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यह रास्ता हमारे घर के लिए है इस पर मिट्टी नहीं डाल रहे मैं विजय सिंह ग्राम निवासी कलां से मेरे घर जाने आने के लिए ये पतली सी मेड है जिस पर हम सम्मल कर निकलते है पिछले नो साल से भरथना तहसील मैं एप्लीकेशन लगा लगा कर थक चुका ही पर कोई कार्रवाई नहीं होती है ।
Vijay singh
यह रास्ता हमारे घर के लिए है इस पर मिट्टी नहीं डाल रहे मैं विजय सिंह ग्राम निवासी कलां से मेरे घर जाने आने के लिए ये पतली सी मेड है जिस पर हम सम्मल कर निकलते है पिछले नो साल से भरथना तहसील मैं एप्लीकेशन लगा लगा कर थक चुका ही पर कोई कार्रवाई नहीं होती है ।
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- Post by Kanhaiya lal1
- मैं विजय सिंह ग्राम निवासी कलां से मेरे घर जाने आने के लिए ये पतली सी मेड है जिस पर हम सम्मल कर निकलते है पिछले नो साल से भरथना तहसील मैं एप्लीकेशन लगा लगा कर थक चुका ही पर कोई कार्रवाई नहीं होती है ।1
- *इटावा के कस्बा जसवन्तनगर में स्थित विधुत खण्ड केन्द्र पर आज सैकड़ों महिलाओं ने उग्र होकर ईंट पत्थर चलाये और कर्मचारियों को बंधक बनाया।* स्मार्ट मीटर को लेकर इटावा के जसवन्तनगर कस्बे में स्थित उप विधुत केन्द्र पर आज सैकड़ों महिलाओं ने उग्र रुप धारण करते भीषण गर्मी में भारी परेशानी को लेकर वहां मौजूद कर्मचारियों की जमकर पिटाई कर दी किसी तरह कर्मचारियों ने उनसे बचते हुए अपने ऑफिस को चारों तरफ से बंद कर दिया। इससे महिलाएं नाराज हो गई और ऑफिस के बाहर ईंट पत्थर चलाये। तथा भारी हंगामा करते हुए भाजपा सरकार व योगी जी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाये। स्मार्ट मीटर की समस्या से पूरा जनपद वासी भारी तृस्त है तथा स्थानीय अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इनकी भ्रष्टाचार की रिपोर्ट में आपकों आगे दूंगा और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री खट्टर के आदेशों को नहीं मान रहे। जबकि गत दिवस जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष आलोक दीक्षित ने अपने सैकड़ों व्यापारियों के साथ इस समस्या की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर विधुत अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते स्मार्ट मीटर व मंत्री का पुतला भी जलाया था। यह समस्या आने वाले दिनों में भाजपा के लिए चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनेगा। इन नाराज महिलाओं का कहना था कि पहले सरकारी भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाओ जिन पर करोड़ों रुपये का बिल बकाया उनकी बिजली कांटों जो एसी में बैठे हैं।1
- उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के भरथना क्षेत्र के ग्राम समसपुर में गांव के बीच और स्कूल के पास संचालित देशी शराब, बियर के कंपोजिट के ठेके को लेकर बुधवार दोपहर बड़ा हंगामा हो गया. एक दिन पहले हुई मारपीट की घटना से नाराज ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा अचानक फूट पड़ा. महिलाएं ठेके पर पहुंचीं, जमकर हंगामा किया, शराब की बोतलें और पेटियां बाहर फेंक दीं और ठेका गांव से बाहर हटाने की जोरदार मांग उठाई. मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद हालात को संभाला.1
- Post by Rohit Kumar1
- Post by Urvashi singh1
- *भाजपा सरकार के खिलाफ सपा के धुरंधर नेताओं में संघर्ष करने में नहीं है दम, वहीं उनके पी डी ए के साथी दिखा रहे अपना परचम।* समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय नेता जी मुलायम सिंह यादव का प्रतीक सपा का झण्डा जलाने व सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव जी का भाजपा द्वारा पुतला जलाने व महंगाई, बेरोजगारी तथा पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर जैसे बड़ी समस्याओं को लेकर जनपद में सपा का गढ़ होने के बाबजूद यहां का सांसद सहित परिवार के पांच सांसद सहित सपा के बड़े धुरंधर नेता होने के बाबजूद सपा के स्थानीय नेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ आज तक कोई धरना प्रदर्शन व ज्ञापन तक नहीं दिया जबकि सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव व अपने पिता स्वर्गीय नेता जी के पद चिन्हों पर चलते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते अपनों के बीच जाकर पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं। शर्म आना चाहिए इन्हें कम से कम उनकी पी डी ए की सहयोगी पार्टियां कांग्रेस पार्टी के जुझारु नेता जो कम मात्रा में होने के बावजूद अपने राष्ट्रीय पार्टी के नेता राहुल गांधी जी के खिलाफ बोले जाने व जनता की समस्याओं को लेकर कम से कम भाजपा शासन के खिलाफ प्रदर्शन आंदोलन तो करते हैं तथा माकपा के लोग भी प्रदर्शन करते हैं। स्वर्गीय नेताजी के समय निवर्तमान अध्यक्ष अशोक यादव व गोपाल यादव के समय तक यहां जनता के मुद्दों के लिए शासन के खिलाफ बड़े-बड़े आंदोलन यानी जेल भरो आंदोलन तक हो चुके हैं। जैसे-जैसे विधानसभा का चुनाव नजदीक आ रहा है और सपा के धुरंधर नेता निष्क्रिय हो गए हैं। और पीड़ित जनता की लड़ाई की आवाज शासन प्रशासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय यानी विधान सभा चुनाव में सपा को बहुत बड़ा नुकसान होगा क्योंकि जो पार्टी के बड़े नेता पीड़ित जनता के बीच नहीं जाएंगे जनता उन्हें नकार देगी। स्वर्गीय नेताजी का सम्मान इसलिए था क्योंकि वह छोटे बड़ों को एक समान समझते हुए गले लगा लेते थे और जमीनी संघर्ष करते हुए पार्टी को देश के शिखर तक पहुंचाया। रजत यादव पत्रकार नव भारत संवाद इटावा1
- Post by Kanhaiya lal1