भीषण गर्मी को देखते हुए, सामाजिक संस्था ने बांटे विधवा आश्रम में फ्रिज मटके वृंदावन । भीषण गर्मी से राहत के लिए मोहिनी एकादशी के पावन पर्व पर श्री स्वामी हरिदास पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में कृष्णा कुटीर आश्रम में वृद्ध विधवा माताओं को गर्मी से राहत के लिए गरीबों का फ्रिज मटका वितरण साथ में पौष्टिक सत्तू चीनी वितरण किया गया। राधा प्रसाद देव जू ने कहा कि आज के पावन मौके पर सभी वृद्ध विधवा माता के लिए गर्मी से बचाव हेतु मटके और जरूरत की सामग्री श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में वितरण किया गया है मोहिनी बिहारी ने बताया कि जीवात्मा की सेवा सचिव परमात्मा की सेवा होती है। इन सभी वृद्ध विधवा माताओ के साथ उत्सव मना कर मन को बहुत ही शांति प्राप्त हुई है। यह वृद्ध विधवा माताये अपने घर से दूर रहकर अपना जीवन यापन कर रही है। इन वृद्ध माताओं के जीवन में कुछ पल ऐसे भी आते हैं, जिन पलों में यह अपने पारिवारिक जनों को बहुत याद करती है, लेकिन इनके साथ हम सभी को समय-समय पर कुछ समय व्यतीत करना चाहिए, क्योंकि यह विधवा माताएं भी हमारे समाज का एक हिस्सा है। सुनील ने कहा कि महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में समय-समय पर इन वृद्ध विधवा माताओं के लिए कई सेवाओं का आयोजन किया जाता है। समय-समय पर इन माताओं के लिए जरूरत की सामग्री इन तक पहुंचाई जाती है और उनके जीवन में कुछ हंसी के पल भी हमारे द्वारा लाए जाते हैं। वैष्णो दास ने कहा कि श्री हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट अबतक गरीब असहाय नेत्रहीन विधवा माताओ को 1500 से अधिक मटके वितरण कर चुके हैं जीवात्मा की सेवा ठाकुर जी की सच्ची सेवा है। इस मौके पर वैष्णो दास जी, अचल दास जी, योगेश भाई राजस्थान श्याम दास, विराज दुबे, शिल्पा जी, श्याम दास जी, डॉक्टर डीडी गर्ग, नीतू झांसी आदि मौजूद रहे
भीषण गर्मी को देखते हुए, सामाजिक संस्था ने बांटे विधवा आश्रम में फ्रिज मटके वृंदावन । भीषण गर्मी से राहत के लिए मोहिनी एकादशी के पावन पर्व पर श्री स्वामी हरिदास पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में कृष्णा कुटीर आश्रम में वृद्ध विधवा माताओं को गर्मी से राहत के लिए गरीबों का फ्रिज मटका वितरण साथ में पौष्टिक सत्तू चीनी वितरण किया गया। राधा प्रसाद देव जू ने कहा कि आज के पावन मौके पर सभी वृद्ध विधवा
माता के लिए गर्मी से बचाव हेतु मटके और जरूरत की सामग्री श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में वितरण किया गया है मोहिनी बिहारी ने बताया कि जीवात्मा की सेवा सचिव परमात्मा की सेवा होती है। इन सभी वृद्ध विधवा माताओ के साथ उत्सव मना कर मन को बहुत ही शांति प्राप्त हुई है। यह वृद्ध विधवा माताये अपने घर से दूर रहकर अपना जीवन यापन कर रही है। इन वृद्ध माताओं के जीवन में कुछ पल ऐसे
भी आते हैं, जिन पलों में यह अपने पारिवारिक जनों को बहुत याद करती है, लेकिन इनके साथ हम सभी को समय-समय पर कुछ समय व्यतीत करना चाहिए, क्योंकि यह विधवा माताएं भी हमारे समाज का एक हिस्सा है। सुनील ने कहा कि महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में समय-समय पर इन वृद्ध विधवा माताओं के लिए कई सेवाओं का आयोजन किया जाता है। समय-समय पर इन माताओं के लिए जरूरत की सामग्री इन तक पहुंचाई जाती है और
उनके जीवन में कुछ हंसी के पल भी हमारे द्वारा लाए जाते हैं। वैष्णो दास ने कहा कि श्री हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट अबतक गरीब असहाय नेत्रहीन विधवा माताओ को 1500 से अधिक मटके वितरण कर चुके हैं जीवात्मा की सेवा ठाकुर जी की सच्ची सेवा है। इस मौके पर वैष्णो दास जी, अचल दास जी, योगेश भाई राजस्थान श्याम दास, विराज दुबे, शिल्पा जी, श्याम दास जी, डॉक्टर डीडी गर्ग, नीतू झांसी आदि मौजूद रहे
- फरह -- बेटी की डोली उठने से पहले उठी पिता की अर्थी, दर्दनाक हादसे में छीनी परिवार की खुशियाँ ,,1
- मथुरा जनपद के कोसीकला में विद्युत विभाग के अवर अभियंता के निलंबन के विरोध में कर्मचारियों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। समस्त विद्युत कर्मी कोसीकला स्थित एक्सईएन कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और निलंबन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने निलंबन की कार्रवाई को एकतरफा और अनुचित करार देते हुए विभागीय अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि निलंबित अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान कर्मचार ने विभाग में संसाधनों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बावजूद उनसे बेहतर कार्य की अपेक्षा की जाती है, जो व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने विभाग से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की, ताकि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके। धरना प्रदर्शन के चलते एक्सईएन कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।4
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- Post by RPR NEWS TV1
- Post by Rahul1
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter4
- Post by Brajvir Singh1
- सोमवार 27 अप्रैल जनपद मथुरा के कस्बा छाता में स्थानीय गौ भक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 'गौ माँ सम्मान आवाहन' के बैनर तले एक विशाल पदयात्रा रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने और उनके संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने की माँग करना था। तहसील छाता से कस्बा के प्रमुख मार्गो होते हुए भक्ति और उत्साह के साथ सैकड़ों की संख्या में एकत्रित गौ भक्तों ने पदयात्रा निकाली। "गौ माता की जय" और "गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो" जैसे नारों से पूरा कस्बा छाता वातावरण गूँज उठा। भक्तों का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं, इसलिए उन्हें संवैधानिक रूप से सर्वोच्च सम्मान मिलना अनिवार्य है। इस रैली में ब्रज के तमाम संत बड़े-बड़े साधु संत भी पधारे। स्वयं रमेश बाबा भी बरसाना से चलकर रैली में सम्मिलित हुए, रैली के समापन पर सभी प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने उप जिला अधिकारी (SDM) वैभव गुप्ता को देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, राज्यपाल उत्तर प्रदेश,मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखी गईं: गौ माता को अविलंब 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिया जाए। गौ तस्करी और गौ हत्या के विरुद्ध देशव्यापी सख्त कानून बने। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी गौशालाओं का प्रभावी संचालन हो। सड़कों पर लावारिस घूम रहे गोवंश के लिए उचित आश्रय और चारे की व्यवस्था की जाए। रैली को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि पर्यावरण और कृषि की रक्षा के लिए भी गौ रक्षा आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आगामी दिनों में यह राम मंदिर जैसा आंदोलन बन व्यापक रूप लेगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।4