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अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी महिलाओं की उचित भागीदारी की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने संसद घेराव के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के डीग से महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव भी शामिल हुईं। आंदोलन की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान की शपथ के साथ हुई, जिसके बाद सामाजिक न्याय और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जोरदार नारेबाजी की गई। डीग जिला अध्यक्ष स्वेता यादव ने कहा कि महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और यह आरक्षण तभी सार्थक होगा जब समाज के सभी वर्गों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जब तक उन्हें उनका पूर्ण अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक महिला कांग्रेस का यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इंदिरा गांधी भवन में आयोजित इस सभा में सचिन पायलट, ओबीसी के चेयरपर्सन, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और देशभर से आईं प्रदेश व जिला कार्यकारिणी की महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं, जिन्होंने समावेशी महिला आरक्षण के समर्थन में संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

5 hrs ago
user_Amardeep sain ripoter
Amardeep sain ripoter
Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
5 hrs ago

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी महिलाओं की उचित भागीदारी की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने संसद घेराव के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस

के बीच तीखी बहस हुई और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के डीग से महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव भी शामिल हुईं। आंदोलन की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान की शपथ के साथ हुई, जिसके बाद सामाजिक न्याय और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जोरदार नारेबाजी

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की गई। डीग जिला अध्यक्ष स्वेता यादव ने कहा कि महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और यह आरक्षण तभी सार्थक होगा जब समाज के सभी वर्गों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जब तक उन्हें

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उनका पूर्ण अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक महिला कांग्रेस का यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इंदिरा गांधी भवन में आयोजित इस सभा में सचिन पायलट, ओबीसी के चेयरपर्सन, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और देशभर से आईं प्रदेश व जिला कार्यकारिणी की महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं, जिन्होंने समावेशी महिला आरक्षण के समर्थन में संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

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  • डीग जिले में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा), जयपुर के तत्वाधान और निर्देशानुसार 'ट्रांसफ़ॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में गरिमापूर्ण विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), डीग द्वारा आयोजित इस अभियान की मुख्य थीम "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हाँ कहो — नशा कोई स्टाइल नहीं है, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो" रही। इस दौरान जिले के न्यायाधीशों ने स्कूल के बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए इससे दूर रहने और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का संदेश दिया। इस अभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हेमराज गौड़ जी तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राम किशन शर्मा जी के नेतृत्व में शिविर आयोजित किया गया, जहाँ लीगल डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। वहीं, राजकीय माध्यमिक विद्यालय दिदावली में प्रधान मजिस्ट्रेट (जे.जे.बी. बोर्ड) श्रीमती कुसुम मीणा ने बच्चों को नशे से दूर रहने और उसके दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। प्रेम भारती बीपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ विनोद कुमार शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय निगोही और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बंडा में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) श्री नमो नारायण मीणा ने शिविरों का आयोजन कर बच्चों को सही राह चुनने का संदेश दिया। शिविरों में सभी न्यायाधीशों ने एक स्वर में स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने की हिदायत दी और कहा कि नशा कोई स्टाइल नहीं है, इसलिए वे अपनी ऊर्जा और ध्यान को अपने सपनों को पूरा करने और भविष्य को सुरक्षित बनाने में लगाएं। इन आयोजित शिविरों में विभिन्न विद्यालयों के संस्थाप्रधान, शिक्षकगण, पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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    डीग जिले में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा), जयपुर के तत्वाधान और निर्देशानुसार 'ट्रांसफ़ॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में गरिमापूर्ण विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), डीग द्वारा आयोजित इस अभियान की मुख्य थीम "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हाँ कहो — नशा कोई स्टाइल नहीं है, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो" रही। इस दौरान जिले के न्यायाधीशों ने स्कूल के बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए इससे दूर रहने और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का संदेश दिया।

इस अभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हेमराज गौड़ जी तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राम किशन शर्मा जी के नेतृत्व में शिविर आयोजित किया गया, जहाँ लीगल डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। वहीं, राजकीय माध्यमिक विद्यालय दिदावली में प्रधान मजिस्ट्रेट (जे.जे.बी. बोर्ड) श्रीमती कुसुम मीणा ने बच्चों को नशे से दूर रहने और उसके दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। प्रेम भारती बीपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ विनोद कुमार शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय निगोही और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बंडा में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) श्री नमो नारायण मीणा ने शिविरों का आयोजन कर बच्चों को सही राह चुनने का संदेश दिया।

