राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की सलूम्बर जिला कार्यकारिणी और छह उपशाखाओं की ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक में नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हुआ। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस चुनावी प्रक्रिया में भानू प्रताप सिंह चुण्डावत को निर्विरोध जिलाध्यक्ष और नितेश सुथार को निर्विरोध जिला कोषाध्यक्ष चुना गया। यह निर्वाचन तत्कालीन जिलाध्यक्ष शंकर लाल कुम्हार के प्रदेश मंत्री मनोनीत होने और जिला कोषाध्यक्ष नन्द किशोर नागदा के स्वास्थ्य कारणों से त्यागपत्र देने के बाद रिक्त हुए पदों को भरने के लिए किया गया। चुनाव पर्यवेक्षक उदयपुर जिलाध्यक्ष कमलेश सेन और निर्वाचन अधिकारी डूंगरपुर जिलाध्यक्ष राहुल रोत की देखरेख में लोकतांत्रिक तरीके से प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश मंत्री शंकर लाल कुम्हार ने उदयपुर और सलूम्बर जिले में अपने 11 साल के जिलाध्यक्षीय अनुभव और संगठन की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने नई कार्यकारिणी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए संगठन में एकता और सबको साथ लेकर चलने की महत्ता पर जोर दिया। पदभार ग्रहण करने के बाद नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह चुण्डावत ने आश्वासन दिया कि संगठन पूरी मजबूती और गति से काम करेगा, तथा सदस्यों के हितों की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। नवनियुक्त जिला कोषाध्यक्ष नितेश सुथार ने संगठनात्मक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए कोष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सलूम्बर एक नया जिला होने के कारण हर गतिविधि के लिए बजट की आवश्यकता है, और इस संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2026 की मांग और पुरानी बकाया राशि को शीघ्र जमा कराने पर चर्चा की। चुनावी बैठक में डूंगरपुर जिला मंत्री दिनेशचंद्र यादव, डूंगरपुर उपाध्यक्ष सूरजमल मीणा, सलूम्बर जिला उपाध्यक्ष मीना भंवरा, जिला मंत्री राजेंद्र मीणा और संगठन मंत्री दिव्या मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लसाडिया ब्लॉक मंत्री लोकेश पुजारी ने किया।
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की सलूम्बर जिला कार्यकारिणी और छह उपशाखाओं की ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक में नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हुआ। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस चुनावी प्रक्रिया में भानू प्रताप सिंह चुण्डावत को निर्विरोध जिलाध्यक्ष और नितेश सुथार को निर्विरोध जिला कोषाध्यक्ष चुना गया। यह निर्वाचन तत्कालीन जिलाध्यक्ष शंकर लाल कुम्हार के प्रदेश मंत्री मनोनीत होने और जिला कोषाध्यक्ष नन्द किशोर नागदा के स्वास्थ्य कारणों से त्यागपत्र देने के बाद रिक्त हुए पदों को भरने के लिए किया गया। चुनाव पर्यवेक्षक उदयपुर जिलाध्यक्ष कमलेश सेन और निर्वाचन अधिकारी डूंगरपुर जिलाध्यक्ष राहुल रोत की देखरेख में लोकतांत्रिक तरीके से प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश मंत्री शंकर लाल कुम्हार ने उदयपुर और सलूम्बर जिले में अपने 11 साल के जिलाध्यक्षीय अनुभव और संगठन की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने नई कार्यकारिणी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए संगठन में एकता और सबको साथ लेकर चलने की महत्ता पर जोर दिया। पदभार ग्रहण करने के बाद नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह चुण्डावत ने आश्वासन दिया कि संगठन पूरी मजबूती और गति से काम करेगा, तथा सदस्यों के हितों की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। नवनियुक्त जिला कोषाध्यक्ष नितेश सुथार ने संगठनात्मक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए कोष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सलूम्बर एक नया जिला होने के कारण हर गतिविधि के लिए बजट की आवश्यकता है, और इस संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2026 की मांग और पुरानी बकाया राशि को शीघ्र जमा कराने पर चर्चा की। चुनावी बैठक में डूंगरपुर जिला मंत्री दिनेशचंद्र यादव, डूंगरपुर उपाध्यक्ष सूरजमल मीणा, सलूम्बर जिला उपाध्यक्ष मीना भंवरा, जिला मंत्री राजेंद्र मीणा और संगठन मंत्री दिव्या मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लसाडिया ब्लॉक मंत्री लोकेश पुजारी ने किया।
- डूंगरपुर जिले की गैंजी ग्राम पंचायत का मुख्य तालाब इस समय बेहद दयनीय स्थिति में है, जहाँ पानी पूरी तरह से दूषित होकर काई और कचरे की मोटी परत से ढका हुआ है। तालाब के किनारों पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, थर्माकोल और घरों का कचरा फैला हुआ है, वहीं निर्माण कार्यों का मलबा भी लगातार डाला जा रहा है, जिसके कारण तालाब का आकार सिकुड़ता जा रहा है और अतिक्रमण भी बढ़ रहा है। इस गंभीर प्रदूषण के चलते तालाब में निवास करने वाले मगरमच्छ और विभिन्न प्रकार के पक्षियों के जीवन पर गहरा संकट मंडरा रहा है। इतना ही नहीं, ग्रामीण मवेशी भी इसी दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं, जिससे उनके बीमार पड़ने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। तालाब की यह दुर्दशा पूरे क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका पैदा कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब के पानी और किनारों की साफ-सफाई कराने की मांग की है। इसके साथ ही, कूड़ा-कचरा डालने के लिए उचित स्थान चिह्नित करने या कचरा पात्र रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि कूड़ा नदियों और तालाबों में जाने से रोका जा सके। मलबे और कचरे की डंपिंग पर तुरंत रोक लगाने और तालाब के संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है। ग्राम पंचायत, गैंजी गाँव, सालमपुरा की ओर से प्रशासन, ग्राम पंचायत और जागरूक युवाओं से इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेकर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए सामूहिक प्रयास शुरू करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ के विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्र संबंधी समस्या को लेकर बुधवार को बैठक की और सीमलवाड़ा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन की मांग है कि जुलाई 2026 में होने वाली परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। महाविद्यालय प्रभारी उदयलाल बंजारा ने बताया कि 1999 से 2026 तक 27 वर्षों से राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ का अपना परीक्षा केंद्र संचालित था, लेकिन अब इसे एक निजी संस्थान, श्री गोवर्धन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय खड़गदा में आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन में सरकारी महाविद्यालयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, फिर भी छात्रों को निजी संस्थान में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 75% छात्राएं हैं। