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Chauthmal Verma
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Ajit Meena3
- बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के राजनगर इलाके में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक व्यक्ति के साथ बदमाशों द्वारा मारपीट कि थी। पीड़ित ने घटना के बाद थाने में शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस अनदेखी से क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को राजनगर क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर कोटा शहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और SP तेजस्विनी गौतम को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की। एसपी ने ज्ञापन पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- एसआईआर को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से धरने पर बैठे जेके फैक्ट्री के मजदूरों को भी पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल ने संबोधित किया।1
- Post by MAHAVEER RATHOR1
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरेड़ा में 77वा गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।1
- प्रदेश में SIR को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हावी हो रही है। कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुजंल ने कहा- SIR के जरिये बीजेपी सांप्रदायिक एजेंडा पूरा करना चाहती है। कलेक्टर परेशान हैं, अधिकारी परेशान हैं, ऊपर से नाम काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे बुरा क्या होगा कि पालिका चेयरमैन और नेशनल अवार्डी रहे नसरूददीन का नाम काटने का फॉर्म जमा करवा दिया गया।1
- ग्राम बेगाना में लेवा रोड से दंड का रास्ता अनुरोध हो रहा है इसमें कोई सुनवाई नहीं है2
- Post by Chauthmal Verma1
- कोटा। डिजिटल लेनदेन के लिए भारत सरकार के युपीआई का अन्य देश भी अपना रहे है। लेकिन आज भी कई सरकारी विभागों में डिजिटल भुगतान के लिए युपीआई की कोई व्यवस्था नही है। जिससे सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है वही आमजन को भी इसका खामियाना उठाना पड़ रहा है। अस्पतालों आज भी पुरानी व्यवस्था के तहत मरीजो से केश भुगतान लिया जा रहा है जिससे भारत सरकार के डिजिटल इंडिया की मुहिम को धक्का लग रहा है। अस्पताल ने आने वाले बाहरी अन्य राज्यो के मरीजो को पर्ची बनाने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने पर जनरल वार्ड का खर्च, ऑपरेशन खर्च, जांच व दवा का ख़र्च उठाना पड़ता है। डिजिटल के दौर के प्रत्येक व्यक्ति के इतनी बड़ी राशि जेब मे रखकर नही लाता। अस्पताल में भुगतान जे दौरान जब केश मांगा जाता है तो वह अस्पताल के बाहर केश जे लिए इधर उधर भटकता नजर आता है। मरीजी सबसे ज्यादा टॉर्चर तब होता है जब लाइन में लगा हो और उसका नंबर आने पर पता चले कि अस्पताल में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था नही है ओर बगाहर जाकर केस की व्यवस्था करता है फिर लाइन में कटवाता पर्ची कटवाता है। अस्पताल में डिजिटल भुगतान के लिए युपीआई की कितनी आवश्यता है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोटा में देशभर के लाखों बच्चे मेडिकल ओर इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए आते है इसलिए कोटा को मिनी इंडिया के नाम से जाना जाता है। एसबीएस अस्पताल अधीक्षक डॉ घर्मराज मीणा से बात करने पर उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छा विचार है अस्पताल में जेश के सेह युपीआई की व्यवस्था होने से अन्य राज्य के मरोजो को भुगतान के में आने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगा। उन्होबे अकाउंटेंट को बुलाकर जल्द ही अस्पताल जे डिजिटल भुगतान के लिए युपीआई की व्यवस्था करने के आदेश दिए।1