संवैधानिक पद पर बैठकर कानून की धज्जियां उड़ाना और फिर खुद को पीड़ित बताना दुर्भाग्यपूर्ण: डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा हमीरपुर। कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने विधायक डॉ. जनक राज द्वारा नादौन क्षेत्र में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के प्रयास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की अपेक्षा सबसे अधिक होती है। नियमों की अनदेखी कर बाद में स्वयं को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। डॉ. वर्मा ने कहा कि डॉ. जनक राज स्वयं लंबे समय तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहे हैं और आईजीएमसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में जिम्मेदार पद पर रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें भली-भांति जानकारी होनी चाहिए कि स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते समय संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने तथा लागू नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना होता है। यदि नादौन में शिविर लगाने की इच्छा थी तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने में क्या कठिनाई थी? उन्होंने कहा, “हमने स्वयं वर्षों में अनेक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए हैं और हमेशा संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है। डॉक्टर होने के नाते हमें व्यवस्था और चिकित्सा संबंधी नियमों का सम्मान करना चाहिए।” डॉ. वर्मा ने कहा कि नादौन सिविल अस्पताल में इस समय दस से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और निकट ही डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर राजनीतिक प्रदर्शन करने के बजाय जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक आवश्यकता अधिक है, वहां प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. जनक राज जनजातीय एवं दुर्गम भरमौर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। “यदि वास्तव में सेवा की भावना है तो भरमौर और पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की पहल की जानी चाहिए। वहां की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता भी अधिक रहती है। संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुमति लेकर वहां नियमित कैंप लगाएं तो उसका वास्तविक लाभ जनता को मिलेगा।” डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. जनक राज लंबे समय से चिकित्सा सेवा से जुड़े अवसरों को प्रचार का माध्यम बनाने की कोशिश करते रहे हैं। कभी सड़क किनारे मरीज देखने की तस्वीरें और कभी अन्य घटनाओं के फोटो सोशल मीडिया पर डालकर सुर्खियों में बने रहने का प्रयास किया जाता है। “जनसेवा कैमरे और सुर्खियों के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर रहकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित विधायक और वरिष्ठ चिकित्सक से अपेक्षा है कि वह कानून एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए उदाहरण प्रस्तुत करे। “नादौन में राजनीतिक तमाशा खड़ा करने के बजाय डॉ. जनक राज अपने विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान दें। चार वर्ष राजनीतिक नौटंकी में निकालने के बजाय शेष समय जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान में लगाएं।” बाइट — डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि विजिलेंस की जांच के लिए डॉक्टर जनक राज को इसलिए बुलाया गया है क्योंकि वह उसे समय अस्पताल के मेडिकल के सुपरिंटेंडेंट थे उन्होंने कहा कि विधायक मात्रा राजनीति करने के लिए कह रहे हैं कि भाजपा के विधायक को बुलाया गया है
संवैधानिक पद पर बैठकर कानून की धज्जियां उड़ाना और फिर खुद को पीड़ित बताना दुर्भाग्यपूर्ण: डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा हमीरपुर। कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने विधायक डॉ. जनक राज द्वारा नादौन क्षेत्र में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के प्रयास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की अपेक्षा सबसे अधिक होती है। नियमों की अनदेखी कर बाद में स्वयं को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। डॉ. वर्मा ने कहा कि डॉ. जनक राज स्वयं लंबे समय तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहे हैं और आईजीएमसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में जिम्मेदार पद पर रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें भली-भांति जानकारी होनी चाहिए कि स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते समय संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने तथा लागू नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना होता है। यदि नादौन में शिविर लगाने की इच्छा थी तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने में क्या कठिनाई थी? उन्होंने कहा, “हमने स्वयं वर्षों में अनेक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए हैं और हमेशा संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है। डॉक्टर होने के नाते हमें व्यवस्था और चिकित्सा संबंधी नियमों का सम्मान करना चाहिए।” डॉ. वर्मा ने कहा कि नादौन सिविल अस्पताल में इस समय दस से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और निकट ही डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर राजनीतिक प्रदर्शन करने के बजाय जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक आवश्यकता अधिक है, वहां प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. जनक राज जनजातीय एवं दुर्गम भरमौर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। “यदि वास्तव में सेवा की भावना है तो भरमौर और पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की पहल की जानी चाहिए। वहां की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता भी अधिक रहती है। संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुमति लेकर वहां नियमित कैंप लगाएं तो उसका वास्तविक लाभ जनता को मिलेगा।” डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. जनक राज लंबे समय से चिकित्सा सेवा से जुड़े अवसरों को प्रचार का माध्यम बनाने की कोशिश करते रहे हैं। कभी सड़क किनारे मरीज देखने की तस्वीरें और कभी अन्य घटनाओं के फोटो सोशल मीडिया पर डालकर सुर्खियों में बने रहने का प्रयास किया जाता है। “जनसेवा कैमरे और सुर्खियों के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर रहकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित विधायक और वरिष्ठ चिकित्सक से अपेक्षा है कि वह कानून एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए उदाहरण प्रस्तुत करे। “नादौन में राजनीतिक तमाशा खड़ा करने के बजाय डॉ. जनक राज अपने विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान दें। चार वर्ष राजनीतिक नौटंकी में निकालने के बजाय शेष समय जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान में लगाएं।” बाइट — डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि विजिलेंस की जांच के लिए डॉक्टर जनक राज को इसलिए बुलाया गया है क्योंकि वह उसे समय अस्पताल के मेडिकल के सुपरिंटेंडेंट थे उन्होंने कहा कि विधायक मात्रा राजनीति करने के लिए कह रहे हैं कि भाजपा के विधायक को बुलाया गया है
- जब तक कुलपति नहीं आएंगे, तब तक भूख हड़ताल रहेगी जारी” — भवानी ठाकुर HPTU की समस्याओं को लेकर ABVP का आंदोलन तेज, छात्र हितों के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान हमीरपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यार्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ABVP विभाग संयोजक भवानी ठाकुर ने कहा कि “जब तक कुलपति नहीं आएंगे और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। जब तक समाधान नहीं, तब तक भोजन नहीं।” उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज करना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन केवल आश्वासनों से समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, लेकिन लंबे समय से विश्वविद्यालय में कुलपति एवं Dean के पद रिक्त हैं। करीब दो वर्ष का समय बीतने के बावजूद कुलपति की नियुक्ति न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय आएं तो वे अपनी बात आखिर किसके समक्ष रखें? विश्वविद्यालय के शीर्ष पदों का रिक्त रहना सीधे तौर पर प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करता है। विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें 1. कुलपति एवं Dean के रिक्त पद तत्काल भरे जाएं। HPTU में लंबे समय से रिक्त चल रहे Vice Chancellor एवं Dean के पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। 2. HPTU को Aided Institution बनाया जाए। Self-Finance मॉडल के कारण विद्यार्थियों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए विश्वविद्यालय को Aided Institution बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिल सके। 3. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं। विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करते हुए छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याओं एवं मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख सकें। 4. अंतिम सेमेस्टर में Tuition Fee पर स्थिति स्पष्ट की जाए। जब अंतिम सेमेस्टर में नियमित कक्षाएं नहीं लगती हैं, तो विद्यार्थियों से Tuition Fee किस आधार पर ली जा रही है, इसका स्पष्ट जवाब दिया जाए तथा विद्यार्थियों पर पड़ रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को समाप्त किया जाए। 5. विश्वविद्यालय कैंटीन शीघ्र शुरू की जाए। HPTU परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय कैंटीन को जल्द शुरू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परिसर में उचित एवं सुलभ भोजन की सुविधा मिल सके। भवानी ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगें किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी हुई नहीं हैं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय के हित से जुड़ी हैं। सरकार यदि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो उसे तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से विद्यार्थियों की आवाज उठाई है, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। केवल आश्वासन देकर विद्यार्थियों की आवाज को शांत नहीं किया जा सकता। ABVP ने सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विद्यार्थी परिषद छात्र हितों के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगी। “1
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- विभागीय कार्यालय में मेरा कोई हस्ताक्षर नहीं जनता के हितों की रक्षा करना मेरा कार्य सुजानपुर : सुजानपुर विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय कार्यालय में मेरा कोई हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा करना मेरा कार्य हैं।1