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण विद्यार्थियों को अपने निवास स्थान से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र में बस सुविधा न होने के कारण निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा पर लगभग 2500 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, जिससे नए प्रवेश भी प्रभावित हो रहे हैं और छात्र मजबूरीवश आसपास के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में शौचालय न होने से विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली भारी परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जुलाई की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को दूरस्थ निजी महाविद्यालय में परीक्षा देने जाना पड़ा और खराब मौसम, आंधी, तूफान या बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर की होगी। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने मांग की है कि जुलाई 2026 की परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाए। इस अवसर पर शारदा अहारी, पायल डामोर, कमला अहारी, माया डिंडोर, कमला मसार, निर्मला डिंडोर, विद्यावती डामोर, प्रकाश डामोर, वीरेंद्र सरपोटा, उदयपाल बंजारा, कन्हैयालाल कलासुआ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि उपस्थित थे।4
- Post by Bapulal Ahari1
- डूंगरपुर जिले के कुआँ थाना पुलिस ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कुआँ और चिखली कस्बे में एक फ्लैग मार्च निकाला। कुआँ थानाधिकारी रघुवीर सिंह के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च पुलिस बल के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए इस तरह के फ्लैग मार्च और गश्त की कार्रवाई समय-समय पर की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखना है। पुलिस जवानों की इस उपस्थिति से कस्बे में सुरक्षा का एक मजबूत संदेश गया। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।4
- राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय ने विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की प्रशंसा की है। उन्होंने भाटी की तारीफ करते हुए कुछ बातें कही हैं, लेकिन मूल पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मालवीय जी ने भाटी के बारे में क्या खास टिप्पणी की है।1
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मालमाथा में 'टेफ आदिवासी प्रतिभा सम्मान समारोह 2026' का सफल आयोजन हुआ। यह समारोह टेफ (ट्राइबल एम्प्लाइज फेडरेशन) ब्लॉक बिछीवाड़ा एवं अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज में शिक्षा का प्रसार, सामाजिक जागरूकता लाना और होनहार युवाओं को प्रेरित करना था। समारोह की अध्यक्षता टेफ ब्लॉक बिछीवाड़ा के अध्यक्ष कांतिलाल खोखर ने की, जबकि टेफ प्रदेशाध्यक्ष दिनेश खानन मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी पुरखाई शक्ति के समक्ष माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इसमें कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों, जेईई एडवांस और नीट में चयनित होने वाले विद्यार्थियों, प्रशासनिक सेवाओं में चुने गए युवाओं, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों, नियमित रक्तदान करने वाले रक्तवीरों और राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट गाइड्स को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। संस्था को आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का भी माला और साफा पहनाकर आभार व्यक्त किया गया। मुख्य अतिथि दिनेश खानन ने युवाओं से विद्यार्थी जीवन में एक निश्चित लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने और धैर्य के साथ सफलता अर्जित करने का आह्वान किया। अध्यक्ष कांतिलाल खोखर ने बताया कि संगठन पिछले 4 वर्षों से प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ 'निशुल्क कोचिंग' के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र कुमार वरहात ने विद्यार्थियों को रूढ़िवादिता, धार्मिक अंधविश्वासों और पाखंड से दूर रहकर 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण' के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने और तार्किक बनने के लिए प्रेरित किया। समारोह में गौतमलाल कोटेड, राकेश बरगोट, जगदीश बरगोत, डॉ. बाबूलाल डामोर, लक्ष्मण डामोर, प्रशांत पंडवाला, सोहन भगोरा, रामलाल भगोरा, मगन भगोरा, कृष्णलाल पंडवाला, विक्रम दू्हा, अजीत विहात सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों छात्र, अभिभावक, शिक्षक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी दिलीप वरहात, सतीश बरंडा, सुरेश वरहात और नरेश कलासुआ ने निभाई, जबकि बाबूलाल खोखर और प्रवीण भगोरा ने मंच का संचालन किया। अंत में बंशीलाल कोटेड ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। यह जानकारी पंकज ढूंढा और मुकेश ननोमा द्वारा दी गई।1
- गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही थी, तभी सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला जा सका। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 7 बताई जा रही है।4
- गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। यह हादसा वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास हुआ, जब बांसवाड़ा से सूरत जा रही बालाजी ट्रैवल्स की लग्जरी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मृतकों में एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वडोदरा फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। राहत एवं बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस से वडोदरा के एसएसजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। इस दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने या लापरवाही बरतने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने राजस्थान और गुजरात के यात्रियों में शोक की लहर दौड़ा दी है।1