मथुरा जिले की छाता तहसील के गांव बिजवारी में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव के निवासी बिहारी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने घर की खराब विद्युत व्यवस्था और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए 1 जून 2026 को अपना बिजली कनेक्शन नियमानुसार कटवा दिया था। इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी बार-बार उनके घर का कनेक्शन जोड़ रहे हैं। पीड़ित बिहारी का कहना है कि उनके घर की वायरिंग और बिजली व्यवस्था सुरक्षित नहीं है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका की वजह से उन्होंने खुद कनेक्शन कटवाने का फैसला किया था, लेकिन विभाग उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय बार-बार बिजली आपूर्ति चालू कर दे रहा है। बिहारी का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनके परिवार की जान जोखिम में पड़ गई है। पीड़ित ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है।
मथुरा जिले की छाता तहसील के गांव बिजवारी में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव के निवासी बिहारी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने घर की खराब विद्युत व्यवस्था और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए 1 जून 2026 को अपना बिजली कनेक्शन नियमानुसार कटवा दिया था। इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी बार-बार उनके घर का कनेक्शन जोड़
रहे हैं। पीड़ित बिहारी का कहना है कि उनके घर की वायरिंग और बिजली व्यवस्था सुरक्षित नहीं है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका की वजह से उन्होंने खुद कनेक्शन कटवाने का फैसला किया था, लेकिन विभाग उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय बार-बार बिजली आपूर्ति चालू कर दे रहा है। बिहारी का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से
शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनके परिवार की जान जोखिम में पड़ गई है। पीड़ित ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है।
- दिनांक 12.07.2026 को थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए सेक्टर-2 नोएडा से 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में सुदेश सिंह पुत्र कृष्णगोपाल सिंह, बृजेश भदौरिया पुत्र कृष्णगोपाल सिंह, अर्जुन पुत्र अश्वनी और संदीप कुमार तिवारी पुत्र अशोक कुमार तिवारी शामिल हैं। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें 08 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 09 डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, 03 बैंक पासबुक (म्यूल खाता) और 04 UPI साउण्ड बॉक्स शामिल हैं।1
- गाजियाबाद के लोनी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 44 खुशहाल पार्क की जनता बिजली व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के न मिलने से बेहद परेशान है। बुनियादी सुविधाओं की इस बदहाली से तंग आकर क्षेत्र के निवासियों ने मौजूदा सभासद पर सीधे आरोप लगाए हैं।1
- दिल्ली को-ऑपरेटिव अर्बन थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड द्वारा सदस्यों की वार्षिक सामान्य सभा और बच्चों के पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के सहकारिता मंत्री रविन्द्र इंद्रराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष सत्य शर्मा ने भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह के दौरान सोसाइटी के सदस्यों को संस्था की वार्षिक उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा व योजनाओं से अवगत कराया गया। इसके साथ ही, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और समाज के विकास में सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। इस आयोजन में सोसाइटी के सदस्यों और उनके परिवारों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।1
- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के लिए 'श्री सुंदरकांड पाठ' का आयोजन महज एक राजनीतिक छल-कपट है। रोहिणी में आयोजित सुंदरकांड पाठ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केजरीवाल हनुमान जी और सुंदरकांड के नाम पर जनता को अपनी 'बगुला भक्ति' दिखाकर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। मल्होत्रा के अनुसार, केजरीवाल केवल अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारने के लिए सुंदरकांड का सहारा ले रहे हैं और यह पंजाब व अन्य राज्यों के आगामी चुनावों में हिंदुओं को लुभाने की एक सोची-समझी चाल है। भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल के पुराने बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को आज भी उनका वह भाषण याद है जिसमें उन्होंने अपनी नानी के हवाले से कहा था कि जिस मंदिर को मस्जिद तोड़कर बनाया गया है, वे वहां नहीं जाना चाहते। हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि 2024 में अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के बाद राजनीतिक लाभ के लिए केजरीवाल ने दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में साप्ताहिक सुंदरकांड पाठ की घोषणा की थी, लेकिन 16 जनवरी 2024 को केवल 50 विधानसभाओं में पाठ कराने के बाद वे इसे भूल गए। इसके बाद मार्च 2024 में 2600 स्थानों पर सुंदरकांड पाठ का दावा किया गया, लेकिन शायद 26 जगहों पर भी इसका आयोजन नहीं हुआ। उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि आखिर उन्होंने इस घोषित श्रृंखला को बीच में क्यों छोड़ा।1
- दिल्ली के जंतर मंतर से एक लाइव डेमो के माध्यम से यह दिखाया गया है कि वोट की चोरी कैसे की जाती है। इस लाइव प्रदर्शन में यह प्रदर्शित किया गया कि सेंसर वोट की चोरी कैसे होती है।1
- Post by फरमान इदरीसी1
- मथुरा जिले की छाता तहसील के गांव बिजवारी में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव के निवासी बिहारी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने घर की खराब विद्युत व्यवस्था और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए 1 जून 2026 को अपना बिजली कनेक्शन नियमानुसार कटवा दिया था। इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी बार-बार उनके घर का कनेक्शन जोड़ रहे हैं। पीड़ित बिहारी का कहना है कि उनके घर की वायरिंग और बिजली व्यवस्था सुरक्षित नहीं है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका की वजह से उन्होंने खुद कनेक्शन कटवाने का फैसला किया था, लेकिन विभाग उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय बार-बार बिजली आपूर्ति चालू कर दे रहा है। बिहारी का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनके परिवार की जान जोखिम में पड़ गई है। पीड़ित ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है।3