बड़े लक्ष के लिए बड़े समर्पण की होती है जरूर राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह उनके लिए राष्ट्रवाद का अर्थ केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं था, बल्कि एक ऐसी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था का निर्माण था जहाँ समानता, न्याय और आधुनिकता हो। वे भारत के पारंपरिक गौरव को आधुनिक विज्ञान और समाजवादी दृष्टिकोण के साथ जोड़कर देखना चाहते थे। उन्होने कहा कि गांधीजी के नेतृत्व में अहिंसक असहयोग आंदोलन अपनी जगह एक महान प्रयोग था, लेकिन सुभाष बाबू का मानना था कि हर ऐतिहासिक परिस्थिति की अपनी मांग होती है। उनका स्पष्ट मत था कि क्रूर और साम्राज्यवादी ब्रिटिश सत्ता केवल नैतिक दबाव से नहीं झुकेगी। श्री सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं-एक ऐसा विचार जो अन्याय के सामने झुकने से इंकार करता है, जो असंभव को संभव बनाने का माद्दा रखता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रोफेसर सौम्य सेन गुप्ता ने संगोष्ठी के विभिन्न पक्षों पर विस्तार पूर्वक अपना मत रखें। संगोष्ठी की दूसरी मुख्य वक्ता डॉक्टर अनीता सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद समावेशी राष्ट्रवाद है। सबको साथ लेकर चलने वाला सिद्धांत है। वैश्विक परिदृश्य में सुभाष चंद्र बोस ने भारत को दुनिया में शीर्ष स्थान दिलाया। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर पवन कुमार राय ने कहा कि सत्य को खोजना महत्वपूर्ण नहीं है, सत्य को लागू करना कठिन है। हिटलर जैसे तानाशाह से नेताजी ने भारत के लोगों को भारतीय होने का एहसास कराया। अन्याय के प्रति प्रतिकार का गुण सुभाष चंद्र बोस से सीखा जा सकता है। डॉ विनोद कुमार ने कहा कि आज सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व का अभाव है, उस व्यक्तित्व को छात्रों में उतरने की नसीहत दी। डॉ प्रवीण कुमार शर्मा गोष्टी के विभिन्न पक्षों पर अपना मत रखें। संस्था के प्राचार्य प्रोफेसर सतीश चंद्र गौड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल, आज और भविष्य के लिए प्रासंगिक है और रहेंगे। नेताजी का राष्ट्रवाद गुलामी से मुक्ति का नहीं बल्कि सर्वांगीण आजादी का सिद्धांत है। डॉ दिनेश कुमार शर्मा ने आभार ज्ञापन एवं कुशल संचालन किया। स्वागत भाषण पुस्तकालय अध्यक्ष राजेश धर द्विवेदी ने की। संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन गोष्ठी के संयोजक डॉक्टर प्रदीप कुमार रंजन ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। संस्थान की छात्रों द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। आयोजक मंडल में अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र एवं बैच लगाकर सम्मानित किया। सेमिनार के द्वितीय सत्र में प्रथम वक्ता के रूप में डॉ. धीरज कुमार, किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपना शोध तक पत्र प्रस्तुत किया जिसके अंतर्गत उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के वेदान्तिक राष्ट्रवाद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रभावित एवं प्रेरित था। अगले वक्ता डॉ. पुनीत यादव किरोड़ीमल कॉलेज , यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऊपर बनने वाली फिल्मों के माध्यम से जीवनी उजागर किया गया है उसके बारे में श्रोताओं को अवगत कराया। उनके अनुसार उनकी अधूरी कहानी को फिल्मकारों द्वारा विभिन्न तरीकों से फिल्मों में पेश किया गया है। इन्होंने सुभाष चंद्र बोस के इंडियन वैल्यू बेस्ड राष्ट्रवाद कि व्याख्या की। अगले वक्ता डॉ बृजेश कुमार शुक्ला जी ने सुभाष चंद्र बोस के सामने साम्यवाद और राष्ट्रवाद और समाजवाद के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के निडर लीडर सीप की उनकी भूमिका को स्पष्ट किया।वही प्रवीण शाही शिव प्रसाद आदि
बड़े लक्ष के लिए बड़े समर्पण की होती है जरूर राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह उनके लिए राष्ट्रवाद का अर्थ केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं था, बल्कि एक ऐसी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था का निर्माण था जहाँ समानता, न्याय और आधुनिकता हो। वे भारत के पारंपरिक गौरव को आधुनिक विज्ञान और समाजवादी दृष्टिकोण के साथ जोड़कर देखना चाहते थे। उन्होने कहा कि गांधीजी के नेतृत्व में अहिंसक असहयोग आंदोलन अपनी जगह एक महान प्रयोग था, लेकिन सुभाष बाबू का मानना था कि हर ऐतिहासिक परिस्थिति की अपनी मांग होती है। उनका स्पष्ट मत था कि क्रूर और साम्राज्यवादी ब्रिटिश सत्ता केवल नैतिक दबाव से नहीं झुकेगी। श्री सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं-एक ऐसा विचार जो अन्याय के सामने झुकने से इंकार करता है, जो असंभव को संभव बनाने का माद्दा रखता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रोफेसर सौम्य सेन गुप्ता ने संगोष्ठी के विभिन्न पक्षों पर विस्तार पूर्वक अपना मत रखें। संगोष्ठी की दूसरी मुख्य वक्ता डॉक्टर अनीता सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद समावेशी राष्ट्रवाद है। सबको साथ लेकर चलने वाला सिद्धांत है। वैश्विक परिदृश्य में सुभाष चंद्र बोस ने भारत को दुनिया में शीर्ष स्थान दिलाया। