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भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक बराबरी : एक समग्र दृष्टिकोण भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश

3 hrs ago
user_SHIVPAL SINGH
SHIVPAL SINGH
Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक बराबरी : एक समग्र दृष्टिकोण भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश

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  • भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
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    भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं।
आरक्षण का मूल उद्देश्य
भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है।
आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है।
भूमि और संपत्ति का प्रश्न
स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था।
इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है।
इतिहास और युद्ध की वास्तविकता
भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर।
आगे का रास्ता
सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है:
शिक्षा तक समान पहुँच
आर्थिक अवसरों का विस्तार
कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन
सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान
समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली
शिवपाल सिंह
एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अवगत कराना है कि दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है । *अभियुक्त का नाम पता –* 1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन *पुलिस टीम का विवरणः –* 1. थानाध्यक्ष सिरसाकलार मय पुलिस टीम ।
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    अवगत कराना है कि दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
*अभियुक्त का नाम पता –* 
1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन 
*पुलिस टीम का विवरणः –* 
1. थानाध्यक्ष सिरसाकलार मय पुलिस टीम ।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आज दिनांक 19.02.2026 को पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कॉलर पिंकी देवी नि0 सुशील नगर के मकान में कुछ अज्ञात चोरों नें छत के रास्ते से मकान में प्रवेश कर जेवर व नगदी चोरी कर ली है और परिवारीजन के जागने पर उन्हें कमरे में बन्द कर चले गए हैं | इस सूचना पर प्र0नि0 कोतवाली उरई व अपर पुलिस अधीक्षक जालौन मय पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है । वादिनी की तहरीर के आधार पर कोतवाली उरई में सुसंगत धारओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है । घटना के शीघ्र अनावरण हेतु 03 टीमों का गठन किया गया है । अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गयी बाइट ।
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    आज दिनांक 19.02.2026 को पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कॉलर पिंकी देवी नि0 सुशील नगर के मकान में कुछ अज्ञात चोरों नें छत के रास्ते से मकान में प्रवेश कर जेवर व नगदी चोरी कर ली है और परिवारीजन के जागने पर उन्हें कमरे में बन्द कर चले गए हैं | इस सूचना पर प्र0नि0 कोतवाली उरई व अपर पुलिस अधीक्षक जालौन मय पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है । वादिनी की तहरीर के आधार पर कोतवाली उरई में सुसंगत धारओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है ।  घटना के शीघ्र अनावरण हेतु 03 टीमों का गठन किया गया है । अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गयी बाइट ।
    user_रोहितसोनी पत्रकार
    रोहितसोनी पत्रकार
    Court reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Ashish kumar
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    Post by Ashish kumar
    user_Ashish kumar
    Ashish kumar
    Driver अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण जालौन में महाराज छत्रपति शिवाजी की 396वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई जालौन। नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवा ध्वज लगाकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और गौरव का भाव दिखाई दिया। जयंती के अवसर पर महाराज छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा रंगोली के माध्यम से तैयार की गई। नगर जालौन की निवासी आशा प्रजापति, विशाल कुशवाहा, सोनिया वेद एवं उनके सहयोगियों द्वारा आकर्षक और जीवंत रंगोली बनाई गई, जिसमें महाराज के शौर्य, पराक्रम और तेजस्वी व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत, प्रदीप सक्सेना, कुंवर सिंह यादव, डॉ. बृजेंद्र द्विवेदी, डॉ. रंजना द्विवेदी, सतीश सिंह सेंगर, मधु पांडे, कंचन अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अंशुल प्रजापति, रूपेश साहू,धीरज साहू , शिशुपाल कुशवाहा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, सोनू परिहार, देव प्रताप सिंह , स्वयं गोस्वामी सूर्यांश गुर्जर, डॉ. भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज छत्रपति शिवाजी साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, संगठन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम का समापन महाराज छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
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    द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण जालौन में महाराज छत्रपति शिवाजी की 396वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई
जालौन। नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवा ध्वज लगाकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और गौरव का भाव दिखाई दिया।