शिविरों में सभी न्यायाधीशों ने एक स्वर में स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने की हिदायत दी और कहा कि नशा कोई स्टाइल नहीं है, इसलिए वे अपनी ऊर्जा और ध्यान को अपने सपनों को पूरा करने और भविष्य को सुरक्षित बनाने में लगाएं। इन आयोजित शिविरों में विभिन्न विद्यालयों के संस्थाप्रधान, शिक्षकगण, पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • मथुरा में ब्रज प्रेस क्लब द्वारा जिलाधिकारी श्री चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री श्लोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपकर फर्जी पत्रकारों और वाहनों पर अवैध रूप से "प्रेस" लिखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने आश्वस्त किया है कि जिला सूचना अधिकारी, पुलिस के एसपी स्तर और गुप्तचर विभाग के माध्यम से अलग-अलग स्तर पर इसकी जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि सघन चेकिंग के बाद फर्जी पत्रकार जेल जाएंगे, वहीं एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि एसपी स्तर पर जांच होने के बाद ही पास बनाए जाएंगे। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता और जवाबदेही को लेकर की गई महत्वपूर्ण टिप्पणी के बाद ब्रज प्रेस क्लब ने यह कदम उठाया है। ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने कहा कि न्यायालय की टिप्पणी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए गैर-जिम्मेदार तत्वों पर अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज मोबाइल और माइक्रोफोन लेकर कोई भी खुद को पत्रकार बताने लगता है, जिसके पास न तो कोई प्रशिक्षण होता है और न ही समाज के प्रति जवाबदेही। उन्होंने साफ किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष या वास्तविक पत्रकारों के खिलाफ नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, चौथ वसूली और लूटमार करने वाले अपराधियों को बेनकाब करने के लिए है। यह विशेष अभियान जुलाई के अंतिम सप्ताह से पूरे ब्रज क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से चलाया जाएगा। पत्रकारों ने जिला प्रशासन को बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ब्रजभूमि को पत्रकारिता के भेष में छुपे अपराधियों और ब्लैकमेलरों से बचाना, अपने धर्मस्थलों की रक्षा करना और आने वाले वीआईपी की सुरक्षा को खतरे से बचाना है। डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने ब्रज क्षेत्र के सभी प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े सच्चे पत्रकारों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है ताकि पत्रकारिता की साख और इज्जत की रक्षा की जा सके।
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    मथुरा में ब्रज प्रेस क्लब द्वारा जिलाधिकारी श्री चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री श्लोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपकर फर्जी पत्रकारों और वाहनों पर अवैध रूप से "प्रेस" लिखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने आश्वस्त किया है कि जिला सूचना अधिकारी, पुलिस के एसपी स्तर और गुप्तचर विभाग के माध्यम से अलग-अलग स्तर पर इसकी जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि सघन चेकिंग के बाद फर्जी पत्रकार जेल जाएंगे, वहीं एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि एसपी स्तर पर जांच होने के बाद ही पास बनाए जाएंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता और जवाबदेही को लेकर की गई महत्वपूर्ण टिप्पणी के बाद ब्रज प्रेस क्लब ने यह कदम उठाया है। ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने कहा कि न्यायालय की टिप्पणी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए गैर-जिम्मेदार तत्वों पर अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज मोबाइल और माइक्रोफोन लेकर कोई भी खुद को पत्रकार बताने लगता है, जिसके पास न तो कोई प्रशिक्षण होता है और न ही समाज के प्रति जवाबदेही। उन्होंने साफ किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष या वास्तविक पत्रकारों के खिलाफ नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, चौथ वसूली और लूटमार करने वाले अपराधियों को बेनकाब करने के लिए है।

