गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। यह हादसा वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास हुआ, जब बांसवाड़ा से सूरत जा रही बालाजी ट्रैवल्स की लग्जरी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मृतकों में एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वडोदरा फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। राहत एवं बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस से वडोदरा के एसएसजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। इस दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने या लापरवाही बरतने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने राजस्थान और गुजरात के यात्रियों में शोक की लहर दौड़ा दी है।
गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। यह हादसा वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास हुआ, जब बांसवाड़ा से सूरत जा रही बालाजी ट्रैवल्स की लग्जरी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मृतकों में एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वडोदरा फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। राहत एवं बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस से वडोदरा के एसएसजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। इस दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने या लापरवाही बरतने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने राजस्थान और गुजरात के यात्रियों में शोक की लहर दौड़ा दी है।
- राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की सलूम्बर जिला कार्यकारिणी और छह उपशाखाओं की ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक में नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हुआ। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस चुनावी प्रक्रिया में भानू प्रताप सिंह चुण्डावत को निर्विरोध जिलाध्यक्ष और नितेश सुथार को निर्विरोध जिला कोषाध्यक्ष चुना गया। यह निर्वाचन तत्कालीन जिलाध्यक्ष शंकर लाल कुम्हार के प्रदेश मंत्री मनोनीत होने और जिला कोषाध्यक्ष नन्द किशोर नागदा के स्वास्थ्य कारणों से त्यागपत्र देने के बाद रिक्त हुए पदों को भरने के लिए किया गया। चुनाव पर्यवेक्षक उदयपुर जिलाध्यक्ष कमलेश सेन और निर्वाचन अधिकारी डूंगरपुर जिलाध्यक्ष राहुल रोत की देखरेख में लोकतांत्रिक तरीके से प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश मंत्री शंकर लाल कुम्हार ने उदयपुर और सलूम्बर जिले में अपने 11 साल के जिलाध्यक्षीय अनुभव और संगठन की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने नई कार्यकारिणी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए संगठन में एकता और सबको साथ लेकर चलने की महत्ता पर जोर दिया। पदभार ग्रहण करने के बाद नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह चुण्डावत ने आश्वासन दिया कि संगठन पूरी मजबूती और गति से काम करेगा, तथा सदस्यों के हितों की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। नवनियुक्त जिला कोषाध्यक्ष नितेश सुथार ने संगठनात्मक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए कोष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सलूम्बर एक नया जिला होने के कारण हर गतिविधि के लिए बजट की आवश्यकता है, और इस संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2026 की मांग और पुरानी बकाया राशि को शीघ्र जमा कराने पर चर्चा की। चुनावी बैठक में डूंगरपुर जिला मंत्री दिनेशचंद्र यादव, डूंगरपुर उपाध्यक्ष सूरजमल मीणा, सलूम्बर जिला उपाध्यक्ष मीना भंवरा, जिला मंत्री राजेंद्र मीणा और संगठन मंत्री दिव्या मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लसाडिया ब्लॉक मंत्री लोकेश पुजारी ने किया।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत मालवीया ने भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।1
- डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जबकि जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकारी योजनाओं के विषय में बताया। इस दौरान, परिवहन विभाग ने 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए पास बनवाने हेतु आवेदन स्वीकार किए, और आसपुर विधायक उमेश मीणा ने सभी संबंधित विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के लिए पाबंद किया। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग एवं आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या के साथ-साथ समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- डूंगरपुर के गेजी घाटा चौरासी में 19 जून को एक घटना हुई।1
- एक वार्ड/मोहल्ले में बुनियादी समस्याओं के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जहाँ ग्रामीणों के स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत प्रशासन और सभी सम्मानित सदस्यों का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समस्याओं में मुख्य रूप से जल निकासी के लिए नालियों का अभाव शामिल है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और लोगों के घरों में घुस रहा है। इसके अलावा, आबादी के पास ही एक डंपिंग यार्ड बना दिया गया है जिससे लगातार बदबू और बीमारियां फैल रही हैं; इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक और गंभीर चिंता का विषय आंगनवाड़ी केंद्र की जर्जर इमारत है, जो पूरी तरह टूट रही है और उसमें बड़ी दरारें हैं। जुलाई में सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में बच्चों के साथ किसी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने सचिव महोदय और सरपंच महोदय से करबद्ध प्रार्थना की है कि वे राजनीति और खोखले दावों से हटकर इन जमीनी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।1
