चेन्नई में काम के दौरान दर्दनाक हादसा, पचौर के लाल अरविंद सिंह की मौत गांव पहुंचा शव, हर आंख हुई नम हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड के पचौर पंचायत अंतर्गत पचौर गांव उस वक्त गहरे शोक में डूब गया, जब चेन्नई में काम के दौरान हादसे का शिकार हुए अरविंद कुमार सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, बुद्धि नारायण सिंह के पुत्र अरविंद कुमार सिंह तमिलनाडु के चेन्नई में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन चेन्नई रवाना हुए और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को गांव लाया गया। शव वाहन जैसे ही पचौर गांव में दाखिल हुआ, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े, जिसे देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा भर आया। अरविंद परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि अरविंद मेहनती, जिम्मेदार और मिलनसार स्वभाव के युवक थे, जो बाहर रहकर अपने परिवार का सहारा बने हुए थे। शोक की इस घड़ी में पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता राशि देने की मांग की है। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल रहा और अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
चेन्नई में काम के दौरान दर्दनाक हादसा, पचौर के लाल अरविंद सिंह की मौत गांव पहुंचा शव, हर आंख हुई नम हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड के पचौर पंचायत अंतर्गत पचौर गांव उस वक्त गहरे शोक में डूब गया, जब चेन्नई में काम के दौरान हादसे का शिकार हुए अरविंद कुमार सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, बुद्धि नारायण सिंह के पुत्र अरविंद कुमार सिंह तमिलनाडु के चेन्नई में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन चेन्नई रवाना हुए और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को गांव लाया गया। शव वाहन जैसे ही पचौर गांव में दाखिल हुआ, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े, जिसे देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा भर आया। अरविंद परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि अरविंद मेहनती, जिम्मेदार और मिलनसार स्वभाव के युवक थे, जो बाहर रहकर अपने परिवार का सहारा बने हुए थे। शोक की इस घड़ी में पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता राशि देने की मांग की है। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल रहा और अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड के पचौर पंचायत अंतर्गत पचौर गांव उस वक्त गहरे शोक में डूब गया, जब चेन्नई में काम के दौरान हादसे का शिकार हुए अरविंद कुमार सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, बुद्धि नारायण सिंह के पुत्र अरविंद कुमार सिंह तमिलनाडु के चेन्नई में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन चेन्नई रवाना हुए और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को गांव लाया गया। शव वाहन जैसे ही पचौर गांव में दाखिल हुआ, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े, जिसे देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा भर आया। अरविंद परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि अरविंद मेहनती, जिम्मेदार और मिलनसार स्वभाव के युवक थे, जो बाहर रहकर अपने परिवार का सहारा बने हुए थे। शोक की इस घड़ी में पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता राशि देने की मांग की है। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल रहा और अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले।1
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- हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे दवा प्रशासक एवं सुपरवाइजर का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से लाल मोहम्मद अंसारी सहित प्रशिक्षण दल के सदस्यों ने आंगनबाड़ी स्वयंसेविकाओं को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान कुष्ठ रोग,टिबी रोग के लक्षण, पहचान, बचाव एवं समय पर इलाज की प्रक्रिया के बारे में विशेष रूप से समझाया गया। इसके अलावा अन्य संक्रामक रोगों, दवा वितरण की सही विधि, मरीजों की पहचान, रिपोर्टिंग सिस्टम और समुदाय में जागरूकता फैलाने की भूमिका पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और इनके प्रशिक्षण से आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से पहुंचेंगी। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और रोग नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1