पांच दिन बैंकिंग की मांग पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का आंदोलन, मांग पूरी नहीं हुई तो 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी देवरिया। पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। इसके विरोध में कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक राधा रमण झा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता पांच वर्षों के लिए होता है। पिछले वर्ष हुए द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट में 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को शामिल करते हुए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से लंबित है और इस संबंध में सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि हड़ताल टालने के लिए सरकार की ओर से बैंक यूनियनों से बातचीत भी की गई, लेकिन 5-डे बैंकिंग व्यवस्था कब से लागू की जाएगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई। ऐसे में कर्मचारियों ने हड़ताल वापस नहीं लेने का निर्णय लिया। बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो इसी महीने 28, 29 और 30 सितंबर को फिर से हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर अक्टूबर से देशभर में व्यापक आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक कर्मचारियों का दावा है कि आगामी हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं के साथ एटीएम सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों ने सरकार से 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग पर जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है।
पांच दिन बैंकिंग की मांग पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का आंदोलन, मांग पूरी नहीं हुई तो 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी देवरिया। पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। इसके विरोध में कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक राधा रमण झा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता पांच वर्षों के लिए होता है। पिछले वर्ष हुए द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट में 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को शामिल करते हुए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से लंबित है और इस संबंध में सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि हड़ताल टालने के लिए सरकार की ओर से बैंक यूनियनों से बातचीत भी की गई, लेकिन 5-डे बैंकिंग व्यवस्था कब से लागू की जाएगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई। ऐसे में कर्मचारियों ने हड़ताल वापस नहीं लेने का निर्णय लिया। बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो इसी महीने 28, 29 और 30 सितंबर को फिर से हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर अक्टूबर से देशभर में व्यापक आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक कर्मचारियों का दावा है कि आगामी हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं के साथ एटीएम सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों ने सरकार से 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग पर जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है।
- भटनी साहोपार रेलवे अंडरपास के ऊपर रेलवे लाइन पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन सेकट कर एक युवक की मौत हो गई बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान चांदपार का निवासी भटनी साहोपार रेलवे अंडरपास के ऊपर रेलवे लाइन पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन सेकट कर एक युवक की मौत हो गई बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान चांदपार का निवासी1
- कासिया बाईपास से गोरखपुर रोड दोपहर 2 से 3 स्कूल की छुट्टी एवं बड़ी गाड़ियों के आवागमन से रोड होता है पूरी तरह जाम, जिम्मेदार मौन देवरिया ब्रेकिंग- अगर आप दोपहर 2 से 3 बजे कसिया बाईपास से गोरखपुर रोड जाना चाहते हैं तो रहे सावधान उस दौरान इस रोड पर स्कूल की छुट्टी होने के कारण और बड़ी गाड़ियों के आवागमन के वजह से रोड हो जाता है बिल्कुल जाम एम्बुलेंस और जरूरी कार्य के लोगों को जाने में रहती है दिक्कत, स्कूल संचालक और जिम्मेदार पूरी तरह रहते हैं मौन हो सकती है बड़ी दुर्घटना रहे सावधान !1
- बड़े लक्ष के लिए बड़े समर्पण की होती है जरूर राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह उनके लिए राष्ट्रवाद का अर्थ केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं था, बल्कि एक ऐसी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था का निर्माण था जहाँ समानता, न्याय और आधुनिकता हो। वे भारत के पारंपरिक गौरव को आधुनिक विज्ञान और समाजवादी दृष्टिकोण के साथ जोड़कर देखना चाहते थे। उन्होने कहा कि गांधीजी के नेतृत्व में अहिंसक असहयोग आंदोलन अपनी जगह एक महान प्रयोग था, लेकिन सुभाष बाबू का मानना था कि हर ऐतिहासिक परिस्थिति की अपनी मांग होती है। उनका स्पष्ट मत था कि क्रूर और साम्राज्यवादी ब्रिटिश सत्ता केवल नैतिक दबाव से नहीं झुकेगी। श्री सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं-एक ऐसा विचार जो अन्याय के सामने झुकने से इंकार करता है, जो असंभव को संभव बनाने का माद्दा रखता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रोफेसर सौम्य सेन गुप्ता ने संगोष्ठी के विभिन्न पक्षों पर विस्तार पूर्वक अपना मत रखें। संगोष्ठी की दूसरी मुख्य वक्ता डॉक्टर अनीता सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद समावेशी राष्ट्रवाद है। सबको साथ लेकर चलने वाला सिद्धांत है। वैश्विक परिदृश्य में सुभाष चंद्र बोस ने भारत को दुनिया में शीर्ष स्थान दिलाया। