logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित महादेव कोणा में एक जंगली भालू की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना फॉरेस्टर शेखर सिंह को दी। जानकारी मिलने पर, फॉरेस्टर शेखर सिंह ने मृत जंगली भालू के शरीर का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद विधिवत उसे दफना दिया।

14 hrs ago
user_Niraj kumar Sahu
Niraj kumar Sahu
पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
14 hrs ago

गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित महादेव कोणा में एक जंगली भालू की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना फॉरेस्टर शेखर सिंह को दी। जानकारी मिलने पर, फॉरेस्टर शेखर सिंह ने मृत जंगली भालू के शरीर का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद विधिवत उसे दफना दिया।

More news from झारखंड and nearby areas
  • गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित महादेव कोणा में एक जंगली भालू की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना फॉरेस्टर शेखर सिंह को दी। जानकारी मिलने पर, फॉरेस्टर शेखर सिंह ने मृत जंगली भालू के शरीर का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद विधिवत उसे दफना दिया।
    1
    गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित महादेव कोणा में एक जंगली भालू की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना फॉरेस्टर शेखर सिंह को दी। जानकारी मिलने पर, फॉरेस्टर शेखर सिंह ने मृत जंगली भालू के शरीर का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद विधिवत उसे दफना दिया।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • एक बड़े हादसे को टाल दिया गया है, क्योंकि आखिरकार एक कुएँ पर जाली लगा दी गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और दृश्य यू-ट्यूब चैनल 'Aevlogs' पर देखे जा सकते हैं।
    1
    एक बड़े हादसे को टाल दिया गया है, क्योंकि आखिरकार एक कुएँ पर जाली लगा दी गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और दृश्य यू-ट्यूब चैनल 'Aevlogs' पर देखे जा सकते हैं।
    user_A E vlog
    A E vlog
    Pharmacist सिसई, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत बसिया रोड पर विगत कई वर्षों से अवैध रूप से संचालित एक चमड़ा गोदाम को हिन्दू समाज के लोगों के एकजुट विरोध के बाद तत्काल बंद कर दिया गया। इस गोदाम से लगातार आ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, खासकर लगातार हो रही बारिश से यह समस्या और बढ़ गई थी। लंबे समय से इस गोदाम में भारी मात्रा में चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। दुर्गंध की समस्या बढ़ने पर हिन्दू संगठनों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए गोदाम संचालक के विरुद्ध प्रदर्शन किया और अविलंब गोदाम बंद करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा गोदाम संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई। संचालक द्वारा दोबारा गोदाम संचालित न करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही यह विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा के साथ पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित सरना सनातनी समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
    2
    गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत बसिया रोड पर विगत कई वर्षों से अवैध रूप से संचालित एक चमड़ा गोदाम को हिन्दू समाज के लोगों के एकजुट विरोध के बाद तत्काल बंद कर दिया गया। इस गोदाम से लगातार आ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, खासकर लगातार हो रही बारिश से यह समस्या और बढ़ गई थी।

लंबे समय से इस गोदाम में भारी मात्रा में चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। दुर्गंध की समस्या बढ़ने पर हिन्दू संगठनों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए गोदाम संचालक के विरुद्ध प्रदर्शन किया और अविलंब गोदाम बंद करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा गोदाम संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई। संचालक द्वारा दोबारा गोदाम संचालित न करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही यह विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा के साथ पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित सरना सनातनी समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र के बसिया रोड पर पिछले कई वर्षों से संचालित एक चमड़ा गोदाम से आ रही अति तीव्र दुर्गंध से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। इस गोदाम में मृत गायों के चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। यह स्थान पहले खुले मैदान में था, लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब यह घरों से घिर गया है, जिससे गोदाम से निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा सता रहा है और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला हिन्दू समाज के संज्ञान में आने के बाद लोग खासे आक्रोशित हो उठे। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने तत्काल एक बैठक कर गोदाम संचालक के विरुद्ध कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अविलंब गोदाम को बंद करने की मांग की, जिस पर समाजसेवी रोहित शर्मा और मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा इसे संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी। विरोध प्रदर्शन के बाद गोदाम संचालक ने माफी मांगते हुए यह आश्वासन दिया कि वह रात्रि में गड्ढा खोदकर जानवरों के सभी अवशेषों को दफ़न कर देगा और दोबारा गोदाम संचालित नहीं करेगा। इस आश्वासन के बाद ही विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा, पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित भारी संख्या में सरना सनातन समाज के लोग मौजूद थे।
    4
    गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र के बसिया रोड पर पिछले कई वर्षों से संचालित एक चमड़ा गोदाम से आ रही अति तीव्र दुर्गंध से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। इस गोदाम में मृत गायों के चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। यह स्थान पहले खुले मैदान में था, लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब यह घरों से घिर गया है, जिससे गोदाम से निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा सता रहा है और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला हिन्दू समाज के संज्ञान में आने के बाद लोग खासे आक्रोशित हो उठे। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने तत्काल एक बैठक कर गोदाम संचालक के विरुद्ध कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अविलंब गोदाम को बंद करने की मांग की, जिस पर समाजसेवी रोहित शर्मा और मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा इसे संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी।

