डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ के विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्र संबंधी समस्या को लेकर बुधवार को बैठक की और सीमलवाड़ा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन की मांग है कि जुलाई 2026 में होने वाली परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। महाविद्यालय प्रभारी उदयलाल बंजारा ने बताया कि 1999 से 2026 तक 27 वर्षों से राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ का अपना परीक्षा केंद्र संचालित था, लेकिन अब इसे एक निजी संस्थान, श्री गोवर्धन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय खड़गदा में आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन में सरकारी महाविद्यालयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, फिर भी छात्रों को निजी संस्थान में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 75% छात्राएं हैं। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण विद्यार्थियों को अपने निवास स्थान से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र में बस सुविधा न होने के कारण निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा पर लगभग 2500 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, जिससे नए प्रवेश भी प्रभावित हो रहे हैं और छात्र मजबूरीवश आसपास के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में शौचालय न होने से विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली भारी परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जुलाई की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को दूरस्थ निजी महाविद्यालय में परीक्षा देने जाना पड़ा और खराब मौसम, आंधी, तूफान या बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर की होगी। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने मांग की है कि जुलाई 2026 की परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाए। इस अवसर पर शारदा अहारी, पायल डामोर, कमला अहारी, माया डिंडोर, कमला मसार, निर्मला डिंडोर, विद्यावती डामोर, प्रकाश डामोर, वीरेंद्र सरपोटा, उदयपाल बंजारा, कन्हैयालाल कलासुआ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ के विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्र संबंधी समस्या को लेकर बुधवार को बैठक की और सीमलवाड़ा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन की मांग है कि जुलाई 2026 में होने वाली परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। महाविद्यालय प्रभारी उदयलाल बंजारा ने बताया कि 1999 से 2026 तक 27 वर्षों से राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ का अपना परीक्षा केंद्र संचालित था, लेकिन अब इसे एक निजी संस्थान, श्री गोवर्धन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय खड़गदा में आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन
में सरकारी महाविद्यालयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, फिर भी छात्रों को निजी संस्थान में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 75% छात्राएं हैं। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण विद्यार्थियों को अपने निवास स्थान से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र में बस सुविधा न होने के कारण निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा पर लगभग 2500 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, जिससे
नए प्रवेश भी प्रभावित हो रहे हैं और छात्र मजबूरीवश आसपास के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में शौचालय न होने से विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली भारी परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन ने
स्पष्ट किया कि यदि जुलाई की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को दूरस्थ निजी महाविद्यालय में परीक्षा देने जाना पड़ा और खराब मौसम, आंधी, तूफान या बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर की होगी। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने मांग की है कि जुलाई 2026 की परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाए। इस अवसर पर शारदा अहारी, पायल डामोर, कमला अहारी, माया डिंडोर, कमला मसार, निर्मला डिंडोर, विद्यावती डामोर, प्रकाश डामोर, वीरेंद्र सरपोटा, उदयपाल बंजारा, कन्हैयालाल कलासुआ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ के विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्र संबंधी समस्या को लेकर बुधवार को बैठक की और सीमलवाड़ा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन की मांग है कि जुलाई 2026 में होने वाली परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। महाविद्यालय प्रभारी उदयलाल बंजारा ने बताया कि 1999 से 2026 तक 27 वर्षों से राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ का अपना परीक्षा केंद्र संचालित था, लेकिन अब इसे एक निजी संस्थान, श्री गोवर्धन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय खड़गदा में आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन में सरकारी महाविद्यालयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, फिर भी छात्रों को निजी संस्थान में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 75% छात्राएं हैं। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण विद्यार्थियों को अपने निवास स्थान से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र में बस सुविधा न होने के कारण निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा पर लगभग 2500 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, जिससे नए प्रवेश भी प्रभावित हो रहे हैं और छात्र मजबूरीवश आसपास के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में शौचालय न होने से विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली भारी परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जुलाई की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को दूरस्थ निजी महाविद्यालय में परीक्षा देने जाना पड़ा और खराब मौसम, आंधी, तूफान या बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर की होगी। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने मांग की है कि जुलाई 2026 की परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाए। इस अवसर पर शारदा अहारी, पायल डामोर, कमला अहारी, माया डिंडोर, कमला मसार, निर्मला डिंडोर, विद्यावती डामोर, प्रकाश डामोर, वीरेंद्र सरपोटा, उदयपाल बंजारा, कन्हैयालाल कलासुआ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि उपस्थित थे।4
- राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय ने विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की प्रशंसा की है। उन्होंने भाटी की तारीफ करते हुए कुछ बातें कही हैं, लेकिन मूल पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मालवीय जी ने भाटी के बारे में क्या खास टिप्पणी की है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में आगामी 19 जून को पांचवें आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह गरिमामयी कार्यक्रम अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी द्वारा गेंजी घाटा स्थित आदिवासी प्रेरणा स्थल पर सुबह 10 बजे से आयोजित होगा। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज की होनहार प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, युवाओं को नई प्रेरणा देना और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करना है। इस वर्ष के समारोह में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के उन छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में अपने-अपने विद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, क्षेत्र के हाल ही में सरकारी सेवाओं में चयनित हुए युवाओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डूंगरपुर जिले के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को भी मंच प्रदान किया जाएगा जिन्होंने IAS, RAS (प्रारंभिक एवं मुख्य), NEET, IIT, NET, JET, MBBS और PHD जैसी देश और प्रदेश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर जिले और समाज का गौरव बढ़ाया है। कार्यक्रम में केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि खेल-कूद, आदिवासी संस्कृति, लोककला, चित्रकला, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, व्यापार और सामाजिक सरोकारों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को भी इस मंच से नवाजा जाएगा। इसके अलावा, समाज निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी। अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी ने जिले के सभी समाज बंधुओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से इस गरिमामयी समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।1
- डूंगरपुर की एक गली में सड़क पर वाहनों और मिक्सर के खड़े होने के कारण बड़ी गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।1
- डूंगरपुर में मोची समाज पंच द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा और पुरुषोत्तम कथा का समापन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज की मातृशक्ति संरक्षकों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में, युवाओं के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर धनपाल महाराज का अभिनंदन किया गया और पोथीजी का पूजन भी समाज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भोजन प्रसादी और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान का भी आयोजन किया गया। पोथी की शोभायात्रा निकाली गई, जिसका लाभ रवि अशोक, विजय गोपाल, राजू थावर चंद और रामचंद्र परिवार ने लिया। समाज के महेश कुमार ने बताया कि संरक्षक नानूलाल और पंच अध्यक्ष शिवराम के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में चौखला अध्यक्ष जयंतीलाल सागवाड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि चौखला सचिव शिवराम गलियाकोट और भरतलाल दीपक कुमार डूंगरपुर विशिष्ट अतिथि थे। पंच के दिनेश कुमार, बंसीलाल, मुरलीधर, प्रकाश चंद्र, गणेश लाल, महेंद्र कुमार, नरेश कुमार, राकेश कुमार और गोपाल ने अतिथियों का उपर्णा ओढ़ाकर और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। अतिथियों ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पारितोषिक देकर प्रोत्साहित किया। समाज अध्यक्ष शिवराम मोची ने इस सफल आयोजन के लिए युवाओं, संरक्षकों और उत्साही कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में समाज के सुनील कुमार, बंशीलाल, अशोक कुमार, हरीश कुमार, नारायण लाल, राजू, दिनेश, मुकेश कुमार, लोकेश, विजय, बाबूलाल, मगनलाल, कांतिलाल सहित मातृशक्ति और नौनिहाल भी उपस्थित रहे।1
- गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही थी, तभी सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला जा सका। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 7 बताई जा रही है।4
- गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। यह हादसा वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास हुआ, जब बांसवाड़ा से सूरत जा रही बालाजी ट्रैवल्स की लग्जरी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मृतकों में एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वडोदरा फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। राहत एवं बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस से वडोदरा के एसएसजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। इस दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने या लापरवाही बरतने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने राजस्थान और गुजरात के यात्रियों में शोक की लहर दौड़ा दी है।1