यह विशेष अभियान जुलाई के अंतिम सप्ताह से पूरे ब्रज क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से चलाया जाएगा। पत्रकारों ने जिला प्रशासन को बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ब्रजभूमि को पत्रकारिता के भेष में छुपे अपराधियों और ब्लैकमेलरों से बचाना, अपने धर्मस्थलों की रक्षा करना और आने वाले वीआईपी की सुरक्षा को खतरे से बचाना है। डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने ब्रज क्षेत्र के सभी प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े सच्चे पत्रकारों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है ताकि पत्रकारिता की साख और इज्जत की रक्षा की जा सके।
    user_Jitendra Thakur
    Jitendra Thakur
    Local News Reporter Govardhan, Mathura•
    1 hr ago
  • मथुरा जिले में फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा की जा रही उगाही की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल पत्रकारिता के पेशे को बदनाम कर रहा है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग महज एक माइक और फर्जी आईडी कार्ड लेकर घूमते हैं और उगाही, ब्लैकमेलिंग व अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने गंभीर आरोप लगाया कि कई अपराधी और माफिया भी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए पत्रकारों के भेष में घूम रहे हैं। इन फर्जी पत्रकारों के पास न तो कोई योग्यता होती है और न ही कोई अनुभव, लेकिन वे मीडिया के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने का काम करते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मंगलवार को जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुलाकात के बाद पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन अब असली पत्रकारों की आड़ में छिपे फर्जी लोगों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाएगा। इसके साथ ही, फर्जी आईडी कार्ड बनाने और उन्हें वितरित करने वाले गिरोहों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उपमन्यु ने सभी असली पत्रकारों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है ताकि इस पेशे को बदनाम करने वालों के खिलाफ मिलकर आवाज उठाई जा सके। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके पास किसी फर्जी पत्रकार की जानकारी है, तो वे तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
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    मथुरा जिले में फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा की जा रही उगाही की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल पत्रकारिता के पेशे को बदनाम कर रहा है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग महज एक माइक और फर्जी आईडी कार्ड लेकर घूमते हैं और उगाही, ब्लैकमेलिंग व अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने गंभीर आरोप लगाया कि कई अपराधी और माफिया भी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए पत्रकारों के भेष में घूम रहे हैं। इन फर्जी पत्रकारों के पास न तो कोई योग्यता होती है और न ही कोई अनुभव, लेकिन वे मीडिया के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने का काम करते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मंगलवार को जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

मुलाकात के बाद पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन अब असली पत्रकारों की आड़ में छिपे फर्जी लोगों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाएगा। इसके साथ ही, फर्जी आईडी कार्ड बनाने और उन्हें वितरित करने वाले गिरोहों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उपमन्यु ने सभी असली पत्रकारों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है ताकि इस पेशे को बदनाम करने वालों के खिलाफ मिलकर आवाज उठाई जा सके। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके पास किसी फर्जी पत्रकार की जानकारी है, तो वे तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
    user_Rajesh lawaniya
    Rajesh lawaniya
    Local News Reporter गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • राजस्थान के मारवाड़ में आउवा रेलवे स्टेशन के निकट एक अज्ञात ट्रेन से गिरने के कारण एक यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रेलवे पिलर संख्या 446 के पास हुआ। आउवा स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर मारवाड़ जंक्शन जीआरपी थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने एक निजी वाहन की मदद से मृतक के शव को राजकीय अस्पताल मारवाड़ जंक्शन की मोर्चरी में रखवाया है। जीआरपी थाना अधिकारी देवाराम देवासी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले यात्री की पहचान फलोदी के टेकरा गांव निवासी छैल सिंह के रूप में हुई है। जीआरपी पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के मारवाड़ जंक्शन पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और इसके बाद शव उन्हें सुपुर्द किया जाएगा।
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    राजस्थान के मारवाड़ में आउवा रेलवे स्टेशन के निकट एक अज्ञात ट्रेन से गिरने के कारण एक यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रेलवे पिलर संख्या 446 के पास हुआ। आउवा स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर मारवाड़ जंक्शन जीआरपी थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने एक निजी वाहन की मदद से मृतक के शव को राजकीय अस्पताल मारवाड़ जंक्शन की मोर्चरी में रखवाया है।

जीआरपी थाना अधिकारी देवाराम देवासी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले यात्री की पहचान फलोदी के टेकरा गांव निवासी छैल सिंह के रूप में हुई है। जीआरपी पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के मारवाड़ जंक्शन पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और इसके बाद शव उन्हें सुपुर्द किया जाएगा।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • देवी इंदुलेखा ने श्री बांके बिहारी मंदिर सेवायतों पर लगाए गंभीर आरोप देवी इंदुलेखा ने श्री बांके बिहारी मंदिर सेवायतों पर लगाए गंभीर आरोप
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    देवी इंदुलेखा ने श्री बांके बिहारी मंदिर सेवायतों पर लगाए गंभीर आरोप
देवी इंदुलेखा ने श्री बांके बिहारी मंदिर सेवायतों पर लगाए गंभीर आरोप
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    24 min ago
  • अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी महिलाओं की उचित भागीदारी की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने संसद घेराव के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के डीग से महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव भी शामिल हुईं। आंदोलन की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान की शपथ के साथ हुई, जिसके बाद सामाजिक न्याय और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जोरदार नारेबाजी की गई। डीग जिला अध्यक्ष स्वेता यादव ने कहा कि महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और यह आरक्षण तभी सार्थक होगा जब समाज के सभी वर्गों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जब तक उन्हें उनका पूर्ण अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक महिला कांग्रेस का यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इंदिरा गांधी भवन में आयोजित इस सभा में सचिन पायलट, ओबीसी के चेयरपर्सन, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और देशभर से आईं प्रदेश व जिला कार्यकारिणी की महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं, जिन्होंने समावेशी महिला आरक्षण के समर्थन में संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
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    अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी महिलाओं की उचित भागीदारी की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने संसद घेराव के लिए मार्च निकाला, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

