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राजगढ़ जिले के सारंगपुर के बागकुआ क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार की मां और बेटी ने अपनी जान दे दी। 30 वर्षीय विवाहिता बेटी शीतल ने सेप्टिक टैंक में कूदकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसकी 55 वर्षीय मां ने घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद, एक छोटा बच्चा कमरे में रोता हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। एसडीओपी अरविंद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि बेटी के ससुराल में विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह तनाव में थी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया है और अब मामले की हर पहलू से गहन जाँच की जा रही है।
Jagdish nagar
राजगढ़ जिले के सारंगपुर के बागकुआ क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार की मां और बेटी ने अपनी जान दे दी। 30 वर्षीय विवाहिता बेटी शीतल ने सेप्टिक टैंक में कूदकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसकी 55 वर्षीय मां ने घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद, एक छोटा बच्चा कमरे में रोता हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। एसडीओपी अरविंद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि बेटी के ससुराल में विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह तनाव में थी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया है और अब मामले की हर पहलू से गहन जाँच की जा रही है।
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- मध्य प्रदेश के सारंगपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। प्रत्येक विभाग ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, पात्र हितग्राहियों के आवेदन लिए और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान, कृषि विभाग ने फार्मर आईडी रजिस्ट्री के 117 और कृषक ई-केवाईसी के 94 प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय सलाह दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, साथ ही अंत्येष्टि सहायता योजना में 47 हितग्राहियों और अनुग्रह सहायता योजना में 15 पात्र परिवारों को लाभ दिया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र और लाभ भी वितरित किए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के पहले दिन, 16 जून को, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कौशल और समाज निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त सेतु है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है, समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को अपनाते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे, और जन कल्याण शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले, जनपद पंचायत सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में ग्राम गोविंदा में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां आकाशीय बिजली गिरने से 60 वर्षीय भवरलाल पाल की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि भवरलाल पाल गांव में एक पेड़ के पास खड़े थे, तभी अचानक बिजली की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सूचना मिलने पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की और शाम करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस घटना के बाद मोहन बड़ोदिया के पोस्टमार्टम कक्ष की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। पोस्टमार्टम कक्ष में बिजली व्यवस्था न होने के कारण चिकित्सकीय प्रक्रिया टॉर्च की रोशनी में पूरी करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम रूम वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जहां खिड़की-दरवाजों की उचित व्यवस्था नहीं है और छत भी खस्ताहाल है, इसके बावजूद अब तक नए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। यह पोस्टमार्टम कक्ष न केवल मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र बल्कि सलसलाई थाना क्षेत्र के मामलों का भी पोस्टमार्टम करता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र नवीन और सुविधायुक्त पोस्टमार्टम रूम के निर्माण की मांग की है।1
- झालावाड़ जिले के चांदपुरा भीलान में श्री राम महायज्ञ और राम जानकी मंदिर में मूर्ति स्थापना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में 1101 मंगल कलश और 101 गंगा जल कलश की झांकी निकाली गई, जिसमें ग्रामवासियों ने नाच-गान के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी का आनंद लिया। ग्राम पंचायत चांदपुरा भीलान के निवासियों ने इस कार्यक्रम को आनंद और उत्साह के साथ संपन्न किया।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र के बामन गांव में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे एक निर्माणाधीन कुआं अचानक धंस गया। इस हादसे में कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) की मां रूपा बाई (60) और पत्नी पिंकी बाई (30) मिट्टी में दब गईं। बचाव दल ने एक महिला के शव को मलबे से बाहर निकाल लिया है, जबकि दूसरी महिला की तलाश अभी भी जारी है। जानकारी के अनुसार, मुकेश कोट अपने खेत में एक पुराने कुएं का पुनर्निर्माण करा रहे थे। खुदाई के बाद कुएं की बाउंड्री आरसीसी से बनाई गई थी, जिसका निर्माण कार्य मंगलवार को पूरा हो गया था। आरसीसी को मजबूती देने के लिए कुएं के चारों ओर की जमीन को गीला किया गया था। बुधवार को मुकेश कोट की मां रूपा बाई और पत्नी पिंकी बाई निर्माणाधीन कुएं को देखने खेत पहुंची थीं। कुएं के पास रखी बिखरी हुई गिट्टी को व्यवस्थित करते समय, कुएं के आसपास की मिट्टी अचानक धंस गई, जिससे दोनों महिलाएं करीब 25 फीट गहरे कुएं में मिट्टी के साथ समा गईं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। मिट्टी हटाने के लिए चार जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और 45 से अधिक लोगों का एक दल रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है। घटनास्थल पर विधायक हजारीलाल दांगी, जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले और एसडीएम अंकिता जैन भी पहुंचे। गांव में लोगों की भारी भीड़ जमा है और घटना से मातम छा गया है।3
- शाजापुर में नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 जानिसारों की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाला गम का महीना मोहर्रम-उल-हराम पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो गया है। मोहर्रम की पहली तारीख बुधवार को शहर में एक रूहानी और तारीखी मंजर देखने को मिला, जब इमाम हुसैन की वफादार सवारी की याद में एशिया का सबसे बड़ा शाही शबीह-ए-दुलदुल हुसैनी चौक की तरफ रवाना हुआ। यह मुकद्दस शबीह-ए-दुलदुल, जो शहर के इमामबाड़े से अकीदतमंदों के कंधों पर सवार होकर 'या हुसैन' की सदाओं के बीच हुसैनी चौक पहुंचा, अब वहां मुकाम दिया गया है, जहाँ शहर के अकीदतमंद लगातार हाजिरी देकर जियारत का शरफ हासिल करेंगे। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी सैयद आफताब अली ने बताया कि 5 मोहर्रम से शहर में जुलूसों का सिलसिला बाकायदा तौर पर शुरू हो जाएगा। ये तमाम जुलूस सदर इमरान खरखरे की सदारत में निकाले जाएंगे। इन जुलूसों में शबीह-ए-दुलदुल, बुर्राक और ताजियों के कारवां मुख्य रूप से शामिल होंगे, जहाँ अकीदतमंद कर्बला के शहीदों को अपना खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे। दुलदुल को मुकाम देते समय मोहर्रम कमेटी सदर इमरान खरखरे, शमीम शम्मू, अकरम ठेकेदार, सबदर भाई, सलीम भाई, सोहराब भाई सहित समाजजन मौजूद थे।9
- इंदौर के पिपलिया ग्राम में पहली ही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मात्र एक घंटे की जोरदार बारिश से पूरा गांव जलमग्न हो गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक मकान के अचानक ढह जाने से सास-बहू मलबे में दब गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक हजारीलाल दांगी और शासन-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँच गए। दोनों शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।1