सिंगरौली में कुछ ही दिनों के भीतर महुआ के पेड़ों और घरों के अचानक गायब हो जाने का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। महज चार दिन पहले जिस स्थान पर सात-आठ हरे-भरे महुआ के पेड़ और दो-तीन मकान मौजूद थे, आज वहां सब कुछ साफ कर दिया गया है और कुछ भी नहीं बचा है। इस अचानक हुई तबाही को देखकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है। पेड़ काटने की इस अंधाधुंध गतिविधि पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या पेड़ काटना इतना ही जरूरी है? एक पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में कई साल लग जाते हैं, लेकिन उन्हें काटने में जरा भी वक्त नहीं लगाया जा रहा। लगातार पेड़ कटने के कारण अब ऑक्सीजन की कमी का बड़ा संकट पैदा हो रहा है, जिससे आम इंसान का जीना मुहाल हो जाएगा। इस विकट परिस्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से कमेंट में राय मांगी गई है कि यह बात सही है या गलत, और ऐसी स्थिति में आखिर आदमी करे तो क्या करे।
सिंगरौली में कुछ ही दिनों के भीतर महुआ के पेड़ों और घरों के अचानक गायब हो जाने का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। महज चार दिन पहले जिस स्थान पर सात-आठ हरे-भरे महुआ के पेड़ और दो-तीन मकान मौजूद थे, आज वहां सब कुछ साफ कर दिया गया है और कुछ भी नहीं बचा है। इस अचानक हुई तबाही को देखकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है। पेड़ काटने की इस अंधाधुंध गतिविधि पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या पेड़ काटना इतना ही जरूरी है? एक पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में कई साल लग जाते हैं, लेकिन उन्हें काटने में जरा भी वक्त नहीं लगाया जा रहा। लगातार पेड़ कटने के कारण अब ऑक्सीजन की कमी का बड़ा संकट पैदा हो रहा है, जिससे आम इंसान का जीना मुहाल हो जाएगा। इस विकट परिस्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से कमेंट में राय मांगी गई है कि यह बात सही है या गलत, और ऐसी स्थिति में आखिर आदमी करे तो क्या करे।
- सिंगरौली में कुछ ही दिनों के भीतर महुआ के पेड़ों और घरों के अचानक गायब हो जाने का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। महज चार दिन पहले जिस स्थान पर सात-आठ हरे-भरे महुआ के पेड़ और दो-तीन मकान मौजूद थे, आज वहां सब कुछ साफ कर दिया गया है और कुछ भी नहीं बचा है। इस अचानक हुई तबाही को देखकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है। पेड़ काटने की इस अंधाधुंध गतिविधि पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या पेड़ काटना इतना ही जरूरी है? एक पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में कई साल लग जाते हैं, लेकिन उन्हें काटने में जरा भी वक्त नहीं लगाया जा रहा। लगातार पेड़ कटने के कारण अब ऑक्सीजन की कमी का बड़ा संकट पैदा हो रहा है, जिससे आम इंसान का जीना मुहाल हो जाएगा। इस विकट परिस्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से कमेंट में राय मांगी गई है कि यह बात सही है या गलत, और ऐसी स्थिति में आखिर आदमी करे तो क्या करे।1
- नशामुक्ति अभियान 2.0 के तहत सिंगरौली की गोभा पुलिस चौकी ने अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घेराबंदी कर एक लग्जरी डस्टर कार से 19 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की है और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की कुल कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपये और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार की कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर श्री हेमंत कुमार के मार्गदर्शन में चलाई जा रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के तहत हुई है। चौकी गोभा प्रभारी उप निरीक्षक शिवम सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डस्टर कार से अवैध शराब छत्तीसगढ़ की ओर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम बरहपान के पास घेराबंदी की, लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर ग्राम मुड़वनिया के पास वाहन को रोका। तलाशी लेने पर कार से 18 पेटी गोवा व्हिस्की और 1 पेटी 8 पीएम शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 170 लीटर है। पुलिस ने वाहन चालक सोनू यादव (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम घुई, थाना रमकुला, जिला सूरजपुर, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में गोभा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही और पुलिस ने साफ किया है कि अवैध शराब तथा नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- देश का छात्र आज निराश होकर कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्रियों को सिर्फ अपनी सत्ता का मोह है और वे कह रहे हैं कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। जिस देश में युवा और छात्र अपना भविष्य खो रहे हों और सरकार के मंत्रियों को सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र हो, वहां न्याय का कोई अस्तित्व ही नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में ओबरा-सी तापीय परियोजना की 660-660 मेगावाट क्षमता वाली दोनों इकाइयां बंद होने से कुल 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन पूरी तरह शून्य हो गया है। तकनीकी खराबी के कारण इन दोनों यूनिटों के बंद होने से अब प्रदेश में बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है और आपातकालीन बिजली कटौती की स्थिति बन गई है। इस गंभीर तकनीकी समस्या के सामने आने के बाद, परियोजना प्रबंधन बिजली उत्पादन को जल्द से जल्द दोबारा बहाल करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक किसान अपनी मक्का की फसल को कोना कर रहा है। इस मक्का की फसल की बुवाई बिना किसी खाद के की गई है।1
- सिंगरौली में भाजयुमो जिलाध्यक्ष के निजी आवास के पास कुछ किशोरों और युवाओं पर कथित तौर पर लाठियां बरसाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भाजयुमो सिंगरौली के जिलाध्यक्ष स्वयं भी नजर आ रहे हैं, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी वहां मौजूदगी और कथित निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की वास्तविकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को 'सत्ता का रौब' और 'युवा नेतृत्व की नई परिभाषा' बताकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब मौके पर युवाओं के साथ मारपीट हो रही थी, तो वहां मौजूद एक जिम्मेदार पदाधिकारी का बीच-बचाव करने का नैतिक दायित्व बनता था या नहीं। फिलहाल इस पूरी मारपीट की वजह और वीडियो की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस मामले की वास्तविकता जानने के लिए कोई जांच करवाता है या फिर इसे महज सोशल मीडिया का तमाशा मानकर छोड़ देता है, यह देखना बाकी है।1