बजे बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में दो जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन ये दोनों जलमीनार निर्माण के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गए। इसके बाद से इन खराब पड़े जलमीनारों की सुध लेने कोई नहीं आया, जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर सरयू की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आशा साहू ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए 15वें वित्त की राशि से जलमीनारों को बनवाने का प्रयास किया जाएगा।1
- झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड की उदनि पंचायत के अंतर्गत स्थित हसुवा टोली गांव आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आज तक बिजली, शुद्ध पेयजल, पक्की सड़क और पुलिया जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय से अत्यधिक दूरी और सुदूर पठारी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उनका गांव लगातार प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है। उनके अनुसार, पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी दो बार गांव पहुंचे थे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों को लगता है कि उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। बरसात के दिनों में गांव की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गांव के समीप बहने वाली नदी पर पुल न होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। पेयजल संकट इतना गहरा है कि कई बार लोगों को घरों की छत से टपकने वाले बारिश के पानी को छानकर पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा, गांव में न तो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है और न ही बाल विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव छोटे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी वजह से गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। हसुवा टोली के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, उपायुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी से गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है, जिसमें शुद्ध पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण, सड़क निर्माण और नदी पर पुलिया निर्माण शामिल है। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वालों में मोनिका लकड़ा, इग्नेशियुष लकड़ा, सरिता बैंग, फ्रांसिस्का लकड़ा, कुंवर गिद्ध, अशोक लकड़ा, निर्मल लकड़ा, यूजीन लकड़ा, गुलाबी, सुशील लकड़ा और रॉबिन लकड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।1
- नीट परीक्षा देने के लिए एक परिक्षार्थी और उसके पिता मात्र दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्रा और उसके पिता गेट के बाहर दहाड़ मारकर रो रहे हैं, वहीं पिता हाथ जोड़कर बेटी को परीक्षा दिलवाने की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सख्त नियम-कानून केवल परीक्षाओं के लिए ही बनाए जाते हैं, या फिर नियमित पढ़ाई और देर से आने वाले शिक्षकों के लिए भी ऐसे ही कठोर प्रावधान लागू होते हैं।1
- झारखंड के गुमला जिले के सिसई में स्थित लक बेल्डिंग शॉप में लोहे के सामान पर भारी छूट दी जा रही है। इस विशेष ऑफर के तहत, एक दरवाज़ा केवल ₹5000 में मिल रहा है।1