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर पवन कुमार राय ने कहा कि सत्य को खोजना महत्वपूर्ण नहीं है, सत्य को लागू करना कठिन है। हिटलर जैसे तानाशाह से नेताजी ने भारत के लोगों को भारतीय होने का एहसास कराया। अन्याय के प्रति प्रतिकार का गुण सुभाष चंद्र बोस से सीखा जा सकता है। डॉ विनोद कुमार ने कहा कि आज सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व का अभाव है, उस व्यक्तित्व को छात्रों में उतरने की नसीहत दी। डॉ प्रवीण कुमार शर्मा गोष्टी के विभिन्न पक्षों पर अपना मत रखें। संस्था के प्राचार्य प्रोफेसर सतीश चंद्र गौड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल, आज और भविष्य के लिए प्रासंगिक है और रहेंगे। नेताजी का राष्ट्रवाद गुलामी से मुक्ति का नहीं बल्कि सर्वांगीण आजादी का सिद्धांत है। डॉ दिनेश कुमार शर्मा ने आभार ज्ञापन एवं कुशल संचालन किया। स्वागत भाषण पुस्तकालय अध्यक्ष राजेश धर द्विवेदी ने की। संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन गोष्ठी के संयोजक डॉक्टर प्रदीप कुमार रंजन ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। संस्थान की छात्रों द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। आयोजक मंडल में अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र एवं बैच लगाकर सम्मानित किया। सेमिनार के द्वितीय सत्र में प्रथम वक्ता के रूप में डॉ. धीरज कुमार, किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपना शोध तक पत्र प्रस्तुत किया जिसके अंतर्गत उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के वेदान्तिक राष्ट्रवाद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रभावित एवं प्रेरित था। अगले वक्ता डॉ. पुनीत यादव किरोड़ीमल कॉलेज , यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऊपर बनने वाली फिल्मों के माध्यम से जीवनी उजागर किया गया है उसके बारे में श्रोताओं को अवगत कराया। उनके अनुसार उनकी अधूरी कहानी को फिल्मकारों द्वारा विभिन्न तरीकों से फिल्मों में पेश किया गया है। इन्होंने सुभाष चंद्र बोस के इंडियन वैल्यू बेस्ड राष्ट्रवाद कि व्याख्या की। अगले वक्ता डॉ बृजेश कुमार शुक्ला जी ने सुभाष चंद्र बोस के सामने साम्यवाद और राष्ट्रवाद और समाजवाद के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के निडर लीडर सीप की उनकी भूमिका को स्पष्ट किया।वही प्रवीण शाही शिव प्रसाद आदि
- श्री ठाकुर जी मंदिर पर जन्माष्टमी छठिहार के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन सिकंदरपुर (बलिया)।नगर के मोहल्ला भिखपुरा स्थित श्री ठाकुर जी मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के छठिहार के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत सिकंदरपुर के भावी चेयरमैन प्रत्याशी गणेश प्रसाद सोनी रहे। उन्होंने फीता काटकर भंडारे का शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण में सहभागिता की। इस अवसर पर गणेश प्रसाद सोनी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सेवा का संदेश देते हैं। कहा कि मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होकर श्रद्धालुओं की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सभी पर बनी रहे और नगर क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि कायम रहे। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मंदिर समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- पांच दिन बैंकिंग की मांग पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का आंदोलन, मांग पूरी नहीं हुई तो 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी देवरिया। पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। इसके विरोध में कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक राधा रमण झा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता पांच वर्षों के लिए होता है। पिछले वर्ष हुए द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट में 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को शामिल करते हुए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से लंबित है और इस संबंध में सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि हड़ताल टालने