जयंती के अवसर पर महाराज छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा रंगोली के माध्यम से तैयार की गई। नगर जालौन की निवासी आशा प्रजापति, विशाल कुशवाहा, सोनिया वेद एवं उनके सहयोगियों द्वारा आकर्षक और जीवंत रंगोली बनाई गई, जिसमें महाराज के शौर्य, पराक्रम और तेजस्वी व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत, प्रदीप सक्सेना, कुंवर सिंह यादव, डॉ. बृजेंद्र द्विवेदी, डॉ. रंजना द्विवेदी, सतीश सिंह सेंगर, मधु पांडे, कंचन अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अंशुल प्रजापति, रूपेश साहू,धीरज साहू , शिशुपाल कुशवाहा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, सोनू परिहार, देव प्रताप सिंह , स्वयं गोस्वामी  सूर्यांश गुर्जर, डॉ. भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज छत्रपति शिवाजी साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, संगठन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम का समापन महाराज छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
    user_Sanjay kumar Pattakar
    Sanjay kumar Pattakar
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है । *अभियुक्त का नाम पता –* 1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन
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    दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
*अभियुक्त का नाम पता –* 
1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण जालौन में महाराज छत्रपति शिवाजी की 396वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई जालौन। नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवा ध्वज लगाकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और गौरव का भाव दिखाई दिया। जयंती के अवसर पर महाराज छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा रंगोली के माध्यम से तैयार की गई। नगर जालौन की निवासी आशा प्रजापति, विशाल कुशवाहा, सोनिया वेद एवं उनके सहयोगियों द्वारा आकर्षक और जीवंत रंगोली बनाई गई, जिसमें महाराज के शौर्य, पराक्रम और तेजस्वी व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत, प्रदीप सक्सेना, कुंवर सिंह यादव, डॉ. बृजेंद्र द्विवेदी, डॉ. रंजना द्विवेदी, सतीश सिंह सेंगर, मधु पांडे, कंचन अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अंशुल प्रजापति, रूपेश साहू, शिशुपाल कुशवाहा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, सोनू परिहार, देव प्रताप सिंह, सूर्यांश गुर्जर, डॉ. भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज छत्रपति शिवाजी साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, संगठन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हैं। कार्यक्रम का समापन महाराज छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
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    द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण जालौन में महाराज छत्रपति शिवाजी की 396वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई
जालौन। नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवा ध्वज लगाकर एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और गौरव का भाव दिखाई दिया।
जयंती के अवसर पर महाराज छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा रंगोली के माध्यम से तैयार की गई। नगर जालौन की निवासी आशा प्रजापति, विशाल कुशवाहा, सोनिया वेद एवं उनके सहयोगियों द्वारा आकर्षक और जीवंत रंगोली बनाई गई, जिसमें महाराज के शौर्य, पराक्रम और तेजस्वी व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय प्रताप राजावत, प्रदीप सक्सेना, कुंवर सिंह यादव, डॉ. बृजेंद्र द्विवेदी, डॉ. रंजना द्विवेदी, सतीश सिंह सेंगर, मधु पांडे, कंचन अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अंशुल प्रजापति, रूपेश साहू, शिशुपाल कुशवाहा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, सोनू परिहार, देव प्रताप सिंह, सूर्यांश गुर्जर, डॉ. भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अभय राजावत ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज छत्रपति शिवाजी साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता, संगठन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम का समापन महाराज छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन में चोरों ने एक घर में चोरी की वारदात को दिया अंजाम, घर में सोते रहे सभी परिजन और चोर इत्मिनान से करते रहे चोरी, अज्ञात चोरों ने घर से कीमती आभूषण और करीब 10 हजार रुपए पर किया हाथ साफ, सुबह जागने पर घर का सामान बिखरा देख परिजनों को चोरी की हुई जानकारी, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, पीड़ित गृहस्वामी की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की चोरों की तलाश, जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के फुलैला गांव का मामला।।।।
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    जालौन में चोरों ने एक घर में चोरी की वारदात को दिया अंजाम, घर में सोते रहे सभी परिजन और चोर इत्मिनान से करते रहे चोरी, अज्ञात चोरों ने घर से कीमती आभूषण और करीब 10 हजार रुपए पर किया हाथ साफ, सुबह जागने पर घर का सामान बिखरा देख परिजनों को चोरी की हुई जानकारी, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, पीड़ित गृहस्वामी की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की चोरों की तलाश, जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के फुलैला गांव का मामला।।।।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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