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स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सड़कों की गंभीर समस्या बताई है, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय यहाँ नहर बहती है और नदी जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। निवासियों ने इस समस्या के समाधान के लिए सड़कों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि बच्चे आसानी से स्कूल जा सकें।
Ramesh Prasad
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सड़कों की गंभीर समस्या बताई है, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय यहाँ नहर बहती है और नदी जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। निवासियों ने इस समस्या के समाधान के लिए सड़कों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि बच्चे आसानी से स्कूल जा सकें।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक बकरी चरवाहे का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। कल्याणपुर गांव के चौकी पुरवा लक्ष्मणपुर निवासी 45 वर्षीय अजय कोल, जो बकरी चराते थे, शुक्रवार शाम मछली पकड़ने की बात कहकर अपने घर से निकले थे। हालांकि, अजय रात 11 बजे तक भी वापस नहीं लौटे, जिसके बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे बरदहा नदी के फोहा घाट के पास एक बरगद के पेड़ पर उनका शव उनकी ही साफी के सहारे लटका हुआ पाया गया। इस सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।1
- चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील के अंतर्गत आने वाले कोलाउंहा गांव में भीषण गंदगी जमा हो गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव के निवासी गंदे नाले और नालियों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस स्थिति के लिए गांव के प्रधान, सचिव और उनके सफ़ाई कर्मचारी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे गांव सुधार के लिए किसी भी प्रकार से कार्यरत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव में साफ़-सफ़ाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। गांववालों ने कलेक्टर और उनकी टीम से इस गंभीर मुद्दे पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ताकि कोलाउंहा गांव को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) योजना के तहत, चित्रकूट सोनेपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके प्रभारी डॉक्टर पवन सिंह ने शनिवार दोपहर 12:00 बजे मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में यह केंद्र खुला हुआ है, जहाँ गंभीर रूप से कमजोर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें भर्ती बच्चे के साथ उसकी माँ और एक अटेंडेंट को भी निःशुल्क इलाज और भोजन प्रदान किया जाता है। डॉक्टर पवन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 45 बच्चों को केंद्र में भर्ती किया जा चुका है और यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, खासकर गर्मियों के कारण इसमें और वृद्धि होती है। पोषण पुनर्वास केंद्र में 28 दिन से लेकर 5 वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।3
- चित्रकूट में भरतदास बनाम रैपुरा दरोगा विवाद गहरा गया है, जहाँ भरतदास का रैपुरा थाने में तैनात एसआई रामकुमार दुबे के साथ बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में भरतदास द्वारा दरोगा को अपशब्द कहे जाने का आरोप है। इसके अलावा, ऑडियो के अंत में भरतदास एक महिला, जो वन विभाग की अध्यक्ष बताई जा रही हैं, उनके बारे में भी टिप्पणी करते हुए सुने जा रहे हैं, जिससे उनकी इज्जत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि यदि चित्रकूट पुलिस कानूनी रूप से चाहे तो इस ऑडियो में मौजूद पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर भरतदास के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, यहाँ तक कि उन्हें पचास लाठियां मार सकती है। हालांकि, ऐसा होने की संभावना से इनकार किया गया है, क्योंकि भरतदास की मुलाकात योगी आदित्यनाथ जी से हो चुकी है। UP Police और MYogiAdityanath को टैग करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने भरतदास की झूठी बातों में आकर चित्रकूट पुलिस और महिलाओं को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है, जिससे भरतदास द्वारा पुलिस और महिलाओं के प्रति किए गए अपमान पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।1
- बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद, वहाँ की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति एक ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें मौके की वास्तविक स्थिति और लोगों की राय जानने का प्रयास किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, धाम में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपना कार्य करने के लिए पर्याप्त सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसी वजह से, गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को भी आने-जाने में, भीड़ को नियंत्रित करने में, और अन्य सभी तरह की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकाश पाठक द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में इन गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है, और दर्शकों से इस पूरी स्थिति पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह भी किया गया है।1
- सतना के जिला अस्पताल के अंदर एक व्यक्ति अपनी बाइक लेकर पहली मंजिल तक पहुँच गया। बताया गया कि उसका एक गंभीर मरीज अस्पताल के पहली मंजिल पर भर्ती था, जिसे रीवा रेफर किया गया था। स्ट्रेचर समय पर न मिलने के कारण वह व्यक्ति पीछे के गेट से अस्पताल में घुस गया। वह रैंप के सहारे पहली मंजिल पर स्थित आइसोलेशन वार्ड तक पहुँच कर मरीज को बाइक पर ले जाने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मरीज की गंभीर हालत के चलते उसे बाइक पर नहीं ले जाया जा सका। यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि यह जिला अस्पताल है या सैर-सपाटे की जगह। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने तत्काल गंभीर मरीज को रीवा रेफर करवाया। इसके साथ ही उन्होंने उस व्यक्ति की बाइक जब्त करने का आदेश दिया और अस्पताल पुलिस चौकी को सूचित किया। इस लापरवाही के लिए गेट पर तैनात दो सुरक्षा कर्मियों को सेवा से पृथक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।1
- चित्रकूट में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व की नमाज के मद्देनजर जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कोतवाली कर्वी क्षेत्रान्तर्गत ईदगाहों और मस्जिदों का भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
- चित्रकूट में एक दोपहिया वाहन और कार के बीच हुई दुर्घटना में रामकुमार निवासी भौरी और उनके रिश्तेदार राधेश्याम निवासी पश्चिम शरीरा, जिला कौशाम्बी घायल हो गए। ये दोनों दोपहिया वाहन से कर्वी की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर चित्रकूट पुलिस यातायात पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में की गई। इस दौरान प्रभारी यातायात निरीक्षक श्री हरीराम यादव, आरक्षी रामकिशन और आरक्षी चन्द्रवीर ड्यूटी पर उपस्थित थे, जिन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1