के लिए सरकार की ओर से बैंक यूनियनों से बातचीत भी की गई, लेकिन 5-डे बैंकिंग व्यवस्था कब से लागू की जाएगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई। ऐसे में कर्मचारियों ने हड़ताल वापस नहीं लेने का निर्णय लिया। बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो इसी महीने 28, 29 और 30 सितंबर को फिर से हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर अक्टूबर से देशभर में व्यापक आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक कर्मचारियों का दावा है कि आगामी हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं के साथ एटीएम सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों ने सरकार से 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग पर जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है।1
- भटनी साहोपार रेलवे अंडरपास के ऊपर रेलवे लाइन पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन सेकट कर एक युवक की मौत हो गई बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान चांदपार का निवासी भटनी साहोपार रेलवे अंडरपास के ऊपर रेलवे लाइन पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन सेकट कर एक युवक की मौत हो गई बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान चांदपार का निवासी1
- कासिया बाईपास से गोरखपुर रोड दोपहर 2 से 3 स्कूल की छुट्टी एवं बड़ी गाड़ियों के आवागमन से रोड होता है पूरी तरह जाम, जिम्मेदार मौन देवरिया ब्रेकिंग- अगर आप दोपहर 2 से 3 बजे कसिया बाईपास से गोरखपुर रोड जाना चाहते हैं तो रहे सावधान उस दौरान इस रोड पर स्कूल की छुट्टी होने के कारण और बड़ी गाड़ियों के आवागमन के वजह से रोड हो जाता है बिल्कुल जाम एम्बुलेंस और जरूरी कार्य के लोगों को जाने में रहती है दिक्कत, स्कूल संचालक और जिम्मेदार पूरी तरह रहते हैं मौन हो सकती है बड़ी दुर्घटना रहे सावधान !1
- दरौली प्रखंड की दोन पंचायत स्थित दलित बस्ती में बुधवार की रात उस समय हड़कंप मच गया।जब ग्रामीणों ने लगभग 40 किलो वजन का एक विशाल अजगर देखा। अजगर मिलने की सूचना मिलते ही अली अहमद (बहारन) और मृत्युंजय कुमार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी सावधानी बरतते हुए मच्छरदानी, लाठी-डंडे और अन्य आवश्यक साधनों का इस्तेमाल कर अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे बोरे में सुरक्षित रखकर रेस्क्यू किया गया।घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम, सीवान, अंचलाधिकारी तथा दरौली थाना को दी गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अजगर को निजी वाहन से वन विभाग, दरौली के अधिकारियों को सौंप दिया। दरौली प्रखंड की दोन पंचायत स्थित दलित बस्ती में बुधवार की रात उस समय हड़कंप मच गया।जब ग्रामीणों ने लगभग 40 किलो वजन का एक विशाल अजगर देखा। अजगर मिलने की सूचना मिलते ही अली अहमद (बहारन) और मृत्युंजय कुमार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी सावधानी बरतते हुए मच्छरदानी, लाठी-डंडे और अन्य आवश्यक साधनों का इस्तेमाल कर अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे बोरे में सुरक्षित रखकर रेस्क्यू किया गया।घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम, सीवान, अंचलाधिकारी तथा दरौली थाना को दी गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अजगर को निजी वाहन से वन विभाग, दरौली के अधिकारियों को सौंप दिया।1
- यातायात नियम तोड़ने वालों पर चला पुलिस का डंडा, 143 वाहनों के चालान, दो सीज देवरिया, 10 सितंबर 2026। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस ने गुरुवार को शहर क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान रोडवेज बस स्टैंड पर सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने और उतारने वाले वाहनों के खिलाफ नो-पार्किंग में चालान किया गया। वहीं सिविल लाइन रोड पर मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर बुलेट चलाने वाले वाहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान किया गया और वाहन में लगा मोडिफाइड साइलेंसर निकलवाया गया। इसी क्रम में राघव नगर रोड पर सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ नो-पार्किंग में चालान की कार्रवाई की गई। इसके अलावा देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड लेजर गन के माध्यम से तेज गति से वाहन चलाने वालों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 143 वाहनों का चालान किया गया, जबकि दो वाहनों को सीज किया गया। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, नो-पार्किंग व प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन न खड़ा करने तथा सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि नियमों का पालन सड़क पर वाहन चालक के साथ-साथ अन्य राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।3
