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गाज़ियाबाद में SWAT टीम (ग्रामीण ज़ोन) और थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस टीम ने मिलकर मानव तस्करी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन वाहन, 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अगवा किया गया एक 11 दिन का नवजात शिशु सुरक्षित बरामद कर लिया है।
Duniya Direct news
गाज़ियाबाद में SWAT टीम (ग्रामीण ज़ोन) और थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस टीम ने मिलकर मानव तस्करी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन वाहन, 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अगवा किया गया एक 11 दिन का नवजात शिशु सुरक्षित बरामद कर लिया है।
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- दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड के बाद गाजियाबाद प्रशासन सतर्क हो गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल के निर्देशों पर पूरे जिले में निजी होटलों, हाईराइज सोसायटियों, रेस्टोरेंट और अन्य बहुमंजिला भवनों में एक विशेष फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एग्जिट जैसे सभी अग्निशमन उपकरणों की गहन जांच की जा रही है। फायर विभाग की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि भवनों में स्थापित अग्निशमन उपकरण कार्यशील स्थिति में हों और भवन सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्मित किए गए हों। जांच के दौरान जहां कहीं भी फायर सेफ्टी मानकों में कमी या लापरवाही पाई जा रही है, संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि पूरे गाजियाबाद क्षेत्र में हाईराइज बिल्डिंग, होटल और रेस्टोरेंट की लगातार दूसरी बार जांच की जा रही है, जिसका उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना है। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग से बचाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की। राहुल पाल ने घरों में पूजा के दीपक का सुरक्षित उपयोग, गैस सिलेंडर की नियमित जांच, विद्युत लोड का समय-समय पर परीक्षण और आईएसआई मार्क वाले विद्युत तारों के इस्तेमाल जैसी सावधानियों पर जोर दिया, जो आग की घटनाओं को काफी हद तक रोकने में सहायक हो सकती हैं। फायर विभाग के अनुसार, अब तक लगभग 150 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर न करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- शिव मंदिर में हो रही पूजा का सभी भाइयों से अवलोकन करने का आग्रह किया गया है। पोस्ट के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे इस पूजा को देखें, इसे लाइक करें, इस पर कमेंट करें और इसे ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें।1
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसाइटी के निवासियों में पेयजल की खराब गुणवत्ता को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। निवासियों का आरोप है कि नगर निगम के बोरिंग से सप्लाई किया जा रहा पानी गंदा और रेतीला है, जिसके कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के साथ-साथ गंभीर आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। वे नियमित रूप से नगर निगम को हाउस टैक्स और वाटर टैक्स का भुगतान करते हैं, वहीं RWA को भी हर माह भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क देते हैं, लेकिन इसके बावजूद स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सोसाइटी निवासी राम शरण जग्गा द्वारा उपलब्ध कराई गई तस्वीर में पानी की बोतल के निचले हिस्से में रेतीले एवं भूरे रंग के कण जमा दिखाई दे रहे हैं, जो पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वहीं, सोसाइटी निवासी गौरव बंसल ने आरोप लगाया है कि उनके घर में लगा RO सिस्टम मात्र तीन महीने के भीतर ही चोक हो गया, जिसके कारण उन्हें महंगे फिल्टर बदलने पड़े। निवासियों के अनुसार, सोसाइटी में सप्लाई किए जा रहे पानी का TDS स्तर 750 से अधिक है, और पानी में अत्यधिक रेत, मिट्टी व अन्य अशुद्धियां होने के कारण RO फिल्टर सामान्य समय से काफी पहले खराब हो रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। निवासियों का कहना है कि पिछले वर्ष भी नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई पानी की जांच में गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। अब वर्तमान में रेतीले पानी, 750+ TDS और RO फिल्टरों के मात्र तीन महीने में चोक होने की शिकायतों के बाद एक बार फिर पानी की व्यापक जांच कराने की मांग तेज हो गई है। निवासियों ने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, जल विभाग, RWA एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पानी के नमूनों की तत्काल जांच किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से कराई जाए, जल भंडारण टैंकों एवं पाइपलाइन व्यवस्था का निरीक्षण कराया जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि यह मामला सीधे लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए, और वे संबंधित विभागों व RWA से जवाबदेही तय करते हुए तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।3
- गाज़ियाबाद में SWAT टीम (ग्रामीण ज़ोन) और थाना ट्रॉनिका सिटी पुलिस टीम ने मिलकर मानव तस्करी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन वाहन, 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अगवा किया गया एक 11 दिन का नवजात शिशु सुरक्षित बरामद कर लिया है।1
- गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा संचालित “ऑपरेशन क्लीन” अभियान के अंतर्गत आज थाना लोनी क्षेत्र में अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन हेतु एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अभियान में शामिल सभी लोगों को भविष्य में कोई भी अपराध न करने की शपथ भी दिलाई गई।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत में साइबर ठगों ने एक चौंकाने वाली वारदात को अंजाम देते हुए ललियाना चौकी प्रभारी अमित कुमार से ₹25 हजार की ठगी कर ली। यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि चौकी प्रभारी अमित कुमार साइबर ठगी से बचाव और जागरूकता की ट्रेनिंग दो बार ले चुके थे, बावजूद इसके वह ठगों के जाल में फँस गए। ठगों ने खुद को एसपी क्राइम बताकर अमित कुमार पर ऐसा दबाव बनाया कि दारोगा जी उनके झांसे में आ गए और उन्हें रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी कितनी चालाकी से किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं। जिस पुलिस पर लोगों को साइबर ठगी से बचाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं के एक अधिकारी को ठगों ने एसपी बनकर ₹25 हजार का चूना लगा दिया।1
- तेरह माह की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला सलीम अब माफी मांग रहा है। बताया जा रहा है कि यह बरेली पुलिस के 'इलाज' का असर है, जिसमें कथित तौर पर पुलिस ने उस पर लाठियां बरसाईं। सलीम को यह कहते हुए सुना गया, "मेरी गलती हो गई मुझे माफ़ कर दो सहाब. मेरी ग़लती हो गई. मैं बहुत गरीब हूं. सर मैं आपके पैर छू ले रहा हूं. मुझे माफ़ कर दो"। खबर में इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस शख्स ने मासूम बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत की थी, वही अब अपनी गलती मानकर माफी की गुहार लगा रहा है।1