सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव आरा से संजय श्रीवास्तव सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव स्थानीय 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय, शुभ नारायण नगर, मझौवाँ, आरा में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर 'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया।समारोह का उद्घाटन विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डॉक्टर कुमार द्विजेन्द्र ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सावन का महीना हमारे देश में पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जाता रहा है। इस मास में पूरे देश में उत्सवी माहौल रहता है। शिव की उपासना के लिए श्रावण मास को सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। इसी तरह यह महीना कृषि और कृषकों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसी महीने यह तय होता है कि आने वाले समय में हमारी कृषि सम्बन्धी उत्पादन कैसी होगी। उन्होंने इस अवसर पर सभागार में उपस्थित सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को बधाई दी।इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने अपने स्वागत सम्बोधन में छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है, जिसमें अनेक प्रकार के पर्व त्योहार एवं उत्सव होते हैं। हम वर्ष के बारहों महीनों को विभिन्न तरह के पर्वो से जोड़कर देखते हैं। इसमें श्रावण मास का महत्व पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से बढ़ जाता है। देश और प्रदेश के सभी शिवालयों में शिव भक्त काँवर यात्रा के माध्यम से जलाभिषेक करते हैं।इस अवसर पर विद्यालय के संगीत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अमितेश रंजन और महेश कुमार शर्मा के निर्देशन में विद्यालय की छात्राओं ने कजरी और सावन गीत की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति की। सांस्कृतिक उत्सव की शुरूआत "हरि हरि शंभु चलेले ससुरारी, बदरा चढ आइल असगनवा, झीर-झीर बुनियाकी आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुई। कजरी गीत में छात्राओं ने प्रस्तुत कर साभागार में बैठे सभी लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न गीतों की प्रस्तुति छात्राओं तथा शिक्षिकाओं द्वारा की गई। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने सावन उत्सव के अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं को उपहार देकर सम्मानित किया। शिक्षिका श्रीमती रेणु सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा शिक्षिका श्रीमती चंदा कुमारी द्वारा मंच संचालन किया गया। मंच परिकल्पना विद्यालय के कला शिक्षक विष्णु शंकर एवं संजीव सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राएँ तथा सभी शिक्षिकाएँ उपस्थित रही।
सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव आरा से संजय श्रीवास्तव सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव स्थानीय 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय, शुभ नारायण नगर, मझौवाँ, आरा में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर 'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया।समारोह का उद्घाटन विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डॉक्टर कुमार द्विजेन्द्र ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सावन का महीना हमारे देश में पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जाता रहा है। इस मास में पूरे देश में उत्सवी माहौल रहता है। शिव की उपासना के लिए श्रावण मास को सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। इसी तरह यह महीना कृषि और कृषकों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसी महीने यह तय होता है कि आने वाले समय में हमारी कृषि सम्बन्धी उत्पादन कैसी होगी। उन्होंने इस अवसर पर सभागार में उपस्थित सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को बधाई दी।इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने अपने स्वागत सम्बोधन में छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है, जिसमें अनेक प्रकार के पर्व त्योहार एवं उत्सव होते हैं। हम वर्ष के बारहों महीनों को विभिन्न तरह के पर्वो से जोड़कर देखते हैं। इसमें श्रावण मास का महत्व पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से बढ़ जाता है। देश और प्रदेश के सभी शिवालयों में शिव भक्त काँवर यात्रा के माध्यम से जलाभिषेक करते हैं।इस अवसर पर विद्यालय के संगीत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अमितेश रंजन और महेश कुमार शर्मा के निर्देशन में विद्यालय की छात्राओं ने कजरी और सावन गीत की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति की। सांस्कृतिक उत्सव की शुरूआत "हरि हरि शंभु चलेले ससुरारी, बदरा चढ आइल असगनवा, झीर-झीर बुनियाकी आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुई। कजरी गीत में छात्राओं ने प्रस्तुत कर साभागार में बैठे सभी लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न गीतों की प्रस्तुति छात्राओं तथा शिक्षिकाओं द्वारा की गई। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने सावन उत्सव के अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं को उपहार देकर सम्मानित किया। शिक्षिका श्रीमती रेणु सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा शिक्षिका श्रीमती चंदा कुमारी द्वारा मंच संचालन किया गया। मंच परिकल्पना विद्यालय के कला शिक्षक विष्णु शंकर एवं संजीव सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राएँ तथा सभी शिक्षिकाएँ उपस्थित रही।
- 18 अगस्त 2026 | पटना *BREAKING - प्रशांत किशोर ने DGP से की मुलाकात* PK बोले- बांकीपुर में ट्रैफिक की स्थिति सुधारने और अनरेगुलेटेड वेंडिंग सेंटर बने हैं, उनमें पुलिस के खिलाफ पैसे लेने की जो शिकायतें हैं, उसको लेकर बात हुई है। सूखे नशे को लेकर भी बात हुई है। हम लोग सरकार से मिलकर एक मल्टीडिपार्टमेंटल बैठक और वर्कशॉप करेंगे, ताकि अगले 2-3 वर्षों में पटना में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर की जाए।1