- भाटपार रानी, नीव खुदाई के दौरान मिट्टी गिरने से मजदूर की हुई मौत1
- साइबर ठगी के 7 लाख में से 3.69 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस बलिया।। थाना मनियर पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से निकाली गई धनराशि में से 3,69,240 रुपये वापस करा दिए। यह धनराशि माननीय न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई गई। पुलिस के अनुसार, अहिरौली पाण्डेय निवासी मोतीलाल हरिजन के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से कुल 7 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। मामले में थाना मनियर पर मु0अ0सं0 170/2021 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में ठगी की रकम में से 3,69,240 रुपये होल्ड करा लिए थे। प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त होल्ड धनराशि को पीड़ित के खाते में वापस करने का आदेश दिया गया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने 3,69,240 रुपये मोतीलाल हरिजन के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मनियर स्थित खाते में वापस करा दिए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने बलिया पुलिस एवं थाना मनियर पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सराहना की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी)/नोडल साइबर सेल संजय वर्मा के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के मार्गदर्शन तथा थानाध्यक्ष मनियर अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उ0नि0 धनन्जय सिंह, क0आ0 मनोज कुमार प्रजापति, का0 आदर्श मिश्रा, का0 सूर्यप्रकाश यादव, का0 अक्षय शुक्ला एवं म0का0 अनामिका शामिल रहे।1
- आंगनवाड़ी केंद्रों पर गूंजेगा पोषण का संदेश, शुरू हुआ राष्ट्रीय पोषण माह 8 अक्टूबर तक चलेंगे जागरूकता और पोषण से जुड़ी गतिविधियां, कुपोषण के खिलाफ सामुदायिक सहभागिता पर जोर देवरिया। जिले में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष इसकी थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। शुभारंभ कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास के लिए सामुदायिक सहभागिता को जरूरी बताया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों और उनके परिवारों को संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा ने बताया कि पूरे माह जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित कर पोषण सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और कुपोषण की रोकथाम के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। पौष्टिक व्यंजन से लेकर पोषण मेले तक होंगे आयोजन पोषण माह के दौरान स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक व्यंजन बनाने का प्रदर्शन, पोषण मेले, प्रोटीनयुक्त आहार के प्रति जागरूकता और पोषण वाटिका की उपज के उपयोग जैसी गतिविधियां होंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा पका भोजन उपलब्ध कराने, साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन देने तथा भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विकास और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के तहत अभिभावक-बाल गतिविधियां, कहानी वाचन, चित्रकारी, कविता, खेल और प्रारंभिक उद्दीपन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शून्य से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए संशोधित होम विजिट शेड्यूल के अनुसार उनके विकासात्मक मील के पत्थरों की निगरानी की जाएगी और जरूरत के अनुसार अभिभावकों को परामर्श दिया जाएगा। समितियां करेंगी भोजन और योजनाओं की निगरानी आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और मातृ समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रों पर SNP मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित करने के साथ भोजन की गुणवत्ता और मात्रा की निगरानी की जाएगी। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास होगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं का चिन्हांकन, पंजीकरण, लंबित प्रकरणों की समीक्षा और लाभ का शीघ्र हस्तांतरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से टीकाकरण, प्रसवपूर्व जांच, वीएचएसएनडी, अन्नप्राशन दिवस और गोद भराई दिवस जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण माह को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने पोषण माह की गतिविधियों को सफल बनाने तथा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता का संकल्प लिया।1