विरोध प्रदर्शन के बाद गोदाम संचालक ने माफी मांगते हुए यह आश्वासन दिया कि वह रात्रि में गड्ढा खोदकर जानवरों के सभी अवशेषों को दफ़न कर देगा और दोबारा गोदाम संचालित नहीं करेगा। इस आश्वासन के बाद ही विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा, पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित भारी संख्या में सरना सनातन समाज के लोग मौजूद थे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    7 hrs ago
  • झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बिशुनपुर प्रखंड के बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव मंदिर इन दिनों 1009 घंटे के ऐतिहासिक महायज्ञ के कारण भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर रामनाम की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा के अनुसार, यह बरमहादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का संगम है। उन्होंने बताया कि 13 जून से शुरू हुए इस महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन तीन पहर सुंदरकांड पाठ और चार पहर रुद्राभिषेक सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पुजारी कल्याण बाबा पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते आ रहे हैं, जिससे मंदिर की धार्मिक परंपरा और सुदृढ़ हुई है। महायज्ञ में दूर-दूर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है, सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी भक्त प्रसाद ग्रहण किए बिना वापस न लौटे। इस भव्य आयोजन में हनुमत कीर्तन मंडल द्वारा लगातार अखंड रामनाम संकीर्तन किया जा रहा है, जिसके मुख्य आचार्य ने इसे गुमला जिले के इतिहास का पहला इतना विशाल और भव्य महायज्ञ बताया है। हालांकि, इस भव्य धार्मिक आयोजन के बीच स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गहरी नाराजगी जताई है। पुजारी कल्याण बाबा और ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क जर्जर है और पेयजल तथा बिजली की उचित व्यवस्था का अभाव है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, उन्होंने जिला प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। बरमहादेव मंदिर में चल रहा यह ऐतिहासिक महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन भी इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा।
    3
    झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बिशुनपुर प्रखंड के बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव मंदिर इन दिनों 1009 घंटे के ऐतिहासिक महायज्ञ के कारण भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर रामनाम की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा के अनुसार, यह बरमहादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का संगम है। उन्होंने बताया कि 13 जून से शुरू हुए इस महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन तीन पहर सुंदरकांड पाठ और चार पहर रुद्राभिषेक सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पुजारी कल्याण बाबा पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते आ रहे हैं, जिससे मंदिर की धार्मिक परंपरा और सुदृढ़ हुई है। महायज्ञ में दूर-दूर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है, सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी भक्त प्रसाद ग्रहण किए बिना वापस न लौटे। इस भव्य आयोजन में हनुमत कीर्तन मंडल द्वारा लगातार अखंड रामनाम संकीर्तन किया जा रहा है, जिसके मुख्य आचार्य ने इसे गुमला जिले के इतिहास का पहला इतना विशाल और भव्य महायज्ञ बताया है।

हालांकि, इस भव्य धार्मिक आयोजन के बीच स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गहरी नाराजगी जताई है। पुजारी कल्याण बाबा और ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क जर्जर है और पेयजल तथा बिजली की उचित व्यवस्था का अभाव है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, उन्होंने जिला प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।

बरमहादेव मंदिर में चल रहा यह ऐतिहासिक महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन भी इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सिमडेगा ज़िले के कोलेबिरा प्रखंड के मौजा जामटोली स्थित पुराने पत्थर खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और परित्यक्त खनन क्षेत्रों के पुनर्विकास के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल वन विभाग और खनन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने स्वयं पौधारोपण किया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी शांशक शेखर सिंह, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, ज़िला खनन पदाधिकारी महेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया अंजना लकड़ा तथा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए, जिनमें सागवान, बरगद, अरकासिया और गम्हार शामिल थे। उपायुक्त ने लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी मुखिया को सौंपते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ज़िला खनन पदाधिकारी को पौधों की सुरक्षा हेतु आवश्यक घेराबंदी और संरक्षण संबंधी सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
    1
    सिमडेगा ज़िले के कोलेबिरा प्रखंड के मौजा जामटोली स्थित पुराने पत्थर खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और परित्यक्त खनन क्षेत्रों के पुनर्विकास के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल वन विभाग और खनन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुई।

इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने स्वयं पौधारोपण किया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी शांशक शेखर सिंह, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, ज़िला खनन पदाधिकारी महेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया अंजना लकड़ा तथा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए, जिनमें सागवान, बरगद, अरकासिया और गम्हार शामिल थे।