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर पवन कुमार राय ने कहा कि सत्य को खोजना महत्वपूर्ण नहीं है, सत्य को लागू करना कठिन है। हिटलर जैसे तानाशाह से नेताजी ने भारत के लोगों को भारतीय होने का एहसास कराया। अन्याय के प्रति प्रतिकार का गुण सुभाष चंद्र बोस से सीखा जा सकता है। डॉ विनोद कुमार ने कहा कि आज सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व का अभाव है, उस व्यक्तित्व को छात्रों में उतरने की नसीहत दी। डॉ प्रवीण कुमार शर्मा गोष्टी के विभिन्न पक्षों पर अपना मत रखें। संस्था के प्राचार्य प्रोफेसर सतीश चंद्र गौड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल, आज और भविष्य के लिए प्रासंगिक है और रहेंगे। नेताजी का राष्ट्रवाद गुलामी से मुक्ति का नहीं बल्कि सर्वांगीण आजादी का सिद्धांत है। डॉ दिनेश कुमार शर्मा ने आभार ज्ञापन एवं कुशल संचालन किया। स्वागत भाषण पुस्तकालय अध्यक्ष राजेश धर द्विवेदी ने की। संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन गोष्ठी के संयोजक डॉक्टर प्रदीप कुमार रंजन ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। संस्थान की छात्रों द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। आयोजक मंडल में अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र एवं बैच लगाकर सम्मानित किया। सेमिनार के द्वितीय सत्र में प्रथम वक्ता के रूप में डॉ. धीरज कुमार, किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपना शोध तक पत्र प्रस्तुत किया जिसके अंतर्गत उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के वेदान्तिक राष्ट्रवाद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्रवाद स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रभावित एवं प्रेरित था। अगले वक्ता डॉ. पुनीत यादव किरोड़ीमल कॉलेज , यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऊपर बनने वाली फिल्मों के माध्यम से जीवनी उजागर किया गया है उसके बारे में श्रोताओं को अवगत कराया। उनके अनुसार उनकी अधूरी कहानी को फिल्मकारों द्वारा विभिन्न तरीकों से फिल्मों में पेश किया गया है। इन्होंने सुभाष चंद्र बोस के इंडियन वैल्यू बेस्ड राष्ट्रवाद कि व्याख्या की। अगले वक्ता डॉ बृजेश कुमार शुक्ला जी ने सुभाष चंद्र बोस के सामने साम्यवाद और राष्ट्रवाद और समाजवाद के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के निडर लीडर सीप की उनकी भूमिका को स्पष्ट किया।वही प्रवीण शाही शिव प्रसाद आदि1
- अपराध से अर्जित 53.89 लाख की संपत्ति पर पुलिस की कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट के आरोपित का मकान कुर्क मऊ। अपराध से अर्जित धन से बनवाए गए मकान पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के आरोपित मो. खालिद अंसार की करीब 53.89 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। यह कार्रवाई गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर चलाए जा रहे “अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रहार” अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी घोसी सत्येंद्र भूषण तिवारी के निर्देशन में कोपागंज थानाध्यक्ष रोहन राकेश सिंह की टीम ने 11 सितंबर को कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मो. खालिद अंसार पुत्र स्व. हाजी अंसार निवासी करीमुद्दीनपुर, घोसी के विरुद्ध थाना घोसी में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। जिला मजिस्ट्रेट मऊ के 13 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में तहसीलदार घोसी अनीश सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी में संपत्ति कुर्क की गई। कुर्क संपत्ति मौजा वार्ड संख्या 08 करीमुद्दीनपुर दक्षिणी, भवन संख्या 0419 में स्थित 2640 वर्गफीट आवासीय क्षेत्रफल का एक मंजिला मकान है। इसकी वर्तमान अनुमानित कीमत 53,89,372 रुपये आंकी गई है।3
- SSP गौरव ग्रोवर की बड़ी कार्रवाई, 32 चौकी प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदले अयोध्या जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में शुक्रवार को बड़ा फेरबदल किया गया। SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने 32 चौकी प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई तैनाती की है। नई तैनाती अयोध्या, कैंट, नगर कोतवाली के अलावा रौनाही, महाराजगंज, गोसाईगंज, बीकापुर, तारुन, हैदरगंज, इनायतनगर, कुमारगंज, खंडासा, रुदौली, बाबा बाजार और पटरंगा क्षेत्र में की गई है। रोहित कुमार पाण्डेय को फतेहगंज, संदीप कुमार को लक्ष्मणघाट और अभिषेक कुमार को हसन कटरा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। किरनपाल को मीरनघाट की जिम्मेदारी मिली है। मनीष तिवारी को सहादतगंज और शुभम सिंह को सदर बाजार चौकी भेजा गया है। पंकज सिंह औद्योगिक क्षेत्र और मनोज कुमार मठ शिवाला चौकी के प्रभारी बनाए गए हैं। पूराकलंदर क्षेत्र में जितेन्द्र कुमार को छतिरवा चौकी प्रभारी बनाया गया है। रौनाही में आलोक कुमार सिंह को सतीचौरा, सत्यम अग्रवाल को रामनगर और हिमांशु सिंह को जननापुर चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। महाराजगंज में कमलेश कुमार को तमसा घाट रुस्तमाबाद और कमल सिंह को अरवत चौकी प्रभारी बनाया गया है। गोसाईगंज में प्रिंस