वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी नदी क्षेत्र में बढ़ते जलप्रवाह से पहले लोगों को किया जाएगा सतर्क, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जारी की अपील डिंडोरी, 11 अगस्त 2026। बिलगांव मध्यम परियोजना में मंगलवार को जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था जनप्रतिनिधियों की निरंतर मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है। परियोजना के गेट खोले जाने से पहले सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। इससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों तथा आसपास मौजूद ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सायरन बजे तो तुरंत नदी क्षेत्र छोड़ें प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनते ही तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश करने अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य करने से बचें। जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन प्रणाली की स्थापना से गेट संचालन के दौरान पूर्व चेतावनी व्यवस्था मजबूत होगी और नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। 👉 प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—सायरन बजे, तो नदी से दूरी बनाएं और सुरक्षित स्थान पर जाएं।1
- वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- भोपाल में युवाओं कि बड़ी जीत। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का आंदोलन सफल, रोटेशन प्रणाली पर लगी रोक। आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, लोकल यूथ की यूजर आईडी हुआ चालू नई नियुक्ति बंद करने का फैसला बदला। स्थानीय युवाओं की रोजगार की हुई जीत रोटेशन प्रणाली बंद करने की आदेश। युवाओं में जश्न का माहौल। बंद की गई सभी यूजर आईडी को फिर से चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति बंद करने और युवाओं को हटाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इस फैसले को रोजगार की सुरक्षा और अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया है।1
- तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा उमरिया तपस गुप्ता देशभक्ति के जज्बे और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पाली नगर मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, भाजपा मंडल पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने पूरे मार्ग को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। तिरंगा यात्रा की शुरुआत सरस्वती विद्यालय से हुई। यहां से यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए साईं मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में छात्राएं भी यात्रा में शामिल हुईं और पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लेकर कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आईं। आयोजकों ने बताया कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यात्रा में शामिल लोगों ने तिरंगे को सम्मान के साथ थामे रखा और देश की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। सरस्वती विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों के साथ यात्रा में सहभागिता की। भाजपा मंडल पाली के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को और व्यापक रूप दिया। यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की नजरें भी तिरंगा यात्रा पर टिकी रहीं। विद्यार्थियों की अनुशासित कतार, हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति के नारों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया। पाली नगर में निकली इस तिरंगा यात्रा ने न केवल लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया, बल्कि युवा पीढ़ी को देश की एकता और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश भी दिया। आयोजन के समापन पर सभी ने देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा में प्रभारी सुदामा विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष राधा तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, महामंत्री विमल अग्रवाल, एल्डरमैन चिंटू सोनी एवं कामता विश्वकर्मा, बहादुर सिंह, प्रकाश पालीवाल, राजकुमार खरे, पार्षद भरत प्रजापति, समय लाल साहू, प्रेमलता बर्मन, लक्ष्मी विश्वकर्मा, सितारा विश्वकर्मा, बबली यादव, सुरेश विश्वकर्मा, हिमांशु तिवारी, नीरज रॉय, किशन कोरी, देवी सिंह और क्षेत्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी मौजूद रहे।4
- स्कूल में शराबी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, क्लासरूम में घुसा नशे में धुत युवक, बच्चों के सामने शिक्षक से मारपीट शहडोल | बुढ़ार थाना क्षेत्र की केशवाही चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला में शराब के नशे में एक युवक के घुसने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि युवक क्लासरूम में बच्चों के बीच पहुंचा और फर्श पर लेटकर गाना गाने लगा। इसके बाद उसने हंगामा करते हुए जमीन पर सिर पटकना शुरू कर दिया। शिक्षक ने जब युवक को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। शिक्षक को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस दौरान क्लासरूम में मौजूद बच्चे डर के मारे सहमे रहे।2
- जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, समय-सीमा में निराकरण के निर्देश जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, समय-सीमा में निराकरण के निर्देश भूमि रिकॉर्ड, बीमा राशि, आपदा सहायता और क्षतिग्रस्त नहर से जुड़े आवेदन पहुंचे जनसुनवाई में आवेदकों, अधिकारी-कर्मचारियों और पत्रकारों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण डिंडौरी, 11 अगस्त 2026। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर श्री जे.पी. यादव, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भूमि का रकबा कम दर्ज होने की शिकायत ग्राम पंचायत मोहनझिर निवासी श्री जीता सिंह बैगा ने बंदोबस्त अभिलेख में भूमि का रकबा कम दर्ज होने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार की मांग की। कलेक्टर ने एसडीएम डिंडौरी को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार समाधान करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार श्रीमती भागवती बाई ने पति की मृत्यु के बाद अग्नि संस्कार एवं बीमा राशि का भुगतान नहीं होने की समस्या रखी। मामले में कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। आकाशीय बिजली से पुत्र की मौत, सहायता राशि का इंतजार ग्राम पंडानटोला रैतवार निवासी श्री नरोत्तम सिंह ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से उनके पुत्र की मृत्यु के बाद शासन द्वारा स्वीकृत 4 लाख रुपये की सहायता राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। कलेक्टर ने एसडीएम बजाग को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। क्षतिग्रस्त नहर से परेशान किसान विकासखंड शहपुरा के ग्राम रनगांव के ग्रामीण कृषकों ने बिलगढ़ा जलाशय के माइनर क्रमांक-2 की कैनाल जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने की शिकायत जनसुनवाई में रखी। किसानों ने नहर की मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की। कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग को मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त कैनाल की मरम्मत एवं समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई केवल आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आमजन को समय पर राहत उपलब्ध कराने का माध्यम है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण करें और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत दिलाना सुनिश्चित करें। जनसुनवाई में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने स्वयं स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। शिविर में जनसुनवाई में पहुंचे आवेदकों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं पत्रकारों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की। “जनसुनवाई में पहुंचीं जनसमस्याएं, कलेक्टर ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश” “शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण, कलेक्टर ने अधिकारियों को मौके पर समाधान के दिए निर्देश”1
- आज तक भी शासकीय एकीकृत विद्यालय माध्य शाला बरसोद की स्थिति है कौन सुधारेगा (जय जोहार) बच्चों के शिक्षा व्यवस्था और उनकी वचन बड़ी भाषा में कौन है सुधार कर सकता है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत इसमें कोई सहमति नहीं दे सकता बच्चों की स्थिति पढ़ने और समय में बच्चों का बोल भाषा आचरण में सुधार हो धन्यवाद1