उपायुक्त ने लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी मुखिया को सौंपते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ज़िला खनन पदाधिकारी को पौधों की सुरक्षा हेतु आवश्यक घेराबंदी और संरक्षण संबंधी सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • खूंटी शहर में स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र सार्वजनिक दुर्गा मंदिर (देवी गुड़ी) में आज से तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो रहा है। 6 से 8 जुलाई तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में मां काली और बजरंग बली की नवस्थापित प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से एक दिव्य और भव्य रूप दिया गया है। महोत्सव का आगाज सोमवार को श्रद्धालुओं की भव्य कलश यात्रा से होगा, जिसके बाद शाम में बनारस से पधारे विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में गंगा आरती की तर्ज पर मनमोहक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण में यह आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। 7 जुलाई को पूरे दिन विभिन्न वैदिक अनुष्ठान और पूजन कार्यक्रम संपन्न होंगे, वहीं शाम को भक्ति संगीत और देवी-देवताओं के गुणगान से सुसज्जित एक विशाल जागरण आयोजित होगा, जिसमें जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव के अंतिम दिन, 8 जुलाई को, विधि-विधान के साथ मां काली और बजरंग बली की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न की जाएगी, जिसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। इस महोत्सव के साथ ही, लंबे समय से अधूरे पड़े देवी गुड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल को आधुनिक इंटीरियर डिजाइन के साथ एक नया और भव्य स्वरूप दिया गया है, जिससे इसका आंतरिक परिसर अब पहले से कहीं अधिक आकर्षक और दिव्य दिखाई दे रहा है। आयोजन समिति के सदस्य महोत्सव की अंतिम तैयारियों में लगातार जुटे हुए हैं ताकि यह धार्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
    1
    खूंटी शहर में स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र सार्वजनिक दुर्गा मंदिर (देवी गुड़ी) में आज से तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो रहा है। 6 से 8 जुलाई तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में मां काली और बजरंग बली की नवस्थापित प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से एक दिव्य और भव्य रूप दिया गया है।

महोत्सव का आगाज सोमवार को श्रद्धालुओं की भव्य कलश यात्रा से होगा, जिसके बाद शाम में बनारस से पधारे विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में गंगा आरती की तर्ज पर मनमोहक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण में यह आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। 7 जुलाई को पूरे दिन विभिन्न वैदिक अनुष्ठान और पूजन कार्यक्रम संपन्न होंगे, वहीं शाम को भक्ति संगीत और देवी-देवताओं के गुणगान से सुसज्जित एक विशाल जागरण आयोजित होगा, जिसमें जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव के अंतिम दिन, 8 जुलाई को, विधि-विधान के साथ मां काली और बजरंग बली की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न की जाएगी, जिसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

इस महोत्सव के साथ ही, लंबे समय से अधूरे पड़े देवी गुड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल को आधुनिक इंटीरियर डिजाइन के साथ एक नया और भव्य स्वरूप दिया गया है, जिससे इसका आंतरिक परिसर अब पहले से कहीं अधिक आकर्षक और दिव्य दिखाई दे रहा है। आयोजन समिति के सदस्य महोत्सव की अंतिम तैयारियों में लगातार जुटे हुए हैं ताकि यह धार्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    14 hrs ago
  • भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माई भारत के तत्वावधान में, आज गुमला के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके उपरांत उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ भी दी गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला समन्वयक आरती कुमारी, विद्यालय वार्डन उषा रजनी लकड़ा तथा जिला युवा अधिकारी प्रत्युष उपस्थित रहे। इस आयोजन में विद्यालय के लगभग 15 शिक्षक-शिक्षिकाएँ और करीब 200 से अधिक छात्राएँ शामिल हुईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी प्रत्युष जी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने माई भारत के अंतर्गत संचालित विभिन्न युवा कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, जिला समन्वयक आरती कुमारी ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है, और प्रत्येक छात्रा को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का अनुसरण करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ किया गया।
    3
    भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माई भारत के तत्वावधान में, आज गुमला के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके उपरांत उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर छात्राओं के लिए एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ भी दी गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला समन्वयक आरती कुमारी, विद्यालय वार्डन उषा रजनी लकड़ा तथा जिला युवा अधिकारी प्रत्युष उपस्थित रहे। इस आयोजन में विद्यालय के लगभग 15 शिक्षक-शिक्षिकाएँ और करीब 200 से अधिक छात्राएँ शामिल हुईं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी प्रत्युष जी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने माई भारत के अंतर्गत संचालित विभिन्न युवा कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, जिला समन्वयक आरती कुमारी ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है, और प्रत्येक छात्रा को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का अनुसरण करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ किया गया।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.