मध्य प्रदेश के सतना में NEET परीक्षा पेपर लीक और लगातार हो रही शैक्षणिक धांधली के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। NSUI जिलाध्यक्ष राहुल सोनी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसडीएम के सामने छात्रों की मांगें रखीं, लेकिन प्रशासन की समझाइश और धरना खत्म करने की अपील को प्रदर्शनकारियों ने खारिज कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए NSUI अध्यक्ष और कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर थाने भेज दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए, और जब तक निष्पक्ष न्याय व जिम्मेदार इस्तीफा नहीं देते, यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश के सतना में NEET परीक्षा पेपर लीक और लगातार हो रही शैक्षणिक धांधली के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। NSUI जिलाध्यक्ष राहुल सोनी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसडीएम के सामने छात्रों की मांगें रखीं, लेकिन प्रशासन की समझाइश और धरना खत्म करने की अपील को प्रदर्शनकारियों ने खारिज कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए NSUI अध्यक्ष और कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर थाने भेज दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए, और जब तक निष्पक्ष न्याय व जिम्मेदार इस्तीफा नहीं देते, यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
- मध्य प्रदेश के सतना में NEET परीक्षा पेपर लीक और लगातार हो रही शैक्षणिक धांधली के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। NSUI जिलाध्यक्ष राहुल सोनी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसडीएम के सामने छात्रों की मांगें रखीं, लेकिन प्रशासन की समझाइश और धरना खत्म करने की अपील को प्रदर्शनकारियों ने खारिज कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए NSUI अध्यक्ष और कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर थाने भेज दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए, और जब तक निष्पक्ष न्याय व जिम्मेदार इस्तीफा नहीं देते, यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले स्थित भदनपुर के चौपड़ा इंडेन गैस एजेंसी पर पिछले 3 महीनों से चल रही गैस की कालाबाजारी की कवरेज करने पहुंचे एक स्थानीय पत्रकार के साथ सरेआम गाली-गलौज और हाथापाई की गई। शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को स्थानीय निवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पत्रकार जमीनी हकीकत जानने एजेंसी पहुंचा था, जहां उपभोक्ताओं ने कैमरे पर गैस सिलेंडर वितरण में हो रही बड़ी धांधली का खुलासा किया। ग्राहकों का आरोप है कि गैस सिलेंडर बुक करने के बाद एजेंसी फोन करके ओटीपी मांगती है और ओटीपी देने पर सिलेंडर एक-दो दिन में मिलने की बात कहकर बाद में स्टॉक खत्म होने का बहाना बना देती है। वहीं फोन पर ओटीपी देने से मना करने पर एजेंसी पहुंचने के बावजूद ग्राहकों को परेशान किया जाता है और सिलेंडर नहीं दिया जाता। उपभोक्ताओं के अनुसार, इस ओटीपी के खेल के जरिए सिलेंडरों को अवैध रूप से ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। खबर बनाने के दौरान एजेंसी प्रोपराइटर उमाशंकर जायसवाल के पिता बेडिलाल जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर आपा खो दिया और पत्रकार के काम में बाधा डालते हुए सरेआम गाली-गलौज व मारपीट की। आरोपी बेडिलाल जायसवाल ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि जहां शिकायत करनी है कर दो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस घटना से स्थानीय नागरिकों और पत्रकार जगत में भारी आक्रोश है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित पत्रकार ने बदेरा थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।3
- मां शारदा की पवित्र नगरी को कलंकित करने के मामले में आरोपी को मिलने वाली सजा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पवित्र धाम को शर्मसार करने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और उसे क्या सजा मिलेगी, इसको लेकर लगातार सवाल बने हुए हैं।1
- चित्रकूट की जनता के लिए वर्षों से अत्यंत आवश्यक रही 100 बिस्तरीय अस्पताल की मांग को स्वीकृति मिल गई है। इस जनभावना को स्थानीय विधायक श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार ने निरंतर शासन के समक्ष रखा था, जिस पर मुख्यमंत्री जी ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लिया। वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने समय-समय पर विभागीय और तकनीकी बाधाओं को दूर कराने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। यह स्वीकृति क्षेत्र के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य और समग्र विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है और यह अस्पताल क्षेत्रवासियों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस सौगात के लिए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल से विधायक श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार के साथ आत्मीय भेंट की गई और चित्रकूट की समस्त जनता की ओर से मुख्यमंत्री जी तथा उपमुख्यमंत्री जी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया गया।1
- मैहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत डांडी के ग्रामीण कई महीनों से राशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने राशन कोटेदार बालेंद्र प्रजापति पर वितरण में लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को लंबे समय से राशन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने भोजन की बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की जांच करवाकर पात्र हितग्राहियों को उनका हक दिलाने और राशन वितरण व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है। इस दौरान मैहर कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी 'दद्दा' ने चेतावनी दी कि यदि ग्राम पंचायत के गरीबों को राशन नहीं मिला और कोटेदार पर वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई तो जनता आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। वहीं, कलेक्टर कार्यालय की ओर से ग्रामीणों को मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।1
- मैहर जिले के डांडी गांव के ग्रामीणों ने नगर कांग्रेस अध्यक्ष की अगुवाई में 'सेल्समैन चोर' के नारे लगाते हुए मैहर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें विगत तीन माह से राशन नहीं दिया गया है। कोटेदार ने जब दुकान खोली भी, तो वह केवल एक माह का ही राशन वितरित कर रहा था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से राशन की खोजबीन कराने और दोषी कोटेदार पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। गरीबों के हक पर डाका डालने वाले इस कोटेदार पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।3
- मैहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत डांडी के ग्रामीणों ने कई महीनों से राशन न मिलने की शिकायत को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कोटेदार बालेंद्र प्रजापति पर राशन वितरण में घोर लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने का सीधा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को लंबे समय से राशन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने भोजन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कलेक्टर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पात्र हितग्राहियों को उनका हक दिलाने और राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कराने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शन के दौरान मैहर कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी 'दद्दा' ने राशन वितरण प्रणाली में धांधली का जिम्मेदार कौन है, यह सवाल उठाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायत के गरीब लोगों को जल्द राशन नहीं मिला और दोषी कोटेदार पर वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। वहीं कलेक्टर कार्यालय की ओर से ग्रामीणों को मामले की जांच कर दोषी कोटेदार पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। ज्ञापन सौंपने के दौरान दयाराम कोल, तौकीद, संगीता, प्रीति, पूनम, बालकिशन, श्याम सुंदर, जुनैद अहमद, धीरेंद्र कुशवाहा, अनीता विश्वकर्मा, सावित्रीबाई, पुष्प लता, नीतू, अर्चना दहिया, विमल दहिया, कुसुम, हीरालाल चौधरी, भाईलाल चौधरी, रामसिया चौधरी, रिंकू कुशवाहा, विजय दहिया, राजेश कोल, सोनू दहिया, वाल्मीक दहिया और राम मनोहर दहिया समेत भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- सतना में सर्किट हाउस चौराहे से नगर निगम मोड़ की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क निर्माण और मेंटेनेंस के नाम पर हो रही घोर लापरवाही का एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। यहाँ मुख्य सड़क अचानक धंस जाने के कारण वहां से गुजर रही एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार का अगला पहिया गहरे गड्ढे में जा फंसा। यह हादसा बेहद खतरनाक हो सकता था, जिसे राहगीरों की मदद से संभाला गया। इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली और सड़कों की खस्ताहालत को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।1