- पीजी कॉलेज बना भ्रष्टाचार का अड्डा, विधायक सतपाल सत्ती ने विजिलेंस जांच की उठाई मांग, बोले भाजपा की सरकार बनने पर हर मामले की होगी गहनता से जांच जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में वीरवार पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों में कांग्रेस समर्थित स्टाफ और नेता मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीजी कॉलेज में केवल पैसों का ही कथित हेरफेर नहीं हो रहा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि कॉलेज में परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं विद्यार्थियों को घर ले जाने के लिए दी जा रही हैं, ताकि वे घर से लिखकर ला सकें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से दो मुख्य विषयों पर जांच भी की जा रही है। उन्होंने कॉलेज के एग्जामिनेशन फंड, कंटीजेंसी फंड और सेल्फ फाइनेंस फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इन फंडों की राशि का बिना अनुमति दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीबीए और बीसीए के विद्यार्थियों की फीस में पांच हजार रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन पढ़ाने वाले अध्यापकों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि यदि अध्यापकों का वेतन बढ़ाया जाता तो कॉलेज को भारी-भरकम इनकम टैक्स नहीं चुकाना पड़ता। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज की ओर से करीब सवा दो करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में भरे जा चुके हैं, जबकि करीब 60 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के एक्सपोजर विजिट और टूर को लेकर भी कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाए। सत्ती ने आरोप लगाया कि ऊना के स्थानीय बेरोजगार ट्रांसपोर्टरों को मौका देने के बजाय कांगड़ा से ट्रैवल एजेंटों को बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कॉलेज परिसर में बने कमरों के आवंटन पर सवाल उठाते हुए सत्ती ने कहा कि नंगल में रहने वाले प्रोफेसरों के नाम पर कॉलेज में कमरे अलॉट किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कमरों में दिन और रात के समय कौन ठहरता है तथा वहां क्या गतिविधियां चलती हैं, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। सतपाल सत्ती ने चेतावनी दी कि कॉलेज के मुखिया और कथित अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ भाजपा की सरकार बनने पर विजिलेंस जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग सेवानिवृत्ति के बाद कार्रवाई से बचने की गलतफहमी में हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि रिटायरमेंट के बाद भी गिरफ्तारियां होती हैं, पेंशन रोकी जा सकती है और गलत तरीके से लिया गया पैसा वापस वसूला जा सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से हड़ताल कर रहे विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, बढ़ाई गई फीस तुरंत वापस लेने और कॉलेज में सामने आ रहे कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की।1
- ऊना कॉलेज में ABVP छात्रों की हड़ताल के चलते माहौल गरमा गया। छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने डटे रहे और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी। मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए और जल्द समाधान किया जाए।1
- दोस्तों हमें जरूरत है ईमानदार लड़के लड़कियां और महिलाओं की जो घर बैठे हमारे बिजनेस में काम कर सके और काम के हिसाब से लाखों रुपए घर बैठे कमाने का अवसर दोस्तों वेस्टीज कंपनी आपको दे रही है घर बैठे रोजगार का अवसर इस बिजनेस को आप घर बैठे अपने टाइम से कर सकते हैं और हमें आज पूरे हिमाचल से ईमानदार हाउसवाइफ स्टूडेंट और लड़कियां जो कि हमारे इस बिजनेस में पार्टिसिपेट कर सके और घर बैठे लाखों रुपए कमाने का अवसर उनको हम देने जा रहे हैं आज ही इस बिजनेस की जानकारी के लिए आप मुझे कॉल करें 98161 33991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश4
- झंडूता-भगेड़ सड़क पर HRTC और निजी बस में टक्कर, सड़क किनारे लटकी सरकारी बस झंडूता-भगेड़ सड़क पर गुरुवार को HRTC बस और निजी बस के बीच टक्कर हो गई। टक्कर के बाद HRTC बस अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लटक गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि HRTC बस सड़क से नीचे खाई में नहीं गिरी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था और जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका थी। हादसे में यात्रियों की स्थिति और नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ।1
- राजीव गांधी की जयंती पर हमीरपुर कांग्रेस ने अर्पित की श्रद्धांजलि,कहा कि देश मे कंप्यूटर क्रांति लाना का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है, हमीरपुर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर हमीरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया । इस दौरान मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीता वर्मा, कांग्रेस नेता डॉ पुष्पिंदर वर्मा सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के देश की एकता, अखंडता और विकास को याद किया । कांग्रेस नेता डॉ पुष्पिंदर वर्मा ने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती है। हमीरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को देश में कंप्यूटर क्रांति के अग्रदूत के रूप में जाना जाता है। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण और तकनीकी क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाइट डॉ पुष्पिंदर वर्मा कांग्रेस नेता वहीं, पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व विधायक अनीता वर्मा ने कहा कि राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर हमीरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के विचार और देश के प्रति उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आरक्षण देने, युवाओ को मत अधिकार को हक़ देने, पंचायतीराज संस्थाओ को धन मुहैया करवाने जैसे महत्वपूर्ण योगदान देने का काम उनके समय मे शुरू हुआ जिसके लिए आज सभी उन्हें याद करते हैं । उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। बाइट अनिता वर्मा पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष1