उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा देर शाम विकासखंड डुंडा के ग्राम उड़री पट्टी गाजणा में अचानक कुछ मकानों की छतों पर भारी मलबा आ गिरा, जिससे गांव में अफरा-तफरी और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। मलबे के तीव्र दबाव के कारण कई मकानों की छतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ स्थानों पर छतें धंसने की कगार पर पहुंच गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही डुंडा के ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने तत्परता दिखाते हुए बिना देरी किए घटनास्थल का रुख किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए ब्लॉक प्रमुख ने तुरंत नायब तहसीलदार, पटवारी और आपदा राहत टीम को मौके पर बुलवाया तथा संयुक्त रूप से हुए नुकसान का स्थल निरीक्षण कराया। प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने कहा, "मुश्किल की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को बिल्कुल अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। आपदा मानकों के तहत मिलने वाली त्वरित सहायता के साथ-साथ शासन-प्रशासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।" उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि क्षति का सटीक आकलन कर रिपोर्ट जल्द तैयार की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि व अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का आश्वासन भी दिया।
उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा देर शाम विकासखंड डुंडा के ग्राम उड़री पट्टी गाजणा में अचानक कुछ मकानों की छतों पर भारी मलबा आ गिरा, जिससे गांव में अफरा-तफरी और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन
गया। मलबे के तीव्र दबाव के कारण कई मकानों की छतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ स्थानों पर छतें धंसने की कगार पर पहुंच गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही डुंडा के ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने तत्परता दिखाते हुए बिना देरी किए घटनास्थल का रुख किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों
की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए ब्लॉक प्रमुख ने तुरंत नायब तहसीलदार, पटवारी और आपदा राहत टीम को मौके पर बुलवाया तथा संयुक्त रूप से हुए नुकसान का स्थल निरीक्षण कराया। प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने कहा, "मुश्किल की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को बिल्कुल अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। आपदा मानकों के तहत मिलने वाली त्वरित सहायता के
साथ-साथ शासन-प्रशासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।" उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि क्षति का सटीक आकलन कर रिपोर्ट जल्द तैयार की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि व अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का आश्वासन भी दिया।
- उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा उत्तरकाशी. उड़री पट्टी गाजणा में मकानों पर गिरा मलबा, छतें क्षतिग्रस्त; ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने लिया जायजा देर शाम विकासखंड डुंडा के ग्राम उड़री पट्टी गाजणा में अचानक कुछ मकानों की छतों पर भारी मलबा आ गिरा, जिससे गांव में अफरा-तफरी और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। मलबे के तीव्र दबाव के कारण कई मकानों की छतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ स्थानों पर छतें धंसने की कगार पर पहुंच गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही डुंडा के ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने तत्परता दिखाते हुए बिना देरी किए घटनास्थल का रुख किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए ब्लॉक प्रमुख ने तुरंत नायब तहसीलदार, पटवारी और आपदा राहत टीम को मौके पर बुलवाया तथा संयुक्त रूप से हुए नुकसान का स्थल निरीक्षण कराया। प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने कहा, "मुश्किल की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को बिल्कुल अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। आपदा मानकों के तहत मिलने वाली त्वरित सहायता के साथ-साथ शासन-प्रशासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।" उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि क्षति का सटीक आकलन कर रिपोर्ट जल्द तैयार की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि व अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का आश्वासन भी दिया।4
- जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की शिक्षा के प्रति अहम पहल से सुधरी प्राथमिक विद्यालयों का शिक्षा का स्तर ।1
- देवभूमि आईटीएफयू ताइक्वांडो एशोसिएशन ने बच्चों को बांटी बेल्ट, सर्टिफिकेट देवभूमि आईटीएफयू ताइक्वांडो एशोसिएशन ने बच्चों को बांटी बेल्ट, सर्टिफिकेट1
- कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में रैली को संबोधित किया, उसके बाद BJP-RSS के लोगों ने उनके मंच का “शुद्धिकरण” किया। “शुद्धिकरण” न सिर्फ़ एक बेहद निंदनीय और शर्मनाक सोच का प्रतीक है बल्कि हमारे संविधान व SC/ST Act का घोर उल्लंघन और कानूनी अपराध है। आखिर कब होगी एससी एसटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई बड़ा सवाल! 20 दिन हो गए हैं, मगर आदरणीय प्रधानमंत्री जी और उनकी सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई - इसकी वजह??? अगर आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी सचमुच हमारे देश के संविधान का आदर करते हैं तो जिन लोगों ने उत्तराखंड में यह अपराध किया है, उनके खिलाफ FIR दर्ज करवायें और SC/ST Act के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करें।1
- प्रसाद में पंचामृत तो सभी बनाते हैं, लेकिन इसका सही अनुपात सब नहीं जानते।1
- दिल्ली 4:00 p.m. डिजिटल चैनल के दो पत्रकारों पर पुलिस ने की मारपीट1
- सीएम धामी ने वन-क्लिक से जारी की अगस्त माह की पेंशन, 9.91 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे ₹147 करोड़ The Aman Times सीएम धामी ने वन-क्लिक से जारी की अगस्त माह की पेंशन, 9.91 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे ₹147 करोड़ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इस दौरान 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में कुल ₹147 करोड़ 05 लाख 51 हजार की धनराशि भेजी गई। वहीं अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पेंशन योजनाओं में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे। अगस्त माह में स्वीकृत नई पेंशन: - वृद्धावस्था पेंशन – 3,945 - विधवा पेंशन – 1,000 - दिव्यांग पेंशन – 416 - किसान पेंशन – 106 - परित्यक्ता पेंशन – 23 - भरण-पोषण अनुदान – 115 सरकार के अनुसार कुल लाभार्थियों में 2,14,711 राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7,77,203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं।1
- उत्तरकाशी. जिला अस्पताल में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भड़की कांग्रेस, सीएमओ कार्यालय का तालाबंदी का भी किया प्रयास. कांग्रेस की चेतावनी.समय रहते ज़िला अस्पताल की सभी खामियों को किया जाये दुरस्त. उत्तरकाशी. जिला अस्पताल में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भड़की कांग्रेस, सीएमओ कार्यालय का तालाबंदी का भी किया प्रयास. कांग्रेस की चेतावनी.समय रहते ज़िला अस्पताल की सभी खामियों को किया जाये दुरस्त. जनपद उत्तरकाशी के जिला अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी का प्रयास किया और धरना दिया। Vol.अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि उत्तरकाशी का जिला अस्पताल अब केवल एक 'रेफर सेंटर' बनकर रह गया है। *प्रमुख मुद्दे व मांगें* 1- रेडियोलॉजिस्ट व अल्ट्रासाउंड की समस्या: अस्पताल में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 10-10 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। 2- विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा: जिले के एकमात्र सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण कर दिया गया है, लेकिन उनके स्थान पर किसी नए डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई। अस्पताल अब सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ से पूरी तरह विहीन हो गया है। 3- महिला अस्पताल की दयनीय स्थिति: हाल ही की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जिलाध्यक्ष ने चिंता जताई कि पिछले 5 महीनों में इलाज के अभाव में 16 गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की जान जा चुकी है। 4-स्थानीय नेतृत्व पर सवाल: उन्होंने कहा कि यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विफलता है कि डॉक्टरों को यहां से रिलीव तो कर दिया जाता है, लेकिन उनकी जगह नए डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पाती। Vol.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तुरंत नियुक्ति नहीं की गई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। Byte - प्रदीप रावत. जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी. Byte - मनीष राणा. पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी.4