उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता राजकुमारी ने अपने पति अवनीश और ससुरालियों पर लगातार प्रताड़ना, मारपीट और घर से बेदखल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह अत्याचार लंबे समय से चल रहा है और कई बार मामला थाने तक पहुँचा, लेकिन हर बार समझौते और आश्वासन के नाम पर उसे न्याय नहीं मिल सका। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी राजकुमारी पत्नी अवनीश ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका पति अवनीश पुत्र दिवारीलाल अग्निहोत्री आए दिन उसके साथ अभद्रता और मारपीट करता है। पीड़िता के अनुसार, पति और उसके परिजनों ने कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और घर से निकाल दिया। उसने आरोप लगाया कि 27 मई 2026 की रात करीब 8 बजे, मामूली बात पर पति अवनीश आगबबूला हो गया, गंदी गालियाँ दीं और विरोध करने पर लात-घूँसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। मारपीट के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया और दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी गई। भय और दहशत के माहौल में महिला किसी तरह देर रात अमृतपुर थाने पहुँची और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना भाजपा सरकार के नारी सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाती है, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। अमृतपुर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को घर में रहने के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है, जबकि पति घर का ताला लगाकर फरार हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद पीड़िता को समय रहते न्याय न मिल पाना, समाज और प्रशासन दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता राजकुमारी ने अपने पति अवनीश और ससुरालियों पर लगातार प्रताड़ना, मारपीट और घर से बेदखल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह अत्याचार लंबे समय से चल रहा है और कई बार मामला थाने तक पहुँचा, लेकिन हर बार समझौते और आश्वासन के नाम पर उसे न्याय नहीं मिल सका। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी राजकुमारी पत्नी अवनीश ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका पति अवनीश पुत्र दिवारीलाल अग्निहोत्री आए दिन उसके साथ अभद्रता और मारपीट करता है। पीड़िता के अनुसार, पति और उसके परिजनों ने कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और घर से निकाल दिया। उसने आरोप लगाया कि 27 मई 2026 की रात करीब 8 बजे, मामूली बात पर पति अवनीश आगबबूला हो गया, गंदी गालियाँ दीं और विरोध करने पर लात-घूँसों से उसकी जमकर पिटाई कर
दी। मारपीट के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया और दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी गई। भय और दहशत के माहौल में महिला किसी तरह देर रात अमृतपुर थाने पहुँची और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना भाजपा सरकार के नारी सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाती है, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। अमृतपुर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को घर में रहने के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है, जबकि पति घर का ताला लगाकर फरार हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद पीड़िता को समय रहते न्याय न मिल पाना, समाज और प्रशासन दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है।
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता राजकुमारी ने अपने पति अवनीश और ससुरालियों पर लगातार प्रताड़ना, मारपीट और घर से बेदखल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह अत्याचार लंबे समय से चल रहा है और कई बार मामला थाने तक पहुँचा, लेकिन हर बार समझौते और आश्वासन के नाम पर उसे न्याय नहीं मिल सका। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी राजकुमारी पत्नी अवनीश ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका पति अवनीश पुत्र दिवारीलाल अग्निहोत्री आए दिन उसके साथ अभद्रता और मारपीट करता है। पीड़िता के अनुसार, पति और उसके परिजनों ने कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और घर से निकाल दिया। उसने आरोप लगाया कि 27 मई 2026 की रात करीब 8 बजे, मामूली बात पर पति अवनीश आगबबूला हो गया, गंदी गालियाँ दीं और विरोध करने पर लात-घूँसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। मारपीट के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया और दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी गई। भय और दहशत के माहौल में महिला किसी तरह देर रात अमृतपुर थाने पहुँची और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना भाजपा सरकार के नारी सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाती है, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। अमृतपुर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को घर में रहने के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है, जबकि पति घर का ताला लगाकर फरार हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद पीड़िता को समय रहते न्याय न मिल पाना, समाज और प्रशासन दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है।2
- फर्रुखाबाद जिले में बकरीद (ईद-उल-जुहा) के त्योहार से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ, फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी (DM) और फतेहगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित पूरे प्रशासन की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट्स साझा किए जा रहे हैं। त्योहार के अवसर पर जिले में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के प्रयासों तथा ईदगाह पर होने वाली व्यवस्थाओं से जुड़ी ताज़ा जानकारी गांव से लेकर शहर तक, सभी पाठकों तक पहुँचाई जा रही है।1
- फर्रुखाबाद जिले में ईद-उल-जुहा (बकरीद) का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह से चाक-चौबंद रहीं, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन की सतर्कता को श्रेय दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ ने स्वयं मोर्चा संभाला और थाना मऊदरवाजा क्षेत्र स्थित ईदगाह का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। पूरे जनपद में ईद की नमाज सौहार्दपूर्ण माहौल में अदा की गई, और पर्व बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ।4
- पुलिस ने एक महिला की हत्या कर उसके जेवर लूटने वाले आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी एक पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई है।1
- भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार, 29 मई को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार सहित देश के लगभग 15 राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि खराब मौसम के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें। तेज हवाओं के कारण पेड़-पौधे उखड़ने के साथ-साथ बिजली के खंभे और कमजोर ढाँचे क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। किसानों और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए उन्हें खेतों और जल क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है; साथ ही, खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है और तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि, तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नज़र रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- शाहजहांपुर के कलान ब्लॉक परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब गुरुवार को एक सरकारी कक्ष में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने लकड़ी के किवाड़ों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। यह घटना गुरुवार को बकरीद की छुट्टी के दौरान हुई, जिस कारण सरकारी कर्मचारी अपने कमरों में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे एक नशेड़ी प्रवृत्ति का व्यक्ति परिसर में पहुंचा और नशा करने के बाद जलती तीली वहीं फेंक दी। भीषण गर्मी के चलते कक्ष के लकड़ी के किवाड़ों ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग भड़क उठी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि आग पास के सरकारी अभिलेखों तक नहीं पहुंच सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस कमरे में आग लगी थी, उसके पास ही एडीओ पंचायत राजकुमार शुक्ला का कक्ष भी मौजूद है, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के जलने का खतरा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक परिसर में बने अटल पार्क और ध्वस्त पड़े आवासों में अक्सर असामाजिक तत्व बैठकर नशा करते हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी शिव दीन वर्मा ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।1