सिंह को अमसिन और अरुण कुमार को दिलासीगंज चौकी की जिम्मेदारी मिली है। जंग बहादुर को कोछा बाजार, प्रवीण सिंह को गुनौर, विकास कुमार मौर्य को गयासपुर और अंशुल वर्मा को भोपा डुहिया चौकी प्रभारी बनाया गया है। इनायतनगर में राहुल कुमार यादव को आस्तीकन धाम चौकी की जिम्मेदारी मिली है। कुमारगंज में राजेश कुमार गुप्ता को बीसा का पुरवा तिन्दौली चौकी प्रभारी बनाया गया है। खंडासा में प्रशांत पाण्डेय को खंडासा, गौरव सिंह को अमरगंज और राजेंद्र प्रसाद को अघियारी चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। रुदौली में स्तुति गुप्ता को ऐहार और देवेंद्र कुमार त्रिपाठी को दलसराय चौकी प्रभारी बनाया गया है। बाबा बाजार में आकिल हुसैन को हंसराजपुर और विपिन कुमार मौर्य को रैछ चौकी की जिम्मेदारी मिली है। पटरंगा में सौरभ सिंह को हाईवे प्रथम (गंगरेला) और प्रतिक्षा को दिवाली चौकी प्रभारी बनाया गया है। वहीं प्रभात कुमार द्विवेदी को मवई चौराहा चौकी की जिम्मेदारी दी गई है।1
- देर रात दिल्ली में लैंड हुआ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जहाज #VladimirPutin | Vladimir Putin | #Putin | #BRICS | BRICS Summit 2026 देर रात दिल्ली में लैंड हुआ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जहाज #VladimirPutin | Vladimir Putin | #Putin | #BRICS | BRICS Summit 20261
- आंगनवाड़ी केंद्रों पर गूंजेगा पोषण का संदेश, शुरू हुआ राष्ट्रीय पोषण माह 8 अक्टूबर तक चलेंगे जागरूकता और पोषण से जुड़ी गतिविधियां, कुपोषण के खिलाफ सामुदायिक सहभागिता पर जोर देवरिया। जिले में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष इसकी थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। शुभारंभ कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास के लिए सामुदायिक सहभागिता को जरूरी बताया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों और उनके परिवारों को संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा ने बताया कि पूरे माह जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित कर पोषण सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और कुपोषण की रोकथाम के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। पौष्टिक व्यंजन से लेकर पोषण मेले तक होंगे आयोजन पोषण माह के दौरान स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक व्यंजन बनाने का प्रदर्शन, पोषण मेले, प्रोटीनयुक्त आहार के प्रति जागरूकता और पोषण वाटिका की उपज के उपयोग जैसी गतिविधियां होंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा पका भोजन उपलब्ध कराने, साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन देने तथा भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विकास और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के तहत अभिभावक-बाल गतिविधियां, कहानी वाचन, चित्रकारी, कविता, खेल और प्रारंभिक उद्दीपन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शून्य से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए संशोधित होम विजिट शेड्यूल के अनुसार उनके विकासात्मक मील के पत्थरों की निगरानी की जाएगी और जरूरत के अनुसार अभिभावकों को परामर्श दिया जाएगा। समितियां करेंगी भोजन और योजनाओं की निगरानी आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और मातृ समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रों पर SNP मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित करने के साथ भोजन की गुणवत्ता और मात्रा की निगरानी की जाएगी। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास होगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं का चिन्हांकन, पंजीकरण, लंबित प्रकरणों की समीक्षा और लाभ का शीघ्र हस्तांतरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से टीकाकरण, प्रसवपूर्व जांच, वीएचएसएनडी, अन्नप्राशन दिवस और गोद भराई दिवस जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण माह को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने पोषण माह की गतिविधियों को सफल बनाने तथा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता का संकल्प लिया।1
- भाटपार रानी, नीव खुदाई के दौरान मिट्टी गिरने से मजदूर की हुई मौत1
- तीन हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में दो दिनों से चल रही वार्ता विफल होने के बाद बैंक कर्मियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। करीब 3 हजार बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं। जिससे 500 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।हड़ताल में जिले के स्टेट बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के करीब 3000 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए हैं। यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात यूनियनें शामिल हैं। आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि यूएफबीयू की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग, बैंक अधिकारियों के लिए प्रस्तावित पीएलआई की समान योजना, आइडीबीआई के विदेशीकरण पर रोक और पेंशन अपडेशन शामिल हैं। यूएफबीयू के संयोजक यूपीएन सिंह ने बताया कि 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल भी प्रस्तावित है। मांगें नहीं मानी गईं तो अक्टूबर के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है। इसमें श्रेयांश श्रीवास्तव, बजरंग कुमार गुप्ता, प्रशांत शुक्ला शामिल रहे।1