छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत पटना नगर पंचायत में करीब 70-80 वर्ष पुराना शासकीय स्कूल तोड़कर उसकी जगह निजी निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह केवल एक भवन का मामला नहीं है, बल्कि उस स्कूल से शिक्षा हासिल करने वाली पीढ़ियों की यादों और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। किसी शासकीय भूमि पर बिना वैधानिक प्रक्रिया के इस तरह निजी निर्माण शुरू होने से संबंधित प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर स्वतंत्र नागरिक दिव्येश पाण्डेय ने प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं कि आखिर इस शासकीय स्कूल को तोड़ने की अनुमति किसने दी और किस आधार पर वहां निजी निर्माण कार्य शुरू हुआ। जब यह सब हो रहा था, तब जिम्मेदार विभाग आखिर क्या कर रहे थे और समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जनता अब इन सवालों के पारदर्शी और निष्पक्ष जवाब चाहती है ताकि गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। यही नहीं, शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े इस मामले में जल्द ही एक और बड़ा खुलासा होने की तैयारी है। आवश्यक साक्ष्य और पूरे दस्तावेज हाथ में आते ही इस मामले से जुड़ी अगली कड़ी को भी सामने लाने की चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत पटना नगर पंचायत में करीब 70-80 वर्ष पुराना शासकीय स्कूल तोड़कर उसकी जगह निजी निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह केवल एक भवन का मामला नहीं है, बल्कि उस स्कूल से शिक्षा हासिल करने वाली पीढ़ियों की यादों और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। किसी शासकीय भूमि पर बिना वैधानिक प्रक्रिया के इस तरह निजी निर्माण शुरू होने से संबंधित प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर स्वतंत्र नागरिक दिव्येश पाण्डेय ने प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं कि आखिर इस शासकीय स्कूल को तोड़ने की अनुमति किसने दी और किस आधार पर वहां निजी निर्माण कार्य शुरू हुआ। जब यह सब हो रहा था, तब जिम्मेदार विभाग आखिर क्या कर रहे थे और समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जनता अब इन सवालों के पारदर्शी और निष्पक्ष जवाब चाहती है ताकि गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। यही नहीं, शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े इस मामले में जल्द ही एक और बड़ा खुलासा होने की तैयारी है। आवश्यक साक्ष्य और पूरे दस्तावेज हाथ में आते ही इस मामले से जुड़ी अगली कड़ी को भी सामने लाने की चेतावनी दी गई है।
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत पटना नगर पंचायत में करीब 70-80 वर्ष पुराना शासकीय स्कूल तोड़कर उसकी जगह निजी निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह केवल एक भवन का मामला नहीं है, बल्कि उस स्कूल से शिक्षा हासिल करने वाली पीढ़ियों की यादों और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। किसी शासकीय भूमि पर बिना वैधानिक प्रक्रिया के इस तरह निजी निर्माण शुरू होने से संबंधित प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर स्वतंत्र नागरिक दिव्येश पाण्डेय ने प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं कि आखिर इस शासकीय स्कूल को तोड़ने की अनुमति किसने दी और किस आधार पर वहां निजी निर्माण कार्य शुरू हुआ। जब यह सब हो रहा था, तब जिम्मेदार विभाग आखिर क्या कर रहे थे और समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जनता अब इन सवालों के पारदर्शी और निष्पक्ष जवाब चाहती है ताकि गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। यही नहीं, शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े इस मामले में जल्द ही एक और बड़ा खुलासा होने की तैयारी है। आवश्यक साक्ष्य और पूरे दस्तावेज हाथ में आते ही इस मामले से जुड़ी अगली कड़ी को भी सामने लाने की चेतावनी दी गई है।1
- छत्तीसगढ़ के सोनहत में बहुचर्चित नवगईं ट्रिपल मर्डर मामले की जांच में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री हो गई है। सीबीआई की टीम ने मामले की जांच के लिए सीधे घटनास्थल का रुख किया और वहां मौजूद साक्ष्यों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अपनी जांच प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद और सक्रिय नजर आया। सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान स्वयं मौके पर पहुंचे और सीबीआई की टीम को मामले से जुड़ी तमाम आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराईं। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर घटनाक्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी एकत्र की है। नवगईं ट्रिपल मर्डर मामला पहले से ही इस पूरे क्षेत्र में काफी चर्चित रहा है। अब इस जांच में सीबीआई के शामिल होने से मामले में तेजी आने और इससे जुड़े अहम तथ्यों के जल्द ही सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, सीबीआई की ओर से इस जांच प्रक्रिया को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई व जांच जारी है।2
