कानपुर नगर में भारी बारिश के कारण सड़कों पर “गंगा जैसा” पानी बहने लगा, जिससे शहर में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस दौरान, एक व्यक्ति ने जलभराव में उतरकर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कामों से कानपुर एक “स्मार्ट सिटी” बन गया है, लेकिन यह ऐसी स्मार्ट सिटी है जहाँ “गंगा जैसा सैलाब” हर गली और लोगों के घरों तक पहुँच गया है। आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने बीजेपी सरकार की “हर घर जल” परियोजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लोगों तक जल तो नहीं पहुँचा पाई, लेकिन बारिश का पानी निश्चित रूप से हर घर तक पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार के पाँच साल के सारे काम केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। बारिश के कारण कानपुर में लोगों की परेशानियाँ काफी बढ़ गई हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब फिर से विधानसभा चुनाव आ गए हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कानपुर नगर में भारी बारिश के कारण सड़कों पर “गंगा जैसा” पानी बहने लगा, जिससे शहर में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस दौरान, एक व्यक्ति ने जलभराव में उतरकर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कामों से कानपुर एक “स्मार्ट सिटी” बन गया है, लेकिन यह ऐसी स्मार्ट सिटी है जहाँ “गंगा जैसा सैलाब” हर गली और लोगों के घरों तक पहुँच गया है। आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने बीजेपी सरकार की “हर घर जल” परियोजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लोगों तक जल तो नहीं पहुँचा पाई, लेकिन बारिश का पानी निश्चित रूप से हर घर तक पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार के पाँच साल के सारे काम केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। बारिश के कारण कानपुर में लोगों की परेशानियाँ काफी बढ़ गई हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब फिर से विधानसभा चुनाव आ गए हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
- कानपुर की 216 कैंट विधानसभा से विधायक हसन रूमी ने पुलिस कमिश्नर को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणियों के मामले में एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक रूमी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि एक महिला द्वारा इस्लाम के अंतिम पैगंबर के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों के कारण लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।1
- कानपुर नगर में भारी बारिश के कारण सड़कों पर “गंगा जैसा” पानी बहने लगा, जिससे शहर में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस दौरान, एक व्यक्ति ने जलभराव में उतरकर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कामों से कानपुर एक “स्मार्ट सिटी” बन गया है, लेकिन यह ऐसी स्मार्ट सिटी है जहाँ “गंगा जैसा सैलाब” हर गली और लोगों के घरों तक पहुँच गया है। आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने बीजेपी सरकार की “हर घर जल” परियोजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लोगों तक जल तो नहीं पहुँचा पाई, लेकिन बारिश का पानी निश्चित रूप से हर घर तक पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार के पाँच साल के सारे काम केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। बारिश के कारण कानपुर में लोगों की परेशानियाँ काफी बढ़ गई हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब फिर से विधानसभा चुनाव आ गए हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- उन्नाव जनपद के सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक में बंधुआ खेड़ा संपर्क मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके चलते लोग लगातार गिरकर घायल हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा अप्रैल माह में डामर रोड बनाने का यह काम शुरू किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने केवल गिट्टी डालकर काम बंद कर दिया है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिना मिट्टी डाले मानक विहीन गिट्टी बिछाई गई है और पुलियों का निर्माण भी गलत तरीके से किया गया है। पहली बरसात में ही बिना मिट्टी वाली गिट्टी से बनी पुलिया और सड़क पर पानी भर गया, जिससे यह राहगीरों के लिए 'मौत की दावत' जैसा बन गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, निषाद पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष रामखेलावन निषाद जी ने मुख्य अभियंता मंडल, लखनऊ को एक पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से सड़क पर हो रहे इस मानक विहीन कार्य और राहगीरों के घायल होने की समस्या से अवगत कराया है।2
- Post by Ramakant1
- कानपुर के बर्रा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुँची नगर निगम की टीम को कथित तौर पर एक BJP मंडल अध्यक्ष ने धमकी दी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना विश्वबैंक-बर्रा क्षेत्र में नगर निगम के अतिक्रमण अभियान के दौरान हुई। वायरल वीडियो में कथित तौर पर मंडल अध्यक्ष एक अधिकारी से कहते हुए सुने जा रहे हैं कि, "अगर पीछे का अतिक्रमण नहीं टूटा तो ऑफिस में आकर तेरा वो हाल करूंगा..." इसके साथ ही, वीडियो को डिलीट कराने का भी कथित दबाव डाला गया।1
- कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का परिसर पहली ही बारिश में पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गया। हालात इतने बदतर हो गए कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर समेत घुटनों तक भरे पानी के बीच से ले जाना पड़ा। इस गंभीर स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था के इंतज़ामों पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मरीजों को ऐसी परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है, और इस अव्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा।1