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प्रयागराज के बाबूगंज बहरिया क्षेत्र में एक किसान ने ट्रैक्टर से जुताई की बढ़ती लागत के कारण अपने पुराने बैलों का उपयोग करके खेतों की जुताई और धान की रोपाई शुरू की है। यह दृश्य, जो अब काफी समय बाद देखने को मिला है, लोगों के लिए बेहद खुशी का पल बन गया है। इस पारंपरिक विधि को देखकर लोग हर्षित हैं और इसे पुरानी परंपरा के जीवित रहने का प्रतीक मान रहे हैं। किसान और इस पहल के समर्थक व्यापक रूप से अपील कर रहे हैं कि इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि यह सभी दर्शकों तक पहुँच सके, और इस चैनल को सब्सक्राइब करके इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा किया जाए।
Priyanshu Pal
प्रयागराज के बाबूगंज बहरिया क्षेत्र में एक किसान ने ट्रैक्टर से जुताई की बढ़ती लागत के कारण अपने पुराने बैलों का उपयोग करके खेतों की जुताई और धान की रोपाई शुरू की है। यह दृश्य, जो अब काफी समय बाद देखने को मिला है, लोगों के लिए बेहद खुशी का पल बन गया है। इस पारंपरिक विधि को देखकर लोग हर्षित हैं और इसे पुरानी परंपरा के जीवित रहने का प्रतीक मान रहे हैं। किसान और इस पहल के समर्थक व्यापक रूप से अपील कर रहे हैं कि इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि यह सभी दर्शकों तक पहुँच सके, और इस चैनल को सब्सक्राइब करके इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा किया जाए।
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- प्रयागराज के बाबूगंज बहरिया क्षेत्र में एक किसान ने ट्रैक्टर से जुताई की बढ़ती लागत के कारण अपने पुराने बैलों का उपयोग करके खेतों की जुताई और धान की रोपाई शुरू की है। यह दृश्य, जो अब काफी समय बाद देखने को मिला है, लोगों के लिए बेहद खुशी का पल बन गया है। इस पारंपरिक विधि को देखकर लोग हर्षित हैं और इसे पुरानी परंपरा के जीवित रहने का प्रतीक मान रहे हैं। किसान और इस पहल के समर्थक व्यापक रूप से अपील कर रहे हैं कि इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि यह सभी दर्शकों तक पहुँच सके, और इस चैनल को सब्सक्राइब करके इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा किया जाए।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के बोट क्लब स्थित प्रेरणा स्थल पर तीन महापुरुषों की मूर्तियों का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है और अभी और विकास होना बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रयागराज में स्थापित की गई इन तीनों महापुरुषों की मूर्तियों से युवाओं को यह प्रेरणा मिलेगी कि वे अपने जीवन में अपने धर्म और देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेरणा स्थल पार्क का भी उद्घाटन किया।3
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बगहा में बीती रात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली। यह घटना सुबह परिवार के सदस्यों के जागने पर सामने आई, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात चोर घर में पीछे के रास्ते से घुसे थे, जब परिवार के लोग घर के दूसरे हिस्से में सो रहे थे। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर उनमें रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। चोरी हुए सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। सुबह जब परिवारजनों की नींद खुली तो उन्हें कमरे का सामान बिखरा हुआ और अलमारी के ताले टूटे हुए मिले। तत्काल इसकी सूचना मेजा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। इस घटना के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी में शामिल चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। मेजा पुलिस ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि घटना की जांच सक्रिय रूप से की जा रही है। पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही इस चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।2
- देश के सबसे VIP संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बरसात होने के बाद वहाँ के रेलवे स्टेशन की स्थिति सामने आई।1