इस कार्यक्रम में राजस्थान के डीग से महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव भी शामिल हुईं। आंदोलन की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान की शपथ के साथ हुई, जिसके बाद सामाजिक न्याय और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जोरदार नारेबाजी की गई। डीग जिला अध्यक्ष स्वेता यादव ने कहा कि महिला आरक्षण में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और यह आरक्षण तभी सार्थक होगा जब समाज के सभी वर्गों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिलेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जब तक उन्हें उनका पूर्ण अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक महिला कांग्रेस का यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इंदिरा गांधी भवन में आयोजित इस सभा में सचिन पायलट, ओबीसी के चेयरपर्सन, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और देशभर से आईं प्रदेश व जिला कार्यकारिणी की महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं, जिन्होंने समावेशी महिला आरक्षण के समर्थन में संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • गोवर्धन: वन विभाग की लापरवाही से परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर गिरी डाली, श्रद्धालुओं में आक्रोश गोवर्धन: वन विभाग की लापरवाही से परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर गिरी डाली, श्रद्धालुओं में आक्रोश गोवर्धन | मुडिया पूर्णिमा से कुछ दिन पहले ही गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर वन विभाग की लापरवाही एक श्रद्धालु महिला पर भारी पड़ गई। परिक्रमा मार्ग पर हरे पेड़ों की छंटाई का काम चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण एक बड़ी डाली सीधे परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर आ गिरी। घटना के समय महिला जमीन पर गिर गई और कई मिनट तक वहीं बैठी रही। गनीमत रही कि महिला को गंभीर चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वन विभाग छंटाई का काम कर रहा था। वहां एक भी आदमी खड़ा नहीं किया गया था कि जो परिक्रमा दे रहे हैं उन्हें रोका जाए। पेड़ काटते समय डाली सीधे महिला के सिर पर गिर गई। वो उसके नीचे दबते-बचते बचीं। ये सीधी लापरवाही है। पहले आगे-पीछे लोगों को रोकना चाहिए था, बताना चाहिए था कि यहां से मत निकलो। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि परिक्रमा मार्ग पर जब तक छंटाई का काम चले, तब तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए, ताकि आगे कोई बड़ी दुर्घटना न हो। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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    गोवर्धन: वन विभाग की लापरवाही से परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर गिरी डाली, श्रद्धालुओं में आक्रोश

गोवर्धन: वन विभाग की लापरवाही से परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर गिरी डाली, श्रद्धालुओं में आक्रोश
गोवर्धन | मुडिया पूर्णिमा से कुछ दिन पहले ही गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर वन विभाग की लापरवाही एक श्रद्धालु महिला पर भारी पड़ गई। परिक्रमा मार्ग पर हरे पेड़ों की छंटाई का काम चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण एक बड़ी डाली सीधे परिक्रमा कर रही महिला के सिर पर आ गिरी।
घटना के समय महिला जमीन पर गिर गई और कई मिनट तक वहीं बैठी रही। गनीमत रही कि महिला को गंभीर चोट नहीं आई। 
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वन विभाग छंटाई का काम कर रहा था। वहां एक भी आदमी खड़ा नहीं किया गया था कि जो परिक्रमा दे रहे हैं उन्हें रोका जाए। पेड़ काटते समय डाली सीधे महिला के सिर पर गिर गई। वो उसके नीचे दबते-बचते बचीं। ये सीधी लापरवाही है। पहले आगे-पीछे लोगों को रोकना चाहिए था, बताना चाहिए था कि यहां से मत निकलो।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि परिक्रमा मार्ग पर जब तक छंटाई का काम चले, तब तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए, ताकि आगे कोई बड़ी दुर्घटना न हो।
फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।
    user_Raju kashyap
    Raju kashyap
    पत्रकार गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    5 min ago
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