जयपुर की सड़कों पर दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के नंबरों वाली टैक्सियाँ बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन स्थानीय सवारियों को ढो रहे हैं, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इन सभी बाहरी वाहनों के पास वैध परमिट, आवश्यक टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का पालन न होने या कागजात अधूरे होने की स्थिति में, किसी भी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को बीमा क्लेम प्राप्त करने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरटीओ और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां ऐसे वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं कर रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता और टैक्सी चालकों ने एक सुर में मांग की है कि नियमों के अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों की जाँच की जाए और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जयपुर की सड़कों पर दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के नंबरों वाली टैक्सियाँ बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन स्थानीय सवारियों को ढो रहे हैं, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इन सभी बाहरी वाहनों के पास वैध परमिट, आवश्यक टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का पालन न होने या कागजात अधूरे होने की स्थिति में, किसी भी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को बीमा क्लेम प्राप्त करने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरटीओ और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां ऐसे वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं कर रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता और टैक्सी चालकों ने एक सुर में मांग की है कि नियमों के अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों की जाँच की जाए और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- जस्ट जयपुर लाइव ने जयपुर शहर के वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और आराम से गाड़ी चलाने का आग्रह किया है। इस संबंध में, प्लेटफॉर्म ने नागरिकों से एक खास रिपोर्ट देखने का आह्वान किया है।1
- राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी जी को 'मुख्यमंत्री' कहकर संबोधित किया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को उनकी जुबान फिसलने के लिए ट्रोल कर रहे हैं। इस संबंध में, हनुमान बेनीवाल द्वारा दिए गए एक पुराने भाषण का हवाला देकर भी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।1
- एक सवाल उठाया गया है कि क्या Leader of Opposition (LoP) को यह शोभा देता है। इस पर कांग्रेस सदस्यों से विशेष ध्यान देने और यह बताने का आग्रह किया गया है कि LoP की पिछली जेब में क्या रखा हुआ था।1
- राजस्थान के जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर NEET परीक्षा से संबंधित मुद्दों को लेकर एक आंदोलन चल रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल लोग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान जयपुर यूनिवर्सिटी (JaipurDU) की छात्रा अंजलि ने अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने NEET संबंधी चिंताओं और अविनाश बराला से जुड़े संदर्भों का हवाला देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की जोरदार अपील की।1
- सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के युवाओं, छात्रों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक ऐसे राजस्थान की कल्पना की, जहाँ कोई भी नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर न हो और कोई भी छात्र पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान न हो। उनके अनुसार, इस नए राजस्थान में कानून का राज पूरी ईमानदारी से लागू होना चाहिए, जहाँ बहन-बेटियों के साथ कोई अपराध न हो और युवाओं को अपनी डिग्री पूरी करने से पहले ही रोजगार की गारंटी मिल सके। बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता बरतने, पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके इस बयान को प्रदेश के युवाओं और छात्रों से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें बेरोजगारी, पेपर लीक और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर 'नए राजस्थान का विजन' रखने की बात कही गई है।1
- चित्रकूट में डावास पुलिया से प्रवेश करने पर, एसबीआई बैंक चौराहे की ओर जाने वाली सीधी सड़क, जो पुरानी चुंगी सोढाला को जोड़ती है, की हालत बेहद खराब है।1
- भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद, 'नया बिहार' में आतिशबाजी के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस घटनाक्रम के उपरांत, 'नया बिहार' में आतिशबाजी का प्रदर्शन करके यह श्रद्धांजलि दी गई।1
- जयपुर की सड़कों पर दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के नंबरों वाली टैक्सियाँ बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन स्थानीय सवारियों को ढो रहे हैं, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इन सभी बाहरी वाहनों के पास वैध परमिट, आवश्यक टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का पालन न होने या कागजात अधूरे होने की स्थिति में, किसी भी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को बीमा क्लेम प्राप्त करने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरटीओ और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां ऐसे वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं कर रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता और टैक्सी चालकों ने एक सुर में मांग की है कि नियमों के अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों की जाँच की जाए और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।1