- रेणुकूट के पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कॉलोनी में वर्षों से रह रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई लोगों को मकान खाली करने का नोटिस सौंपा गया, जिसके बाद कॉलोनी सहित पूरे नगर में हड़कंप मच गया है। अन्य परिवारों में भी अपने घर खाली करने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सिविल विभाग के अधिशासी अभियंता अविनाश सिंह ने बताया कि पिपरी नगर में रह रहे लगभग 250 लोग पीपी एक्ट से संबंधित मुकदमा हार चुके हैं, और उनके विरुद्ध उप जिलाधिकारी न्यायालय से बेदखली का आदेश जारी हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित लोगों को पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। इसी क्रम में सोमवार को दुद्धी के तहसीलदार अंजनी गुप्ता और नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार ने फ़ोर्स की उपस्थिति में 10 लोगों को अंतिम नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कॉलोनी के निवासियों में बेचैनी बढ़ गई है। कुछ नोटिस पाने वाले लोगों ने बताया कि वे दो-तीन दिनों के भीतर ही मकान खाली करने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अन्य परिवारों को भी जल्द नोटिस मिलने की आशंका सता रही है, जिससे पूरे नगर में दहशत और असमंजस का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि पिपरी नगर में भूमि स्वामित्व को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है। इस क्षेत्र की जमीन पर वन विभाग, रिहंद बांध से जुड़े सिंचाई विभाग और उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड अलग-अलग स्तर पर अपना-अपना दावा करते रहे हैं। इसी विवादित भूमि पर वर्षों से हजारों लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। अब न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा शुरू की गई बेदखली की कार्रवाई ने एक बार फिर इस पुराने भूमि विवाद को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से निवास करने के बावजूद अब अचानक बेदखली की कार्रवाई से उनके सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन कराना उसकी जिम्मेदारी है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। नोटिस वितरण शुरू होने के बाद पूरे पिपरी नगर में लोगों की भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।1
- प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र स्थित उस्तापुर-छतनाग वार्ड संख्या-45 से नागेश्वर भदकार जाने वाले मार्ग पर 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन का खुला और नीचे लटकता हाईटेंशन तार स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि राम बहादुर यादव के घर के सामने लगे बिजली विभाग के लोहे के पोल से जुड़े तीनों हाईटेंशन तार 25 अप्रैल 2025 से ही खुले हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसकी जानकारी स्थानीय पार्षद शिव नारायण यादव ने भी अधिकारियों को दी थी। ग्रामीणों के अनुसार, खुले तारों के कारण लोहे के पोल में भी करंट उतर आता है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उनका दावा है कि इस करंट की चपेट में आकर कई कुत्तों की मौत भी हो चुकी है। यह मार्ग उस्तापुर, छतनाग और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को स्थानीय निवासी इंद्रजीत, महेश, अमर सिंह, मुलायम यादव, दीपांशु यादव, गुंजन यादव और रितेश यादव ने विद्युत विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर खुले तारों की मरम्मत करने, पोल को सुरक्षित करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। वहीं, चीफ इंजीनियर प्रयागराज अशोक कुमार ने बताया है कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है और इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र समाधान की मांग दोहराई है।4
- प्रयागराज स्थित एजी ऑफिस में हाल ही में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह कार्यालय के उन 28 कर्मचारियों को समर्पित था, जो अपनी सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए हैं। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।1
- प्रयागराज जिले के हरदुआ रामपुर गांव में ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते एक बड़ा रेल हादसा टल गया। गांव निवासी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि शाम करीब 4:30 बजे वह अपने घर के सामने खड़े थे, तभी एक मालगाड़ी के गुजरने के दौरान तेज आवाज के साथ पटरी में लगी एक क्लिप उछलकर दूर जा गिरी। मौके पर जाकर देखने पर उन्होंने पाया कि रेलवे पटरी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें एक बड़ा गैप बन गया था। घटना की गंभीरता को समझते हुए, सुशील कुमार शर्मा ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। इसी बीच, उनके साथी सुरेश कुमार ने बिना देरी किए एक लाल रुमाल लेकर रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर आने वाली किसी भी ट्रेन को रुकने का संकेत देना शुरू कर दिया, ताकि कोई अनहोनी न हो। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना मिलते ही रेलवे के कर्मचारी, आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेलवे कर्मचारियों ने लगभग एक घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत कर ट्रैक को सुरक्षित रूप से रेल संचालन के लिए दोबारा तैयार कर दिया। ग्रामीणों की इस त्वरित कार्रवाई और समय पर सूचना देने के कारण एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया।1