- बासिया धर्मेला तालाब के किनारे स्थित एक बिना मुंडेर वाले कुएं में करीब दो दिनों से फंसी एक गौमाता को ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता और गौसेवा की अद्भुत मिसाल पेश की। गाय कुएं में गिरने के बाद से ही बाहर निकलने के लिए लगातार संघर्ष कर रही थी। इस घटना का पता तब चला जब वहां से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर कुएं में गिरी गाय पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड, विकेश कोटेड, आशीष कोटेड, कीर्ति डोडीयार, अक्षय डोडीयार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सियों का इंतजाम किया और गाय को कुएं से बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत और सभी के एकजुट प्रयासों के बाद, गाय को सफलतापूर्वक कुएं से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस बचाव कार्य के दौरान गाय को कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस सफल अभियान के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और ग्रामीणों के गौसेवा के इस कार्य की सराहना की। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि समय पर सूचना मिलने और सभी के सक्रिय सहयोग के कारण ही एक बेजुबान पशु की जान बचाई जा सकी। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि क्षेत्र में खुले एवं बिना मुंडेर वाले सभी कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पशुओं के साथ-साथ आमजन भी सुरक्षित रह सकें।3
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मालमाथा में 'टेफ आदिवासी प्रतिभा सम्मान समारोह 2026' का सफल आयोजन हुआ। यह समारोह टेफ (ट्राइबल एम्प्लाइज फेडरेशन) ब्लॉक बिछीवाड़ा एवं अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज में शिक्षा का प्रसार, सामाजिक जागरूकता लाना और होनहार युवाओं को प्रेरित करना था। समारोह की अध्यक्षता टेफ ब्लॉक बिछीवाड़ा के अध्यक्ष कांतिलाल खोखर ने की, जबकि टेफ प्रदेशाध्यक्ष दिनेश खानन मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी पुरखाई शक्ति के समक्ष माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इसमें कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों, जेईई एडवांस और नीट में चयनित होने वाले विद्यार्थियों, प्रशासनिक सेवाओं में चुने गए युवाओं, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों, नियमित रक्तदान करने वाले रक्तवीरों और राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट गाइड्स को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। संस्था को आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का भी माला और साफा पहनाकर आभार व्यक्त किया गया। मुख्य अतिथि दिनेश खानन ने युवाओं से विद्यार्थी जीवन में एक निश्चित लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने और धैर्य के साथ सफलता अर्जित करने का आह्वान किया। अध्यक्ष कांतिलाल खोखर ने बताया कि संगठन पिछले 4 वर्षों से प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ 'निशुल्क कोचिंग' के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र कुमार वरहात ने विद्यार्थियों को रूढ़िवादिता, धार्मिक अंधविश्वासों और पाखंड से दूर रहकर 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण' के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने और तार्किक बनने के लिए प्रेरित किया। समारोह में गौतमलाल कोटेड, राकेश बरगोट, जगदीश बरगोत, डॉ. बाबूलाल डामोर, लक्ष्मण डामोर, प्रशांत पंडवाला, सोहन भगोरा, रामलाल भगोरा, मगन भगोरा, कृष्णलाल पंडवाला, विक्रम दू्हा, अजीत विहात सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों छात्र, अभिभावक, शिक्षक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी दिलीप वरहात, सतीश बरंडा, सुरेश वरहात और नरेश कलासुआ ने निभाई, जबकि बाबूलाल खोखर और प्रवीण भगोरा ने मंच का संचालन किया। अंत में बंशीलाल कोटेड ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। यह जानकारी पंकज ढूंढा और मुकेश ननोमा द्वारा दी गई।1
- महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बांसवाड़ा में उस समय जबरदस्त उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी वहां पहुंचे। उनके समर्थकों और क्षत्रिय समाज ने उनका भव्य स्वागत किया, जबकि युवा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जोश और उत्साह के साथ कंधों पर उठाकर सम्मान दिया। इस दौरान 'महाराणा प्रताप अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विधायक भाटी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, संघर्ष और स्वाभिमान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन और युवा मौजूद थे, जिससे पूरे आयोजन में एक उत्सव जैसा माहौल बन गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने की अपील की गई।1
- बांसवाड़ा से डूंगरपुर होकर गुजरात के सूरत जा रही बालाजी ट्रेवल्स की एक स्लीपर बस तड़के करीब 3:30 बजे वडोदरा शहर के कोटंबी स्टेडियम के पास सड़क पर खड़ी एक ट्रक में जा घुसी, जिससे एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में नौ साल के एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान पिंकी भाटिया (36), विनोद नरेश डामोर (30), मुकेश जीवाजी डिंडोर (34), प्रीत हितेश भाटिया (9), महेंद्र कुमार भोगीलाल पंड्या (68), हरजिंगभाई वलजीभाई कटारा (30) और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इनमें कई लोग डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के हैं। हादसे के बाद कई यात्री बस में फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। मामूली रूप से घायल मरीजों को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर घायलों और मृतकों को एसएसजी अस्पताल ले जाया गया। घायलों में पिंकी रावल, मनीषा रावल, रामचंद्र डोरिया, शिल्पा पाटीदार, महेंद्र कटारा, आशीष यादव, आशीष कटारा, बंसीलाल राणे, जीवराजभाई, गुंजनबेन, नाराचया, पिंटू चरपोट, विजय कटारा, भेरूलाल मीना, सीमा यादव, सागर कटारा, भगवती भाई, कल्पेश गौर, पैलबेन नाई, शील, सुरेशभाई डिंडोर, रमेशभाई, पंकजभाई चरपोट, कमलेशभाई कटारा और मायाबेन पाटीदार सहित अन्य यात्री शामिल हैं। फिलहाल हादसे की सही वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटाकर बहाल कर दिया गया। घटना के बाद बस में यात्रा करने वाले यात्रियों के परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे अपनों की कुशलक्षेम जानने का प्रयास कर रहे हैं।2