- एमसीबी के चिरमिरी में पुलिस ने विशेष यातायात जांच अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। गोदरीपारा, डोमनहिल और हल्दीबाड़ी सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर की गई जांच के दौरान 40 से 50 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनसे कुल ₹60,000 का समन शुल्क वसूला गया। इस अभियान के तहत तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे तीन दोपहिया वाहनों के अवैध साइलेंसर जब्त किए गए और उन पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही, बिना सीट बेल्ट, फिटनेस प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बीच नियमों का पालन करने वाले लोगों को प्रोत्साहित भी किया गया। अभियान के दौरान हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।2
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिहारपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सपहा में मूलभूत सुविधाओं की मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में पिछले 194 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। ग्रामीण छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार 2025-26 के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों को पूरा न किए जाने के कारण ग्रामीणों का यह अनिश्चितकालीन धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।4
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में मौसम ने अचानक अपनी करवट बदल ली है, जिससे अब बादल फटने लगे हैं और बारिश होने की उम्मीद बेहद कम लग रही है। मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण आज बारिश नहीं होगी और आशंका है कि अब अगले एक-दो सप्ताह तक बारिश नहीं होने वाली है। ऐसे में अगर क्षेत्र में बारिश नहीं आती है, तो किसान भाइयों के लिए बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी।1
- अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित सोनमुंडा ग्लास स्काईवॉक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्याचार और दबंगई का अड्डा बन गया है। मां नर्मदा की पावन नगरी में नगर पालिका की आड़ में तैनात दर्जन भर से अधिक युवक यहां आने वाले श्रद्धालु परिवारों के साथ सरेआम बदतमीजी और बदसलूकी कर रहे हैं। शांति और दर्शन की चाह में आने वाले लोग अपने परिवारों के साथ होने के कारण इन दबंगों के दुर्व्यवहार को चुपचाप सहने के लिए मजबूर हैं। ये युवक न केवल पर्यटकों की जेब काट रहे हैं, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। इस ग्लास स्काईवॉक पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 38 लाख रुपये के ठेके और 20 रुपये के टिकट के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर बने स्काईवॉक पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई बचाव तंत्र (Safety System) मौजूद है और न ही कोई सुरक्षा सामग्री रखी गई है। हजारों की भारी भीड़ के बीच यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। इस पूरी स्थिति ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेका देते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर रास्ता रोकना, यात्रियों को धमकाना और उनका अपमान करना ही अब यहां की हकीकत बन चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि श्रद्धालुओं का सम्मान ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस एनडीए कॉन्क्लेव के दौरान देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से वर्ष 2029 की रणनीति को लेकर भी गहन मंथन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और देश के विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूल संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ने पर जोर दिया।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना नगर पंचायत में एक शासकीय स्कूल पर बुलडोजर चलाकर उस पर अवैध कब्जा करने और फिर वहां निर्माण कार्य कराए जाने के मामले में बड़े चेहरों के नाम सामने आने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, कथित मिलीभगत के चलते वर्षों पुराने इस शासकीय स्कूल और तालाब को तोड़कर एक कारोबारी के हवाले कर दिया गया है। इतनी तेजी से स्कूल हटाकर वहां निर्माण कार्य कराए जाने के इस फैसले ने पूरे क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों की निगाहें अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या यह जांच निष्पक्ष और गहराई से होगी ताकि इसमें शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों की भूमिका उजागर हो सके। स्वतंत्र नागरिक दिव्येश पाण्डेय के अनुसार, भ्रष्टाचार के इस पूरे मामले पर जनता की नजर बनी हुई है और जल्द ही कई और बड़ी खबरें सामने आने की उम्मीद है।1