- 🌿 आया सावन झूम के: संभावना विद्यालय में सजी कजरी और सावन गीतों की महफिल आरा। स्थानीय ‘शान्ति स्मृति’ सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय, शुभ नारायण नगर, मझौवाँ, आरा में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर ‘आया सावन झूम के’ सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि श्रावण मास हमारे देश में पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने पूरे देश में उत्सवी माहौल रहता है और भगवान शिव की उपासना के लिए श्रावण मास को विशेष रूप से उपयुक्त माना गया है। उन्होंने कहा कि कृषि और किसानों के लिए भी सावन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दौरान आने वाले समय के कृषि उत्पादन की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होती है। उन्होंने सभी छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने स्वागत संबोधन में कहा कि भारत सांस्कृतिक और धार्मिक विविधताओं से समृद्ध देश है। वर्ष के प्रत्येक महीने का अपना धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है, लेकिन श्रावण मास का महत्व विशेष रूप से बढ़ जाता है। इस दौरान देशभर के शिवालयों में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय के संगीत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अमितेश रंजन एवं महेश कुमार शर्मा के निर्देशन में छात्राओं ने कजरी और सावन गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत “हरि-हरि शंभू चलेले ससुरारी, बदरा चढ़ आइल असगनवा, झिर-झिर बुनिया…” जैसे मनमोहक सावन गीतों से हुई। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को सावन की लोक संस्कृति और भक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान लोकगीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।1
- सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव आरा से संजय श्रीवास्तव सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर मनाया गया'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव स्थानीय 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय, शुभ नारायण नगर, मझौवाँ, आरा में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर 'आया सावन झूम के' सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया।समारोह का उद्घाटन विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डॉक्टर कुमार द्विजेन्द्र ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सावन का महीना हमारे देश में पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जाता रहा है। इस मास में पूरे देश में उत्सवी माहौल रहता है। शिव की उपासना के लिए श्रावण मास को सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। इसी तरह यह महीना कृषि और कृषकों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसी महीने यह तय होता है कि आने वाले समय में हमारी कृषि सम्बन्धी उत्पादन कैसी होगी। उन्होंने इस अवसर पर सभागार में उपस्थित सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को बधाई दी।इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने अपने स्वागत सम्बोधन में छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है, जिसमें अनेक प्रकार के पर्व त्योहार एवं उत्सव होते हैं। हम वर्ष के बारहों महीनों को विभिन्न तरह के पर्वो से जोड़कर देखते हैं। इसमें श्रावण मास का महत्व पौराणिक और आध्यात्मिक रूप से बढ़ जाता है। देश और प्रदेश के सभी शिवालयों में शिव भक्त काँवर यात्रा के माध्यम से जलाभिषेक करते हैं।इस अवसर पर विद्यालय के संगीत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अमितेश रंजन और महेश कुमार शर्मा के निर्देशन में विद्यालय की छात्राओं ने कजरी और सावन गीत की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति की। सांस्कृतिक उत्सव की शुरूआत "हरि हरि शंभु चलेले ससुरारी, बदरा चढ आइल असगनवा, झीर-झीर बुनियाकी आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुई। कजरी गीत में छात्राओं ने प्रस्तुत कर साभागार में बैठे सभी लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न गीतों की प्रस्तुति छात्राओं तथा शिक्षिकाओं द्वारा की गई। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने सावन उत्सव के अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं को उपहार देकर सम्मानित किया। शिक्षिका श्रीमती रेणु सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा शिक्षिका श्रीमती चंदा कुमारी द्वारा मंच संचालन किया गया। मंच परिकल्पना विद्यालय के कला शिक्षक विष्णु शंकर एवं संजीव सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राएँ तथा सभी शिक्षिकाएँ उपस्थित रही।1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी कांग्रेस ने बहुत पहले ही साफ कर दिया था कि देश का राष्ट्रीय गीत क्या होगा। ‘वंदे मातरम्’ महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू जी और सरदार पटेल जी ने गाया। प्रधानमंत्री रहते अटल जी और मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी जी ने भी यही गीत गाया। आज मैंने भी वही ‘वंदे मातरम्’ गाया है। अगर इसे गुनाह माना जा रहा है, तो गांधी जी, नेहरू जी और सरदार पटेल जी पर भी केस होना चाहिए। देश मोदी-शाह की इच्छा से नहीं चलता। सरकार बदलने से राष्ट्रीय गीत नहीं बदलता। वर्षों से देश में जो परंपरा रही है, हमने उसी का पालन किया है।1
- राहुल गांधी द मास्टर स्ट्रोक। राहुल गांधी जी से इतने डर है कि कहीं कुर्सी खाली न हों जाएं1
- Lakhisarai पहुंचकर Lalan Singh और Vijay Sinha को लेकर Prashant Kish Lakhisarai पहुंचकर Lalan Singh और Vijay Sinha को लेकर Prashant Kishor ने क्या बोला ?1
- भोजपुर के नए एसपी बने अवधेश दीक्षित, मिस्टर राज बने रोहतास के एसपी1
- बड़हरा पंचायत में लगा सहयोग शिविर, मुखिया मनोज सिंह ने दी महत्वपूर्ण जानकारी भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बड़हरा पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की गई। इस दौरान मुखिया मनोज सिंह ने शिविर के उद्देश्य और पंचायतवासियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। देखिए, मनोज सिंह मुखिया ने क्या कुछ कहा... 📍 बड़हरा, भोजपुर 📰 जनता की आवाज आरा न्यूज़ #जनताकीआवाजआरान्यूज़ #बड़हरा #भोजपुर #बड़हरापंचायत #मनोजसिंह #मुखिया #सहयोगशिविर #AraNews1