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हरदुआ रेलवे स्टेशन बस स्टैंड मुख्य चौराहा दमोह सागर रोड
User3347Vijay Singh Rajput
हरदुआ रेलवे स्टेशन बस स्टैंड मुख्य चौराहा दमोह सागर रोड
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- हरदुआ रेलवे स्टेशन बस स्टैंड मुख्य चौराहा दमोह सागर रोड2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' से पहले मीडिया बंधुओं से संवाद कर युवाओं के लिए सरकार की प्राथमिकताएं साझा की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगारपरक गतिविधियों और उद्योगों को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 को 'रोजगार एवं उद्योग वर्ष' के रूप में मनाकर मध्यप्रदेश ने देशभर में एक सकारात्मक संदेश दिया है। डॉ. यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। भारत को दुनिया का सबसे युवा देश बताते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा मौजूद हैं, जो राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनके सपनों को साकार किया जा रहा है और इसी के तहत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार व उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। युवाओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। यह मंच युवाओं के लिए नई संभावनाओं और नए अवसरों का एक सशक्त माध्यम बनेगा।1
- कटनी के पहाड़ी स्थित क्रेशर प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होने का मामला सामने आया है। यहाँ मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर अनदेखी की जा रही है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस स्थिति को लेकर सीधा सवाल उठाया गया है कि क्या प्रशासन यहाँ किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है।1
- कटनी शहर आस्था और संस्कृति का एक सुंदर संगम है। यहाँ स्थित माँ जालपा मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का केंद्र है, जहाँ हर दिन भक्त दर्शन के लिए पहुँचते हैं। वहीं, भगवान जगन्नाथ मंदिर अपनी भव्यता, रथयात्रा और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। ये दोनों ही मंदिर कटनी की आध्यात्मिक पहचान को निरंतर गौरवान्वित करते हैं।1
- कटनी जिले की बरही तहसील के ग्राम कनौर में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां सार्वजनिक निस्तार मार्ग की भूमि पर 10 वर्ष की लीज समाप्त होने और कलेक्टर न्यायालय व तहसीलदार के स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद आज भी क्रेशर का संचालन धड़ल्ले से जारी है। इस मामले ने प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं और लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कलेक्टर के आदेश को किसका संरक्षण प्राप्त है। यह पूरा मामला ग्राम कनौर के खसरा नंबर 861 का है, जिसे राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक निस्तार मार्ग यानी "रास्ता कच्चा" दर्ज किया गया है। इस भूमि पर वर्ष 2015 में सीमित अवधि के लिए अनुमति दी गई थी, जिसकी वैधता 28 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद 3 जून 2026 को कलेक्टर न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि लीज समाप्त होने के साथ ही अनुमति स्वतः समाप्त हो गई है और वहां से मशीनरी व अन्य सामग्री हटाकर रास्ता खाली कराया जाए। इस आदेश के बाद तहसीलदार ने भी कब्जा हटाने के लिए सात दिन का समय देते हुए निर्देश जारी किए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इन तमाम आदेशों की अनदेखी करते हुए क्रेशर संचालक तिलकराज ग्रोवर द्वारा आज भी क्रेशर का संचालन किया जा रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में संचालित अन्य क्रेशरों की वैधता और दस्तावेजों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाने की मांग उठाई है। हालांकि इस मामले से जुड़ी एक रिट याचिका हाईकोर्ट में भी विचाराधीन रही है, लेकिन कलेक्टर के आदेश में सार्वजनिक उपयोग की भूमि को खाली कराना आवश्यक बताया गया है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि सात दिन का नोटिस खत्म होने के बाद भी कब्जा क्यों बरकरार है और प्रशासन के आदेशों का पालन कब होगा।2
- कटनी के खिरहनी ओवरब्रिज पर शनिवार को नगर निगम की टीम द्वारा आवारा गौवंश को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान भारी जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कार्रवाई के दौरान गायों और बैलों को वाहन में चढ़ाते समय कथित रूप से बेहद कठोर और असंवेदनशील तरीके अपनाए गए। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शासन स्तर पर गौवंश को पूजनीय और संरक्षण के योग्य बताया जाता है, लेकिन उन्हें पकड़ने की कार्रवाई मानवीय और पशु कल्याण के नियमों के अनुरूप नहीं की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि गौवंश को पकड़ने और उन्हें स्थानांतरित करने की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और संवेदनशील बनाया जाए, ताकि बेजुबान पशुओं को कोई अनावश्यक पीड़ा न हो और ओवरब्रिज पर यातायात भी बाधित न हो। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।2
- आगरा रेलवे स्टेशन पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला यात्री की मदद करने वाले ड्यूटी पर तैनात डिप्टी स्टेशन मास्टर (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर को आरपीएफ जवानों ने सरेआम प्लेटफॉर्म पर घसीटा। दरअसल, ट्रेन रुकने पर एक महिला यात्री सामान खरीदने नीचे उतरी थी, लेकिन इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। महिला को छूटता देख डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत वॉकी-टॉकी से संदेश भेजकर ट्रेन को रुकवा दिया। ट्रेन रुकने के बाद वहां मौजूद आरपीएफ जवानों ने महिला पर चैन पुलिंग का आरोप लगाकर उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया। जब डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने इस गलत कार्रवाई का विरोध किया, तो आरपीएफ कर्मी भड़क गए और अपनी मर्यादा भूलकर उन्हें स्टेशन पर घसीटते हुए ले गए। इस अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने और मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बदसलूकी के आरोपी चारों आरपीएफ पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।1