डोडा-पोस्त के ठेके फिर से शुरू करने की मांग, राजस्थान में ग्रामीणों ने सरकार से की पुनर्विचार की अपील डोडा-पोस्त के ठेके फिर से शुरू करने की मांग,राजस्थान में ग्रामीणों ने सरकार से की पुनर्विचार की अपील पत्रकार: इकबाल खान, बीकानेर राजस्थान में डोडा-पोस्त पर लगी बंदी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से इसे पुनः नियंत्रित ठेकों के माध्यम से शुरू करने की मांग उठने लगी है। बुजुर्गों, मजदूरों और कुछ सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान प्रतिबंध के कारण अवैध कारोबार बढ़ा है और गरीब वर्ग को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजस्थान में कई काबू ओर शहरों में सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से डोडा-पोस्त का सेवन करने वाले कई बुजुर्ग अब इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार बंदी के बाद उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से 8 से 10 हजार रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। इससे जहां आर्थिक बोझ बढ़ा है, वहीं अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिला है। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रतिबंध के बाद मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हुई है। भारत में नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों पर कार्रवाई Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार नियंत्रित और लाइसेंस आधारित प्रणाली फिर से लागू करे तो अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, राजस्व में वृद्धि होगी और अनावश्यक कानूनी मामलों में कमी आ सकती है।
डोडा-पोस्त के ठेके फिर से शुरू करने की मांग, राजस्थान में ग्रामीणों ने सरकार से की पुनर्विचार की अपील डोडा-पोस्त के ठेके फिर से शुरू करने की मांग,राजस्थान में ग्रामीणों ने सरकार से की पुनर्विचार की अपील पत्रकार: इकबाल खान, बीकानेर राजस्थान में डोडा-पोस्त पर लगी बंदी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से इसे पुनः नियंत्रित ठेकों के माध्यम से शुरू करने की मांग उठने लगी है। बुजुर्गों, मजदूरों और कुछ सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान प्रतिबंध के कारण अवैध कारोबार बढ़ा है और गरीब वर्ग को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजस्थान में कई काबू ओर शहरों में सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से डोडा-पोस्त का सेवन करने वाले कई बुजुर्ग अब इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार बंदी के बाद उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से 8 से 10 हजार रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। इससे जहां आर्थिक बोझ बढ़ा है, वहीं अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिला है। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रतिबंध के बाद मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हुई है। भारत में नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों पर कार्रवाई Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार नियंत्रित और लाइसेंस आधारित प्रणाली फिर से लागू करे तो अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, राजस्व में वृद्धि होगी और अनावश्यक कानूनी मामलों में कमी आ सकती है।
- डोडा-पोस्त के ठेके फिर से शुरू करने की मांग,राजस्थान में ग्रामीणों ने सरकार से की पुनर्विचार की अपील पत्रकार: इकबाल खान, बीकानेर राजस्थान में डोडा-पोस्त पर लगी बंदी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से इसे पुनः नियंत्रित ठेकों के माध्यम से शुरू करने की मांग उठने लगी है। बुजुर्गों, मजदूरों और कुछ सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान प्रतिबंध के कारण अवैध कारोबार बढ़ा है और गरीब वर्ग को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजस्थान में कई काबू ओर शहरों में सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से डोडा-पोस्त का सेवन करने वाले कई बुजुर्ग अब इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार बंदी के बाद उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से 8 से 10 हजार रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। इससे जहां आर्थिक बोझ बढ़ा है, वहीं अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिला है। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रतिबंध के बाद मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हुई है। भारत में नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों पर कार्रवाई Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार नियंत्रित और लाइसेंस आधारित प्रणाली फिर से लागू करे तो अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, राजस्व में वृद्धि होगी और अनावश्यक कानूनी मामलों में कमी आ सकती है।1
- परीक्षा देने जा रही 8 वीं की छात्रा की हत्या, झाड़ियों मे मिला शव, रेप की आसान का सेंटर पर नहीं पहुंची तो टीचर्स ने घर किया फोन राहुल सेवग श्रीकोलायत रणजीतपुरा थाना क्षेत्र मे 8वीं क्लास में की छात्रा का अर्धनग्न हालत में शव मिला है। छात्रा पास की ढाणी से स्कूल में आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने घर से निकली थी, लेकिन एग्जाम सेंटर तक नहीं पहुंची। तो स्कूल टीचर्स ने घर पर सूचना दी। परिजनों ने तलाश की तो नहर के पास झाड़ियों में शव मिला। घटना रणजीतपूरा के पास एक गांव में शनिवार दोपहर की है। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजन एफएसएल टीम से साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि बच्ची का शव मिला है। FSL टीम मौके पर पहुंच गई है। लड़की के साथ रेप हुआ है या नहीं? इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई। पोस्टमॉर्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाणी से दो किलोमीटर जाती थी पैदल परिजनों ने बताया कि छात्रा (13) अपने घर से करीब 2 किलोमीटर पैदल स्कूल जाती थी। उसका 8वीं बोर्ड का एग्जाम चल रहा है। सुबह बच्ची घर से परीक्षा देने निकली थी। सेंटर पर नहीं पहुंचने पर स्कूल प्रशासन ने हमें सूचना दी। परिजनों का कहना कि बच्ची 12:15 बजे घर से निकली थी और करीब 1:46 बजे स्कूल प्रशासन से सूचना आई कि वह स्कूल नहीं पहुंची है। इसके बाद हम लोगों ने तलाश शुरू कर दी। थोड़ी दूर पहुंचे तो बच्ची का शव्र अर्द्धनग्न हाल में पड़ा था। सूचना पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। FSL टीम ने जुटाए सबूत पुलिस का कहना है- नाबालिग लड़की के शव का मौका मुआयना करने और सबूत जुटाने के लिए FSL टीम को मौके पर बुलाया गया है। टीम सबूत जुटा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- श्रीडूंगरगढ़ के बीकानेर रोड़ पर खड़े ट्रक से कार टकराई दो घायल1
- Post by Rajasthan Patrika1
- नागौर/खींवसर,,10 वर्षीय अपहृत बालक की हत्या के प्रकरण का नागौर पुलिस द्वारा 12 घंटे के भीतर खुलासा। हत्या का मुख्य आरोपी खरताराम गिरफ्तार। दिनांक 19फरवरी2026 को आरोपी ने 10 वर्षीय बालक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। प्रकरण में संदिग्ध व्यक्तियों को डिटेन कर, उनसे पूछताछ की जा रही है।1
- Post by Mangal chand Mali1
- पढ़ाई-लिखाई का मतलब बी. एस पब्लिक स्कूल वार्ड नंबर 6 प्रेमनगर भामाशाह स्कूल अनूपगढ़ 96721853661
- बीकानेर जिले के गाँव रणजीतपुरा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देवीलाल जी नाई की बेटी .... परीक्षा देने विद्यालय के लिए घर से निकली, लेकिन विद्यालय पहुँची ही नहीं। परिजनों द्वारा तलाश करने के बाद मासूम बच्ची का अर्धनग्न शव थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर मिला। यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। आखिर हमारी बेटियाँ कहाँ सुरक्षित हैं?सूचना के अनुसार SP मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन से मांग है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जाँच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।1